गम–ए–इशक में डूब कोई        मरीज–ए–मोहब्बत ना बच पाया रफ्ता रफ्ता सरकती मौत देखी        यूई ना मर पाया ना जी पाया                                                                                …… यूई

मुझे चाहतों का मिल गया ईनाम है! डरा-डरा सा हर ख्वाब का पैगाम है! अरमान कुचल रहे हैं दर्द के कदम से, किसी की याद में मयकशी हर शाँम है!     तेरी चाहत का […]

माँ–बाप की लाडो   ज्यौं जोगि छोड़े दुनिया को त्यों अपनी दुनिया छोड़ आई हूँ मैं तेरी जोगन हो आई हूँ अपना व्याह रचा आई हूँ   बाबुल का आँगन सूना कर तेरा स्वारन चल […]

      नींद की चाहत तो नही होती ,       बस इक आस सी रहती है ,       कम्बख्‍त आ जाए तो शायद ,       ख्वाब में ही मुलाकात हो जाए                                               […]

गर जमाने ने किया होता ,              कसम ख़ुदा की, सब कर गुजरते हम I अफसोस यह खंजर उन हाथों ने मारा              जिनको ता–उमर दुआओं में चूमते रहे हम I          […]

इस बार बादलो को खोजा हैं  पहले खुद छा जाते थे  इस बार  शब्दों को ढूंढा है  पहले खुद आ जाते थे  बेतुके से लगने लगे  अपने ही शब्द  ये देख कर में रह  गया […]

यह ज़िंदगी दी है तुझे, कुछ कर आने के लिए मेरी इस दुनीया को, कुछ और सजाने के लिए यह ज़िंदगी दी है तुझे, जीने के लिए मेरी बनायी हर शय से,  प्यार निभाने के […]

जब लबों से दिल की बात नहीं होती! धड़कनों की कोई रात नहीं होती! कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के, जब किसी से मुलाकात नहीं होती!     क्या होता है जब तुम पास नहीं […]

पछताओगे तुम, रुसवाईयां करोगे गर छोड दिया हमने तेरी गलियों मे आना कभी   तुझसे मुश्ते-मोहब्बत मांगी थी, कोई कोहिनूर नहीं बस तेरे दीदार की दरकार थी चश्मेतर को कभी   भर गये पांव आबलो […]

होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ? जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ! होता है खौफ यादों का इसकदर, जाँम की महफिल में नजर आता हूँ!   यूँ न मुस्कराओ तुम नजरें बदलकर! नीयत […]

तेरी  तस्वीर  के  आगे  सर  झुका  नही  सकती  बोझिल  पलकेँ  मै  उठा  नही सकती…!!! मज़बूरी  का  आलम  ये  कि  इस  बुझती  शम्मा  को  फ़िर  से  मै  जला  नही  सकती…!!! रश्मिजैनRJ®

गणतंत्र है हम देश सबका। आते इसमें हम सारे हर जाती हर तबका।।   सोई हुई ये देशभक्ति सिर्फ दो ही दिन क्यूँ होती खड़ी। एक है पंद्रह अगस्त और दूसरा छब्बीस जनवरी।।   देश […]

मत पूछो हालत मेरे हालात की! सहर कब होगी मेरे गम-ए-रात़ की? ना-काफी है गुफ्तगूं अब नजरों से, तड़प जागी है फिर से मुलाकात की! Written By #महादेव

हर हिंदुस्तानी की इक ख़ास पहचान , ये तिरंगा …. भारत माँ की करता बेनज़ीर शान , ये तिरंगा …. सीमा पर तैनात हर जवान में डाल दे जान , ये तिरंगा …..   ” […]

ღღ_अजब ही चीज़ हैं, ये ख्वाहिशें “साहब”, मैं टूट भी जाऊँ, तो बिखरने नहीं देती; . एक तुम हो, कि मुझसे दूर ही रहते हो, और एक ये हैं, कि मरने भी नहीं देतीं !!……‪#‎अक्स […]

रख दो तुम मेरे लिए दुनिया भर के सोने-चांदी , पर मैं ना छोड़ू अपने सईयां की डोर। प्रेम के मंदिर में यह पुजारन उनकी पूजा है कर रही , प्रेम के मनके चुन चुन […]

साँसों की आरजू मचलने दो! रोशनी चाहतों की जलने दो! नज़र में आयी है याद तेरी, सरहदें ख्वाबों की पिघलने दो!     हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात में हम खो गये हैं! […]

शाम अब ऐसी लगती है जैसे बीते दिन का पुराना अखबार रखा हो ना कोई नयी खबर है… ना कहने को कोई किस्सा… ना धूप सुनहरी लगती है.. ना रात स्याह… सब कुछ फीका सा […]

जब भी मैं तुझसे कहीं पर मिलता हूँ, सोचता हूँ कि कम से कम आज तो, तेरे आँचल में सर रख कर तुझको निहारता हूँ, इसी तमन्ना में अक्सर मेरा तुझको यूँ ही देखना, मेरे […]

आकाश से आती हैं जेसे ठंडी ठंडी ओस की बुंदे। नन्हे नन्हे बच्चे आते हैं आँखे मूंदे।। इन बूंदों को सँभालने वाली वो कोमल से पत्तियां। बन जाती है नजाने क्यों जीवन की आपत्तियां।। गोद […]