एक दिन मधुसूदन ने,पार्थ को था विचलित देखा, मन बड़ा व्याकुल और व्यथित देखा, पूछते मधुसूदन,पार्थ!कहो क्या है बात , बोले पार्थ, हे मधुसूदन,ऐसा बतला दो कोई राज, यदि बड़ा प्रसन्न मन हो जाए, करो […]
एक दिन मधुसूदन ने,पार्थ को था विचलित देखा, मन बड़ा व्याकुल और व्यथित देखा, पूछते मधुसूदन,पार्थ!कहो क्या है बात , बोले पार्थ, हे मधुसूदन,ऐसा बतला दो कोई राज, यदि बड़ा प्रसन्न मन हो जाए, करो […]
सांप ने कहा अपने साथियों से मैं देख आया हूँ शहर की जमीन वहां चूहों के अनगिनत बिल है आज ही पलायन करो शहर की ओर चूहे भी खाएंगे और बना बनाया घर पाएंगे वहां […]
होड़ा होड़ी आज सड़क पर , कुत्तों को दूध पिलाने की। कचड़े खाती गाय बेचारी हाय, कैसी सोच जमाने की ।। राहु केतू के चक्कर में क्यों लक्ष्मी को ठुकराते हो । दूध दही घी […]
बेटी के बाप के घर में दहेज का दानव आया है छीन कर खुशियाँ उसकी अपना घर बसाया है इक्कीसवीं सदी में भी जारी है ये अभिशाप बेटी के दोनों पक्षों को जिसने नर्क बनाया […]
हमें तो करोना ने लुटा, तक़दीर तो बहुत बलवान था। एक दीप गलती से जली वहाँ, जहाँ आंधी तूफान था।।
बदलते रिश्ते में हमने अपनो से नफरत देखी है। खुदा की कसम ए दोस्त बहुत ही नाइंसाफ़ी है।।
मैं मजदूरी करता हूँ समझो पेट के ख़ातिर। पर खून पसीने का मेरे मोल कहाँ सेठ के खातिर।।
1 दिन मधुसूदन ने पाक को था विचलित देखा
आय न सके बढ़ाय पर, मंहगाई की मार जीवन जीना कठिन है सुन लीजै सरकार सुन लीजै सरकार, कैसे परिवार चलाए गर्दन कटे गरीब, नहीं तलवार चलाए कह पाठक कविराय, बढ़ेगी यूँ महगाई पिछड़ जाएंगे […]
खाने सोने में रहे, जीवन लोग गंवाय उन्नति देखी और की, सिर धुन धुन पछिताय सिर धुन धुन पछिताय, काम कुछ करिए ऎसा जगत करे सम्मान और पाए भी पैसा कह पाठक कविराय, कर्म बिन […]
देश एकता अखंडता, जोड़े सूत्र समाज जो तोडे़गा वह नहीं, हो सकता युवराज हो सकता युवराज , पांच वर्षों तक छाए लेना है मतदान, देश दंगा करवाए कहते हैं कविराय, चलेगा अब ना ऎसा जोड़े […]
मैंने नहीं देखा सुना है कि कल अज्ञात गरीब की बेटी का बलात्कार हो गया मैंने नहीं देखा सुना है कि कल पड़ोसी के घर में चोरी हुई मैंने नहीं देखा सुना है कि दबंगों […]
भोजपुरी लोक गीत – मती जा तू नोकरिया | नायिका – लगइबा ना मसकिया ये सइया जी | भुलईहा ना पिरितीया ये सइया जी | सगरो कोरोनवा फइलल हो | पिया मती जा तू नोकरीया […]
01 मई को मजदूर दिवस की हार्दिक बधाई | कविता- मजदूर बिन विकाश नहीं | मजदूर बिन विकाश नहीं दिया बिन प्रकाश नहीं | खेलकर जान भविष्य राष्ट्र गढ़ते पर अवकाश नहीं | रहते है […]
घर मे रद्दी सामान जब इकट्ठा हो जाता है तब कबाड़ वाला आता है रद्दी सामान ले जाता है कबाड़ वाले सुनो, सुनो अनचाहे हमारे मन मस्तिष्क में भी रद्दी सामान इक्कठा हो गया है […]
लो सीख असफलताओं से,अपने अगले प्रयत्न में तुम जीवन में सफल हो जाओगे। तुम जग में नाम कमाओगे।। जो हंसते थे अब तक तुम पर, वह नाज करेंगे फिर तुम पर, मन में ठानों करो […]
