बहुत परेशान करती है तन्हा रातें हमकों। मुसल्सल याद आती है मुलाकातें हमको।। , ऐसे क्यूँ ख़फ़ा हो गए बिना सबब के तुम। क़ोई वजह थी जहन में तो बताते हमकों।। , ख़ुद मुज़रिम होके […]
बहुत परेशान करती है तन्हा रातें हमकों। मुसल्सल याद आती है मुलाकातें हमको।। , ऐसे क्यूँ ख़फ़ा हो गए बिना सबब के तुम। क़ोई वजह थी जहन में तो बताते हमकों।। , ख़ुद मुज़रिम होके […]
उठती नजर में तेरा चेहरा नजर आता है! मुझपर तेरे प्यार का पहरा नजर आता है! ख्वाबों के दायरे में ठहर जाती है जिन्दगी, ख्वाहिशों का हर आलम गहरा नजर आता है! मुक्तककार- #महादेव’
Main rasta hun, Falsafa nahin, Main chitij hun, Tera asman nahin Dhund le apna basera, Main tera ghar nahin, Apna gharaunda chod, Udh ja us doh, Jaha tera piya basey re, Yeh tapan jaruri tha, […]
Main rasta hun, Falsafa nahin, Main chitij hun, Tera asman nahin
देखकर जिसको जुड़ जाते हैं हाँथ अक्सर, आज वही फैला कर दोनों हाँथ बैठी है, झुकाकर निकलते हैं हम जिसके आगे सर अपना, आज वही सरेबाजार सर झुकाकर बैठी है, टूटने नहीं देती है जो […]
कैसे कहूँ कि तेरा दीवाना नहीं हूँ मैं! कैसे कहूँ कि तेरा परवाना नहीं हूँ मैं! जब छलक रही है मदहोशी तेरे हुस्न से, कैसे कहूँ कि आशिके-पैमाना नहीं हूँ मैं! मुक्तककार- #महादेव’
सपने देखा करो ओह यारों सपने साकार भी होते हैं। आज हम जिस मंजिल पर हैं कईओ के ख़्वाब ही होते हैं। बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं। उनके […]
वक़्ता भी क्या बोले जब कोई उसे ध्यान से सुनने को तैयार नहीं। लेखक भी क्यों लिखे जब कोई कुछ दिल से पढ़ने को तैयार नहीं। गायक भी कैसे गाए जब कोई सुरों […]
जो करता रहा इंतज़ार पल पल, आज हर पल का वो हिसाब माँगता है, दिल के रिश्तों की कीमत और प्यार का खिताब माँगता हैं, कितना बदल गया है वो, हर बात पर अब ईनाम […]
अभी अभी वो वर्तमान थे , अभी अभी वो अतीत हो गए . वो कौन थे ? किसके थे वो ? प्रश्न सब बेमानी बेकार हो गए . ना वो थे किसी के, ना बाकि […]
Hy wt u think u lazy M i look like u crazy? Don’t u feel for me bad When i used to be sad. Hy look i could tell your dad, That u hv gone […]
क्या हुआ अगर मैं खामोश हो गया हूँ! जाम के नशे में मदहोश हो गया हूँ! भटके हुए पलों में खोया हूँ इसतरह, महफिलों में खानाबदोश हो गया हूँ! मुक्तककार- #महादेव'(22)
आतंक फैला है इस दुनिया में जैसे लगा आतंक का मेला। झूठ इतना फैल गया, जिससे सच खड़ा है, बेचारा अकेला। लोग कहते है कि, आंतक हमे हटाना है और अपने देश को, आतंक से […]
जाने कब से हैं मेरी आँखों में, ये ख्वाब किसके हैं मेरी आँखों में। मैं तो सूखा हुआ सा दरिया था, ये मौज किसकी है मेरी बाहों में।। मैं तो सोया था तन्हा रातों में, […]
इन हसरतों के बाजार में खून के रिश्ते भी टूट जाते हैं, सियासत की तंग गलियों में कुछ अपने भी छूट जाते हैं। अहंकार पाले बैठें हैं जो उनको कोई समझाये भी कैसे, जो जरा […]
बंद हैं आँखें मगर कुछ बोलती रहती हैं! राह तमन्नाओं की कुछ खोलती रहती हैं! जिन्दा है तेरी आरजू मेरे जेहन में, दर्द की लहरें जिगर में डोलती रहती हैं! मुक्तककार- #महादेव'(25)
