अश्रेयकर लक्ष्य संधान हेतु क्रियाशील हुए व्यक्ति को अगर सहयोगियों का साथ मिल जाता है तब उचित या अनुचित का द्वंद्व क्षीण हो जाता है। अश्वत्थामा दुर्योधन को आगे बताता है कि कृतवर्मा और कृपाचार्य […]
अश्रेयकर लक्ष्य संधान हेतु क्रियाशील हुए व्यक्ति को अगर सहयोगियों का साथ मिल जाता है तब उचित या अनुचित का द्वंद्व क्षीण हो जाता है। अश्वत्थामा दुर्योधन को आगे बताता है कि कृतवर्मा और कृपाचार्य […]
गुजरते वक्त के साथ जिंदगी भी बीत जाएगी । अगर नहीं सुधारोगे खुद को तो एक दिन मौत आ जाएगी ।।1।। ++++++++++++++++++++ मौत सत्य हैं आएगी जरूर । पर गले वहीं लगाएगा जो हैं खुद […]
दिल हमारा टूटा हुआ सा हो गया, जब अपनी राह वो जाने लगे। चाह कर भी रोक पाये हम नहीं, रोकने को उन्हें, ऑंखों के अश्क़ आने लगे। कब तलक देते सहारा वो हमें, अश्कों […]
किसी के साथ कितना भी वक्त बिताओ वो एक दिन चला ही जाता है जिसे जान से ज्यादा चाहो वही दिल दुखाता है इसीलिये अपने देश से प्यार करना चाहिए कम से कम मरने पर […]
वन्दे भारत। प्राणों में मृदुरस आज घोल। नित सजल,करुण तेरी चितवन तेरे पद – पंकज धोता घन परिमल भरता स्मित चंदन। देता अमृत पिक मृदुल बोल। […]
इस क्षणभंगुर संसार में जो नर निज पराक्रम की गाथा रच जन मानस के पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाता है उसी का जीवन सफल होता है। अश्वत्थामा का अद्भुत पराक्रम देखकर कृतवर्मा और […]
मित्र मेरे! जिंदगी की, हर ख़ुशी तुझको मिले, तेरी खुशियों से निकल कुछ तार मुझ तक भी जुड़े हैं, ठण्ड से सिकुड़े हुए से, बेरहम यादें संजोये, गाँठ बांधी हो किसी ने संवेदनाओं के गले […]
बूंदें न डालो ठंडी ओ बादल!!! ठिठुर गया तन मेरा। नील गगन ही, छत था मेरा, आज उसे है तुमने घेरा, कुहरा-कुहरा, दिन में अंधेरा, रात हुई, संशय ने घेरा, मिल पायेगा या न सवेरा, […]
ख़ामोशियाँ जब ज़ुबाँ बनने लगीं, रफ्ता-रफ्ता दिलों की दूरियाँ घटने लगीं। मोहब्बत में मीठे अहसास हुए इस कदर, एक दूजे की कदर अब बढ़ने लगी। बिन कुछ कहे वो हमें अब समझने लगे, ख़ामोशियाँ भी […]
नीले आसमान पर बादलों का पहरा था, बादलों का रंग भी श्यामल गहरा था। सूरज की ऑंख मिचौली जारी थी अब बारिश आने की बारी थी। साथ निभाने कोहरा भी आ गया, देखते-देखते धरा पर […]
जिद चाहे सही हो या गलत यदि उसमें अश्वत्थामा जैसा समर्पण हो तो उसे पूर्ण होने से कोई रोक नहीं सकता, यहाँ तक कि महादेव भी नहीं। जब पांडव पक्ष के बचे हुए योद्धाओं की […]
पूस माह में सावन आया, काली घनघोर घटाएँ लाया। झमाझम मेघों से बरसा पानी, कुदरत को ऐसे सावन भाया । सर्दी में सर्दी और बढ़ी, जलधर इतना जल कहाँ से लाया। यह कैसा परिवर्तन ऋतु […]
जन्म लिया जब बेटी ने खुशी थी घर में छाई, घर में आनन्द मगन सब घर की बगिया महकाई खेलकूद कर बड़ी हुई सुंदर सी शिक्षा पाई बिखेर देती चहुंओर खुशियां बनकर रहती मां की […]
कनक तश्तरी सा आलोकित भानु लुटा रहा है स्वर्ण रश्मियाँ । दूर-दूर तक बिखरा सोना, हर पत्ती हर डाली -डाली रौशन हुआ है हर कोना-कोना। देखो नव प्रभात हो रहा है, जागो, अब नहीं है […]
अनगिनत शक्तिशाली महान राष्ट्रों को धराशायी करते हुए ,मानव के स्वछंदिता, संप्रभुता एवं अहम भाव को अनुशासित, मर्यादित करते हुए और शोक संदेशो से भरे हुए गुजरे साल की अच्छी बात ये है कि बुरे […]