मत हो निराश, करो निरंतर प्रयास, जीवन में सफल हो जाओगे, तुम जग में नाम कमाओगे।। आलोचकों को समझो शत्रु नहीं, यह नई दिशाएं देते हैं, अपने व्यंग्य बाणों से, नया मार्ग प्रशस्त कर जाते […]
भेड़िए से सब तरफ फैले हुए हैं आज भी हैं लगाये टकटकी इज्जत मिटाने दूसरे की। वासना अपनी जहर सी वे उगलते हैं, राह चलती जिन्दगी को वे निगलते हैं। पापियों के पाप पर अब […]
बापू की नहीं सुनते आजाद की सुन ले तू है गुलाब तो काँटे सभी चुन ले नरम गरम दल में अब एकता हुई अब नाश हो आतंक का चलना है ये धुन ले )(2) एककीस्वी […]
सफाई कर्मी को देश की सफाई का निर्देश मिला पहले तो वह सकुचाया फिर हँसा खिलखिला सफाई करने से पहले वह देश के दलालों से मिला झटपट झाडू उठाया और शुरु हुआ सफाई का सिलसिला […]
कोरोना महामारी के हाथों भारत में अनगिनत मौतें हो रही हैं। सत्ता पक्ष कौए की तरह और अधिक सत्ता पाने के लालच में इन भयंकर परिस्थितियों में भी चुनाव पे चुनाव कराती जा रही है तो […]
घर से लेकर देश तक महाभारत के पात्र नजर आते हैं बहुत कम है लोग जो कृष्ण और अर्जुन की भूमिका निभाते हैं करवाते हैं लोग गीता रामायण के पाठ शुभारंभ में बैठा है हृदय […]
हम क्यूं नहीं समझ पाते हैं मजदूरों की लाचारी को, उधारी का ठप्पा लगाकर ना देते पैसे मजदूरों की दिहाड़ी को, मजदूर दिवस मनाने को तो कर दी शुरुआत, ना मजदूरों की मजबूरी को ना […]
जब परमपिता परमेश्वर ने हम सबको है सामान बनाया, ना जाने कितने समाज में ऊंच-नीच ,भेदभाव का नियम बनाया, मजदूरों की मेहनत पर, हम सारे सुखों को भोगते हैं, जिस अन्न को खाते,और जिस घर […]
ईमानदारी से करते हैं श्रम ये है श्रमिक जितनी प्रशंसा करे उतना है कम ऊँची ऊँची इमारतें बनाते हैं सड़क पुल बनाते हैं सुधारते हैं करते हैं खून पसीना एक अपने परिश्रम से दो वक्त […]
मै इंसानियत को खोजने चला हूँ, हैवानों के बाजार में। कहाँ छुपा है इंसानियत, जरा देखें तो उसे क्या हाल है।।
मत कर सीमा में गोली बारी शेर सोते नहीं हैं पल भर में करेंगे शिकार कमजोर होते नहीं हैं मिटकर भी धरा में आने नहीं दे आँच इस मुल्क में आतंक बीज बोते नहीं हैं
शहीदों से सीख लो नेता जी देश को बचाना आतंक का समूल नाश करने वाली नीति बनाना कब तक सैनिकों की पत्नियां विधवा बनेगी सैनिक बचाते हैं देश तुम सैनिकों को बचाना
शहीदों के स्मारक हमे याद दिलाते हैं प्राण न्योछावर कर के जो देश बचाते हैं भूल सकते हम नहीं आप की कुरवनियो को श्रद्धा सुमन में दुश्मनों की लाशें चढ़ाते हैं
आतंक को पालने वाले मत हमे आँख दिखाओ घुन की तरह खोखला कर रहे हैं तुम्हें बचाओ मानवता के लिए अभिशाप है आतंकवाद जरा भी मानवता हो तो इसे दुनिया से हटाओ
आतंक के पालने में जो मुल्क झूल रहा है अंत उसका है निश्चित ये भूल रहा है कायरों ने हमले किए भारत में कई बार शर्मिंदा होने के बजाय कबूल रहा है
हो सकता है, मेहनत से बहुत कुछ हो सकता है। संभावनाएं होती हैं, हर किसी बात की कुछ न कुछ संभावनाएं होती ही हैं। एक आशा की किरण पासा पलट देती है, मंजिल पर सच्ची […]
वो मिस्त्री के साथ काम करने वाला मजदूर, कहना मानने को है मजबूर, ईंट लपका दे, मसाला फेंट दे, थोड़ा गीला बना, थोड़ा सख्त बना, चल टेक लेकर आ, सरिया मोड़, टूटी हुई बल्ली को […]
