तिरंगा भारत देश की शान हैं तिरंगा देश प्रेमियों की जान हैं तिरंगा मातृ भूमि का अभिमान हैं तिरंगा आजादी के तराने का नाम हैं तिरंगा नव विहंगम संसार हैं तिरंगा भारत देश का पहचान […]

सावन बारिश कि फुहार ने रंग दिया सारा संसार कौन सुना किसने सुना पपीहा करे पुकार सुन के गर्जना मेघों की नृत्य लुभाता मोरनी को सावन ये मनभावन हैं प्रेम लताएं प्रफुल्लित है सावन के […]

वृद्धा आश्रम बुढ़ि आंखें ना जाने कब से देख रही हैं मुझको एक टक लगाये निहार रही बरसों से मुझको कैसे कर लु मैं किनारा इनका कौन है सहारा यह छोटा सा वृद्धाश्रम है सभी […]

युग धारा एक युग बीत चला है देखो एक ऊर्जा शक्ति निकल रही चीर भानू के किरणों को चांदनी रोशनी फैला रही है बरखा भी इठला रहा है नभ अम्बर की छाया में मुदित हुआ […]

मेरे बापू चरखा के बल पर जिसने देश भक्ति को जगाया था गजब का हुंकार था बापू के जज़्बातों में सत्य अहिंसा की लाठी से जिसने धुल चटाया था खदेड़ गोरों के सैनिक को देश […]

हर रोज़ उम्मीदों का बोझ लेकर बाबा खेतों तक जाते हैं। चिंता की लकीरें, सूखी कुछ- कुछ गीली आंखे लेकर लौट आते हैं। पता है छिपाते हैं कुछ, चाह कर भी ना बता पाते हैं […]

“कवि हूँ मैं सरयू तट का ” कवि हूँ मैं सरयू तट का समय चक्र के उलट पलट का मानव मर्यादा की खातिर सिर्फ अयोध्या खड़ी हुई क्यों कि युगों से मेरी अयोध्या जाने हाल […]

बरगद —— बरगद का एक पेड़ पुराना। जैसे हो कोई बूढ़ा नाना। लम्बी – लम्बी दाड़ी वाला, बड़े तने के कुर्ते वाला। दैर सारी भुजाओं वाला। बंदर कूदे सब डाल- डाल, खीचे डाली और पात-पात। […]

बरगद —— बरगद का एक पेड़ पुराना। जैसे हो कोई बूढ़ा नाना। लम्बी – लम्बी दाड़ी वाला, बड़े तने के कुर्ते वाला। दैर सारी भुजाओं वाला। बंदर कुदे सब डाल- डाल, खीचे डाली और पात-पात। […]

आप महान हैं, हमें देते जो ज्ञान हैं | आप का सम्मान करना, मेरी ही शान है | मैं फूल हूँ चमन का, आप बागवान हैं | आप ही से महकता ये सारा संसार है […]

कभी न भाये गुरु जी तुम, वो मैथ की मिस्ट्री,वो बोरिंग केमिस्ट्री वो छडी की मार वो डांट वो पुकार खड़े कर देना बेंच पर नज़रे रखने को कहना अपने लेंस पर कितने ही बार […]

आज 5 सितंबर है और हम सभी को पता है की आज शिक्षक दिवस है। हम सब हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का जश्न मनाते है। आज डॉ सर्वेपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। […]

मन की बात सुने फिर कौन! ———————————- काले धंधे राह अंधेरी मन दोहराए माने कौन!!!! बात पते की स्वदेशी चीजें , देश का मान बढ़ाएं कौन!! नारी सम्मान हमारा अभिमान, अत्याचार मिटाए कौन!! देश गर्त […]

मन की बात सुने फिर कौन! ———————————- काले धंधे राह अंधेरी मन दोहराए माने कौन!!!! बात पते की स्वदेशी चीजें , देश का मान बढ़ाएं कौन!! नारी सम्मान हमारा अभिमान, अत्याचार मिटाए कौन!! देश गर्त […]

ऐसा मेरा देश हो जाए —————————- आओ भारत नया बनाए, सपनों का संसार बसाये। नए महल सा देश सजाएं, उन्नति का परचम फहराए। चारों तरफ हरी हो धरती, स्वस्थ सड़क हर जगह हो दिखती । […]

ऐसा मेरा देश हो जाए —————————- आओ भारत नया बनाए, सपनों का संसार बसाये। नए महल सा देश सजाएं, उन्नति का परचम फ। चारों तरफ हरी हो धरती, स्वस्थ सड़क हर जगह हो दिखती । […]

ऐ गम मुझसे दूर जा तू, इतनी दूर कि दिखे भी न साया तेरा, क्यों आ आकर सताती है मुझे, नहीं चाहिए मुझे तेरा साथ, ऐ खुशी आ पास मेरे तू, मेरी सच्ची सहेली है […]

मै पढ़ते वकत अटकती हू कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे पर साथ आपका चाहती हू मेरे जीवन की इस लड़ाई मे . हमेशा ही पैर रखती हू आपके पेरो की ही परछाई मे जब लिखती, […]

फरियाद कबूल ना हो तोह क्या तेरे होने पे तेरे वचनों से सवाल उठाना चाहिए बचपन से ही सिखा है समझना रटने से बेहतर है लोगों का काफिर कहना भक्त से बेहतर है

नन्हा ,सलोना सा, प्यारा सा बचपन । मासूम भोला नटखट सा बचपन। वह चंदा का तारों का सूरज का मेला । वह जादुई परियों में नन्हाअकेला। वह दादी के किस्से ,वह नानी की कहानी । […]

