रोक सके मनुज को कोई, धरती पे न ऐसा लाल हुआ, जो चाहा मनुज ने पाया है, संकट से बेड़ा पार हुआ, मिट पाए ना कोई मिटा सके, ऐसी छवि रचने वाली है, हो प्रचंड […]

कुछ स्वप्न ममतत्व के, कोमल भावनाएँ, कोमल अटूट बंधन और इन सबके बीच, अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की ऊट-पटांग अबूझ भाषा सिर्फ सफ़ेद चोगे वाले ही समझते हैं। ठीक ही है समझ लेते हैं, […]

एक के ऊपर एक परत-दर-परत चढ़े होते हैं, आँखों पर तरह-तरह के चश्मे। पर, न तो नाक पर उनके वजन का अहसास होता है; न ही कानों पर उनका बोझ; इसीलिए वो समझ नहीं आते […]

बलिदानी सिपाही शूल सी चुभती हृदय में उस शिशु की चीत्कार है, जनक जिसका है सिपाही, करता वतन से प्यार है । जो अपनी मातृभूमि के सदके जान अपनी कर गया, श्रृंगार-रत नवयौवना को श्वेत […]

नहीं, आज मुझसे कोई तस्वीर रंगने को मत कहो। क्योंकि, हर बार जब मैं ब्रश उठाता हूँ, और उसे रंग के प्याले में डूबता हूँ; उस रंग को जब कैनवास के धरातल पर सजाता हूँ; […]

एक ही शब्द में ब्रह्मांड समाये देवों ने भी मस्तक हैं झुकाये अपने अंदर नव जीव बनाये अंधा निःस्वार्थ प्रेम भी समाये जीवन में हर पल साथ निभाये हर कठिनाई में खड़ी हो जाये यमराज […]

हर एक इंसान के चेहरे को पढ़ लेना, हर किसी के बस की बात नहीं। निज स्वार्थ से ही फुर्सत नहीं मिलती, ठहर जाता मन स्वयं पर ही। स्वरचित एवं मौलिक –✍️ एकता गुप्ता*काव्या*

रहम, त्याग, सेवा का बाज़ार अब मंदा है इस शहर से बच निकलो ये अब नरक का पुलिंदा है. खून की कीमत आज पानी से फीकी है, मेरे शहर के फरिश्तों की शैतान से माशूकी […]

यह कहानी मेरी दोस्त के बारे में है, मैं उसके विचार से कहानी सुनाऊंगी। मेरा जन्म तब हुआ था जब फूल खिले थे, लेकिन मुझे नहीं पता था कि मुझे इतनी सारी समस्याओं का सामना […]

चैत्र नवराते आए, खुशियां अपार लाए, नवरुप अंबे मां के, जयकार कीजिए। प्रथम दिवस आए, शैलपुत्री मन भाए, कैलाशवासिनी अंबे, दर्शन दे दीजिए। कमल त्रिशूल धारी,करे वृषभ सवारी, श्रद्धा सुमन अर्पित, मां स्वीकार कीजिए। मोक्षदानी […]

दो अनजानों का ये रिश्ता, प्रभु आशीष से जुड़ता है सात वचनों और सात फेरों का, रिश्ता प्रेम से बंधता है। गाँठ रिश्ते की गठबंधन के साथ, विश्वास के साथ जुड़ जाती है कभी नोक […]

माना की हम तुझसे प्यार करते हैं तुझे देखने का गुनाह रोज़ करते हैं तेरी तरफ से कुछ नहीं हम ही पीछे पड़े हैं तेरे, पर तुझे पसंद है तभी तो यार करते हैं।

हम अंधेरों से झगड़ते फिर रहे थे दर-ब-दर । तुमने बरसाया उजाला हो गए हम तर-ब-तर। मुस्कुराए तो अमावस की उदासी खो गई । साथ आए तुम तो मेरी पूर्णमासी हो गई । तुम न […]

एक स्कूल कार्यक्रम में आए नेताजी से एक बच्चे ने ( बाल स्वभाव अनुरुप ) पूछा – ” नेताजी आप कहाँ खेलते हो तथा आपके पसन्द का खिलौना कौनसा है ? ” नेताजी बोले – […]

आपके जन्मदिवस पर ईश्वर से मेरी विनती यही स्वीकार हो आप हजारों वर्ष जिएं और वर्ष में दिन हजार हो हर मन में बस आप बसें हर दिल पर आपका पहरा हो ओज, तेज, मुस्कान […]

