स्वर्ण – चित् एक तरंग , एक सुर , एक ल्य है अब , सोच वचन और कर्म में मेरे एक ल्य , एक सुर , एक तरंग है अब , कर्म वचन और […]
स्वर्ण – चित् एक तरंग , एक सुर , एक ल्य है अब , सोच वचन और कर्म में मेरे एक ल्य , एक सुर , एक तरंग है अब , कर्म वचन और […]
ਬਚਪਨ ਦੇ ਪੈਂਡੇ ….. ਭੁਲਾਯਾ ਨੇਹਿਓ ਭੂਲਦੇ ਓਹ ਮੇਰੇ ਬਚਪਨ ਦੇ ਪੈਂਡੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਤੇ ਚਲ ਕੇ ਕਦੀ ਪੈਰ ਨੇਹਿਓ ਸੀ ਥਕਦੇ ਜੇਹੜੇ ਲੰਬੇ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਛੋਟੇ ਸਨ ਜਪਦੇ ਭੁਲਾਯਾ ਨੇਹਿਓ ਭੂਲਦੇ ਓਹ ਮੇਰੇ ਬਚਪਨ […]
ღღ__वो इक पल जिसमें तुम्हारे लब हों, मेरे लबों के पास; . उस वक़्त भी हम रहें शरीफ?? “तौबा साहब, तौबा” !!…..#अक्स .
कभी कभी, तुम राहें भूल कर……! (गीत ) कभी कभी, तुम राहें भूल कर, मेरी गलियों मे आया करो…. कभी कभी तुम ख़ुद को भूल कर, ज़रा नजरें मिलाया करो…………! ख़ुद में इतने खोये […]
चाहतों की दुनिया से अब उकता गये है सब दिखता है यहां, मगर कुछ मिलता नहीं
Where does truth exist ,inside us or amidst the under wraps? Is it a state of mind or is it an experience? Is it in our […]
ღღ__यूँ तो अरसा हुआ है साहब, तुमसे गले मिले हुए; . पर जिस्म मेरा आज भी, इत्र-सा महकता है !!……#अक्स .
घर और खँडहर ईटों और रिश्तों मैँ गुंध कर मकान पथरों का हो जाता घर ज्यों बालू , सीमेंट और पानी जोड़ें ईट से ईट त्यों भरोसा, जज़्बात और प्यार जोड़ें […]
तेरा मेरा रिश्ता यूई की आंखों से बहते आँसुओं को रूह की नजर से देख यह आँखें मेरी हैं पर आँसू तेरे हैं इन आंसुओं में जो बहता है वोह पानी मेरा है पर धारा […]
Chhtpataa rahi insaaniyat haivaaniyat ke quaid mei- sisak…rahaa bhaaichaaraa bddniyatee ke aeib mei. khoon ki qeemat nhi…(?) wo to, bss dikhne mei laal hai hrr koi ek-duze ko jhhpattne ki saazisho mei hi bss behaal […]
लो आ ही गयी साहब, उनकी याद, आज फिर आखिर; . और वो आज फिर नहीं आये, इतने इंतज़ार के बाद !!…..#अक्स
जब आसपास की खट पट खामोशी में बदलती है। जब तेज़ भागती घडी की सुइंया धीरे धीरे चलती है।। दिनभर दिमाग के रास्तों पर विचारों का जाम होता है। मन रूपी मेरी तकती पर […]
Retirement का सुकून ……..! अब सुकून आ गया है जिन्दगी मे थोडा, जब से मैंने औरों संग दौड़ना है छोडा… जब से मैंने औरों जैसा दौड़ना है छोडा… अब तो वक्त मिल रहा है, […]
दर्द-ए-गम इस दर्द-ए-गम का, अपना ही मंज़र है, रात तो आती है, पर नींद नहीं आती शून्य का एहसास है, पर समझ नहीं आती जिंदगी तो चलती है, पर जान नहीं होती एक घुटन सी […]
आज नहीं तो कल तैरे नाम की बंदगी मैँ , झुका हुआ मेरा सर तैरे इशक की इबादत में, बंधे हुए मेरे हाथ तेरे नूरानी नूर मैँ, रौशन रह्ता मेरा मन तेरी ख़ुशियों मैँ, नाच्ता […]
वो खुशनुमा चेहरा कितना नूरदार है आज की रात जैसे फैल गया हो चांद पिघलकर उनके रूखसारों पर
I started dreaming when you falling asleep I worked day and night to make proud of my country I never afraid about the height of the mountain Or the deepness of the sea and fly […]
काली छाया ख़ुद को पाने की राह में, ध्यान लगा जो ख़ुद में खोया, अन्तर मन में उतरा मैं जब, अंधकार में ख़ुद को पाया , अन्दर काली छाया देख के, ख़ुद को गर्त […]
जब से तुझको पाया है , जिव देखो तुझ्सा लगता है , दुनियाँ मानो शीश महल , हर चेहरा ख़ुद का लगता है I …… यूई
रिश्तों की मौत रिश्तों के मरने का है अपना ही अंदाज़ तासीर मरे रिश्तों की है लम्बी बीमारी सी पल पल मारती पर मरने नही देती मरा हुआ रिश्ता मरा हुआ इनसान जान दोनों […]
चौराहा बीच चार राहों के , वोह मुकाम , रुक कर जहां, एक राह चुनता इंसान . ऐसे कितने चौराहों से, गुजरती जिंदगी़ , चुनते हुए राहें, लिखती दास्ता अपनी . कितने चौराहों […]
ღღ__आँखों को ख्वाब की, इस कदर भूख है साहब; . जैसे लगता है ख्वाब में, “तुम” आ ही जाओगे!!…..#अक्स .
