इन बूढ़ी-सी झुर्रियों में जाने कितने राज़ हैं नजरों को है इंतजार और जाने कितने ख्वाब है उम्र की दहलीज पर बैठा तन का मेमना बूंद आंखों में छुपी है ह्रदय में जाने कितनी बरसात […]

कुछ राहतों की बात हो कुछ चाहतों की बात हो आओ सपनों में रंग भरे कुछ रंगतों की बात हो आभार करें ईश्वर का हम कुछ मन्नतों की बात हो आज भूल जायें हम सारा […]

चल देते हैं दिल को राहतें करते हैं कुछ मनमर्जियां सपनों को लगा दे पंख जी ले अपनी जिंदगी ना करें दुनिया की फिक्र हो जाए थोड़ा बेशर्म जो भी सवारे सपनों को दे दें […]

जो चेहरे से नहीं होती मोहब्बत किससे होती है ? जो आंखों से नहीं होती मोहब्बत किससे होती है ? दिल तो आजकल बिकते हैं सरेआम बाजारों में, अगर दिल से नहीं होती मोहब्बत किससे […]

अपनी की गई गलतियों से सबक लेके, खुद की कमियों को चिन्हित करना मैंने सीख लिया । हासिल करने के लिए ख्वाबों का होना जीने के लिए एक मक़सद होना अपनी दुआओं में सबों को […]

रात किसकी मोहब्बत में भला सारी रात जगती है उसे किससे मोहब्बत जो ना पलकों को झपकती चांद को बंद करके मुट्ठी में पूँछ लूंगी आसमान से रात क्या दिन से मिलने खातिर ही सारी […]

आपकी यादों में अक्सर सुबह से शाम होती है ना अब दिन ही गुजरते हैं ना अब तो रात होती है खुदा भी सामने मुझसे कभी मिलने को आ जाए बता देंगे उसे भी हम […]

मेरी मुस्कान में कुछ राज हैं जो राज रहते हैं वो मेरे हैं आजकल ये भरे बाजार में कहते हैं मेरे महबूब में दिखते हैं मुझको देवता सारे मुझको दोस्त मेरे आजकल बीमार कहते हैं।।

ये हमदर्दी की बातें बस किताबों में ही दिखती हैं मोहब्बत तो आजकल यार बाजारों में बिकती है भरोसा किस पर करें और प्यार भी किससे करें आखिर आजकल तो दिल की दुनिया महज अपनों […]

मैं तेरा ख्वाब हूं तू मेरा ख्वाब है मैं तेरा जुनून हूं तू मेरा रूआब है तेरी साँसों की खुशबू से तुझे पहचान लेती हूँ मैं तेरी गज़ल हूँ तू मेरे दिल का साज है।।

जुनून है तेरे दिल में हम तो अपना घर बनाएंगे तुझ में डूब जाएंगे तुझी में खो जाएंगे करे कोशिश अगर जुदा करने की हमें कोई तुझसे बिछड़ के हम तो तय है मर ही […]

अभिमन्यु नहीं है मगर चक्रव्यूह वैसा है कहते नहीं बनता जीवन ये कैसा है खड़े हैं कुरुक्षेत्र में लड़ने के लिए कमाना और बचाना चाहते पैसा है

कलयुग आधार है मिलता सदा प्यार है गाओ अधिकार है मुश्किल मे संसार हैं आत्मा का उद्धार है जीवन का सार है तुलसी का उपकार है मतलब के यार है एक ही प्रकार है करना […]

बिन मतलब कोई नहीं, करता देखो बात अहंकार का संग है, बड़ी भयानक रात 2 बूढो से कोई नहीं, करता देखो बात बात बात में हो रहे, कैसे कैसे घात 3 दुख सुख अब बांटे […]

(१) कारज ऐसे कीजिए,सबके मन को भाए। संतुष्टि मन को मिले,जन्म सफल हो जाए।। ‌ (२) कार्य सफल हो जाएगा, रट ले हरि का नाम। हरि की कृपा जो मिल जाए, बन जाए सब काम।। […]

धरती में अपशिष्ट का, मिलना घातक जान कूड़ा कचड़ा प्लास्टिक, फेको कूड़ा दान 2 मिट्टी प्रदूषण से सुनो, बीमारी कई होय जैविक खेती से करे रक्षा अब सब कोय

