तुम ही दुर्गा नव दुर्गा तुम नारी तुम ही नवदुर्गा हो। जननी हो तुम जन्म की दाता। सब कुछ तुम ही हो माता। तुम से ही संसार बना है, दया, प्रेम, चाहत, स्नेह, करुणा और […]
तुम ही दुर्गा नव दुर्गा तुम नारी तुम ही नवदुर्गा हो। जननी हो तुम जन्म की दाता। सब कुछ तुम ही हो माता। तुम से ही संसार बना है, दया, प्रेम, चाहत, स्नेह, करुणा और […]
सुना दे मन मीत एक कविता जिससे हो झंकार हृदय में, और बहे सुख सरिता। दूरी रख ले उलझन मुझसे, ऐसी कह दे कविता। भर दे थोड़ा सा आकर्षण, मुझे बना दे ललिता। बन जायें […]
सुबह सुबह में इतना चहचहाती हो, क्या बात करती हो बताओ ना, कहीं इंसान की बातों की कोई बात करती हो, या मिलने-बिछुड़ने का कोई जज्बात रखती हो। बताओ ना। भूख की प्यास की आवास […]
एक गुलाब एक सी पत्ती, काँटे, डंठल एक समान फिर कौन रंग भरता है इनमें, कहाँ है रंगों की खान। लाल-सफेद, पीले, गुलाबी कितने सारे हैं गुलाब, इतने सारे रंग व खुशबू मन विस्मित सा […]
नवजात बच्चे दूध पी रहे थे, भूख उसे भी लगी थी, दूध पिलाने में भूख भी बहुत लगती है दूध पिलाने में। उर जल रहा था आमाशय के तेजाब से, बच्चों को छोटी सी झाड़ीनुमा […]
सुबह सुबह सूरज की किरणें लगती हैं कितनी मनभावन, नई लालिमा युक्त चमक है, लगती हैं निखरी सी पावन। खुश होकर चिड़िया बोली है उठो सखी सुबह हो ली है, एक झाँकती है बाहर को […]
कुछ है बात निराली सी मेरे भारत की बात अद्भुत है। खूबसूरत है हिमालय पर्वत, जहाँ से मीठी हवा आती है, ऐसी लगती है जैसे हो शर्बत। गंगा जमुना व नर्मदा जैसी बह रही हैं […]
ममता किसने भर दी मन में गाय को बछड़े से ममता है माँ को बेटे से। ये ममता किसने भर दी मन में। ममता जिसने पैदा की वह ईश्वर सबसे ऊपर है, ममता का गुण […]
नाच रहा मन मोर क्यों, आज बिना बरसात, है यह आहट प्रेम की, या है कोई बात। या है कोई बात, उमड़ क्यों नेह रहा है, साजन पर है गीत तभी यह गेय रहा है। […]
मेरा भारत मेरा देश उन्नति को बढ़े, हर तरफ हरियाली और खुशहाली रहे। दूध की नदियां बहें खेत सोना उगल दें, मेघ जल वर्षा करें, वृद्धजन हर्षा करें, युवा मंजिल को पायें हर घड़ी मुस्कुराएं, […]
पवन मनोहर झौंका लाई साथ में उसके खुशबू आई, सद्कर्मों का अच्छा ही तो फल मिलता है मेरे भाई। अच्छी सोच रखो मन में तो अच्छा ही होने लगता है, बिना स्वार्थ के रब की […]
खो गए खेल आज बचपन के, रम गया बालपन मोबाइल में, आँख का सूख रहा पानी है टकटकी आज है मोबाइल में। वक्त है ही नहीं बचा जिससे संस्कारों को सीख लें बच्चे, कुछ रहा […]
ऐसी बातें क्यों करें, जो देती हों पीड़, सबसे अच्छा बोल दें, अपनों की हो भीड़। अपनों की हो भीड़, सभी अपने हो जायें, बेगानापन छोड़, सभी अपने हो जायें। कहे लेखनी छोड़, चलो सब […]
सब ओर खुशी छा जाये दुख की छाया पड़े न किसी में। मन मानव का होता है कोमल आशा होती है मन में, आशा टूटे कभी न किसी की, दिल टूटे न कभी भी, इच्छा […]
ओ नवोदित पीढ़ी मेरे भारत की, उठ जा तू धूम मचा दे हर क्षेत्र में हर विधा में भारत को मान दिला दे, तू है वह पौध जिसमें कल के फल लगने हैं, तूने ही […]
नफरत केवल खून सुखाता प्यार उजाला देता है। मेहनत का परिणाम अंततः हमें निवाला देता है। दूजे से ईर्ष्या रखने से नहीं किसी का भला हुआ, अपने ही संघर्ष से साथी सबका अपना भला हुआ। […]
