चलो तुम मुस्कुराए तो सही भले ही मान कर हमको लतीफा खिलखिलाए तो सही। जा रहे थे इस गली से देखने को आपने आंख के चंचल पलक कुछ हिलाए तो सही।

इतना भिगो मत मुझको ओ बादल! दल-दल बन न डुबो दूँ, मुहब्बत। खाली-खाली लगूँ या हरी सी हरियाली को बिछा दूँ। चुप ही रहूँ या बता दूँ मुझे है, उनसे जरा सा चाहत। या होने […]

आंखें चुरा कर जाओ भले ही, दिल न चुरा कर जाओ। बिखरे हुए हैं मोती नयन के, उनको जुड़ा कर जाओ। बाहर बरखा बरस रही है, अतर नदी सी पथ में पड़ी है रुकने दो […]

अश्क ने नैनों से बहकर होंठ पर संगम किया पत्थरों ने बिन कहे ही प्रेम का वर्णन किया। ताप बढ़ता ही गया जब कक्ष के भीतर हृदय के आपने मुस्कान देकर ताप में चंदन दिया।

सब तरफ हरा-भरा है खूब रौनक सी सजी है, फूल-पत्ती की छठा, रोज बढ़ने में लगी है। है उसे भी आस सावन जल्द आयेगा, तृप्त करने प्यास हिय की नीर लायेगा। बीज से अंकुर उग […]

खेल होता है कौन नहीं समझता है, आम को पीठ पीछे धोखा मिलता है, कौन नहीं समझता है। खास को बिना मांगे सब कुछ मिल जाता है, कौन नहीं समझता है। जिसकी बोलने की आदत […]

अंधेरी रात है नभ को ढका है बादलों ने, छुप गए हैं सितारे, तब उजालों को बुलाया है लबों ने। मुहब्बत को कहा है आपने जबसे मिठाई, हुई बेचैन यह रसना कर रही है ढिढाई। […]

दो माह पूर्व ही विवाह हुआ था उसका किसी की नाजों से पाली गई बिटिया थी वह, कितनी प्यारी गुड़िया थी वह। अचानक पता चला उसका निधन हो गया है। न बीमार थी, न कोई […]

कदमों की दिशा तूने खुद ही बनानी पड़ेगी, लोग जायें उधर लोग जायें इधर, अपनी मंजिल तुझे खुद ही चुननी पड़ेगी। अपने सपनों की सीढ़ी बनानी पड़ेगी, और सपनों की डलिया भी बुननी पड़ेगी। साफ […]

ओ हवा! लू न बन, हवा ही रह, जरा सा ठंडक दे, जरा सा झौंका दे, हिला दे जुल्फों को, खोल दे लफ्जों को प्यार की बात कह दे, ऐसा कह दे जिससे कुछ दिन […]

अंधेरी रात है नभ को ढका है बादलों ने, छुप गए हैं सितारे, तब उजालों को बुलाया है लबों ने। मुहब्बत को कहा है आपने जबसे मिठाई, हुई बेचैन यह रसना कर रही है ढिढाई। […]

प्रेम का दूसरा नाम हो तुम क्या कहें मीठा रसीला आम हो तुम। सुबह-सुबह की मनोहर सी छठा हो कहूँ या किसी कीर्तन की शाम हो तुम। बढ़ा रही हो इस कदर अपनी, मुहब्बत की […]

माँ तुम जीवन में सब कुछ हो, प्राण हो, सांस हो, भूमि पर मेरी पकड़ हो, हृदय की धड़कन हो, उत्साह का मूल हो, संसार बदल गया लेकिन माँ तुम वही वैसी ही ममतामयी फूल […]

समय कठिन आये जब तब भी खोजो अवसर, हार मानो नहीं तुम करो संघर्ष डटकर। लहू को धमनियों में बहा दो खूब मथकर, जब तलक पा न जाओ कहीं बैठो न थककर। परीक्षा ले रहा […]

कर्म है बीज जो भी करूँगा, वह उगेगा, खिलेगा मुझे कल, फल उसी के मुताबिक मिलेगा। धर्म है प्रेम, नफरत नहीं है, प्रेम की राह चलता रहूंगा, कल उसी के मुताबिक मिलेगा।

काम आते रहो दूसरों के आपकी राह खुलती रहेगी, तुम भलाई करोगे, भलाई, आपके पास आती रहेगी। नीर बहता रहा है नदी में सैकड़ों जीव पीते रहे हैं, आदि युग से अभी तक निरन्तर स्रोत […]

