इस जीवन की कुछ कविताएं तुमको आज सुनाती हूँ बैठी-बैठी सोती हूँ और सोती-जगती रह जाती हूँ सहमी-सहमी हुई हवाएं मेरे इस जीवन पथ की धूप लगे कष्टों की और छांव लगे मनुहारों की कविता […]

कुछ कल्पनाएं कविता का रूप लेती हैं कुछ विस्मृत हो जाती हैं कुछ सपनों में मिलती हैं तो कुछ मद में बह जाती हैं लेकिन कुछ कल्पनाएं कल्पानाएं ही रह जाती हैं सुबक-सुबक कर रोती […]

कटघरे में खड़ा है हर शख्स आज… कुदरत पूछ रही है कई सवाल आज… काबिल है क्या कोई हम में से जवाब जो दे सके आज… काटी वही शाख हमने जिस पर आराम फरमाया था […]

जीवन श्लेष युक्त कविता है इसको सुलझाते-सुलझाते सारी उम्र बीत जाती है लेकिन सुलझ नहीं पाती है। अर्थ, रहस्य, लक्ष्य क्या इसका है किस हेतु बना यह या केवल है स्वप्न देखने मिटने हेतु बना […]

नाटक के किरदार अनेकों रूप-रंग के हैं अलग अलग मुखौटे पहने अलग ढंग के हैं। जीवन में मिल जाते हैं हम भी घुल मिल जाते हैं, कभी पहचान कर लेते हैं कभी धोखा खा जाते […]

बनी है जेल गुनाहगारों के लिए मगर जाता कौन है जाते भी हैं दो चार तो इन्हें छुडाता कौन है बीत जाते हैं कई साल फैसला आने मे बताओ तो सही हमारे भाग्य का विधाता […]

अपनाते हैं बुरी राह जो उनके दोस्त कई बन जाते हैं सांच की राह चलने वाले खुद को अकेला पाते हैं हर गुनाह को अच्छा कहने का रिवाज चला है मारे जाते हैं वो लोग […]

बड़ा जखम दिया है,इस ज़माने ने सदियों लगेगी मूशकुराने में, अजब सी दरियादीली देखी ज़माने की, गरीबों को रुलाने में,अमीरों को हँसाने में. कहीं पर खुले अत्तयाचार है,तो कहीं पे मीठी जुबान पे तलवार है, […]

आओ अपने भारत का भ्रमण कर ले, बिसरी हुई नृत्यकला फिर से चित्रण कर ले, दक्षिण भारत की नृत्य शैली है भरतनाट्यम, अपने केरल की नृत्य शैली है मोहिनीअट्टम, अपने उत्तर भारत का प्रमुख कत्थक […]

नृत्य कला तो ईश्वर की कृपा से मिला हुआ वरदान है, पर नृत्य को “नाच” कहकर संबोधित करना यह नृत्य कला का अपमान है। नृत्य कला युगो-युगो से चली आई, क्या इसका तुमको भान है? […]

बड़ा सुहाना मनभावन मौसम आया है, बादलों से गिरती बूंदों ने, धरती का संताप मिटाया है। बड़ा मनभावन मौसम आया है।। काले-काले बादल उमड़_ घुमड़ कर आए, मेढक भी देखो बिलों से निकल, टर्र_ टर्र […]

दिन पर दिन कर रहे व्यभिचार क्यों बढ़ा रहे हौं तुम‌ ऐब, खुद बीड़ी सिगरेट गुटखा खाए तम्बाकू पिये दारू, बच्चा खाए ना पावे एको सेब, मक्कारी चोरी छल से ना धन जोड़िए , ना […]

गाय को बनवास देकर कुत्तों को पालने लगे कचडा की तरह बैल को घर से निकालने लगे मुर्गी मछहली और बकरियों को दाना खिलाते मांस के धंधा से घर और उदर को सम्हालने लगे

