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  1. आप बुरा मत मानियेगा लेकिन कुंडलिया छन्द लिखने पर कुछ कहना चाहती हूँ। क्योंकि कुंडलिया छन्द में जिस शब्द से शुरुआत होती है अंत मे भी वही शब्द आना चाहिए। जैसे खाने शब्द से शुरुआत हुई है तो खाने शब्द ही अंत मे आता है।
    साथ ही इसमें दोहा सोरठा की 13-11 और 11-13 मात्राएं होती हैं। इसमें मात्रा का ध्यान आवश्यक होता है।

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