नववर्ष तुम्हारा अभिनंदन आमोद !प्रमोद! विनोद !नवल !नव हर्ष! तुम्हारा अभिनंदन ! नव वर्ष तुम्हारा अभिनंदन !! 💐💐💐💐💐💐💐 नवसंतति के नवचेतन में फूटें अंकुर मुद -मंगलमय । नवचिंतन के नूतन किसलय महकें बनकर सत्कीर्ति- मलय […]
थम गया सिलसिला 2021 का हमें रुलाकर जा रहा है , दिया भले ही कुछ ना हो इसने पर बहुत कुछ सिखा कर जा रहा है। कभी आये आँख में आँसू तो कभी हँसा कर […]
साल गुजरता अलविदा कर ही गया। यादों को उम्मीदों से जुदा कर ही गया। उम्मीदें उतर आई शाम के परिंदों सी, पर पुराना होकर भी कुछ नया सिखाकर ही गया। जीने के कुछ और पैंतरे […]
कविता : देखो ,नया वर्ष आया है आ रहा व्योम से मदभरा प्यार बह रही हर गली में सुधा धार कौमुदी का बिखरता मदिर गान हर किरन के अधर पर सरस तान प्रगति का नया […]
जानते तो हैं लोग मुझे, पहचान अभी बाकी है ! चल रहा हूँ बड़ी देर से, पर एक उड़ान अभी बाकी है कुछ मंजिले अभी दूर हैं, कुछ रास्ते अभी बाकी हैं जो राह में […]
जीने के लिए लड़ना पड़ता है साहब भूख से रोटी पाने से अपने नीची जाती का होने से अपना तोह जन्म से ही तुम्हे जात नजर आता है तुमसे ज्यादा मेहनत करते है पर कोई […]
अश्वत्थामा दुर्योधन को आगे बताता है कि शिव जी के जल्दी प्रसन्न होने की प्रवृति का भान होने पर वो उनको प्रसन्न करने को अग्रसर हुआ । परंतु प्रयास करने के लिए मात्र रात्रि भर […]
दार्शनिक ————- जीवन मेरा दर्शन है, कर्म मेरा पथ प्रदर्शक है, मुड़ कर देखा बचपन को जन्म से बच्चा दार्शनिक है, उसमें गति मति थी, प्रकृति उसके करीब थी, था सब कुछ जन्म से ही […]
इन्तज़ार की भी एक हद होती है, ————————– आज इन्तज़ार की सारी हदें पार कर दी हमनें…
सुबह-सुबह सूरज की लाली, हिम से ढकी हुई हर डाली। पत्ते-पत्ते बूटे-बूटे पर, कुदरत ने कारीगरी कर डाली। बर्फ़ के फ़ाहे गिर रहे राहों पर, पवन भी सर्द चली है आली। बादलों ने घेरा है […]
सुबह-सुबह सूरज की लाली, हिम से ढकी हुई हर डाली। पत्ते-पत्ते बूटे-बूटे पर, कुदरत ने कारीगरी कर डाली। बर्फ़ के फ़ाहे गिर रहे राहों पर, पवन भी सर्द चली है आली। बादलों ने घेरा है […]
आज अतीत के कुछ पन्ने खोले, वो पुराने क्षण फिर बोले। उन पलों को जी गई मैं, अमृत-प्याला पी गई मैं॥ ______✍गीता
थम गया वक्त है, और आसमान झुक गया, ऐसी वीरगति को देख, एक पल को काल चक्र भी रूक गया। ऑंख में आ गए हैं ऑंसू.. श्रद्धांजलि देने को उनको, देश का तिरंगा झुक गया॥ […]
स्तब्ध देश नम आंखें हैं लाल खो दिया भारत ने इतने वीर सपूतों को आज खो दिया भारत ने। सबका हृदय द्रवित हो कर देता है श्रद्धांजलि उनको भारतमाता का बच्चा बच्चा देता है उनको […]
धूप समेटकर अपने सुनहरी वसन, चल पड़ी प्रीतम से करने मिलन ओढ़ कर सितारों भरी काली चुनर पलकों में सुनहरे ख्वाब सजाकर कर के वादा कल फिर आने का जग से, दुनियाँ को देने दीप्ति […]
धूप समेटकर अपने सुनहरी वसन, चल पड़ी प्रीतम से करने मिलन ओढ़ कर सितारों भरी काली चुनर पलकों में सुनहरे ख्वाब सजाकर कर के वादा कल फिर आने का जग से, दुनियाँ को, देने को […]
महाकाल क्रुद्ध होने पर कामदेव को भस्म करने में एक क्षण भी नहीं लगाते तो वहीं पर तुष्ट होने पर भस्मासुर को ऐसा वर प्रदान कर देते हैं जिस कारण उनको अपनी जान बचाने के […]
हिम को भी पिघलते देखा है, सूर्य की तपिश पा कर के। नदियों को जमते देखा है, चन्द्र की शीतलता पा के। ऑंख के ऑंसू भी ठहरे, जब साथ किसी अपने का पाया। बेचैनी में […]
