मन मेरे! कीट सा पतंगे सा इस तरह से अंधेरी रातों में रोशनी तरफ की न खिंचते जा झूठ के हाथ यूँ न बिकते जा। ओ कलम! हाथ मेरे आकर अब न रुक वेदना को […]
मन मेरे! कीट सा पतंगे सा इस तरह से अंधेरी रातों में रोशनी तरफ की न खिंचते जा झूठ के हाथ यूँ न बिकते जा। ओ कलम! हाथ मेरे आकर अब न रुक वेदना को […]
तृष्णा तुम भी अद्भुत हो मन में इतना रम जाती हो, ये भी मेरा वो भी मेरा सब कुछ मेरा हो कहती हो। पूरी कभी नहीं होती हो जीवन भर आधी रहती हो, नश्वर जीवन […]
रात की ठंड में चाँद कैसे चल रहा है, चाँद तो चाँद है सितारों का यूँ टिमटिमाना ठिठुरना लग रहा है। ओढ़कर कर चादर नीली आसमां की सफर यह चल रहा है।
कर सकूँ यदि भलाई नहीं, तो बुराई करूँ क्यों भला आपको दे सकूँ यदि नहीं कुछ तो खुटाई करूँ क्यों भला। हो अगर कोई मुश्किल समय काम में कुछ नहीं आ सकूँ तब मुझे हक […]
आपकी लाठी हमारी भैंस है हाँकिये ना आपकी तो ऐश है। एक दूजे पर गिराकर कीच को जीत में अब किस तरह का पेंच है। हो न हो मुद्दों का हल रहने भी दो, आपसी […]
राम आयेंगे तेरे द्वार तु मन से हटा ले विकार तेरा बेडा पार लगायेंगे राम तु मन से हटा ले विकार — राम आयेंगे तेरे द्वार तु मन से हटा ले विकार — गणिका को […]
मेरे मालिक मेरा दोष माफ करना हम है तेरी संतान, मुझसे प्यार करना । मेरे मालिक मेरा दोष माफ करना हम है तेरी संतान, मुझसे प्यार करना ।। — मेरे मालिक मेरा दोष माफ करना […]
राम नाम के जाप से होत क्लेश दूर । सीतानाथ के कृपा से भाग बदलता जरूर ।। — तेरा सोया भाग बदल जायेगा, तु भज ले प्रेम से राम का नाम तेरा जीवन सँवर जायेगा […]
तेरी चौखट पर सब एक दिन दुनिया से हार के मस्तक नवाता । तेरा आशिष मिले बेगैर किसी का उद्धार ना होता ।। — अब रहा न सहारा किसी का, एक तेरे अलावा । जहां […]
कविता -जुआरी हूं ———————– हां जुआरी हूं, एक बार जुआ और खेलने दो, जो बचा है मेरे पास अब दांव पर लगाकर खेलूंगा, बिक गया सब कुछ मेरा अब उधार ले कर खेलूंगा, सभी अपनों […]
कविता- शिक्षा क्या है —————————— शिक्षा जो कोई लेकर चलता, उसको शिक्षा ले चलती है| मान प्रतिष्ठा धन वैभव देती है। जीवन का मार्ग सुगम कर देती है| मन मस्तिष्क आत्मा विकसित हो, उठे मन […]
कुछ खो सा गया था इक दूरी जब बन सी गयी थी पुनः खुद को समेटा टूटकर बिखर सी गयी थी। फिर से आपने जो हौसला बढाया निखरने की कोशिश में क़दम मैने बढाया यह […]
बस जुमला है !! ++++++++++++++++ अब तो है लंगड़ाया शासन पहले होता था देशों का अब है हृदयों का विभाजन मजदूरों की रोटी रूठी खबरें चलती झूठी-मूठी हलधर बैठा धरने पर गरीब की फटती जाए […]
कैसा जीवन हाय ! तुम्हारा ना चूड़ी ना गजरा डाला पैरों की पायल भी रूठी घुंघरू टूटा, चूड़ी टूटी जो देखे वो कहे अभागन जब चले गये हैं साजन ! तुझ पर कितने अत्याचार हुए […]
ये लम्बी दूरियों का फासला तय कर पाना मुश्किल है थोड़ा तुम चलो थोड़ा हम चलें फिर मंजिल पाना कहाँ नामुमकिन है प्यार ही तो है मंजिल हमारी तुम्हारे सजदे में ये मेरा दिल है […]
सुमन सी सुगंधि रहे, जीवन में तुम्हारी कांटा भी ना आए कभी राह में तुम्हारी आया तो शामिल होगी मेरी भी आह.. हर आह में तुम्हारी मैं तुम्हारी ज़िन्दगी में, कल रहूं, ना रहूं दोस्ती […]
हमारी संस्कृति का, वरदान है योग रहता है इससे आपका तन निरोग हर रोग को मिटाए योग आलस्य अवसाद दूर भगाए योग मन-मस्तिष्क हो जाए शांत यही हैं योग के सिद्धांत मेरे कथन का प्रयोग […]
