दोस्ती आपकी इक तौफा थी हमारे लिए। कद्र हमसे ना हुई,जो जुदा इस तरह हुए। हमने भी तो कुछ ,ज्यादा नहीं माँगा था आपसे। इतना सा त्याग कर सके ना आप हमारे वास्ते। महफिल म़े […]

किसी ने ग़म दिया मुझको किसी ने घोंप दी खंजर , नहीं फिर प्रेम उग पाया रही दिल की ज़मी बंजर । मैं बर्षों से वही बैठा जहाँ तुमने कहा रुकना , जुदाई देख ली […]

सभी  इल्ज़ाम  शीशे  पर  ये  जग कबतक लगायेगा , भला।  नाकामियों   को   वो   यहाँ   कैसे   छुपायेगा ।   तुम्हारा  है  तुम्ही  रख  लो  उजाला  और  सूरज भी , हमारा   […]

गम-ए-अंजाम को तेरे नाम मैं करता हूँ! तेरी दर्दे-महफिल को सलाम मैं करता हूँ! जिन्दा है अभी शौक जल जाने का महादेव, शामों सहऱ सिर्फ यही काम मैं करता हूँ! #महादेव की कविताऐं

हज़ार दवा है बस इक बुख़ार के लिए। अब दुआ ही करो इस बीमार के लिए।। , हम ख़ुशी से रहते है मौसम चाहें जो हो। अब इंतज़ार थोड़े करेंगे बहार के लिए।। , यहाँ […]

किस वज़ह से मिली है ये तन्हाई हमको। दिखतीं ही नहीं है ख़ुद की परछाईं हमकों।। , सदियों पहले किसी ने पुकारा था हमें भी। वो आवाज़ आज तक देती है सुनाई हमको।। , न […]

इल्तज़ा क्या करे कुछ न बाकी रहा। न वो महफिल रही न वो साथी रहा।। ‘ इस क़द्र जिंदगी भी खफा हो गई। साँसे चलती रही कुछ न बाक़ी रहा।। ‘ जख़्म देकर वो कहते […]

खुद को ही खुद में उलझा लिया मैंने। मुझे वहम था ,तुझे सुलझा लिया मैंने।। , दूर तलक देखा सब अँधेरा ही अँधेरा था। फिर इक रोशनी को पास बुला लिया मैंने।। , चले थे […]

कहाँ किसी को समझ आऊँगा मैं। बस इक लम्हा हूँ गुजर जाऊंगा मैं।। ‘ तूफानों अब के दम भर के मिलना। तिनका नही हूँ जो बिखर जाऊँगा मैं।। ‘ मुझे गुमराह करने वाले वहम में […]

जख़्म दे रहे है ,दवा देने वाले। गुनाह कर रहे है,सजा देने वाले।। , चिरागों की हस्ती,मिटती नहीं है। सुन लो तुफानो को,पता देने वाले।। , अभी मैं हूँ तनहा ,कल क्या रहूँगा। महफिल से […]

ढूंढ रहे है जिंदगी जीने की वजह कोई। तुम्हारी यादें न हो है ऐसी जगह कोई।। , हक़ीक़त बयान करना अगर जुर्म है गर। फिर बोल दो हमारे लिए भी सजा कोई।। , दर ब […]

प्यार पनपता है…. इक नन्हे पौधे की तरह खोलकर महीन मिट्टी की परतों को पाकर चंद बूंदे पानी की खोलकर अपनी हरी बाहें समा लेना चाहता है दुनिया को इनमें मगर कभी कभी रूंध जाता […]

मेरी शाम जब तेरा इंतजार करती है! धड़कनों में यादों को बेशुमार करती है! खुली हुयी सी रहती हैं हसरतें पलकों की, ख्वाहिशों को जिगर में बेकरार करती है! मुक्तककार- #महादेव’

तेरी याद मेरी कहानी बन गयी है! जिन्दगी दर्द की निशानी बन गयी है! किसतरह भुला दूँ मैं ख्वाबों को महादेव? जब साँस भी तेरी रवानी बन गयी है! मुक्तककार – #महादेव’

ღღ_मैं कौन हूँ आखिर, और कहाँ मेरा ठिकाना है; कहाँ से आ रहा हूँ, और कहाँ मुझको जाना है! . किसी मकड़ी के जाले-सा, उलझा है हर ख़याल; जैसे ख़ुद के ही राज़ को, ख़ुद […]

