मेरी मोहब्त को सलाम कर तू मेरी मोहब्त को सलाम कर तू ओ बेवफ़ा तूने ज़हर देकर बेवफ़ाई निभाई  और हमने जान देकर आशिक़ी तू चाहती थी छोड़कर जाना तू चाहती थी छोड़कर जाना और […]

सबका जन्मदिन आता हैं, आज तेरा भी हैं, इसमें खास कौन सी बात हैं जो हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाये, उसकी ही सुनते हो तुम,, ये कौन सी बात हैं,, कितनी भी परिक्षाये ले लो तुम इस […]

चली आतीं है अक्सर यादें तुम्हारी मगर तुम नहीं आते की कोशिश कई दफ़ा भूल जाने की तुम्हे मगर भूल नहीं पाते   आयीं राते पूनम की कई बार मगर न हुआ चांद का दीदार […]

ख्वाबो में भी अकेले होने पर जब बस शब्दों का सहारा होता हैं,, खुद की आधी-अधूरी सुनने पर भी जब मन छठपटा रहा होता हैं,, हालातों से बाहर आते ही जब ख्यालात नजर आ जाते […]

किसी की साँसों में जो घुल कर बोले,, उसका नाम कविता हैं,, आत्मा को जो परमात्मा से मिलाये,,  उसका नाम कविता हैं,, नवयुवती श्रृंगार हैं करती,, ना जाने किन किन बहानो पर यहाँ,, वृधा को […]

धुंधले–धुंधले कोहरे में छिपती रवि से दूर भागती एक‘रश्मि’ अचानक टकरा गयी मुझसे आलोक फैल गया भव में ऐसे उग गये हो सैकडो रवि नभ मे जैसे सतरंगी रश्मियों से नभ सतरंगा सा हो गया […]

आख़िरकार थक कर जिन्दगी मुझसे बोल ही पड़ी!! यूँ कब तक खुद से भागते रहोगे, जरा सा ठहरो, ठंडा-वंडा पानी पी!! जरा झांक कर तो देखो अपने अतीत में, जरा नजरे तो मिलाओ पुरानी प्रीत […]

दिल  के  ख्वाइशों  को  कौन सम्जा कौन  जाना , तुझ  बिन  था  तनहा  यह  दिल  मेरा , तुझ   बिन  था  सुना  यह  दिल  मेरा , तेरे  बिना  यह  दिल  तरसा , बिलकुल  तनहा , […]

[soundcloud url=”https://api.soundcloud.com/tracks/219644248″ params=”auto_play=false&hide_related=false&show_comments=true&show_user=true&show_reposts=false&visual=true” width=”100%” height=”450″ iframe=”true” /] oo meri janejana, meri bahon main aa na, meri sason main aa bhi jana tu, mere dil ki jo batain jo main kahan na pau, woh batein toh […]

काटी है रात तुमने भी ले-ले के करवटें देखो बता रही हैं, चादर की सलवटें। उधड़ेगी किसी रोज सिलाई ये देखना यूं इस तरहं जो लेकर अंगडाईयां उट्ठे। पहले ही हो रही है, बड़ी जोर […]

झगड़ों में घर के, घर को शर्मसार मत करो आंगन तो खुला रहने दो, दीवार मत करो। मारे शर्म के आंख उठा भी सकूं न मैं अहसानों का इतना भी कर्जदार मत करो। हर ओर […]

कभी दीवार गिरती है, कभी छप्पर टपकता है कि आंधी और तूफां को भी मेरा घर खटकता है। चमकते शहर ऐसे ही नहीं मन को लुभाते हैं पसीना भी हर इक मजदूर का इसमें चमकता […]

है कठिन जीवन बहुत, चहुं और हाहाकार है बोझ घर का सर पे है, हर चीज की दरकार है। बहन शादी को है तरसे, भाई तक बेकार है मात—पिता चुप हैं दोनों, थक चुके लाचार […]

कोई तो दे दो वजह जीने की वरना मत पूछो वजह पीने की। दर्द अब आ गया है सहना तो क्या जरुरत है जख्म सीने की। मेरी खता नहीं तो कैसी सजा बात कुछ तो […]

दोस्त, दुश्मन तमाम रखता हूं मैं हथेली पे जान रखता हूं। शाम तक जाम क्यूं उदास रहे मैं तो अपनी ही शाम रखता हूं। कफन खरीद के है रखा हुआ आखिरी इन्तजाम रखता हूं। जब […]

थकी सोई हुई लहरों को चलकर थपथपाते हैं समंदर में चलो मिलकर नया तूफान लाते हैं। न आये पांव में छाले तो मंजिल का मजा कैसा सफर को और थोड़ा सा जरा मुश्किल बनाते हैं। […]