न जाने क्या–क्या चीजें लिखता रहता हूँ मैं वक़्त की इस महँगाई में खुद के ही हाथों खुद को बिकता रहता हूँ मैं सब से दूर होकर पता नहीं किसके करीब खुद को खींचता रहता […]
अधूरापन ये मेरा क्या पता मेरे भीतर कोई आग जला दे और फिर कभी मेरे भीतर कोई कामयाब सूरज़ उगा दे। –कुमार बन्टी
जिंदगी भर ये क्या इन्तेज़ाम किया हमनें। इक उम्र तो बस यूँ ही तमाम किया हमनें।। , पता नहीं किस ख़्वाहिश में दर ब दर हुए। न सुकून ही मिला न आराम किया हमनें।। , […]
बहुत ही बखूबी से तुमने मुझे नज़रन्दाज़ किया, जानते हुए भी मुझको क्यूँ अनजान किया, जब खामोश मोहब्बत ही हमारी जुबान थी, तो क्यों रिश्तों को अपने यूँ अज़ान किया॥ To be cont.. राही (अंजाना)
ममता के आइने मे प्यारी सी सूरत है माँ, सूरज की धूप मे छाया का आँचल है माँ, दुखों के समन्दर में सुख का किनारा है माँ, दुनियॉ की भीड़ में सकून का ठिकना है […]
कुछ शब्द कहे थे हमने तो, वो शब्द जाने कब – लोगो कि जुबान पर चढ़ गए और किस्से हो गए . हम तो सभी के थे , जाने कब हम – बट गए उनके […]
जब जिन्दगी में आलम वीरान मिल जाते हैं! भटकी हुई तमन्ना के निशान मिल जाते हैं! भीगी हुई सी तन्हाई में चलते हैं कदम, बिखरे हुए इरादों के तूफान मिल जाते हैं! मुक्तककार- #महादेव'(26)
तेरी आँखों के बिस्तर पर अपने प्यार की चादर बिछा दूँ क्या? तेरे ख़्वाबों के तकिये के सिरहाने मैं सर टिका लूँ क्या? कर दूँ मैं मेरे दिल के जज़्बात तेरे नाम सारे, दे इजाज़त […]
कौन जानता है कि कौन मिलेगा कहां देखौं न मैं तो हूँ यहां और तुम हो न जाने कहां लेकिन तुम मिल रहे हो मुझसे पढ़कर मेरी लिखी जुबां। – कुमार बन्टी
बातें दिल की बयां करना आसां नहीं इतना लेकिन अपनी सदा को इतना काबिल तो जरूरी है बनाना कि डर से भी कभी न पड़े डरना। सदा= आवाज़ – कुमार बन्टी
खुद पे कुछ इस तरह से वार किया मैंने। तेरा न आना तय था इंतज़ार किया मैंने।। , जब थी फूलों सी फ़ितरत तो तोड़ा सबने। अब तोहमतें है खुद को ख़ार किया मैंने।। , […]
https://ritusoni70ritusoni70.wordpress.com/2017/04/06 कभी यूँ हीं हँस लिया करो, उदासी का दामन छोड़, खुशियों से मिल भी लिया करो, बहुत छोटी है जिन्दगी, जीने की तमन्ना बुन भी लिया करो। कभी यूँ हीं हँस लिया करो, गुम-सुम […]
किस किस को मैं अपनी नादानी को कहूँ? किस किस को मैं दर्द की रवानी को कहूँ? जले हुए से ख्वाब हैं अश्कों में तैरते, किस किस को मैं प्यार की कहानी को कहूँ? मुक्तककार- […]
किस किस को मैं अपनी नादानी को कहूँ? किस किस को मैं दर्द की रवानी को कहूँ? जले हुए से ख्वाब हैं अश्कों में तैरते, किस किस को मैं प्यार की कहानी को कहूँ? मुक्तककार- […]
जो लिखा ही नहीं वो ख़्यालो में है। जिंदगी का मज़ा अब सवालों में है।। , जो जाता है उसको चले जानें दो। देख लेंगे हम ग़म के जो प्यालों में है।। , तस्वीरों को […]
अकेली नही हूँ,पर तन्हा तो हूँ, यहाँ हूँ तो सही,पर पता नही कहाँ हूँ। कैसे कहु और किससे कहु , मेरे मन की व्यथा ये। सब कुछ होते हुए भी, क्यों तन्हा हूँ मैं। भीड़ […]
तेरी सूरत का मैं दीवाना हूँ कबसे! तेरी बेताबी का परवाना हूँ कबसे! अंजामे-बेरूखी से बिखरी है जिन्दगी, जख्मे-तन्हाई का अफसाना हूँ कबसे! मुक्तककार- #महादेव'(24)
