मौन की शक्ति को हमने जाना है, मौन की आवाज़ को पहचाना है शब्द जब अपना सामर्थ्य खोने लगें आंखों के अश्क पलकें भिगोने लगें, मौन ने ही मौन को पहचाना है… *****✍️गीता*****

समझ में बिलकुल नहीं आता ये कैसी फितरत है इनकी जहाँ देखा नफ़ा अपना हाथ थाम ली उनकी । हल्ला मचा करके बस बात रखनी है फिक्र कहाँ इनको, अपनी भेट भरनी है हमारे धरतीपुत्र […]

तुम बांध लो अपना सामान, कुछ भूल ना जाना, यह सुनते ही, बेटी का दिल बोला! यह घर भी, अपना-सा नहीं लगता। चार दिन बीत जाने के बाद, दोहराए जाते हैं यही सवाल! कि कब […]

जाने कहाँ चले जाते हैं सांस उखड़ी, धड़कन रुकी उड़ जाते हैं पखेरू, फिर जाने कहाँ चले जाते हैं। कुछ देर पहले ही बोलना सारी संवेदना महसूस करना कुछ देर बाद ही मौन हो जाते […]

सितारों की दुनिया में कैसा नशा छा रहा। दिल ने आदर्श बनाया मन ठगा जा रहा।। जन- जन ने हीरो बनाया था जिसको वही आज कैसे ड्रग के लिए मरे जा रहा।।

कुछ तो खास है उसकी मुस्कुराहट में, जब भी देखता हूं, दिल मिजाज़ करने लगता है। लाख समझा लूं मैं इस दिल को मगर कमबख्त, तुझे देखकर बेवजह ही धड़कने लगता है। शाम की चादर […]

राह में काँटे बिछाना काम है उसका मेरे दिल को दुःखाना काम है उसका मैं हँस देती हूँ जो जरा-सा देखकर उसको मेरी हँसी से जल जाना काम है उसका

इल्जाम हमीं पर लगा देते हो मोहब्बत का पर शुरुआत तुमने ही की थी हसीन कितने हो ये जानते नहीं क्या ! दिल में दस्तक तुमने ही दी थी नखरे हजार अब दिखाते हैं हम […]

नन्ही-सी परी मेरी लाडली अब बड़ी हो गई बैग लेकर स्कूल पढ़ने जाने लगी हाथों में कॉपी पेन लेकर लिखने लगी अंग्रेजी में कविता सुनाने लगी आँखों में उसके हैं अनगिनत सपनें मेरी आँखों में […]

उसने हमें जीवन दिया ताकि हम उसकी बनाई दुनिया को और खुबसूरत बनाए । हमने उसी जीवन को किसी और लक्ष्य में लगा दिया, भगवान हंसे कहा ,”तू कब समझेंगा ऐ बंदे !” ।। उसने […]

ना आना हाथों की लकीरों के फरेब में, ज्योतिषी की दुकानों पर, मुकद्दर नहीं बिकता.. तदबीरों से बनाए जाते हैं मुकद्दर, तक़दीर खुद ही आ जाए रफ्ता रफ्ता..

चलो एक होड़ लगाएं, खुद से, खुद को बेहतर बनाने की , झूठ से , फरेब से, ईर्ष्या से, द्वेष से, छुटकारा पाने की, चलो एक होड़ लगाएं , बड़े चाव से , पाक इंसान […]

चलो ऐसा एक ज़हान बनाएं, जहां नहीं होगी , आदमी को आदमी से नफरत, नेकी की राह, नेकी हो सबमें, प्रेम हो सबसे, प्यार की हसरत, कदर करता हो, जहां हर कोई , हर किसी […]

नैतिकता को पढ़ना-सुनना, अक्सर बहुत अच्छा लागे, सबपर पूरा असर , पूरा समर्थन, मगर आचरण में सबके क्यों नहीं? यह सवाल विचित्र-सा, काल्पनिक-सा…..

मेरी बेबसी को मशहूर ना कर, माना बड़ा जालिम है तू जमाने, फिर भी मजबूर ना कर, और मजबूत है बहुत हम अंदर से, माना टूटे हुए दिखते हैं, तू मजबूर ना कर! अक्सर मजबूर […]

जीवन जुड़ा दर्द लिखना जीवन से जुड़ा दर्द पढ़ना मेरी आदत में शामिल है सच कहना, सच को ही सुनना। कवि कुछ सच्ची कविता कह दो जिसमें जीवन की पीड़ा उभरे वो घाव भरने ही […]

सबसे अच्छी औषधि मुस्कान है, इसका नहीं कोई भी नुक़सान है मेरी यह दुआ है आपके लिए, ये औषधि सदा आपके पास रहे.. *****✍️गीता*****

वृद्धाश्रम में छोड़कर बूढ़े पिता को लौट आया घर, जरा सा चैन पाया मुस्का रही अर्धांगिनी ने जल पिलाया आज उसकी रुचि भरा भोजन बनाया। बोली बड़ी आफत हुई है दूर हमसे खांसी की आवाजों […]

चलो आज अपने घर को ऐसा घर बनाते हैं जिसमे बड़े पेड़ के नीचे , नए पौधों को पनपने का सुख दे, खुशी से जिंदगी बिताते हैं, चलो आज अपने घर को ऐसा घर बनाते […]