लओट कर ना आया,ओ रहबर – रहगुजर मेरा, त उमर रहा,तनहा सफर मेरा, हर रिश्ते फरेब देते रहे मुझे,ज़िन्दगी के हर मोड़ पर, बेवजह नेछावर कर दिए मैंने लहु का एक एक कतरा मेरा, ये […]

देखो, कैसा यह जमाना आया है, सांझ जैसे बीती, सुरालय की चौखट पर लाइन लगाया है। कैसा यह जमाना आया है।। दिन भर के खून पसीने से, जितना पैसा कमाया है, घर बार छोड़ सारी […]

ईश्वर ने आदमी को उसकी औकात दिखाया है नास्तिक हो रहे थे जो उनको आस्तिक बनाया है रुक जा मुसाफिर कोरोना की ट्रेन जा रही है दुनिया के स्टेशन में लाल बत्ती को जलाया है

झूठ की फसल बोई और सच की तलाश जारी है अत्याचार की आज कल की दुनिया पुजारी है उठाता नहीं कोई जुल्म के विरुद्ध आवाज अविश्वास के इस दौर में जीने की लाचारी है

पानी है यदि सफलता अभ्यास कीजिये, अपने हुनर का तुम निरंतर अभ्यास कीजिये। व्यवहार में कमी हो कहीं अहसास कीजिये कमियां सुधारने का, अभ्यास कीजिये। आदत है बोलने की तो सच बोलिये, जिह्वा में सच […]

रोना नहीं है तुम्हें प्रतिकार करना है, बुरी नजर से देख पाये नहीं कभी कोई , तुम्हें बन दुर्गा, महाकाली दुष्ट दल को मसल कर रखना है। तुम्हारी राह तब तक है नहीं महफूज जब […]

देते हो सब कुछ फिर सब कुछ ले जाते हो इस खेल से भगवान् आप कौन सा सुख पाते हो जब बना ही दिया खिलाड़ी तो खेलने की शक्ति दो दुख देके आप हमको अपनी […]

गीत – तेरे इश्क की ताकत | बिगड़े है ऐसे हालात तुमसे प्यार करूँ कैसे | हर वक्त मौत की बारात इजहार करूँ कैसे | किसी को तलास है बहुत इन्सानो की यहाँ | कब […]

जलने का ही शौक है तो दीपक की तरह जलो अंधेरा दूर करदे अपना और अपनो का चलो प्रेम के मार्ग की दीवार है जलन वह उन्नति के पादप के नीचे छाँव सा पलों

है आज कार्य पर सुरक्षा एवं विश्व स्वास्थ्य दिवस श्रमिकों को भी खुश रखे ,ना करें उन्हें अब और विवश मजदूरों की स्वास्थ्य परेशानियों को हम दूर करें इन्हें जागरूक करें और मिटायें इनके जीवन […]

आज मनाते स्वास्थ्य दिवस एवं होती कार्य पर सुरक्षा आओ हम सब मिलकर करते हैं थोड़ी सी परिचर्चा दुनिया भर में काम के दौरान श्रमिकों के साथ हो जाता हादसा हादसो में श्रमिक गुजर जाते […]

असफल वही होते हैं जो हिम्मत हार जाते हैं हिम्मत की कुंजी लेकर ही सफलता के द्वार जाते हैं संकटों को पीठ मत दिखाओ करो सामना गोता लगा कर समुद्र के तल से मोतियों के […]

आज जब धरती मां सुला रही लोगों को अपनी गोद फिर भी रंजिशे मिट नहीं रही ,पुरानी बातें भी रहें खोद प्यार स्नेह तो बचा नहीं, गालियां देते एक दूजे को रोज मां बहन के […]

हवा की दिशा में भले ही सब बहें मगर तू फैसला खुद की हिम्मत से करना। हो अगर पंखों में ताकत, और पाने का जज्बा, तब तेरा निश्चित होगा, मन की मंजिल में कब्जा। हवा […]