आपकी चंचल चुनरिया को मैं भिगो दूँगा, मेघ का एक छोटा टुकड़ा बन सावन में झड़ी लगा दूँगा। बिछाने हर तरफ खुशी की हरियाली, अपने जीवन की हर एक घड़ी लगा दूँगा।

आलस्य तुझे दूर जाना ही होगा, मुझे दायित्व अपना निभाना ही होगा। प्रातः हो गई है, बीत रजनी गई है, मुझे कब से वो चिड़िया जगाने में लगी है। रात भर की उमस तो हाथ-पैरों […]

गरम हवा है जल रहे हैं आज भीतर तक, देख लो छूकर अगर है कोई आपको शक। वसन से आज हमने भावना को लिया ढक, सोच कर खुद की हालत बढ़ गई दिल की धक-धक। […]

जिन्दगी के बुरे दिन भूलने होंगे पथिक, भुला कर वे बुरे दिन पग बढ़ाने होंगे पथिक। अब नहीं होगा बुरा, अब भला ही मिलेगा सोच कर आज तूने पग बढ़ाने होंगे पथिक। हो गया हो […]

रोक ले ओ ईश्वर ! कहर बरपाते अपने बूंद बाणों को.. रहम कर मानवता की उस चीख पर जो दोनों हाथ ऊपर कर.. मदद को पुकार रही है. तू इतना निष्ठुर नहीं हो सकता.. गलती […]

खुद पर किताब लिखने दे गलत-सही किया है आज तक जो, उसका हिसाब लिखने दे। बन्द आंखों से आज भीतर तक खुद का मिजाज पढ़ने दे। भीतरी कालिमा के बीच पड़ी चमकती मणि समान रूह […]

सत्य को समझने की नजर, जरूर मायने रखती है, रहस्य समझने वाली जिन्दा आत्मा अपने भीतर आयने रखती है। जो देख लेती कमियाँ अपनी देहजनित, त्याग देती हैं लोभ नेहजनित। खूब इकट्ठा करते जाना, फिर […]

जरा सा आप भी कीजिये मुहब्बत, यकीन मानिए, सुनकू पाओगे। जरा सा आप भी सच की राह पर चलिए, यकीन मानिये, सुकून पाओगे। जरा सा आप भी त्याग करना सीखिए, यकीन मानिए सुकून पाओगे। जरा […]

मैं मुस्कुराती हूँ, गुनगुनाती हूँ, कभी उत्साह में उड़ती कभी गम के कुंए में डूबती, फिर गोता लगाकर लौट आती, उतरती डूबती सी डूबती फिर से उतरती डूबती सी, एक दिन दो दिन, महीने, वर्ष […]

पिता एक ऐसा शब्द है जिसकी जितनी व्याख्या हो वह कम है, पिता जीवन का मूल है, हमारा जीवन उनके चरणों की धूल है, पिता के बिना अपने अस्तित्व की कल्पना करना सबसे बड़ी भूल […]

खूब बारिश हो रही है रात भर, दिन भर पहाड़ों में भूस्खलन हो रहा है, सड़कें टूट चुकी हैं, नदियां उफान पर हैं, खतरे के निशान पर हैं या उससे ऊपर हैं, हर जगह नमी […]

लोगों की जुबान का डर नहीं रखना है, बल्कि ईश्वर की सत्ता का भान रखना है। लोग गलत देखकर गलत कहेंगे, लेकिन ईश्वर गलत देखकर माफ नहीं करेंगे। थोड़ा सा ताकत पाने पर गुमान नहीं […]

भीग गई पूरी शैय्या मेघा बरसे खूब, अब मैं सोऊँ कहाँ, रहूँ कैसे। यह पगडंडी, घर है मेरा, नभ नीला ही, छत है मेरा। आज जिसे है मेघ ने घेरा। तड़-तड़ बरखा, तन में- मन […]

अपना अपना काम यदि कर लें सब ईमान से, देश सोने की चिड़िया होगा फिर ईमान से। पूरा नहीं जरा सा भी यदि दायित्व समझ लें सब देश सोने की चिड़िया, होगा फिर ईमान से। […]

बात कम हो काम अधिक तब तो है कुछ बात। ऐसा क्या प्रचार जो दिन को बोले रात। दिन को बोले रात रात को दिन कहता हो। तस्वीरों को खींच, दिखावा ही करता हो। कहे […]

बिल्कुल देर न कीजिये, भले काम में आप। होता जायेगा भला, खुद का अपने आप।। गणना करते ही रहा, पूँजी की दिन-रात। उम्र बिता दी धन कमा, समझ न आई बात।। यहीं रह गया सब […]

साँझ इतनी मनोहर है गगन में सितारे हैं धरा में भी सितारे हैं, बड़े अद्भुत नजारे हैं, खड़ा हूँ पर्वत की चोटी में बने घर की छत पर, बह रही है हवा ठंडी, कभी है […]