बनना प्रेम की एक धुन, दया का गान भी रहना इस जग में सहजता की सरल पहचान भी रहना सफलता मिल जो जाए तो ये बातें भूल मत जाना बनो अफसर चाहे हाकिम मगर इंसान […]

विधी न्याय संकल्प प्रलापित, किंतु कैसा कल्प प्रकाशित? दुर्योधन का राज चला है, शकुनि पाशे को मचला है। एकलव्य फिर हुआ उपेक्षित, अंधे का साम्राज्य फला है। जब पांचाली वस्त्र हरण हो, अभिमन्यु के जैसा […]

युद्ध की हुंकार थी , ललकार की वाणी थी वो सिर्फ झांसी की न पूरे हिंद की रानी थी वो उसमें था जज्बा भरा कूट कर के देशभक्ति का वो प्रतीक इस जहां में ठोस […]

क्रांति की दिव्य ज्योत और वीरता के प्रकाश को आओ मिलकर नमन करें हम नेताजी सुभाष को जन्म लिया था कटक में और शिक्षाा दीक्षा कलकत्ता में लाया था भूचाल प्रचंड अंग्रेजों की सत्ता में […]

===== सबूत भी गवाह भी किवाड़ खा गई, जालिम ये दीमक सारी, मक्कार खा गई। ===== हराम की थी रातें, छिपी सी मुलाकातें , किसने खिलाये क्या गुल, गुमनाम सारी बातें। ===== आस्तीन में छुपे […]

खबर का मुख्य उद्देश्य समाज में विश्वास , आस्था और भाईचारे की नींव को मजबूत करना होता है ना रोष , नफरत और दहशत की अग्नि को फैलाना । परंतु क्या वर्तमान समय में पत्रकारिता […]

तुम्हें उठाने मे बेशक, हम सौ बार गिरे। तुमने भी तो गिर – गिर के उठने की जिद की। आज मंजिल की पनाह मे तेरा नाम मुस्कुराया है। कल हम रहें न रहें, मेरा दिया […]

बहूत डरावना भयानक रात देखनी हइ जब ओके आज असपताल के एगो कोना मे चिखत रहे लेके धिरे धिरे सास दरद पिडा के रहे समूंदर हर पल उठत रहे ओकरा अंदर देख के ओके जि […]

यह कंगन तेरी खातिर पहने थे जब हम तुम पहली बार मिले थे,❣❤💔 तुम्हें कहां याद होगी वो पहली मुलाकात ‘और आखिरी मुलाकात में तुम अपने ही गुरुर में थे।

दिल की बातें समझ ले ऐसा हमराज चाहिए हर कदम साथ दे वो राजदार चाहिये ना मैं छोटी ना वो बड़ा खुद के बराबर ही हो ऐसा यार चाहिये ना करे प्यार मुझसे कोई बात […]

कुछ वक्त के लिए खामोश हो गया था ये दिल ! पर आप फिर से बातें करने लगा है मायूस हो चुका था दिल! पर अब फिर से मुस्कुराने लगा है अब इसे कोई नया […]

उससे रिश्ता नहीं रहा लेकिन उसका खयाल हर वक्त रहता है वो मेरे दिल उतर गया है जरूर उसका रुआब आज भी रहता है मेरी लेखनी उस बिन नहीं चलती एक कदम, अल्फ़ाज मेरे होते […]

नहीं याद करेंगे तुझे हर बार ये प्रण लेते हैं पर मन हम को छल जाता है। तेरा मासूम सा चेहरा जब भी सामने आता है मन अपने घाव भूल जाता है तू है तो […]

आज एहसास ये हुआ की मैं कितनी अकेली हूँ, सजल जल नैन भर बरसे दुख की मैं सहेली हूँ। कहाँ है प्रीत का सावन?? कहाँ है गीत मनभावन?? कहाँ है प्रेम की गगरी आज बिल्कुल […]

जिंदगी भर काम आया मेरा तमीजदार रहना बस कुछ बदतमीजों की खातिर हम बदजुबान हो गए। दिन की शुरुआत ऐसा करो जैसे ये तुम्हारा पहला प्यार हो। जिंदगी की उलझनों ने ऐसा उलझा रखा है […]