मदर्स डे स्पेशल:- माँ तेरे आँचल में छुप जाने को जी चाहता है थक कर चूर हूँ मैं आज जिंदगी से तेरी गोद में सर रखकर सो जाने को जी चाहता है कोई नहीं डाटता […]
मदर्स डे स्पेशल:- माँ तेरे आँचल में छुप जाने को जी चाहता है थक कर चूर हूँ मैं आज जिंदगी से तेरी गोद में सर रखकर सो जाने को जी चाहता है कोई नहीं डाटता […]
एक ही घर में चार चूल्हे रख लिए, मां को निकाल बाहर करो,करो नई गृहस्थी की शुरुआत, जिस मां की उंगली थाम दुनिया देखी, उस मां को साथ लेकर चलने में आज बेटे भी शर्मात […]
वाह भाई क्या बात है, पर समझ ना पाया आदमी की क्या औकात है, सुबह से मना रहे मातृ दिवस,स्टेटस पर स्टेटस लगा रहे, व्हाट्सएप, इंस्टा, फेसबुक, शेयर चैट, कुछ भी बाकी नहीं भेज दिया […]
मां मेरी इल्तजा, मां मेरी प्रार्थना, मां की ममता का मोल चुका पाऊं ना, मां वेद भी है,मां पुराण भी है, मां है ईसा की बाइबिल,मां मोहम्मद की कुरान है, मां का प्यार असीम है […]
लेखनी चलती है घमंड चूर करती है, जो उड़ता है हवा में ज्यादा उसे जमीं में आने को मजबूर करती है।
हरी हरी बाग में सुगंध देती साग हैं बह रहा पानी मिट्टी की बुझी आग है झूम रहे तरु मानो खेल रहे फाग हैं हरियाली घास की मखमल सा बाग है बौर लगी आम में […]
माँ, तुम्हारे बारे में लिखना कठिन है या यूँ कहूँ कि ये असमर्थता समानुपातिक है उस सहजता के जिससे तुम मेरे मौन के पीछे छिपी गहरी उदासी पढ़ लेती हो..!! तुम जलती रहीं निरन्तर एक […]
एक तूफान सा छाया है चारों ओर तुम्हारी गलियों में । ऐ भ्रमर मत उलझ काँटों से खुशबू अभी कैद है कलियों में।।
” है शत शत बार प्रणाम तुझे माँ ” जो शब्द था पहला बोला मैंने वो शब्द था पहला बोला “माँ” जो ऊँगली पहली थामी मैंने वो ऊँगली थी पहली तेरी “माँ” तेरे सीने लग […]
सर्द रातों में मुझे,अपने आंचल में छुपा लेती है मॉं, गर्मी की तपती दोपहरी में, असीम ठंडक का एहसास कराती है मॉं, खुद गीले बिस्तर पर सो कर, बच्चोंको फूल जैसी सेज देती है मॉं, […]
माता कुमाता नहीं हो सकती परंतु पुत्र नहीं सुपुत्र रहा मां, धरती मां, भारत मां, प्रकृति मां , नदी मां, गौ मां आज सभी पीड़ित, उपेक्षित, असहाय महसूस कर रही है स्वार्थ ने मां बेटे […]
मां तूं है ममता का सागर करुणामयि अमृत की गागर श्रृजनता अतुल्य अपरम्पार तेरा ऋणि ये सारा संसार सुमन सी प्रफुल्लित चंचल सन्मिष्ठा सी मधुर मनमीत सरिता सी जीवनधार लिए स्वाति सी सूझबूझ व प्रीत […]
माँ के जीवन की सब साँसे बच्चों के ही हित होती हैं चोट लगे जब बालक के तन को आँखें तो माँ की रोती हैं ख़ुशी में हमारी ,वो खुश हो जाती है दुःख में […]
हवा हवा में उड़ नहीं, सोच समझ इंसान, हवा बिना ये फेफड़े, नहीं करेंगे काम। नहीं करेंगे काम, जिन्दगी उड़ जायेगी, बिना सजग रहे सब, धूल में मिल जायेगी। कहे लेखनी काम कर रही आज […]
तुम एक पहेली सी लगती हो समझ ही नही आती हो जब मैं खुश होती हूँ तुम दूर खड़ी मुस्कुराती हो जब मैं पीड़ा में होती हूँ तुम धीरे से कंधा सहलाती हो जब खुद […]
घर के आँगन में हँसते खेलते बच्चे दुनियादारी से अनजान खिले हुए फूल की तरह सौंदर्य और सुगंध बिखेर रहे हैं भौरो की तरह मन प्रतिदिन करता है रसपान भूल जाते हैं तनाव सब भूल […]