साथ मेरे एक तू और तेरा प्यार बाकी है। बाकी सब बेजान चीजें बेकार बाकी है। हालात संग, लोगों के मिजाज बदल गये, टूटा हूँ, बिखरा नहीं, अभी धार बाकी है। कितने ही इम्तहानों से […]

सब एहसास दफ़न हो गये_ जब वो पहलू में किसी के गुमराह हो गये हम ज़िंदा थे..कयामत की जूदाई आई और हम कफ़न हो गये_ -PRAGYA-

आज कल बेरोजगारों की कहाँ मेरे यार सुनती है, उल्टी सीधी जैसी भी हो जनता सरकार चुनती है, कानों पे जूं भी नहीं रेंगती चाहे चीखलो जितना, पर बात गर अपनों की हो तो बारम्बार […]

बादल तू हट जा जरा, चंदा को देखूं जरा, चंदा तुझे नहीं खबर, कि तुझे चाहता है इक चकोर, चाहता मेरा भी दिल है, कि चंदा से बातें करूं जरा, ओ चंदा तेरी चांदनी, प्यारी […]

शिक्षक साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक। आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक । राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक । ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक। विद्यार्थी जीवन में हर […]

माँ आपकी बहुत याद आती है जब भी मैं पहले घबरा जाती थी, तो मां आप मुझे अपने गले लगा लेती थी, अब जब भी मैं परेशान होती हूँ, तो अकेले एक कोने में बैठ […]

सावन ———- बारिश की रिमझिम बूंदों ने, कुछ इस तरह मन हर्षाया । जैसे सूखे प्यासे होठों ने ठंडा मीठा जल हो पाया । उल्लासित है . .हर वृक्ष लता, कलियां झुंढो में रही ठ […]

कहते है ना! दोस्ती कभी स्पेशल लोगो से नही होती, दोस्ती जिनसे हो जाती है वह लोग ही स्पेशल हो जाते है। जब हम सहेलियां जब मिलती हैं… तो हमारी मुस्कान और हंसी सातवे आसमान […]

माखन चुरैया __________ मीठी मुस्कान तेरी अजब तेरी लीला। बांके बिहारी तू है छैल छबीला। तीखे नयन तेरे करे हैं इशारे, बांसुरी बुलाए मुझे सांवरे के द्वारे। आजा कन्हाई यशोदा दुलारा, तुझको पुकारे सखा, बृजबाला। […]

मैं तेरी धड़कन में हूं, तेरे ख्वाबों में हूं,, तेरी सांसो की हर स्पंदन में हूं, यह न समझना तुम कि मैं नहीं पास हूं, इन फिजाओं में हूं , इन घटाओं में हूं , […]

शिक्षक साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक। आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक । राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक । ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक। विद्यार्थी जीवन में हर […]

दोष है आपका,रब का या सरकार का झूल गया जो फंदे पर आज खेत वो न जा सका। एक कृषक की कहानी क्या यहीं पर खत्म हुई, या फिर कुछ बातें उनकी अनकही ही रह […]

मंत्र मुग्ध हैं यशोदा देख , अठखेलियाँ घनश्याम की_ पाकर नंद भी उमंग से धरणी पर , नृत्य करते दुलार करते श्याम की_ शताब्दियाँ भी मुखरित थी अलौकिक छवि , देख देवों के देव देवकिनदंन […]

मोड़ दे जो पाणी की लकीरें, हैं वो गुरू ईश्वरीय वासव अद्भुत महान_ तिमिर भी मयूख हो लेखन करें, गुरु हैं वो ग्रंथ कगार_ अस्तित्व संपूर्ण परिवर्तित कर दे, शिष्य बने ज्ञानी हर ग्रंथ में […]

बढ़ती रात के साथ रजनीगन्धा महकता है बिन लिबास की खुशबू से सारा समा बहकता है। आज जो तू ने बिताए खिलखिलाते पल, वो आकर तुझे ज़रूर हँसाएँगे कल। दुनिया की परवाह में अपना वक्त […]

ओ रे कृष्णा काहे सताये मोहे पनघट पर पनिया भरत में काहे छेड़े मोहे मटकी फ़ोड़े राहे रोके निस दिन बरबस ही आके टोके जरा भी लाज शरम न आये तोहे ओ रे कृष्णा काहे […]

ओ श्यामरे कहां छुपे हो मोरे श्यामरे, तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे, मेरे मन मंदिर में तू ही तू बसा मोरे श्यामरे, मोहिनी सूरत लट घुघराले तेरे श्यामरे, उस पर से यह […]

जब भी मनमोहन, श्याम सलोना, बंशीधर मुरली बजाने लगा, ह्रदय तल के धरातल पे वो प्रेम की ज्योति जलाने लगा, कभी गैयों और ग्वालों का प्यारा कन्हिया गोपियों संग रास रचाने लगा, कभी माँ जसोदा […]

ऐ मंज़िल तुझ तक जाने में कई राह छूट गयीं कुछ यारी टूट गयीं मगर लिये उम्मीद चला मैं, लगता है वह सारी रुठ गयीं अभी हूँ अकेला कभी बहुत थे साथ आने में ऐ […]

एक ख़्याल सा ज़ेहन में लाया जाये, शायरी की बस्ती को अलग से बसाया जाये..मख़ौल ना किसी की ख्वाईशो का उड़ाया जाये। जहाँ हर दर्द कहा जाये, जहाँ हर दर्द सुना जाये। बस हर दर्द […]

तुझे जाने की जल्दी थी, और मैं रोक ना सका, काश तू थोड़ा इंतजार कर पाता। तेरे जाने के बाद उतरे, जो बेतहाशा कागज़ पे, काश मैं उन लफ़्ज़ों से अपने इश्क़ का इज़हार कर […]