साल भी खत्म होने को आया, सब आये पर तुम न आये। इंतजार चार दिन और है तुम्हारा, फिर आये तो फिर क्या आये???
साल भी खत्म होने को आया, सब आये पर तुम न आये। इंतजार चार दिन और है तुम्हारा, फिर आये तो फिर क्या आये???
मन्ज़िल की तलाश में खुद राहों को आना पड़ा, ख्वाबों की तलाश में जैसे आँखों को जाना पड़ा, चाँद सूरज जब रौशनी कर न सके मेरे दिल में, छोड़ कर घर अपना फिर जुगनुओं को […]
हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। वो मुझसे दूर क्या हुई, उसके संग गुजरा हर लम्हा याद आता है।। हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। मैं उसका मन था, […]
हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। वो मुझसे दूर क्या हुई, उसके संग गुजरा हर लम्हा याद आता है।। हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। मैं उसका मन था, […]
मेरी एहसास तू है। मेरी हर सांस तू है। यहीं है, तू यहीं कहीं है, मेरे आस-पास तू है। मेरी जज़्बात तू है। मेरी कायनात तू है। कटे न एक पल तुझ बिन, मेरी दिन-रात […]
काश कि हर इंसा को होता, किसी की भूख का एहसास काश कि हर इंसा को होता, अपमान की तकलीफ़ का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी के दर्द का एहसास काश कि […]
यादों के समन्दर में डुबकी लगाते हैं, तुझे हर पल पास अपने पाते हैं। तु करती हैं वेवफाईं पर, एहसास हमें रोज मिला ही जाती हैं। तेरे हालात मेरे पास पहुँच जाते हैं, तेरे रूदण […]
गुजरे कल की बातें लेकर तुम भी क्या बैठे रहते हो नया साल आने वाला है तुम आज भी कल में जीते हो।
एहसास की दहलीजों पर कुछ शब्दों के घेरे हैं इस प्यार की राह में अक्सर कुछ दर्द तेरे-मेरे हैं तुम दूर कहीं ना जाओ पल-पल ये दिल कहता है वीरान है तुझ बिन दुनिया एहसास […]
वो तख्त कहाँ वो ताज कहाँ वो कलगीधर सा शाह कहाँ। हे दशमपिता हे गुरु गोविन्द तेरे बिन मुझे कुछ चाह कहाँ।। ,,,,,,,,कोटि कोटि प्रणाम,,,,,,,,,
मुदातों बाद तेरा दीदार हुआ बात पलछिन की थी जो कब से कहना था पर कब वोह बात अपना महत्व खो चुकी थी पता ना चला शायद वक़्त सबसे अच्छी दवा होती है
मुदातों बाद तेरा दीदार हुआ बात पलछिन में थी जो कब से कहना था पर कब वोह बात अपना महत्व खो चुकी थी पता ना चला शायद वक़्त सबसे अच्छी दवा होती है
ए बारिश तेरे रूप अनेक, तू समझ किसे ही ना आती कभी तरसाए मौसम में, कभी बेमौसम बरस जाती आते जाते आँसू कभी , खुशी और गम के दे जाती कल्पना तेरे बिना जीवन की, […]
ख्वाबों में जिसको देखा था मैंने, हकीकत में साथ वो रहने लगा है सोचा था साथ कौन देता है अब, हर कदम साथ वो चलने लगा है दिल की बातें किसे सुनाती, बिन बोले सब […]
इक रात चांद यूं पूछ बैठा, इक सुहागन नारी से क्यों करती मेरी पूजा तुम, यूं सज धज तैयारी से क्यों रहती भूखी दिन भर तुम, करती इंतजार चढ़ अटारी से पहले मेरा फिर पति […]
तुम बिन मैं एक बूँद हूँ, तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक धागा हूँ, तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक कागज हूँ, तुम मिलो तो किताब बन […]
कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये, दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह, वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए, सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।
ये एहसास भी क्या चीज है? असत्य को सत्य में तुरन्त बदल देती है , ये एहसास। मन में आस्था जगे तो दिल में भगवान प्रकट करती है, ये एहसास।। एहसास हीं तो आस्था की […]
क्यों झर-झर बहती आंखों में यूं आंसू बनकर आते हो, और सूखी पत्ती जैसे दूर चले भी जाते हो एहसास मेरा है नहीं तुम्हें क्या यही जताते रहते हो और चलने वाली हवा में पानी […]
वाह रे कुदरत तेरा भी खेल अजीब। मिलाकर जुदा किया कैसा है नसीब। जब सख्त जरूरत होती है तुम्हारी, तब तुम होती नहीं हो, मेरे करीब। सब कुछ है पास मेरे, पर तुम नहीं, महसूस […]
धोर अंधेरा शीत लहर संग बादल नभ से किनमिन है। घेर लिया मुगलों ने हमको बचना अब नामुमकिन है।। परवाह नहीं वो हजारों में पर हम भी पूरे मन भर हैं। आज्ञा दे दो हमें […]
जीने को यूँ जीती हूँ जैसे कोई गुनाह किये जा रही हूँ मैं। गीत भी गा रही हूँ, ईद भी मना रही हूँ। ज़िन्दगी की बज़्म फ़िर सजा रही हूँ मैं।
धर्म बचाने के खातिर अपना सर्वस्व बलिदान दिया। हुए पिता कुर्बान थे उनके पुत्रों ने भी बलिदान दिया।। कटा दिए सिर एक एक कर पर चोटी नहीं कटाई। अनशन कर प्राण दिया पर जूठी रोटी […]
खुश रहने की वजह ढूंढ़ोगे, तो कम ही मिलेंगें। यहाँ हर चेहरा हस रहा बाहर से, पर अन्दर तो गम ही मिलेंगें।। झाँक कर देखोगे दिल की बस्ती में, तो बस खाली शहर ही मिलेंगें। […]
ये कुछ नहीं गंदी राजनीति का किस्सा है। पता ही नहीं वो क्यों भीड़ का हिस्सा हैं। ये जो लोग सड़कों पर उतर आए हैं। असली चेहरा दुनिया को दिखाए हैं। शरणार्थी तो देश के […]
ये पूस का महिना कैसे हम भूला देंगे? सुना के कहानी बाल वीरों की सब को हम रुला देंगे। रात अंधेरी थी घनघोर नभ में बादल थे पुरजोड़। निकल पड़े परिवार सहित किला आनन्दपुर छोड़।। […]
हिन्दी ओज कविता- भारत भाग्य जगाओ जागो हे महाकाल हे महादेव हे हरिहरनाथ तुम | करो दंडित दानवो देशद्रोहियों हे भूतनाथ तुम | विपदा भारी भारत आज अब आन पड़ी है | खंडित करने राष्ट्र […]
अब न रह विस्वास किसी पे, जब अपने ही दरिन्दगी में उतर आयें। अपराध बढ़ रहा चरम पे, कैसे रुके कोई बतलायें।।
ये पूस का महिना कैसे हम भूला देंगे? सुना के कहानी बाल वीरों की सब को हम रुला देंगे। रात अंधेरी थी घनघोर नभ में बादल थे पुरजोड़ । निकल पड़े परिवार सहित किला आनन्दपुर […]
जनाब!अपने दिल को सम्हाल कर रखिये, दुनिया से आप इसको जरा बचा कर रखिये। असर हुआ है अगर इस पर किसी की बात का, तो अपने दिल को पत्थर-सा का बना कर रखिये।
भोजपुरी पूर्वी लोकगीत – चले ठंडी बयरिया ये सजनी | मुखड़ा – चले ठंडी बयरिया ये सजनी , कांपेला बंदनवा मोर | जल्दी से भरीला अंकवरिया लागेला जड़वा बड़ी ज़ोर | चले ठंडी बयरिया ये […]
जरूर मेरा दुआँ रंग लाया होगा, इसलिए तेरा आँचल पाया होगा। ईश्वर भी तरशता होगा, माँ तेरी एक झलक को। मुझे मिला तेरा गोद, इस जन्म में। मेरे ऊपर जरूर, अच्छे कर्मों का साया होगा।