चमक रही है नयी सुबह सूरज की किरणें फैली हैं, बन्द रात भर थी जो आंखें, उनमें नई उमंग खिली है। गमलों के पौधों में देखो, नई ताजगी निखर रही है, फूलों में कलियों में […]
*कोरोना को दूर भगा लो* ********************* मन का भय सब दूर करो वैक्सीन लगा लो आप सभी कोरोना को दूर भगा लो वैक्सीन लगा लो आप सभी। डरो नहीं कुछ दर्द नहीं है, नहीं कोई […]
स्टैंड पोस्ट का नल बेचारा खड़ा रहा बस खड़ा रहा, एक बूंद भी टपक न पाई, ऐसा सूखा पड़ा रहा। प्यासों के खाली बर्तन जब देखे उसने रोना चाहा, मगर कहाँ से आते आँसू, ऐसा […]
आँख का जल एक है, मानव की पहचान, अगर न हो संवेदना, फिर कैसा इंसान। फिर कैसा इंसान, जानवर भी रोते हैं, मानव में तो दया भाव के गुण होते हैं। कहे कलम विचरते, हैं […]
खो जाये सब कुछ मगर, मत खोना विश्वास, गया भरोसा बात का, होता है परिहास। होता है परिहास, सभी हल्का कहते हैं, बिना पूर्ण विश्वास सभी दूरी रखते हैं। कहे लेखनी बीज, भरोसे का तू […]
पानी बरसा ही नहीं, सूख चुके हैं मूल, अब कैसे जीवन चले, हिय में उठते शूल। हिय में उठते शूल, जंग पानी को लेकर, जनता में छिड़ रही, पड़े बर्तन को लेकर। कहे सतीश अब […]
दो पत्ती के रूप में, उगता है नन्हा बीज, धीरे-धीरे एक दिन, विशाल वृक्ष बनता है। जो सैकड़ों प्राणियों का बसेरा बनता है। छांव देता है, प्राणवायु देता है। फल देता है, फूल देता है, […]
हाथी की तरह दो दांत मत देना मुझे प्रभो कि बाहर अलग, भीतर अलग। दो रूप न दिख पाऊँ। दो राह न चल पाऊँ। जैसा भी दिखूँ एक दिखूँ, नेक रहूँ। न किसी से ठेस […]
चले चल मस्त राही मन नहीं काम है घबराना। जहाँ मिलती चुनौती हो उसी पथ में चले जाना। जहाँ हो प्रेम का डेरा वहाँ थोड़ा सा सुस्ताना जहाँ हरि भक्ति पाये तू जरा उस ओर […]
जितना खुद से हो सके सेवा करनी चाहिए, कष्ट झेलते मानव की सेवा करनी चाहिए। इसी बात के लिए हमें मानव बोला जाता है, मानव हैं, मानवता का परिचय देना चाहिए। स्याह पड़े असहाय की […]
स्नेह कोई दे अगर तो स्नेह बढ़कर दीजिये जंग को ललकार दे तो जंग पथ पर कूदिये। सीधा सरल रहना है तब तक जब तलक समझे कोई अन्यथा चालाकियों में मन कड़ा सा कीजिये। गर […]
कोरोना बढ़ने लगा, रह सचेत इंसान, मास्क लगाकर रखना है कहना मेरा मान। कहना मेरा मान, बचा खुद के जीवन को, जागरूकता से ही, रक्षित कर जीवन को। आज वक्त की यही जरूरत सजग रहो, […]
गुस्सा तो कमजोर का, गुण होता है मान, गुस्से से इंसान का, कम होता सम्मान। कम होता सम्मान, कभी गुस्सा मत करना, बढ़ते जाना और, स्वयं मन स्थिर रखना। कहे लेखनी कहा, बुजुर्गों ने यह […]
सबसे गहरी यह बात है मन तूने स्थिर रहना होगा, कभी कहीं, कभी कहीं, ऐसे न तुझे बहना होगा। एक लीक एक धारा, एक मार्ग हो साधन एक एक नजर रख मंजिल पर ऐसे तुझको […]
नख नुकीले काट लूँगा मैं प्रेम को बाँट लूँगा मैं दूर कर के बुराई सब भलाई छाँट लूँगा मैं। मगर जो सत्य पथ है वह जकड़ रखना पड़ेगा ना, हाथ में लठ साफ सा रखना […]
उठो जागो उठो जागो करो इस मुल्क को रोशन जगा लो देश का यौवन, लगा दो आज निज तन मन। सदा मस्तक रहे ऊंचा, नहीं हो देखना नीचा, हमारा देश यह भारत, रहे ऊंचा सदा […]
हमें तो रोशनी की बात ही उठानी है, जहाँ हो दर्द वहां पर दवा लगानी है। छोड़ भीतर की गुनगुनाहट को, बात अब जोश से सुनानी है। छोड़ मन की समस्त टूटन को आस नवरूप […]
