बीती रात जब मैं यादों के आगोश में जाने लगी कल्पना के स्वर्ग में तुमको जरा पाने लगी तभी मेरा ह्रदय वेदना की आग में तपने लगा और यों कहने लगा ‘तुम भी क्या अनोखी […]
बीती रात जब मैं यादों के आगोश में जाने लगी कल्पना के स्वर्ग में तुमको जरा पाने लगी तभी मेरा ह्रदय वेदना की आग में तपने लगा और यों कहने लगा ‘तुम भी क्या अनोखी […]
पुस की रात जरा सा ठहर जा। तेरे तेज चलने से, मैं भूल जाता हूँ अपनो को, उनके दिये जख्मों को, उन पर छिड़के नमको को। पुस की रात जरा ……………. तेरी ठंड की कसक […]
फिर आई वो पूस की काली रात। मन है व्याकुल, उठा है झंझावात।। पत्तों से ओस की बूँदें टपकना याद है मुझे। आँखों से आँसूओं का बहना याद है मुझे। सन्नाटे को चीरती, तेज धड़कनों […]
ख्वाब मेरे बादल जैसे ख्वाहिशें मेरी अंबर सी लम्हा लम्हा यादें गरजे अखियां बही बारिश सी मुसलसल तेरी आस जगाए सावन का यह महीना तुम साथ नहीं हो क्यों मेरे मोहब्बत वही मेरी हवा सी।
आखिर क्या कहूँ इस पूस की रात को ? झकझोर रहा है मेरे दिल की जज़्बात को । आखिर क्या कहूँ इस पूस की रात को? घनघोर अंधेरा छाया है देख मेरा मन घबराया है […]
पूस की रात। थरथरा रहा बदन जमा हुआ लगे सदन, नींद भी उचट गयी रात बैठ कट गयी। ठंड का आघात पूस की रात। हवा भी सर्द है बही लगे कि बर्फ की मही, धुंध […]
पुराना साल जा रहा है और नया साल आ रहा है नए साल की तरह तुम भी आओगी ना जिस तरह मैंने तुम्हें चाहा तुम भी मुझे चाहोगी ना भूल जाऊंगा सारी शिकायते तुम्हारे आने […]
पूस की रात मे दुनिया देख रही थी सपने आलस फैला था चहु ओर रात भी लगी थी ऊँघने. मैंने छत्त से देखा बतखों के झुण्ड को तलाब मे तीर सी ठण्डी हवा चलने लगी […]
तेरी हँसी- वादियों का मारा हूँ मैं, तुझे जिस्मों-जान तक उतारा हूँ मैं। प्यार करके कहती हो, शादी-शुदा हूँ मैं। तो कान खोलकर सुन लो, दो बच्चों का बाप होते हुए, अभी तक कुँवारा हूँ […]
सूरज के उग्र रूप की तपिश में मैं जल गई नदी में उतरी तो भंवर में बह गई भवर ने फेंका रेत के ढेर में खड़े होकर देखा रेत ही रेत थी चारों ओर दिखाई […]
तालीम और इलाज, तिजारत बन गई है। कठपुतली अमीरों की, सियासत बन गई है। मज़हबी और तहज़ीबी था, कभी मुल्क मेरा, वह गुज़रा ज़माना, अब इबारत बन गई है। लोग इंसानियत की मिसाल हुआ करते […]
कभी तो मिल ही जाओगी ए मंजिल! यूं रोज तड़पाना अच्छी बात नहीं
बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव। पनघट पे हलचल पीपल की छाँव।। भोली -सी सूरत, मंदिर की मूरत, टनकती वो घंटियाँ निर्मल मुहूरत, खेतों में खरहा मुंडेरों पे कांव। बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।।
मुहब्बत जता के इनकार नहीं किया जाता। जमाने को बता के प्यार नहीं किया जाता।।
प्यार फूलों से कितना किये जा रहा, दूर रहके भी तेरा हुआ जा रहा। तुम अपने उपवन में हर दम महकते रहो, भौरा बनकर मैं तेरा हुआ जा रहा। प्यार के राग को तुम छुपाती […]
तेरी खुशी के लिए मंदीर-मस्जिद भटका हूँ। तेरी तन्हाई में पल-पल तड़पा हूँ। तु मिल तो सही एक बार इस पागल दिवाने से। तेरे एक मुलाकात को जन्मों-जन्मों का तरशा हूँ।
