तुझे जाने की जल्दी थी, और मैं रोक ना सका, काश तू थोड़ा इंतजार कर पाता। तेरे जाने के बाद उतरे, जो बेतहाशा कागज़ पे, काश मैं उन लफ़्ज़ों से अपने इश्क़ का इज़हार कर […]
तुझे जाने की जल्दी थी, और मैं रोक ना सका, काश तू थोड़ा इंतजार कर पाता। तेरे जाने के बाद उतरे, जो बेतहाशा कागज़ पे, काश मैं उन लफ़्ज़ों से अपने इश्क़ का इज़हार कर […]
यार इसमे तो मजा है ही नही कोई हमसे खफा है ही नही इश्क़ है मर्ज़ है मेरे यार सुनो, इसकी कोई दवा है ही नही।।
कितनी प्यारी है ये धरती, ऊपर अंबर ये नीले नीले, नीचे हरियाली ये धरती, ऊपर सूरज चंदा ये तारे, नीचे जीव जंतु ये सारे, ऊंचे पहाड़ ये प्यारे-प्यारे, नीचे नदियां खाई ये गहरे, ऊपर बादल […]
तुमे शायद पता नहीं, एक दिन चुपके से मैने, चुरा ली थी तुमारे होठों से, एक बूंद मुस्कराहट। कई दिन छुपा के रखता रहा, कभी तकीये के नीचे, तो कभी चांद के पीछे, बहुत चंचल […]
ये कहानी कुछ यूँ तय्यार हों गयीं की एक शख़्सियत बस उनपर फ़िदा हों गयीं ..! बस देखने से ही शूरवात हों गयीं फिर तो फिर आँखोवाली मुलाक़ात हों गयीं ..! दिन में भी मेरी […]
मैं जीत कर भी हार गया तेरा लाल दुनियाँ से दूर गया
कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…. तू ही तो हमारे सहारे, तुम आ जाओ फिर एक बार ओ मुरली वाले, तेरी मुरली की धुन सुने हम भी ओ बंसी वाले , कान्हा तू ही हो […]
लफ़्ज़ बिकते हैं इमान बिकते हैं जब बिकने पर आये तो क्या-क्या बिकते हैं ज़माने में__ एक पाक़ दिल पिन्हां सा हैं जो दुनिया की किसी दौलत से ना पिघलता हैं ना बिकता हैं गालिबन […]
उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__ अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__ कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले […]
उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__ अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__ कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले […]
उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__ अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__ कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले […]
ऐसा कोई लम्हा नहीं गुज़रता जब सांसों से मेरी उसकी यादें ना गुज़रती हो__ ये बात और हैं एहसासों से मेरे वो अंजान हैं मगर हालात-ए-जिस्त ये हैं की वही ज़िन्दगी हैं मेरी वही अरमान […]
ज़िन्दगी की तारीख नहीं होती_ वरना हर तारीख पर फ़क़त ज़ख़्मों का हिसाब होता शाद-ए-लम्हें कहाँ खर्च हो गये कभी हिसाब ही नहीं मिलता_ -PRAGYA-
उस दिन मैंने तुमको, पहली बार ही देखा था, जब तुमने मेरे ऊपर, गलती से गुलाब फेंका था, न जाने क्यों उसके, कांटे मुझे न चुभे, लगा तुमने दिल का मरहम, सरेआम फेंका था, बोली […]
सोये हुए मेरे अरमानों को उठाने आया था कोई, कल रात मुझको चुपके से जगाने आया था कोई, के एक उम्र बीत गई थी अँधेरी चार दिवारी में मेरी, खुले आसमाँ में मुझको सैर कराने […]