कैसे करें विश्वास लोग घात करते हैं सावधान उनसे जो मीठी बात करते हैं एक विश्वास ही जिन्दगी जीने का सहारा था लोग सोने के हिरण जैसे मुलाकात करते हैं
बिन नारी इस जीवन की संकल्पना अधूरी है, खुशहाल जीवन के लिए, महिला सशक्तिकरण जरूरी है। समाज में फैली कुप्रथाओं नें, इनके अधिकारों का हनन किया, कभी सती हुई,कभी बाल विवाह, आज दहेज के दंश […]
जरा- सा वक्त लगेगा तुमको समझने में, जान पाने में पर जब तक दिलों के बीच दूरियां हैं तब तक नजदीक ना आना… जब तुम्हारी सांसों की खुशबू मेरा मन भिगाएगी, तुम्हारी रूह की गर्मी […]
क्या छिपा रही हो हाथ से, क्या देख रही हो आख से, लग रहा जुखाम हुई आपको जो नाक पोछ रही हो हाथ से, ——— ✍ऋषि कुमार ‘प्रभाकर’-
क्या छिपा रही हो हाथ से, क्या देख रही हो आख से, लग रहा जुखाम हुई आपको जो नाक पोछ रही हो हाथ से, ——— ✍ऋषि कुमार ‘प्रभाकर’-
कभी-कभी आसपास पानी होने का भ्रम चंद साँसों का इजाफ़ा कर देता है तड़पकर मरते हुए किसी प्यासे मुसाफ़िर की ज़िन्दगी में तुम भी मेरे जीवन में एक मरीचिका की तरह हो तुम कहीं नहीं […]
व्यंग्य —————— लड़कीया खुबसूरत होती है, लड़के गरीब अमीर होते है, लड़कीयो की संपत्ति सुंदरता है लड़कों की खूबसूरती पैसा है, इसलिए विचार करो लड़कों तुम धन कमाओ इतना कमाओ रोज तुम, सपना चौधरी को […]
कविता-शान्ति के दूत हो ——————————– शांति के दूत हो जीवन के स्त्रोत हो, अशोक तुम महान हो, प्रिय दर्शी राजा सबके सम्मान हो, शोषित उपेक्षित के, तुम ही उत्थान हो, कुल का गौरव, बुद्ध के […]
कविता- बुद्ध भक्त भीमराव ———————————— बुद्ध भक्त भीमराव, आपको फिर से आना होगा, उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम, भारत को बौद्धमय बनाना होगा, अशोक चंद्रगुप्त के सपनों को, भारत के घर-घर पहुंचाना होगा, हिंदू मुस्लिम सिख […]
कविता- राम मेरे आदर्श हैं ———————————– राम मेरे आदर्श हैं भाई भारत माँ के पुत्र हैं भाई, जीसस मोहम्मद गुरु नानक बुद्ध से पहले राम दुनिया के भगवान हैं भाई, रघुकुल के प्राण हैं, शबरी […]
कविता- मां पछताई होगी ——————————– मां बहुत पछताई होगी, बेटी को जन्म देकर रोई होगी, पढ़ी अखबार में- दो वर्षीय बच्ची के रेप की घटना जब, मां बच्ची को सीने से लगाकर रोई होगी, लाखों […]
प्यार से पहले कमाई करो धन हो या शिक्षा उसकी रोपाई करो, भूखे कभी न रहोगे ठग कभी न जाओगे, दुनिया तुम्हें रुलाएंगी, है ज्ञान तो रोने से बच जाओगे, शिक्षा- संघर्ष सवाल देती है […]
कर्म करते रहिए कभी बेकार नहीं जाते हैं आज नहीं तो कल कर्मो का फल पाते हैं हर काम के बदले पैसा न लीजिए रखिए सदा ही याद जो संस्कार सिखाते हैं
वो हमसे कहते हैं कुछ ढंग का लिखा करो प्रज्ञा, जिन्हें खुद कलम पकड़ना नहीं आता. आज वो हमको बेशर्म कह रहे हैं जिन्हें खुद शर्माना नहीं आता कैसे कैसे दिन देखने पड़ रहे हैं […]
ये देश है हमारा इसे हमे ही बचाना है दअपहतर में हो या घर में मास्क तो लगाना है अनमोल है जीवन और देश हमारा सहयोग से सबके महामारी को हराना है
हे! इन्सान मत बोल बोलना मना है तेरा मुख सच या झूठ बोलने के लिए नहीं खाने के लिए बना है दिन रात खाए जा फिर भी बिना बोले तू नहीं रह सकता जिंदा अभिव्यक्ति […]