शायरों का हुआ गर्म हर लफ़्ज़ इस सर्द पूस की रात के महीने में दिल भी बहका बहका सा लागे इस सर्द पूस की रात के महीने में गुड़ सा मीठा अदरक सा तीखा पूस […]
फकीर बन तेरे दर पर आया हूं एक मुट्ठी इश्क बक्शीश में दे देना आशिक समझ दर से खाली ना भेजना अमीर हो तुम चंद सांसे उधार दे देना किस्मत की लकीरें हैं जुड़ी तुझ […]
कर गुज़रता कुछ तो, ज़िन्दगी रंगीन हो जाता। जो किया ही नहीं, वो भी ज़ुर्म संगीन हो जाता। मैं क्या हूँ, ये मैं जानता हूँ, मेरा ख़ुदा जानता है, आग पर चल जाता तो, क्या […]
कभी ना भूलेगी वो पूस की रात……. ठंडी सर्द हवाओं और बारिश की बूंदों के साथ…… मैं और मेरी तन्हाई बस दो ही थे। उस दिन वो बारिश की नर्मी और चादर की सिलवट वैसी […]
जीने को इशारा दे दो डूबते को सहारा दे दो अर्सा हुआ तुझे देखे हुए, इन नजरों को नजारा दे दो।
जीने को इशारा दे दो डूबते को सहारा दे दो अर्सा हुआ तुझे देखे हुए, इन नजरों को नजारा दे दो।
जी लो जीभर के ज़िन्दगी की आरज़ू है जो मिला है अच्छा है जो ना मिला उसकी जुफ्तज़ू है
जीने को इशारा दे दो डूबते को सहारा दे दो अर्सा हुआ तुझे देखे हुए, इन नजरों को नजारा दे दो।⚘⚘⚘⚘
🌹🌹कभी ना भूलेगी वो 🌹🌹 पूस की रात……. ठंडी सर्द हवाओं और बारिश की बूंदों के साथ…… ⚘⚘⚘ मैं और मेरी तन्हाई बस दो ही थे। ⚘⚘⚘ उस दिन वो बारिश की नर्मी और चादर […]
ये रास्तें है कैसे हमसफ़र नही मिलते, छूट गए जो पीछे उम्र भर नही मिलते! सूख चूके है उनके दीदार के इंतजार में, हरे-भरे अब ऐसे शजर नही मिलते! तार-तार होते रिश्तों पर खड़ी दीवार […]
कहीं खामोश लम्हा है,कहीं ये शोर कैसा है, कहीं पर शाम मातम की,ये सुख का भोर कैसा है! कहीं मासूम जलते है ,पिघलते मोम के जैसे, सियासत का कहीं झगड़ा,बढ़ा हर ओर कैसा है! कहीं […]
ममता का आँचल सर पर हरदम रख लेती है! मुझको ज्यादा देकर वो खुद कम रख लेती है! माँ से बढ़कर कोई नई है इस दुनियां में दूजा- सारी खुशियाँ देकर वो खुद गम रख […]
फिर वो याद आई हैं फिर वो याद…….. जिसके रेश्मदार बाल जिसकी हिरणी जैसी चाल, यौवन है कमाल, पग-पग में वेवफाई हैं। फिर वो याद आई हैं फिर वो ………. जिसके कजरारे नयन, रुप है […]
तेरी अदाएँ, तेरी नज़ाकत मार गई मुझे। तेरी शोख़ियाँ, तेरी शरारत मार गई मुझे। बेशक मोहब्बत है, पर डरता हूँ इज़हार से, मेरी खामोशी, मेरी शराफ़त मार गई मुझे। मैं करना चाहता था, अकेले दिल […]
तोड़ कर हद , ज़माने की , हम कहीं दूर , सितारों में मिलें , बहा लाए , वहीं , वक़्त फिर से , बिछड़ी कश्ती से हम, किनारों पे मिलें , हों , रस्म-ए-दुनिया […]
🧕 मेरी बिटिया🧕 By Naveen Dwivedi दिल रो रहा है टूट कर, कैसी होगी मेरी बेटी ? इस पातक भरे समाज मे, खा जाते हैं बोटी-बोटी। कैसी होगी मेरी बेटी ? जब छोटी-सी थी वो, […]
अंधेरों में इतना कहाँ जोर है । आ रहा है सूरज हुआ भोर है।।
जब तक वो जिदा थी खाने की लाचारी थी। मरते ही श्राद्ध की भोज बहुत भाड़ी थी। जीवन में रूखी-सुखी भी नसीब न थी श्राद्ध में लाव-लस्कर की तकलीफ न थी। उसे जो एक ग्लास […]