भूखे तक अन्न पहुंचाना होगा गरीब, असहाय, अनाथों को खोज खोज कर अपनाना होगा, भेदभाव की बातों को दफनाना होगा, मनुष्य हैं हम मनुष्यता को अपनाना होगा। यदि अंधेरे का भीषण जंगल हो, न कोई […]
जुबान से मेरी किसी का दिल न दुखे न कभी लेखनी यह, ठेस के भाव लिखे। न निशाना हो मेरा कहीं पर व्यक्तिगत सा न कोई बात बोलूं दिखूँ जो व्यक्तिगत सा। चाह इतनी रखूं […]
विचार ही तो हैं जो व्यक्तित्व लिखते हैं मेरा, सदविचार उत्साहित कर बाग सींचते हैं मेरा। सकारात्मकता मुझे आशान्वित कर, चाह को मेरी पुष्पित कर पल्वित कर, एक लय देती है, प्रेममय करती है। मगर […]
गुनगुनाते गीत मेरे जीवन से जुड़े लफ़्ज़ों में बुजुर्गों की दुआओं में, प्रेम की निगाहों में । ममता के अश्कों में, उमड़ते भावों में भर रहे घावों में टूटती चाहों में दर्द में आहों में। […]
मगन हुआ मन आज है, उछल रहा उत्साह, जीवन जी लूँ खुश रहूँ, खुद पर रख विश्वास। खुद पर रख विश्वास, बढ़ूँ, प्रसन्न रहूँ मन, जो दे ईश उसी में हो संतोष मेरा धन। कहे […]
धन की बातों से बड़ी मन की बात होती है, तन की बातों से बड़ी मन की बात होती है। गरीब आंख में कुछ और बात हो या न हो उनकी आंखों में मगर ईश्वर […]
धन्य है किसान तू जो उगाता अन्न है, भाव है जो दान का उसमें तू ही सम्पन्न है। खोद कर माटी डाल कर के बीज उसमें तूने उगाया, खिलाया तू तो सचमुच धन्य है। रात […]
जी जला दूँ गीत गाकर फूंक डालूँ स्वर जलाकर भेदभावों को मिटा दूँ, प्रेम भावों को लुटा दूँ। आँसुओं को सब सुखा दूँ, सत्य पर नजरें झुका दूँ, भावनाओं में न बह कर, लेखनी अपनी […]
आओ चलो बिंदास बन निज राह को नवगीत दो, हो उलझनें जिस राह में उस राह को भी गीत दो। कर बांध मुट्ठी बांध लो यदि हो अमावस चाँद दो, रात कर दो दोपहर तुम […]
माफी तो मजबूत का, गुण होता है नेक, कमजोरों की मदद को, उठ तू जगा विवेक। उठ तू जगा विवेक, दिखा मत नाड़ी का बल, यह बल हो कमजोर, तुझे फिर रौंद न दे कल। […]
मनुष्य सोचता है मंजिल दिखे तो , तब मैं मेहनत करूँ। मंजिल सोचती है मेहनत करे तो उसे झलक दे सकूँ। ऐसे में जिसने कर्मपथ को अपना कदम है बढ़ाया, उसी ने हमेशा मंजिल को […]
बुरी आदत मेरी नजरअंदाज मत करना मुझे बता देना। सच में गर मित्र हो, सुधार करने को मुझे बता देना। गीत कोई तुम्हें लगें कर्कश मेरे, भाव मेरे कहीं पर दुखाएँ दिल तेरा गर, मुझे […]
दूर कर देना बुरी आदत मेरी मेरे मौला, किसी को दर्द न दूँ बल्कि उत्साह दूँ मेरे मौला। बह रहा हो हताशा की नदी में गर कोई, उसे उबार लूँ वो शक्ति दे मेरे मौला। […]
ऊपर वाला बिना वस्त्रों के भेजता है, जन्म के वक्त निःवस्त्र भेजता है। ताकि आप ढक सको नेकी के वस्त्रों से अपना तन, प्रेम से आच्छादित कर सको अपना मन। नेकी जरूरी है, नेकी से […]
कहना सरल होता है निभाना कठिन, अगर ठान लो तो नहीं कुछ कठिन। केवल कहो मत कर्म करते रहो रुको मत कहीं पर चलते रहो। किसी का बुरा मत सोचो कभी भी, इज्जत बराबर करो […]
गीत लिखते रहूँ मैं सुनाते रहूँ, सो गए को जगाते रहूँ। गर उठें भाव टूटन के मन में बन रबर मैं मिटाते रहूँ। निराशा हटाते रहूँ, आशा जगाते रहूँ, प्यार भावना को जगा मैं मुहब्बत […]
सुगंध के लिए इत्र पास रखिये कठिन समय के लिए मित्र पास रखिये। विपत्ति में हौसला रखिये, हँसी-मजाक का भी शौक सा रखिये। दुखों को आप हल्के में रखिये अन्यथा रोज सकते में रहिए। ईश […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.