बहते ही रहते है हम हवाओं की तरह। मगर बदलेंगे नही कभी अदाओं की तरह।। , कल अचानक ही मौसम बदल गया था ऐसे। जैसे वो मिला हो हमें कही घटाओं की तरह। , पहली […]
बहते ही रहते है हम हवाओं की तरह। मगर बदलेंगे नही कभी अदाओं की तरह।। , कल अचानक ही मौसम बदल गया था ऐसे। जैसे वो मिला हो हमें कही घटाओं की तरह। , पहली […]
I go to sleep, when im weak Then i wake , begin to eat When i eat,its time to think Brains awake, pumping with steam Then i run, until i die When i die,i feel […]
इक शाम हूँ ख़मोशी की आवाज हूँ मैं। मैं इक समंदर हूँ समझो बेहिसाब हूँ मैं।। ‘ सुनो उम्र भर मुझसे रूठकर रहने वाले। कहते हो सबसे,की तुमसे नाराज हूँ मैं।। ‘ इक शहर था […]
दर्द ऐसे भी अपने कोई संभाला करता है। जैसे चराग जलता है मगर उजाला करता हैं।। ‘ सफर करने निकले थे कुछ रोशनी को लेकर। पर ये तूफान है कि हर वक्त दम निकाला करता […]
जिंदगी में यहा सबका कोई हमदर्द नहीं होता! गमों से कहना हो कह दो हमें अब दर्द नहीं होता!! ‘ की मौसम भी बदला है हवाएँ भी अब भी ठंडी है! मगर जहाँ पर बर्फ […]
तेरा दीदार हुआ, उसका शुखराना, बीहर आबाद हुआ, उसका शुकराना, अब मुहलत न थी इस ज़िन्दगी की, मुहलत ना थी उसकी बंदगी की, छोड़ तू चली गयी उस और मेरे इस मयखाने मुझे छोड़ अब […]
खुदी को मिटा कर, रम जाऊँ जहाँ में, खूशबू बन कर, समा जाऊँ फिज़ा में, कि सदा बन कर, बस जाऊँ आहो में, खुशी और गम़ का, सहारा न रहा, साहिल का साथ, अब गवारा […]
परिहास बनी पल दो पल के, उन्मादित पलों को, प्रेम समझ परिहास बनी, कोमल एहसासों को अपने, पाषाण में तराश रही, क्षणभंगुर जगत में, अमरता मैं तलाश रही, प्रेम -विरह की पीड़ा, जीवन में अवसाद […]
भूखे थे बच्चे दो दिनों से नींद कैसे आती। माँ के पास कहानियों के सिवा कुछ न था। @@@@RK@@@@
ज़िन्दगी से क्या कहे आसान हो जाओ। खामियां खुद में है साहिल क़बूल करते है।। @@@@RK@@@@
खुद को उम्र भर अख़बार किया मैंने। और वहम भी है की शायरी करते है।। @@@@RK@@@
सच में अगर हमकों अपना मानते हो तुम। फिर क्या कहे हाल ए दिल तो जानते हो तुम।। @@@@RK@@@@
मासूम चेहरे जो कभी,गुनाह नहीं करते। हम यूँ जाग के रातो को,सुबह नही करते।। , हममें है लाख कमियां,चलो हम मानते है। पर दिल से कहना,क्या तुम खता नहीं करते।। , तर्जुबा एक ये भी […]
चाँद जमीन पर कभी उतरता है क्या?? बिन तपे कभी सोना निखरता है क्या?? ‘ हम कहेंगे हजार बार फरेबी को फरेबी। सच लिखने से यहाँ कोई डरता है क्या?? ‘ हमें तो याद है […]
मेरी नज़र से दूर तुम जाया न करो! मेरे हसीन ख्वाब को तड़पाया न करो! तेरे लिए बेसब्र हैं ख्वाहिशें महादेव, मेरी मंजिलों पर गम का साया न करो! मुक्तककार- #महादेव’
Mery Qatil Ko Pukaro K Main Zinda Hun Abhi. Phir Se Maqtal Ko Sanwaro K Main Zinda Hun Abhi. . Ye Shab e Hijar To Sathi Hai Meri Barson Se. Tum To So Jao Sitaro […]