कुछ न था हाथ की लकीरों में वरना होते न क्या अमीरों में। भरे जहान में भी कुछ न मिला हैं खाली हाथ हम फकीरों से। आपके प्यार से तो लगता है बंधे हो जैसे […]

खुशी तलाश की, तो मिल ही गई दर्द के नीचे दब गई थी कहीं। छेड़ बैठे वो अपना ही किस्सा बीच में बात मेरी, रह ही गई। एक दीवार सी थी दोनों में गिराने बैठे, […]

वो नदी सी थी, मैं किनारा सा कुछ ऐसा ही मिलन, हमारा था। खुद में बस डूबते, उतरते रहे न समन्दर था, न किनारा था। उसने शायद, सुना नहीं होगा मैने शायद, उसे पुकारा था। […]

क्या अजब दिन था वो, क्या गजब था जहाँ, मैं था बहती नदी, वो था सागर समां! यूं तो इश्क किया तूने खुद कान्हा, अब तू ही बता तेरी क्या हैं सलहा!! मेरे दिल की […]

हरे-भरे से थे रस्ते पहाड़ होने लगेनदी क्या सूखी, इलाके उजाड़ होने लगे।कौन से देवता को खुश करें कि बारिश होरोज चौपाल में ये ही सवाल होने लगे। लकीरे खिंचने लगी रिश्तों में तलवारों से […]

सोचता हूं अभी पाजेब बजी है उसकी……….. दूर अपने से उसे होने नहीं देता हूं मैं ख्यालों में उसके साथ-साथ रहता हूं। मैने दीवार पे टांगें हुए हैं फ्रेम कई उसको मैं सोच के तस्वीर […]

घुल गया उनका अक्स कुछ इस तरह अक्स में मेरेआईने पर भी अब मुझे न एतबार रहा हमारी मोहब्बत का असर हुआ उन पर इस कदरनिखर गयी ताबिश1-ए-हिना, न वो रंग ए रुख़्सार रहा हमारी […]

कितनी दूर हैं अंबर धरती, क्या प्यार कभी कम होता हैं,, गर सीने में हो दर्द धरा के, छुप छुप कर आसमां रोता हैं!! कभी फव्वारे, कभी फिर पानी, कभी पत्थर दिल होता हैं, पाकर […]

जिन्दगी जब जरा घबराने लगी फिर किताबों की याद आने लगी। कितना जागा हुआ था रातों का अब किताबें मुझे सुलाने लगी। उसकी तस्वीर अचानक निकली तो वो किताब मुस्कराने लगी। धूल का रिश्ता था […]

फूल……, किताब,……. अलमारी…….तुमने जो फूल मुझे दिया थाउसे मैने एककिताब में रख दिया था और किताब अलमारी में रख कर लगा दिया था ताला। अब उस ताले की चाबी खो गई मुझसे तुम्हारी तरह…। क्या कंरु […]

जो आँख देख ले उसे वो वहीं ठहर जाती हैदेखते देखते उसे शाम ओ सहर बीत जाती है फ़लक से चाँद भी उसे देखता रहता है रातभरउसकी रूह चाँदनी ए नूर में खिलखिलाती है महकते […]

रिश्ते के स्वेटर के प्यार की सलाई से ख्वाब मत बुन बावरी! शुरु में बड़ी आसान लगेगी लेकिन दिल तक आते-आते कभी टूटेगी ऊन पडऩे लगेंगी गांठे टकरायेंगी सलाईयां कभी गलत होंगे फंदे समझ नहीं […]

किस लिये रो रही हो नूर अपना खो रही हो एक ऐसे के लिये जो छोड़कर चला गया………. वो था धोखा पा के मौका आके तेरे दिल में जो आग सी लगा गया………. प्यार कैसा […]

पत्ता-पत्ता हिसाब लेता है तब कहीं पेड़ छांव देता है। भीड़ में शहर की न खो जाना ये दुआ सबका गांव देता है। हम भी तो डूबने ही निकले थे वरना कौन अपनी नाव देता […]

कौन सा दर्द सुनाया जाए………. नींद को ढूंढ के लाया जाए चलो कुछ देर तो सोया जाए। जल गई इंतजार में आंखें अब जरा अश्क बहाया जाए। आ के फिर बैठ गईं हैं यादें कौन […]

वो जमीं आसमां भी दूर रह के मिलते रहे हम अपने फासिलों में रहके बस तड़पते रहे। हमारे बीच खामोशी की नदी बहती रही हम किनारों की तरह वैसे साथ चलते रहे। जरा सा जिक्र […]