मीठा सेहत के लिए है ज़हर, ना खाना इसे किसी भी पहर बीमारी का टूटेगा, आप पर कहर शुगर का रोग हो जाएगा, चैन ही खो जाएगा तो सलाह चिकित्सक की मानें, वह बोलते हैं […]
जब कागज का नाव बनाया मैं तो बिल्कुल बच्चा था। तन का थोड़ा कच्चा था पर दिल का बड़ा ही सच्चा था।। जब कागज का नाव बनाया …. पतंग बनाया कागज का और एक जहाज […]
आत्मीयता कहीं खो गई है, वह शहर की गलियों में रो रही है। किसी को किसी से मतलब नहीं है, समन्वय की बातें खो गई हैं। सहभागिता के भाव ही नहीं हैं, एक दूसरे की […]
अभिलाष जीवन के मधु प्यास हमारे, छिपे किधर प्रभु पास हमारे? सब कहते तुम व्याप्त मही हो, पर मुझको क्यों प्राप्त नहीं हो? नाना शोध करता रहता हूँ, फिर भी विस्मय में रहता हूँ, इस जीवन को […]
बात बन ही जायेगी इस सोंच के साथ कदम बढ़ाते जा रहें हैं नभ हमारा होगा कभी इस उल्लास के संग क्षितिज की ओर कदम-दर-कदम बढ़ते जा रहे हैं
कतरा ए गजल तू मेरी चाहत आहत मेरा दिल कर दिया | कह सर्वोपरि राहत मेरा दिल कर दिया | तेरे हुश्न का चर्चा अब सरेआम हो रहा | मै तेरा आशिक अब बदनाम हो […]
हे महामानव महामना, श्रद्धान्जली ज्ञापित है तुझको! काशी हिन्दू विश्विद्यालय के प्रणेता बहुआयामी प्रतीभा के धनी, शत-शत नमन् है तुझको तुझ जैसों से ही पुष्पित हो मेरी प्यारी ज़मीं! विराट व्यक्तित्व से सुशोभित ओजस्वी वाणी […]
अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर विशेष प्रस्तुति:- ********************************************* हे अटल ! अटल रहो यूँ ही हृदय में बसे रहो दिव्य ज्योति बनकर सदा साहित्य में जले रहो प्रकाश दो सूर्य को तुम मेरा […]
हौसला रखकर चलना होगा परिस्थिति हमेशा इसतरह कहाँ रह पाएगी । कबतक दर्द से नाता रहेगा कहाँ तक निराशाओं का यह भंवर सहमाएगी। कठिनाई के ये दिन जाते-जाते भी सकारात्मकता की सीख हमें दे जाएँगी […]
भारी ठंड है वे सिंधु बॉर्डर पर धरने पर हैं, कई बुजुर्ग किसान धरने पर हैं। दस वर्ष के बच्चे तक धरने पर हैं। ठिठुरन है लेकिन वे अड़िग धरने पर हैं। देश की सत्ता […]
दु:खो से उबरना क्या इनसे तो जन्मों का नाता है मीठा तो कभी-कभी नमकीन साथ निभा जाता है । ज्यादा मीठा हो तो मन जल्दी ही उब जाता है नमकीन के बल पर ही मीठा […]
माता-पिता को भूलकर तू चैन में खुद को समझ मत आज तेरा वक्त है फिर वक्त बदलेगा समझ ले । आज तू अपने में खुश है दूर बैठा है शहर में अपने बच्चे और पत्नी […]
ठंड में ठिठुरता जाता है, कोई शिकवा भी ना कर पाता है उसका ना कोई ठौर-ठिकाना, दूजे का भवन बनाता है ठक-ठक, खट-खट की आवाजों में ही, पूरा दिवस बिताता है ना निज का कोई […]
दूर क्षितिज में जब दिन ढल जाए, नभ पे थोड़ी लाली छाए पंछी भी अपने बसेरे में आएं ठंडी-ठंडी चले हवाएं, चांद-सितारे भी आ जाएं एक आस का दीपक जलाऊंगी तब तुम भी आ जाना […]
रखो न हीन भावना बुलंद भाव से चलो, सदैव सिर उठा रहे कभी नहीं कहीं झुको। झुको उधर जिधर लगे कि सत्य की है भावना, सिर उधर झुके न जिधर झूठ की संभावना। तोलना किसी […]
जिन्दगी की सरगम पर गीत क्या मैं गाऊँ तुम्ही अब बता दो वो प्रीत कहाँ से लाऊँ। पतझङ सी वीरानी छायी है जीवन में ना कोई है ठिकाना खुशी अटकी है अधर में दो राहे […]
आपकी दूर दृष्टि से भारत निखर कर शिखर की ओर बढ़ चला है आपका दिखाया सपना साकार होने का समय है आने वाला। महानता की प्रतिमूर्ति भारत को महान बनाने का उन्होंने प्रण लिया था […]