न जाने क्या यह सपना हकीकत है, या हकीकत नहीं सपना ही सपना है। न रोक पाती हैं अन्य कोई सीमाएं, नेह से देख ले जो बस वही अपना है। दूर से दूर के भी […]
तुम भी सही थे और हम भी सही थे, बस समय की मार थी और सारे पैतरे गलत थे।
विश्वास से संबल मिले, आशाओं के दीप जले, निराशा का भाव तजकर, कर्तव्य पथ बढ़ते चले। ********************** स्वाभिमान को ना चोट पहुंचे, अभिमान मन में ना पले, आत्मविश्वास से परिपूरित, उम्मीदों के सुमन खिले। ********************** […]
दिल टूटा है मगर याद धुंधला नहीं अगर तो क्या करे लोग छोर ऐ है मगर हम अकेले है अगर तो क्या करे खुदा तेरी नयमत देख लोग भूले ना भूले पल बीते ,जिए ना […]
ग़मगीन हालत में जो ला सके, अधरों पर मुस्कान। वही तो सच्चा मित्र है, उसकी निस्वार्थ मोहब्बत है महान। सुख-समय में करे जो हंसी-मजाक भी, संकट की घड़ी में जिम्मेदारी ले सुख देने की। दोस्त […]
जब अश्वत्थामा ने अपने अंतर्मन की सलाह मान बाहुबल के स्थान पर स्वविवेक के उपयोग करने का निश्चय किया, उसको महादेव के सुलभ तुष्ट होने की प्रवृत्ति का भान तत्क्षण हीं हो गया। तो क्या […]
हम अपनी रातों को गुलजार ना बैठे थे किसी बेवफा को अपना यार बना बैठे थे। सूंघ के देखा तो खुशबू तक नहीं आई, बासी फूलों से हम हार बना बैठे थे।
तू मेरा है मगर मेरा तो नहीं ये दिल तेरा है मगर तेरा तो नहीं एक उम्मीद की डोर है जिसने मुझको तुझसे बाँध रखा है तू रब है मेरा मगर मेरी मन्नत तो नहीं।
एक दिल है एक धड़कन है एक मंजिल है फिर भी तू उधर है मैं इधर हूँ गम बहुत हैं बस तू ही एक खुशी है यूँ तो दिल बहलाने के कई तरीके हैं पर […]
Pyar ho na ho pyar ka samman hona chahiye . Ahsas ho na ho intejar hona chahiye Vakt ho na ho dil me visvas hona chahiye . Jrurat ho ya no ho fir bhi mulakat […]
शर्मा शुक्ला मिश्रा यादव वर्मा वैश्य बनर्जी दोस्त। खतरनाक है सबमें लेकिन असल शक्ल में फर्जी दोस्त।। जिस थाली में करता भोजन उसी थाल को देता छेद। अपने घड़ियाली स्वभाव का नहीं तनिक भी उसको […]
जब-जब मेरी कलम चले, ऐसा कुछ लिखती जाऊँ। जीवन की सच्चाई कभी और कभी कल्पना में खो जाऊँ। जन-जन की बात लिखूँ मैं, और कभी लिख डालूँ मन की। कभी सिसकती साॅंसे सुन कर, लिख […]
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🙏🙏🙏🙏🙏💐💐 निष्ठा सच ईमानदारी से लड़ लड़ जूझ रही दुनियाँ। जो पारंगत षड़यंत्रों में उनको पूज रही दुनियाँ।। कम से कम प्रयास करके भी जमना चाहें चोटी पर। शोध कर रहे मिलकर प्यादे शह […]
कहीं दिन है कहीं रात है, कहीं धूप कहीं बरसात है। सुख और दु:ख आना-जाना है, यही ज़िन्दगी का अफ़साना है। लेकिन कुछ सुख-दुःख, ठहर से जाते हैं जीवन में सुख का ठहरना तो मन […]
जख़्म देकर वो मुझसे कहता है पीर दिल में तो नहीं उठती है । आँसू हैं तेरे या पानी हैं तू उदास क्यों नहीं दिखती है। तेरे होंठों की जो रंगत है क्यों मुझे फीकी […]
जब दिल में दर्द सा उठा एक तीर सा चुभा, जो कल था मेरी निगाहों से मारा गया। आज मेरे ही दिल का कातिल बना। वो फरेबी भी है, वो आशिक भी है, मेरी सांसों […]
कुछ दिनों से दिल में लहरें सी उठती थी, उसके नाम से मन में एक आस सी जगती थी। वो मेरी आंखों का सिर्फ एक धोखा था, प्यार तो बहुत था पर प्रज्ञा’ पर एक […]
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