आया मौसम मानसून का बरसा है जल रात भर, लाया पानी कहाँ से इतना आसमान बादल में भर। सुबह-सुबह जल्दी उठ चिड़िया रोजगार की खोज में चूं-चूं करती दुबकी बैठी कुछ रुकने की आस में। […]

दो माह पूर्व ही विवाह हुआ था उसका किसी की नाजों से पाली गई बिटिया थी वह, कितनी प्यारी गुड़िया थी वह। अचानक पता चला उसका निधन हो गया है। न बीमार थी, न कोई […]

प्याज तुम आँसू निकाल देते हो फिर भी भाते हो क्योंकि स्वाद बढ़ा देते हो। प्रेम तुम खुशियां भी देते हो, आँसू भी देते हो, लेकिन जिन्दगी की रौनक बढ़ा देते हो। प्याज की कई […]

फूल बोने हैं भले कांटे उगें बागों में, जोड़ दें रिश्ते सभी नेह के धागों में। भाव लिखने हैं भले बेसुरे ही क्यों न हों, जिसको भायेंगे वही बांध लेगा रागों में। खोजने हैं जो […]

निपटना होगा विपरीत धारा से, तैरना होगा पार पाने तुझे। घुमाना चाहेगा, भंवर जब भी तुझे समझ तत्काल तूने खुद को संभालना होगा। कष्ट सबकी परीक्षा लेता है, जो डरा वो हार जाता है। निडर […]

बीतता जा रहा है निरन्तर वक्त रुकता कहाँ है किसी को दिन उगा, दोपहर- रात फिर चक्र है यह घुमाता सभी को। चक्र चलता रहा है अभी तक पौध उगती रही और मिटती रही आने […]

आओ दो बोल सुना जाओ ना, गीत के बोल सुना जाओ ना। हो गए दिन बहुत सुना ही नहीं, अपने उदगार सुना जाओ ना। सूनी सूनी सी फिजायें हैं अब सारी मुरझाई दिशाएं हैं अब, […]

मनोहर शाम है छितरे हुए हैं व्योम में घन टपकती बूँद के अहसास से पुलकित हुआ तन। लग रहे हैं बहुत खुश पेड़-पौधे उग रहे हैं अनेकों बीज दे रहा भानु उनको ताप गगन भी […]

सुकून!! तू मेरे पास कब होता है, तुझे ही मालूम है, या मुझे ही पता है, यही तो तेरी अदा है, जब मैं कर्तव्य पथ पर रमा होता हूँ, तब तू मेरे पास होता है। […]

एक रास्ता है जो आपसे मिलाता है, है कठिन मगर वो ही आस को जगाता है। मन से मांगकर पाँखें तन में घौंप दी जायें उड़ चलूँ मिलूँ आकर ये उमड़ पड़ी चाहें। या मन […]

बारिश बहुत है बाहर भीतर पड़ा है सूखा, खाता हूँ खूब चींजें फिर भी रहा हूँ भूखा। मन में उमड़ के बादल नैनों में खूब बरसा, चाहत हुई थी शायद ऐसा हुआ है शक सा।

नजरें टिकी हैं तुम पर कोशिश है भाव पढ़ लूँ पाने को पार मन का पत्थर की नाव गढ़ लूँ। उतरे या डूब जाये कोशिश कभी न छोडूँ तुम छोड़ना भी चाहो मन से कभी […]

आँसू को पोंछ लेना खुद को संभाल लेना, मजबूत करना मन को खुद को संभाल लेना। कमजोर पड़ यूँ कैसे जीवन चलेगा आगे, आशा हो पूरे घर की दायित्व भी हैं आगे। ईश्वर की जो […]

जिम्मेदारों!! यूँ उलझ कर आप आपस में भुला देते हो जनहित को। बिता देते हो ऐसे ही समय। खींचातानी गजब की है आपकी जो भूल कर आम जीवन के दर्दों को अलग मुद्दे उठाते हो […]

फर्ज अपना निभाते चल ओ राही, बोल उत्साह के सुनाते चल ओ राही। दुःखी के पोछ आँसू जरा सा दे सहारा, गमों को दूसरों के मिटाते चल ओ राही। हर तरफ दुख ही दुख है […]

हवा हवा में उड़ नहीं, सोच समझ इंसान, हवा बिना ये फेफड़े, नहीं करेंगे काम। नहीं करेंगे काम, जिन्दगी उड़ जायेगी, बिना सजग रहे सब, धूल में मिल जायेगी। कहे लेखनी काम कर रही आज […]