काव्य की शोभा बढ़ाने को सावन ने लिया नया अवतार, हमेशा नई ऊंचाइयां छूता रहे हमारा सावन परिवार, ह्र्दय से करती अभिनंदन,सबका व्यक्त करती आभार, धन्यवाद है बड़ा छोटा सा शब्द,एकता का अभिवादन करो स्वीकार, […]
संकल्प हमारी पहचान है फिसलन विषयों में अब-तक राग है उठना ही जिन्दगी है गिरना शोभा तुम्हें देता नहीं है ।। —————————————- उठने में परम आनंद है विषयानुराग मौत-ही मौत है जिन्दगी द्वार खड़ी है, […]
हमें कहने का अधिकार नहीं कि हमने कुछ लिखा है . ————————– क्योंकि जो आप है, वहीं हम है . जो हम है, वहीं आप है. ———————- जो सब है, वो एक है जो एक […]
न हम है किसी के ना हमारा है कोई हम एक है हमारा वस्ता है खूद से ।।1।। ————————————- चंचल मन पे बहकना कामी का काम है मन को जो साधता वह खूद के समीप […]
तेरा कोई भी नहीं है जहां में तु आया है अकेले तु जायेगा अकेले तेरा कोई भी नहीं है जहां में ।।1।। —————————————– ये रिश्ते, ये नाते, ये तेरे, ये मेरे ये कैसा है नर, […]
होगा वही, जो लिखा है उसने व्यर्थ में क्यूँ रोना? जब चलना है अकेले ।।1।। ——————————– ना तुम किसी के हो ना तुम्हारा कोई है सब माया का खेल है हर इंसान खूद में अकेला […]
कैसी यह जमाने की सोच हुई, जब कोख में बेटियां मारी जाती है, तो क्यों नवरात्रि में दिखावे के लिए, कन्या पूजी जाती है?? मां चाहिए, पत्नी चाहिए,बहन चाहिए,
मत कर होड़ा होड़ी बीच सड़क तू चलने में।
बने हुए रास्ते तकदीर वाले पाते हैं हम तो चलते भी हैं और रास्ते बनाते हैं शायद कोई करे पदचिन्ह का अनुकरण कांटो को हटाते हैं और फूल बिछाते हैं
सत्ता के मद में हो गए चूर चूर हैं जनता से आजकल वो दूर दूर हैं भर लो उड़ान कितनी ऊँची आकाश में आना पड़ा धरा में जितने भी शूर हैं
माना कि तुम इस बार फिर से हार गए हो बस जीतने की सोचो मझधार गए हो साहस में कमी अपने आने नहीं देना हर हार से कुछ कमियाँ सुधार गए हो
मत कर होड़ा होड़ी बीच सड़क तू चलने में। तेरा जीवन बेशकीमती फिर ना आना पलने में।।
नहीं मिल रही राह तो बनाकर तुम चलो सुन लो सभी की सुनाकर तुम चलो चलना ही जिंदगी है यह भूलना नहीं मंजिल अभी दूर है सब भुलाकर तुम चलो
मत सुनो उनकी जो नकारात्मकता से भरे है पतझड़ में तलाश करो अभी भी कुछ पेड़ हरे है भीम की तरह कमजोरियों में प्रहार करते रहे हौसला बढ़ाओ उनका जो घन की घोर घटाओं से […]
मत घबराओ सोचकर सांपों का डेरा हो गया है हैरान मत हो जानकार सपेरा हो गया है मत तलाश करो अंधेरे में दीपक और टार्च की जागो तो सही देश में सवेरा हो गया है
छिप गया है सूरज सवेरे फिर आएगा झूठ मत बोलो जमाना जान जाएगा झूठ को बना लोगे व्यवसाय तुम अगर सदा के लिए लोगों का विश्वास चला जाएगा
ठहर जा शिकारी मत करो शिकार पर आज भी जारी है पशु पक्षी का संहार कुछ विलुप्त हो गए धरा से कुछ खड़े हैं कगार जैसे गिद्ध मृत्यु प्राप्त जानवरों को खाते हैं आज कल […]
रिश्वत के बिना आजकल काम नहीं होते हैं सब योजना बेकार है जब दाम नहीं होते हैं बिगड़ी बनाने वाले होते हैं रिश्वत खोर कहते हैं सब कुछ दौलत अब राम नहीं होते हैं
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