शिक्षक दिवस पर**** ?????? शिक्षक राष्ट्र का निर्माता शिक्षक ही ज्ञानका है ज्ञाता आदिकाल से इस जग में शिक्षक समाज का गहरा नाता । जब से इस जग मेंसृष्टा ने सृष्टि का सृजनहार किया तब […]
माँ शारदे वरदान दो वरदायिनी वरदान दो मेरे उर में तेरा वास हो हर रोम में प्रकाश हो सन्मार्ग पर मैं चल सकूँ मुझे अभय का वरदान दो शवेताम्बरी वरदान दो वरदायिनी वरदान*** मैं पीर […]
नन्ही चिड़िया है बेटी आँगन के बीच चहकने दो कली कमल की है बेटी बगिया के बीच महकने दो मीठी सी मुस्कान है बेटी हर्षित पुलकित होने दो इसको भी जीने का हक है जग […]
इस दुनिया की शोर में, जब तुमसा कोई मिल जाता है, कुछ बाते हो या न हो, दिल जरू बेहल जाता है ।
my first poem Mai ek kashti hu kashti ko kinara nahi kinara jo mil bhi gaya kashti to kho jaae. yaadon ki duniya me kaaton ki raahe h rahe jo phool bane yaaden hi kho […]
दोस्ती आपकी इक तौफा थी हमारे लिए। कद्र हमसे ना हुई,जो जुदा इस तरह हुए। हमने भी तो कुछ ,ज्यादा नहीं माँगा था आपसे। इतना सा त्याग कर सके ना आप हमारे वास्ते। महफिल म़े […]
किसी ने ग़म दिया मुझको किसी ने घोंप दी खंजर , नहीं फिर प्रेम उग पाया रही दिल की ज़मी बंजर । मैं बर्षों से वही बैठा जहाँ तुमने कहा रुकना , जुदाई देख ली […]
सभी इल्ज़ाम शीशे पर ये जग कबतक लगायेगा , भला। नाकामियों को वो यहाँ कैसे छुपायेगा । तुम्हारा है तुम्ही रख लो उजाला और सूरज भी , हमारा […]
गम-ए-अंजाम को तेरे नाम मैं करता हूँ! तेरी दर्दे-महफिल को सलाम मैं करता हूँ! जिन्दा है अभी शौक जल जाने का महादेव, शामों सहऱ सिर्फ यही काम मैं करता हूँ! #महादेव की कविताऐं
हज़ार दवा है बस इक बुख़ार के लिए। अब दुआ ही करो इस बीमार के लिए।। , हम ख़ुशी से रहते है मौसम चाहें जो हो। अब इंतज़ार थोड़े करेंगे बहार के लिए।। , यहाँ […]
किस वज़ह से मिली है ये तन्हाई हमको। दिखतीं ही नहीं है ख़ुद की परछाईं हमकों।। , सदियों पहले किसी ने पुकारा था हमें भी। वो आवाज़ आज तक देती है सुनाई हमको।। , न […]
इल्तज़ा क्या करे कुछ न बाकी रहा। न वो महफिल रही न वो साथी रहा।। ‘ इस क़द्र जिंदगी भी खफा हो गई। साँसे चलती रही कुछ न बाक़ी रहा।। ‘ जख़्म देकर वो कहते […]
खुद को ही खुद में उलझा लिया मैंने। मुझे वहम था ,तुझे सुलझा लिया मैंने।। , दूर तलक देखा सब अँधेरा ही अँधेरा था। फिर इक रोशनी को पास बुला लिया मैंने।। , चले थे […]
कहाँ किसी को समझ आऊँगा मैं। बस इक लम्हा हूँ गुजर जाऊंगा मैं।। ‘ तूफानों अब के दम भर के मिलना। तिनका नही हूँ जो बिखर जाऊँगा मैं।। ‘ मुझे गुमराह करने वाले वहम में […]
जख़्म दे रहे है ,दवा देने वाले। गुनाह कर रहे है,सजा देने वाले।। , चिरागों की हस्ती,मिटती नहीं है। सुन लो तुफानो को,पता देने वाले।। , अभी मैं हूँ तनहा ,कल क्या रहूँगा। महफिल से […]
ढूंढ रहे है जिंदगी जीने की वजह कोई। तुम्हारी यादें न हो है ऐसी जगह कोई।। , हक़ीक़त बयान करना अगर जुर्म है गर। फिर बोल दो हमारे लिए भी सजा कोई।। , दर ब […]
प्यार पनपता है…. इक नन्हे पौधे की तरह खोलकर महीन मिट्टी की परतों को पाकर चंद बूंदे पानी की खोलकर अपनी हरी बाहें समा लेना चाहता है दुनिया को इनमें मगर कभी कभी रूंध जाता […]