ख़्वाब है जिंदगी,जिंदगी ख्वाब है। चेहरे देखा है उसका अलग आब है।। , जिसको कहतें रहे उम्र भर हम दवा। उसको सारा जहाँ कहता शराब है।। , खुद ही बदलें नहीं बस ये कहतें रहें। […]
टूटता जा रहा हूँ मै . छूटती हुई राहें-बढ़ता हुआ अँधेरा, भटकता जा रहा हूँ मै . टूटता हुआ किनारा-उमड़ता हुआ सागर , डूबता जा रहा हूँ मै . समाज का बंद कमरा-कमरे में मै […]
मेरी बेखुदी को कोई नाम न देना! मेरी तमन्नाओं को इल्जाम न देना! बहके हुए इरादों को तड़पाना न कभी, सुलगी हुई तन्हाई की शाम न देना! मुक्तककार- #महादेव'(23)
याद आती है वो जग़ह, जब कभी पक्की सड़कों पे चलते चलते, थक जाता हूँ मैं और मन होता है, की इस शोर से दूर जाकर किसी पेड़, की छाह में बैठ जाऊँ और मिलूँ […]
दिन भर अखबार लिए फिरता है इक बच्चा उसकी सुबह कब होती होगी, उसकी शाम कब होती होगी, शायद उसके लिए दोपहर न होती होगी, क्योंकि एक अजब सी चमक थी, उसकी आँखों में इतनी […]
इक तारा आज फिर से टूटा बिखर गया। आसमान ने ये देखा वो फिर सिहर गया।। , किसकी है ये खता की वो छोड़ आया घर। या खुद की ही वजह से वो यूँ बिखर […]
कबसे तड़प रहा हूँ तुमको याद करते करते! कबसे तड़प रहा हूँ मैं फरियाद करते करते! बैठा हुआ हूँ मुद्दत से तेरे इंतजार में, कबसे जिन्द़गी को मैं बरबाद करते करते! मुक्तककार- #महादेव'(27)
कभी रुलाया है, तो कभी हंसाया भी है, जिन्दगी तुझसे कोई शिकवा नहीं है, कभी खोया है, तो कभी पाया भी है
तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है, और तू मेरे गांव को गँवार कहता है। ऐ शहर मुझे तेरी औक़ात पता है, तू बच्ची को भी हुस्न ए बहार कहता है। थक गया […]
साहिल पे मैं आता हूँ अक़्सर, पता नहीं किस चाहत में , किसकी जुस्तजू में, बस सुकून मिलता है। , समंदर की लहरें कभी शांत रहती है, कभी कभी कुछ सवाल करती है, जैसे मेरे […]
इस क़ैद ए तन्हाई से कब रिहा होंगें हम। सोचा तो था की मुकम्मल जहां होंगे हम।। , रोज़ आते है ख़्याल हमकों परेशान करने। अब जितना कहेंगे उतने ही रवां होंगे हम।। , तुम […]
नहीं हारनी है हिम्मत जब तक ये साँस हैं क्योंकि मुझे उम्मीद की चाह से ज्यादा कोशिश की राह पे विश्वाश है। – कुमार बन्टी
कभी तो तेरे लब पर मेरा नाम आएगा! कभी तो मेरी चाहत का पैगाम आएगा! खींच लेगी तुमको कभी यादों की खूशबू, कभी तो तेरी नजरों का सलाम आएगा! मुक्तककार- #महादेव’
अमीर लोगों की अमीरी से बड़े लोगों की बड़लोकी से मुझे नफरत नहीं मुझे नफ़रत है उनके नखरों से और मुझे ये भी मालूम है कि जिन लोगों में है ये नखरे उन्हें ही नफ़रत […]
वर और वधू के लिए जितनी दौड़ दिख रही है उससे ज्यादा तो लड़कों में गर्लफ्रेंड और लड़कियों में बॉयफ्रेंड के लिए आजकल एक दौड़ सी लगी है। माँ–बाप से ज्यादा भाई तो है […]
मिल जायेगी ताबीर मेरे ख्वाबों की एक दिन, या ख्वाब बिखर जायें कुछ कह नहीं सकता। बह जाउं समंदर में तिनके की तरहं या फ़िर, मिल जाये मुझे साहिल कुछ कह नहीं सकता। इस पार […]
ऐ फ़लक ऐ हवा वो नजारा क्या हुआ। हर शाम जो दिखा था वो सितारा क्या हुआ।। , हमसें निभाया न गया क़िरदार जिंदगी का। जब छोड़ दी है दुनिया फिर तमाशा क्या हुआ।। , […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.