तसव्वुर में तेरे, अब तो कटती नहीं रातें; . आखिर तेरे इंतज़ार की, कोई इन्तेहा तो हो!!….#अक्स
ढूंढने से ही मिलता है, पर रस्ता ज़रूर होता है; जो महँगा होता है कभी, वो सस्ता ज़रूर होता है!!…..#अक्स
मेरी नजर में आप जो आए हुए हैं! ख्वाब़ फिर से आरजू सजाए हुए हैं! नहीं है कोई जाँम न मयकशी’ मेरी, मस्तियों से आज हम डगमगाए हुए हैं! Written By #महादेव
मैं कभी-कभी निकलता हूँ जमाने में! शाँम-ए-गुफ्तगूं होती है मयखाने में! #पैमाने थक जाते हैं सब्र से मेरे, वक्त तो लगता है ख्वाब को जलाने में! Written By #महादेव
दिल-ए-ज़िगर …… मेरी गुस्ताखिॅया अंदाज़–ए–इश्क थी मेरी मेरी शोखियाँ दीदारे–ए–खुदा थी तेरी मेरी वही दिल-ए-ज़िगर की शोखी पे क्यों आज बिखर गये सब जज़्बात कहीं ऐसा तो नहीं, तू आज इंतज़ार में था […]
I heard you saying “Promises are meant to be broken”, I heard you saying “You were tired to Hold on”, I heard you saying “I was not good enough”, I heard you saying “You found […]
ღღ__ख्वाहिश है इश्क की, और वो भी सुकून के साथ; . तुम भी ना साहब, कभी-2 अच्छा मजाक करते हो !!……#अक्स .
वो जो हमसे नाराज बैठे है नजरों को हमसे हरबार फ़ैर लेते है लौट आती है सदाएं हमारी हर दफ़ा क्यों जानकर हमारी जान लेते है
Salutations to the Martyrs, Salutations to the Heroes of our Nation, To the soldiers,To the custodiansof our Nation, Salutations to the spirits unbowed, To the souls undimmed; Salutations to the commandos fighting in the silent,deathly […]
Entry for “Poetry on Picture Contest” ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू; अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है! . याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको; अरे, सुबह को उसके […]
जाती हुई ठण्ड, पछिया हवा के थपेड़े, किसी रूठी हुई प्रेमिका की तरह का दिन, दोपहर जैसे खामोश और चिरचिरा, न कुछ बोलता न कुछ सुनना ही चाहता ! वो दूर खेतों में मक्के मटरगस्ती […]
इसे बेनाम ही रहने दो, कोई नाम न दो वर्ना बेवजह दिल में कई सवाल उठेंगें उन सवालों का जबाव हमारे पास नहीं सिर्फ़ अहसास है हमारे पास, जो लफ़्जों में ढलते ही नहीं लफ्जों […]
मन बहलाने को कोई निशानी भेज दो नींद नहीं आती कोई कहानी भेज दो ….. संजीदा रहूँ हमेशा तेरी यादों में मेहरबान बन कोई मेहरबानी भेज दो…. भा गया कुछ यूँ दिल को तेरा अपनापन […]
तेरी बँदगी ने ज़िन्दगी का फलसफा रोशन कर , जीने का रास्ता आसान कर दिया हर शय में दिखा ख़ुद को , यूई का ख़ुद से खुदाई का सफर , इक पल में तमाम कर […]
ღღ__दिल तो करता है कभी-2, तेरी यादों को ज़हर दे दूँ साहब; . फिर सोंचता हूँ, भला ये भी, कोई उम्र है ख़ुदकुशी करने की!!….#अक्स . .
जो आज है वो कल न होगा! गमों का पल हरपल न होगा! मिलेगी रोशनी कदमों को, दर्द का कोई सकल न होगा! तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा! गुजरा हुआ मंजर […]
ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू; अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है! . याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको; अरे, सुबह को उसके बारे में, इम्तिहान थोड़े है! . […]
इस वीराने में अचानक बहार कहां से आ गयी गौर से देखा तो ये महज़ इज़हार ए तसव्वुर था
ए मालिक क्यों ना कुछ कमाल हो जाए , ऐसा अपनी दुनिया में ध्माल हो जाए , हर शैतान इंसानीयत का कायल हो जाए द्वैत की उलझन सलट, सब […]
सोच कर यह , ख़ता दर ख़ता किए जा रहे हम , प्यार में तो वोह मिलने से गए , सजा देने ही शायद आ जाएँ लौट कर […]
तेरी यादों के कागज को , छुपा रखा है , अपनी पलकों से थोड़ा पीछे , कहीँ सालों से बह्ते आँसू , इनको गीला कर , धुँधला ना कर दे […]
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