मेरी शाम जब तेरा इंतजार करती है! धड़कनों में यादों को बेशुमार करती है! खुली हुयी सी रहती हैं हसरतें पलकों की, ख्वाहिशों को जिगर में बेकरार करती है! मुक्तककार- #महादेव’
तेरी याद मेरी कहानी बन गयी है! जिन्दगी दर्द की निशानी बन गयी है! किसतरह भुला दूँ मैं ख्वाबों को महादेव? जब साँस भी तेरी रवानी बन गयी है! मुक्तककार – #महादेव’
Bulesha saudayi, Ab sahi nahin jati yeh judai, Mujhe rab se mila, Usse mila, Meri aasiqee woh hain, Meri tishnagi woh hain, Meri rooh main woh hain, mere har aghas main woh hain, Main ki […]
ღღ_मैं कौन हूँ आखिर, और कहाँ मेरा ठिकाना है; कहाँ से आ रहा हूँ, और कहाँ मुझको जाना है! . किसी मकड़ी के जाले-सा, उलझा है हर ख़याल; जैसे ख़ुद के ही राज़ को, ख़ुद […]
शबनम से भीगे लब हैं, और सुर्खरू से रुख़सार; आवाज़ में खनक और, बदन महका हुआ सा है! . इक झूलती सी लट है, लब चूमने को बेताब; पलकें झुकी हया से, और लहजा ख़फ़ा […]
ღღ_आज ना ही आओ मिलने, ये मुलाकात रहने दो; कुछ देर को मुझको, आज मेरे ही साथ रहने दो! . अन्धेरों की, उजालों की, हवाओं की, चिरागों की; या अपनी ही कोई बात छेड़ो, मेरी […]
अब गीत कुसुम कमनीय सूना मंद -मंद मत मुस्का रंग -चित्र रच -रच के इठला और बल खा | तेरी -मेरी गढ़ी कहानी उल्लासों से भरी जवानी कविता में आ गई रवानी हुआ सबेरा अब […]
तेरा ख्याल मुझको सताता रहता है! तेरा ख्वाब मुझको रुलाता रहता है! किसतरह भुला दूँ यादों को महादेव? चाहत का हर मंजर आता रहता है! मुक्तककार- #महादेव’
सौ सवाल करता हूँ.. रोता हूँ..बिलखता हूँ.. बवाल करता हूँ.. हाँ मैं………. सौ सवाल करता हूँ.. फिर भी लाकर उसी रस्ते पे पटक देता है.. वो देकर के जिंदगी का हवाला मुझको.. और चलता हूँ […]
जीवन में अपना क्या है, एहसासों का सपना जो है, खट्टी-मीठी यादों की जाल, और कुछ सुनहरे भविष्य की आस, मन में संजोए जीने की प्यास, बुनते हम नित्य नए अरमानों के जाल , जीवन […]
°°°°°°°°°°°°°°°°° *टूटा तारा*? °°°°°°°°°°°°°°°°° टूटे तारों को मैं छु जाऊंगा झूठे वादों को मैं खो जाऊंगा तेरी बातों को मैं भूला दूंगा अपनी आंखों को मैं छुपा लुंगा चलती सांसे रूक तो जाऐंगी टूटे तारों […]
https://youtu.be/Y79WeR6uFjIhttps://youtu.be/Y79WeR6uFjI
सामने है साकी मंजिल भी शराब है! मेरी हसरतों में तेरा ही शबाब है! तेरी प्यास जल रही है कब से जिगर में, हुस्न का निगाहों में फैलता महताब है! मुक्तककार- #महादेव’
उसका हुस्न – ए – तसव्वुर जैसे ज़िंदगी थमी हुई है ज़ियारत -ए -रुख़-ए -अनवर आज सुबह ही हुई है उसकी सोहबत से फ़ुरक़त हैं ‘मियाँ ‘ फिर भी दयार -ए -दिल की क़िस्मत तो […]
कैसे भुला दूँ खाना -ए-दिल से कैसे भुला दूँ उसकी ज़ीशान निगाहें कैसे भुला दूँ उसकी रेशमी ज़ुल्फें मुमकिन नही भुलाना अब उसकी यादों को जब थी करीब न किया तवज्जो उसके प्यार का […]
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