वायु प्रदूषण बढ रहा, सुरसा मुख विकराल हम नहिं है हनुमान सा, दुख ज्यूँ मुख हो व्याल 2 वायु देव को भी किया, मानव ने बीमार हॉस्पिटल में ले रहे, ऑक्सिजन लगातार

कविता- साया तेरा ———————– माँ क्यों रो रहीं हो अब तक क्यों जाग रही हो, कसम तेरी माँ मुझे भूख नही उठो क्यों छुप छुप के रो रही हो, मेरे कपड़े की, क्यों चिंता करती […]

सुंदर सपना की तरह, देखा है संसार आँख खुली कुछ भी नहीं, लीला अपरम्पार 2 दुख आकर कहते रहे, ईश्वर है सरकार मत बनना तुम नास्तिक, लेते हैं अवतार

ना रस है ना छंद है, अलंकार से हीन देखो कविता हो गयी, अब की कितना दीन 2 पाठक श्रोता दूर हैं, कवियों की भरमार हिंदी कविता दुर्दशा, जैसे हो बीमार 3 तुलसी सूर कबीर, […]

वर्षा जल अनमोल है, सब अब करे प्रयास नदी कूप है मांगते, सावन भादौ मास 2 बनाए घर घर सोक्पीट, जल संरक्षण होय नैतिक जिम्मेदारियां, लेना है सब कोय 3 बिन पानी सब सून है, […]

थक जाते है ये‌ मानव‌ तन थके हारे है सबके मन सुलाती गोद में सबको रात तू सोती क्यों नहीं ? सितारे गगन में टिमटिमाते करता तो तुझसे चांद भी बातें रात तू रहती मुस्कुरा […]

दिन रात शराब पी कर तंग आ गया हूँ मैं। बेवफा की नशा उतरता ही नहीं क्या हो गया हूँ मैं।। कभी इश्क़ से कोसो दूर रहा करता था मैं।आज इश्क़ के गुलाम बन कर […]

बुद्धू जिन्हें कहती थी दुनियां आश्चर्य है बाद में उन्हें पूजते हैं दुनियां को छोड़ भागे जंगलों में ऐसे भगोड़ों को सुनते ही नहीं अनगिनत ही लोग पूजते हैं बुद्ध जयंती हर वर्ष मनाते हैं […]

है पता मुझे अब उनकी चाहतों का अहसान की सूची में इक नाम बढ़ गया है पता चला है मुझको देर से सही लेकिन अपनी नज़र में मेरी भरोसा बढ़ गया है प्यार हुआ शादी […]

ये भी कैसा चाहत का मादक नशा जिसमें सब ही लोग उलझे पड़े हैं। अनुभवी सीढ़ियां इतनी पास खड़ी पर कतराते उससे कितनी दूर पड़े हैं आराम मनोरंजन के गुलाम बने हैं घर गोदाम के […]

पूछी सास नयी नवेली दुल्हन से। बोल बहू क्या मांगी है भगवान से बहू शरमाती हुई सास से कही बेटा मांगी हूँ भगवान से सास मुंह चमकाती हुई कही क्यों नहीं मांगी बेटा भगवान से […]

सदियों पुरानी मर्यादा तोड़ दिया अच्छा किया कानून को मानना छोड़ दिया अच्छा किया असहायों की बस्ती में बंब फोड़ दिया अच्छा किया अमीरों के सामने गरीब ने दम तोड़ दिया अच्छा किया शराब पीकर […]

अवध में बाजे चहुँ ओर बधइया। राजा दशरथ के भवन में जन्म लियो चारों भैया ब्रह्मा, विष्णु, शंकर नाचत धन्य कौशल्या मैया अवध में बाजे चहुँ ओर बधइया। भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न राम के छोटे-छोटे […]

अंतरनाद हो रहा देखो प्रकृति में चहुं ओर नित नवीन गुंजन उठे बादल उठे घनघोर ढोल मृदंग बज रहे सब अप्सराएं भी गुणगान करें राम ने अवध में जन्म लिया हर्षित है पूरा लोक।