किसी को देख, ना कर अफ़सोस । यूँ ना अपनी किस्मत को तू कोस । भले ही तन से नहीं हैं हम पास, भले ही ना ले सकूँ तुझे आगोश । पर मन तो एक […]
यूं न मेरी मोहब्बत को रुसवा कर, ज़माने ने बहुत दर्द दी है। बस एक बार मिल रूह से रूह तक, चले जायेंगे हम यहाँ से ज़माने से किसे हमदर्दी है।। नवीन द्विवेदी
कविताएँ नई होती हैं, पर भाव पुराने होते हैं। गैम्बलर बदल जाते हैं, पर दाव पुराने होते हैं।। कितना भी लेबुल बदलते रहो पर शराब पुराने होते हैं। नए कम्बल हो या टाट पुराने पर […]
एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई […]
भोजपुरी गीत- जान तोहरी याद मे | जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा | तोहरे बिना गोरी हमरो जियल बेकार बा | नैना लड़ाई हमसे चैना छिन लिहलु | हमके रोवाई हमरो रैना […]
बहन तुम माँ तो नही, पर हो माँ से भी प्यारी। पग-पग पर इतना साथ मिला, मैं भूल गया देवत्व सारी। बहन तुम माँ …….. अंगुली पकड़कर चलना सिखाया तुमनें हर बार गिरने पर उठाया […]
चंद शेर /मुक्तक लाख करो साजिस बुनियाद हिन्द कोई हिला सकता नही | क्रांतिबिरो बलिदान जवानो सहादत कोई भुला सकता नहीं | श्याम कुँवर भारती [राजभर] भारत की मिट्टी माथे तिलक चंदन लगाएंगे हम | […]
ए दिल! गम ना कर मिल ही जायेगी मज़िल। यूं मायूस हो जाना अच्छी बात नहीं । कितने कदम रोज़ चलती हूँ तेरी और, तुम उतना ही दूर नज़र आती हो ये तो अच्छी बात […]
अहॅक नामे हम बचपन जवानी लिख देव। सोझा बैसू हम अप्पन कहानी लिख देव।।
हिन्दी गजल- अमन चैन न हो सियासत कैसी जिसमे अमन चैन ना हो | साजिस ऐसी जहा भाई से भाई प्रेम ना हो | समझते है हम सब जिसे मसीहा अपना | लगे धारा एक […]
फूलों से भी ज्यादा कोमल है ह्रदय शब्दों के बाण से मत छेदो प्रेम की रसधार से जीवन की बगिया सींचो
कहिए हुज़ूर और क्या लीजिएगा। दिल तो ले चुके अब जाँ लीजिएगा। तुम्हें हमसे मोहब्बत है या फिर नहीं, फैसला जो भी लो बजा लीजिएगा। मेरी ज़ुबाँ पर बस एक तेरा ही नाम, नाम मेरा […]
तेरे मुखड़े में मुझको रब की तस्वीर दिखती है, तेरे माथे पे बिंदिया चाँद सी खूब सजती है, तेरी आँखो में तारों का बड़ा सुंदर नजारा है, तेरे चेहरे पे सूरज का बड़ा अच्छा उजाला […]
तेरे बिन मेरा गीत अधुरा हैं, तुझसे मिलकर ही होता ये पूरा हैं। तेरे बिन मेरा…….. तेरे मदमस्त यौवन, शरारती नयन, मटकाती कमर, दिल पे छुरा हैं। तेरे बिन मेरा…….. जब भी तुझे ये न […]
मेरे ख़ुदा मुझको बता, सब कुछ तो तेरे खाते में दर्ज़ है। तारीफ़ तेरी हो या फिर मेरी, इसमें क्या हर्ज़ है।।
क्यों छोटी -छोटी बातों को बड़ा बनाते हो? भोली-भाली जनताओं से बगावत कराते हो।। क्या कभी जनताओं को सत्य से रुबरू कराते हो? कोड़े कागज पर दस्तखत से पहले शर्त समझाते हो? फिर क्यों छोटी […]
लम्हों को जी लो दिल कहता है जो आज में जीता है वो ही कल खुश रहता है । तो मुस्कराईये और अपना कल बनाइए ।
भोजपूरी लोकगीत (धोबी गीत )- दुशमन भाई के हमरे देशवा के लागल केवना के नजर | लोगवा दुशमन भईले भाई मे | दंगा फइलल सगरो गाँव शहर | रचले साजिश गिरावे देशवा खाई मे | […]
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