करते रहो प्रयास यूं ही कुछ पाने के लिए मिली नहीं जिंदगी व्यर्थ में गवाने के लिए जानवर भी अपना पेट भरना जानते हैं जीने के लिए खाओ मत जिओ खाने के लिए

युद्ध के मैदान में खड़े होकर मत सोचो भाग जाने की जितना जल्दी हो सके कोशिश करो j जाग जाने की भले ना हो कृष्ण मगर तुम अर्जुन सा मानकर केवल कर्म में अधिकार है […]

आप के खेत में निराशा की घास उग आई है उखाड़ कर फेक दीजिए ये बड़ी दुखदायी है मन के तालाब में उतसाह का नीर ना कमे आशा के फसल की इससे करनी सिंचाई है

ठकराये गर कोई तो पत्थर बन जाना है, ताकि नुकसान न कर पाये, सम्मान दे कोई तो फूल बन जाना है जो प्रेम की सुगंध लुटाये। प्रेम के बदले प्रेम होना ही चाहिए नफरत की […]

जरूरी नहीं है कि वन्दूख लेकर सब देश की सीमा में जाए देश की ही सेवा है मिली जो जिम्मेदारी है उसे बखूबी निभाए कोई काम होता नही बड़ा या छोटा मानिए जूता भी सिले […]

जिंदगी नदी की धारा है जिसमे सुख दुख के किनारे है आखिर में हम सागर के और सागर हमारे है मिलते हैं रास्ते में चट्टान और पहाड़ लेकिन बना ले रास्ता मुस्किल से नहीं हारे […]

कुछ नया इतिहास रचना है तो हद को लाँघिये अन्यथा रेखा के भीतर, इंच में कद नापिये। दूसरे की औऱ अपनी कीजिये तुलना नहीं, तुम गलत के सामने गलती से भी झुकना नहीं। लिंग से […]

नाजों से पाली बिटिया के विवाह का अवसर विदाई का पल, वह रोक नहीं सका अपने आँसू। दो आँसू क्या निकले, भभक भभक कर रोने लगा, याद आने लगे बिटिया के बचपन के पल, कितना […]

मंगल मूर्ति हे हनुमान बारम्बार तुम्हें प्रणाम तुझसे संभव सारे काम कष्ट हटे मन को आराम सेवा का संचार तुम्हीं हो जग का सद्व्यवहार तुम्हीं हो श्रृजन का आधार तुम्हीं हो हर जन का आभार […]

आज की शिक्षित समाज के लोगों को मैंने अनपढ़ पाया , बेटी बनी बहू को भी एक पल में ठुकराया, मानवता तो बची नहीं जताते बड़ा अपना_ पराया , मायका भी है ससुराल भी है […]

2 साल अभी बस बीते, पोते की खुशी में सब जीते , अचानक पति की तबीयत बिगड़ी और वह सांस ना ले पाया, छोड़ दी उसने अपनी सांसे ऑक्सीजन उसे न मिल पाया , बेटे […]

आज मन बड़ा द्रवित हुआ , सोचा सबको बतला दूं, समाज का एक ऐसा भी रूप सोचा सब को दिखला दूं, बड़ा परेशान पिता था बेटी की शादी के लिए , ना जाने कितने लड़के […]

धरती माता कह रही, संकट मे संसार रक्षा हो अस्तित्व की, सब मिल करे विचार धरती माता कह रही, पर्यावरण सुधार अभी समय है कीजिए, मत कीजै संहार धरती माता कह रही, छिद्र हुआ ओजोन […]

चिकित्सक के रूप में धरा पर भगवान् आते हैं मुरझाए हुए चेहरों पर मुस्कान जो लाते हैं जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीज ने कहा गिरते हैं हम रास्ते में वो हर बार उठाते हैं

आजादी के लिए हमारे देश भक्तो ने अपना लहू बहाया है अनगिनत नारियों ने अपनी मांग का सिंदूर मिटाया है सम्हाल कर रखे पूर्वजों की अनमोल कमाई को बड़ी मुश्किल से हम सब ने आजादी […]