है लाख सितम ढाहे, ऐ जिंदगी, शिकवा करूं मैं किससे किससे, मिलता नहीं सभी को जन्नत, सुख दुख दो पहलू हैं जिंदगी के, है आरजू पाने की जन्नत तो पार कर लेते हैं आग का […]
कभी तो इन गलियों में आकर तो देखो, माना बहुत अन्धेरा है । शायद तुम्हारे आने से मेरा जहान रौशन हो जाये।
मिल जाती परछाई भी अगर तुम पीछे मुड़ कर देख लेते। दूर हो जाती गलतफहमी की ठंडक । अगर तुम यादों की धूप में दो पल खुद को सेंक लेते।
“एक मालिक सभी का “कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले ।। राम को पूजा कृष्ण को पूजा। अल्ला ईसा देव नहीं दूजा।। एक मस्जिद को द्वारका कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले।। पानी […]
मुद्दतें गुज़र जाती है, ज़िन्दगी के फ़लसफ़े समझते। जब जिंदगी समझ आती, हाथ वक्त ही नहीं बचते। खेल-कूद में बचपन बीता, जवानी मौज़-मस्ती में, फिर सारी उम्र वो, दूसरों के टुकड़ों पर ही पलते। बड़े-बुजुर्गों […]
ढ़लते दिसंबर के साथ इश्क़ भी तेरा ढ़ल गया। तू तो कहता था कि बिना मेरे तेरा मन कही नही लगता…. अब तू बता कि वो तेरा प्यार कहाँ गया?
है इस जगत की सारी खुसिया, मातृभूमि के चरणो में। माँ ही है इस जग की जननी , है सारा ही जा उससे। उसकी एक प्यारी लोरी में ,सातों स्वर मुझको मिलते है। उसके मीठे […]
तु दिखी मुझे हीरा की तरह, हुआ प्यार मीरा की तरह, मिले हम सरफिरा की तरह, बाप तेरा खा गया खीरा की तरह, मैं पेट में बना पीड़ा की तरह, उसने निकाल दिया जलजीरा की […]
मैंने भी एहसास किया ,मैं देख दृश्य वो रोया हूँ। तम्बू में रहते परिवारों के बच्चों में कितना खोया हूँ।। वो नन्हे मासूम से चेहरे जो कितने भोले भाले है, बचपन में सर ले लिया […]
देख कर आज मौसम की ये मस्तिया, दिल में हलचल सी कुछ अब होने लगी। देख कर नूर सा तेरा मुखडा प्रिये, मन में बेताबिया सी है उठने लगी। इस पवन ने शरारत कुछ ऐसी […]
गर्मी की छोटी बहन सर्दी आई है लगता हैं इस बदलते मौसम ने मनुष्य को फटकार लगाई है तभी तो सारे चुप है और हाथ मे मोबाइल है ।।1।। सर्दी आई है और अपने साथ […]
ज़िन्दगी से आज मेरी, हो गई कुछ अनबन। हमेशा अपनी कहती, कभी मेरी भी तो सून। ना ही दौलत मांगा, ना ही चाही शोहरत कभी, क्या मांगा तुझसे, बस पल दो पल का सुकून। कर […]
तुम मेरे पास रहो या रहो मुझसे दूर। मेरा प्यार कम न होगा करुँगा भरपूर।।
तुम्हारी चादर में लिपटे कुछ शक के दाग थे। तुम मेरी मंज़िल और तुम्ही हमराज थे। क्या थे दिन और क्या लम्हात थे। कुछ अंजाम और कुछ आगाज़ थे। इल्जाम लगा किस्मत और हालात पर […]
गम है तोह ज़िन्दा है हम उम्मीदें कम है तोह किसी तरह खुश है हम कोई बरी खुशी नहीं चाहिए भगवान अब तोह इस की आदत सी हो गई लोग कहते है की वक़्त बदलता […]
ऐ बेदर्द सर्दी ! तुम्हारा भी कोई हिसाब नहीं। कहीं मंद शीतल हवाएँ । कहीं शबनम की ऱवाएँ ।। दिन को रात किया कोहरे का कोई जवाब नहीं। ऐ बेदर्द सर्दी ! तुम्हारा भी कोई […]
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