ღღ_आज ना ही आओ मिलने, ये मुलाकात रहने दो; कुछ देर को मुझको, आज मेरे ही साथ रहने दो! . अन्धेरों की, उजालों की, हवाओं की, चिरागों की; या अपनी ही कोई बात छेड़ो, मेरी […]

अब गीत कुसुम कमनीय सूना मंद -मंद मत मुस्का रंग -चित्र रच -रच के इठला और बल खा | तेरी -मेरी गढ़ी कहानी उल्लासों से भरी जवानी कविता में आ गई रवानी हुआ सबेरा अब […]

सौ सवाल करता हूँ.. रोता हूँ..बिलखता हूँ.. बवाल करता हूँ.. हाँ मैं………. सौ सवाल करता हूँ.. फिर भी लाकर उसी रस्ते पे पटक देता है.. वो देकर के जिंदगी का हवाला मुझको.. और चलता हूँ […]

जीवन में अपना क्या है, एहसासों का सपना जो है, खट्टी-मीठी यादों की जाल, और कुछ सुनहरे भविष्य की आस, मन में संजोए जीने की प्यास, बुनते हम नित्य नए अरमानों के जाल , जीवन […]

°°°°°°°°°°°°°°°°° *टूटा तारा*? °°°°°°°°°°°°°°°°° टूटे तारों को मैं छु जाऊंगा झूठे वादों को मैं खो जाऊंगा तेरी बातों को मैं भूला दूंगा अपनी आंखों को मैं छुपा लुंगा चलती सांसे रूक तो जाऐंगी टूटे तारों […]

सामने है साकी मंजिल भी शराब है! मेरी हसरतों में तेरा ही शबाब है! तेरी प्यास जल रही है कब से जिगर में, हुस्न का निगाहों में फैलता महताब है! मुक्तककार- #महादेव’

उसका हुस्न – ए – तसव्वुर जैसे ज़िंदगी थमी हुई है ज़ियारत -ए -रुख़-ए -अनवर आज सुबह ही हुई है उसकी सोहबत  से फ़ुरक़त हैं  ‘मियाँ ‘ फिर भी दयार -ए -दिल की क़िस्मत तो […]

कैसे भुला दूँ खाना -ए-दिल से कैसे भुला दूँ उसकी ज़ीशान निगाहें कैसे भुला दूँ उसकी रेशमी ज़ुल्फें मुमकिन नही भुलाना अब उसकी यादों को   जब  थी करीब न किया तवज्जो उसके प्यार का […]

वो ख़्वाब; वो ख़याल, वो अफ़साने क्या हुए । सब पूछते हैं लोग; वो दीवाने क्या हुए ॥ अपनों से जो अज़ीज़ थे आधे—अधूरे लोग । ‘पहचान’ दी जिन्होंने; वो ‘बेगाने’ क्या हुए ॥ किसने […]

जरा सोचना पल भर के लिए, दफन वो सारे जज्बात जला देना.. आना बस एक बार और मेरी कलम को, ग्रहण की वो शाम दिखा देना.. सुन लेना मेरे मुंह से सत्य सराहना, तुम उन्ही […]

मेरी शाम जब तेरा इंतजार करती है! धड़कनों में यादों को बेशुमार करती है! खुली हुयी सी रहती हैं हसरतें पलकों की, ख्वाहिशों को जिगर में बेकरार करती है!   मुक्तककार- #महादेव’

विचारों को जब बाँध रही थी, अरमानों के साँचे ढाल रही थी, खिन्न हुई, उद्वगिन हुई  जब, खुद को मैं आँक रही थी । विचारों को खोल  चली जब, निरन्तर  प्रवाह से जोड़ चली जब, […]

हरवक्त मैं तुमसे बात किया करता हूँ! यादों से मैं मुलाकात किया करता हूँ! हर ख्वाब बेइंतहाँ जलाता है लेकिन, तुमसे गुफ्तगूँ हर रात किया करता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’

यह डगर है अनजान ,सफर भी लम्बा बड़ा, गंतव्य की खोज में, तू यहाँ अकेला खड़ा पीछे हैं तिमिर के बादल ,आगे संसार पड़ा , रुक न पलभर को राही , हिम्मत के कदम बड़ा […]

शामे-आलम में तेरी प्यास चली आती है! लहर ख्वाहिशों की मेरे पास चली आती है! दर्द की दीवारों से टकराती है जिन्द़गी, ख्वाबों की तस्वीर बदहवास चली आती है! मुक्तककार-#महादेव’