समय बदल गया , बदल गया दुनिया का दस्तूर। आज धरा मां पुकार रही होकर के मजबूर ।कभी सेहेती थी वाहन देती थी सारे सुख भरपूर । आज धरा मां पुकार रही हो कर के […]
एक तरफ करोना तो दूसरे तरफ पापी पेट। अब तो रिश्ते भी चढ़ गए है करोना की भेंट।।
देश की सीमा में तैनात होकर बगुला सा ध्यान लगाते हैं आतंक की मछहालियो को वन्दूख की गोलियाँ से चबाते हैं मुस्कुराते रहे मेरे देश के सब लोग सदा देश की आन बान और शान […]
देश के वीर सैनिको नमन है तुम्हारे वलिदान को तुम भारत के सपूत हो भारत के अभिमान हो शरहद की हिमालय के जैसे शोभा बढ़ाने वाले कवियों की कलम ललचाती है तुम्हारे गुणगान को
सदियों से भारत अहिंसा का पुजारी है खोएंगे नहीं इसको ये विरासत हमारी है अगर आक्रमण करेंगे कमजोरी समझ कर हमारी फौज ने भी कर रखी पूरी तैयारी है
दुश्मनों ने आक्रमण देश मे कई बार किया है हर बार जिसने दुश्मन को करारी हार दिया है जला कर राख कर देंगे दुश्मन के इरादो को भारत की सेना ने सीमा से ललकार दिया […]
देश की सीमा में खड़ा जवान हो या खेत की मेड़ में खड़ा किसान हो वंदन करते हैं कर जोड़ कर तुम्हारा तुम दोनों भारत माता की शान हो
वक्त कब क्या रंग दिखाए हम नहीं जानते वक्त के दिए हुए जख्म कैसे मिटाएं हम नहीं जानते क्या पता था उस देवकी को, जिस डोली में बिठाकर ,विदा कर रहे थे कंस याकायाक उसे […]
मत भूलना भगवान् को वही सबका रखवाला है उसकी ही इच्छा से कहीं अंधेरा तो कही उजाला है पाया है जो भी तूने करना नहीं अभिमान ईश्वर का स्मरण बुराइयों से बचाने वाला है
आइए शुद्ध भावो से प्रार्थना करे किसी भी मुसीबत से हम ना डरे हो क्रपा आपकी हम पे इतनी सदा स्मरण ईश की हर घड़ी हम करे हर बुराई से बचते बचाते हुए बन के […]
मानवता को शर्मसार करने वाले किस्से सुनाए जाते हैं लोग सुनते हैं सुनाते हैं और मन को बहलाते हैं सांसो के लिए लगी है कई लंबी कतार असहाय बना अपनो को दम तोड़ जाते हैं
ध्यान में हे प्रभो आप आते रहे भूल जाए ना याद दिलाते रहे हम जो गिर जाय रास्ते में चलते हुए अपनी आदत से हमको उठाते रहे
कोरोना बीमारी की दूसरी लहर ने पूरे देश मे कहर बरपाने के साथ साथ भातीय तंत्र की विफलता को जग जाहिर कर दिया है। चाहे केंद्र सरकार हो या की राज्य सरकारें, सारी की सारी […]
जब नई सरकार बनानी हो , तो चलता महागठबंधन का चक्र है, जब है महामारी अपने चरम पर पर बरसाती हर तरफ कहर है, फिर भी मनाया जा रहा है लोकतंत्र का पर्व ,है तो […]
रद्दी है सरकार बदल डालो तुम इसको सिस्टम है लंगड़ा पकड़ा लाठी दो उसको विकलांग हो गई सोंच सोंच को बदलो अपनी वोट की खातिर तुम जान जोखिम में ना डालो अपनी क्या हो गया […]
कोरोना का कहर है हर गली हर शहर है फिर भी लोकतंत्र का पर्व है सोशल डिस्टेंसिग किधर है ? वोट पड़ रहे हैं धड़ाधड़ वो कहाँ है जिन्हें कोरोना से लगता डर है कैसा […]
ए दुनिया तुम बड़ी खूबसूरत हो हम तुम्हारी और तुम हमारी जरूरत हो बनाया है जिसने भी दुनिया को दिल के मंदिर में बैठी एक मूरत हो
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