क्या कोई हमें बतायेगा वो कौन निर्दयी होगा जंगल में आग लगाकर घर में चैन से सोया होगा। लपटों से जिंदा जलकर जो खाक हो रहे थे प्राणी, उन निरपराध जीवों की ऐसे निकल रही […]
चारों तरफ से लोगों ने शोर मचाया हर अख़बार और टीवी चैनल पर आया देश का हर एक नागरिक चिल्लाया देश में चढ़ा कैसा ये खुमार है आज देश की राजनीति बीमार है इतना सुनते […]
आपके चरण कमल में करती हूँ श्रद्धांजली अर्पण भारत माँ के प्रति आपके प्रेम का कर पाएगा कौन वर्णन । जन्म दिवस है वर मांगती हूँ मैं मुझमें भी भाव हो आपके जैसा मन में […]
नभ में उमंगो का गुलाल छाया देखो ना, क्रिसमस आया । कोई अपना किसी से रूठे ना कहीं किसी अपने का साथ छूटे ना हर तरफ़ खुशियाँ हो, आश टूटे ना अपना, अपनों का विश्वास […]
गेहूँ के दाने क्या होते, हल हलधर के परिचय देते, देते परिचय रक्त बहा है , क्या हलधर का वक्त रहा है। मौसम कितना सख्त रहा है , और हलधर कब […]
मैं कभी तो खूब रोना चाहता हूँ, ठंड में मैं आग पीना चाहता हूँ, रात भर अकड़ा हुआ बेजान मत समझो, अभी तो और जीना चाहता हूँ। पैदा हुआ कैसे कहाँ कब क्या न जाने, […]
क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं, कर्तव्य पथ पर जो मिला यह भी सही वह भी सही, वरदान नहीं मांगूंगा, हो कुछ भी पर हार नहीं मानूंगा” अटल बिहारी वाजपेई जी […]
बौना ****** मैं बौना हूँ सब कहते हैं जब निकलूं हँसते रहते हैं मानो मैं कोई जोकर हूँ सर्कस का कोई बन्दर हूँ हाँ, प्रकृति ने किया खिलवाड़ ना मिल पाया पोषण और प्यार तभी […]
किसी से कुछ कहना अच्छा नहीं लगता पर खामोश रहना भी अच्छा नहीं लगता पर्त दर पर्त खुलता जा रहा है जिन्दगी का पन्ना, पर हर पन्ना यूं बेवजह पलटना अच्छा नहीं लगता तुम्हारी आँखों […]
खुद को नफा दिलाओ मगर जान बूझकर नुकसान दूसरे का करो ठीक नहीं है। चोरी छिपे गलत करो व साफ बन फिरो भगवान की नजर है तुम्हें देख रही है। कितनी ही निगाहें गड़ाइयेगा और […]
हिन्दु पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास की, शुक्ल पक्ष की एकादशी है दिन है शुक्रवार मार्गशीर्ष मास की, शुक्ल पक्ष की एकादशी को पवित्र ग्रंथ भगवत्-गीता की, मनाई जाए जयंती जिसको कहते हैं गीता […]
जो चलता है हरदम, सत्य पथ पर, उसे किसकी परवाह, क्यों हो डर। दूजे की उन्नति पर, प्रसन्न जो, वही दिशा देता है, जमाने को। बेकार में निराश न हुआ कीजिये, तुम दुआ दीजिये बस, […]
***** हास्य रचना***** ************************ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी, वर्ष के अंतिम दिनों में ही सही बच्चों की पिकनिक का कार्यक्रम बनाया है आप सोच रहे होंगे, ऐसे माहौल में ?? हमने सोचा……….. […]
25 दिसंबर रात 12:00 बजे, ईसा मसीह का जन्म दिवस है 25 दिसंबर है आज क्रिसमस दिवस है मान्यता है कि….. सांता क्लॉज़ आता है, बच्चों के लिए उपहार लाता है क्रिसमस ट्री सजाते हैं […]
मन तुम्हारा हो गया यह तन तुम्हारा हो गया मन की पर्तों में जो गहरे दर्द बोये थे कभी तेरा निश्छल प्रेम उन जख्मों का मरहम हो गया…. तुम धूप-सी लगती रही मैं नीर-सा बहता […]
गांव छूट गया मैं शहर में आ गया याद छूटी ही नही मन गांव में ही रह गया, तन शहर में आ गया। वो खेतों की हरियाली, चिड़ियों की चहक, झींगुरों का संगीत, सावन के […]
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