मेरे जीवन का हर इक पल …….! (भक्तिगीत) मेरे जीवन का हर इक पल, तेरा ही अधिकार, कर ले तू स्वीकार, हे प्रभु, तू ही मेरा आधार……. नाम तेरा मन मन जपता हूँ, ज्ञान तुम्हीसे […]
मेरे हमसफर जो साथ हो मेरे जिंदगी भर के लिए, कभी दुःख में, कभी सुख में हमेशा साथ रहे मेरे, एक दुसरे का साथ हो तो अच्छा या बुरा वक्त भी गुजर जायेगा.. पर कोई […]
कौन है ये Guguu मेरे हर सवाल का जवाब है Guguu, मेरे दिल की धड़कन की आवाज है Guguu, मैं लहर हूँ तो दरिया है Guguu, अब पूछने की गलती मत करना, कौन है ये […]
मुझे उनसे बहुत मोहब्बत हो गई, अरे ये क्या कयामत हो गई, रातों की नींदें उड़ गई, दिन का चैन खो गया, मेरे दिल की तारें उनके दिल से जुड़ गई, हर रोज मेरी आंखे […]
नहीं है कोई खबर मुझे खुद की क्यों तुम मेरा पता पूछते हो
तुझसे कहां कुछ कह पाती हूं मैं जब भी तुम होते हो सामने खुद को खामोश ही पाती हूं मैं
Mera Raja beta
हे। कृष्ण तुम्हें फिर आना होगा हे। कृष्ण तुम्हें फिर आना होगा फुफकारों से भरी वसुंधरा आकर उसे मिटाना होगा विष फैलाते असंख्य कालिया आकर मर्दन दिखाना होगा काट शीश को दुष्ट पापियों के सुर्दशन […]
आज आंखों ने कितना कहर ढाया होगा देखकर, फौजी बेटे का धड़ माँ का दिल भर आया होगा पिलाने को अंतिम स्नेह अमृत बुझाने को ममतामयी प्यास उसके पावन स्तनों का दूध आज फिर उतर […]
राखी का त्योहार है आज, आजादी का जशन भी है बहन की खातिर जीना भी चाहता हूँ देश पर मार मिटाने का मन भी है। (देश के सैनिक की मन की बात)
तुमको यह आज़ादी मुबारक हो हमे तोह तेरे प्यार ने गुलाम बना रखा है कहने पे हम आज़ाद है पर तेरे जुदाई के डर ने पिजरे में रोक रखा है ख्वाब तोह आज भी बहुत […]
खबर मिली है के सबको ही ज़रा खबरदार रहना है, अपनों को अपनों से ही सम्भलकर मेरे यार रहना है, करली बहुत सी बेवकूफियां तुमने अब छोड़ो सबको, सुनो इस दुनियां में तुम्हें थोडा तो […]
” ऐसा हिंदुस्तान चाहिए ” जिस मिट्टी में जन्म लिया बस उसका ही सम्मान चाहिए, बन जाए विश्व भी इसका ऋणी बस वैसी ही तो शान चाहिए। जो कर न सका वैसा जग में बस […]
बात इस दिल की दिल में रख लो तो अच्छा लगे, सपनों में ही सही मुलाकात रखलो तो अच्छा लगे, देखकर तुमको मैं ज्ञानी गूढ़ भी मूढ़ ही हो जाता हूँ, सुनो बातों की तुम्हीं […]
उम्मीदों का ठेला लेकर रोज निकल जाता है कोई, कागज़ कोरे जेब में लेकर रोज निकल जाता है कोई।। कलम कीमती है कितनी ये भटक राह में जाना है, तभी बैग में स्याही लेकर रोज […]
गलतफहमियों की कितनी और किश्तें बाकी रह गईं, इंसानों की कितनी और देखनी किस्में बाकी रह गईं।। नज़र-नज़ारे दिल-दिमाग और जुदाई सबपे लिखा मैंने, कहना मुश्किल है के और कितनी नज़में बाकी रह गईं।। राही […]
जिनके यार खुदा से हो _ उन्हें जहाँ तो क्या मौत से भी खौफ कहाँ से हो_ -PRAGYA-
ज़िन्दगी कितनी खरोंचे दोगी_? अब तो रूह का रेशा-रेशा भी छील गया_ -PRAGYA-
दूरियों में तुझसे.. अजीब सा हाल हो गया हैं इस दिल का भी_ जैसे इक नाकाम सा बुत पड़ा हो आती जाती सड़कों पर_ -PRAGYA-
अब साँसे भी सोचकर लेती हूँ___ कहीं ख़याल तेरे महकने ना लगे जो ख्वाब तुमने तोड़े थे कहीं दिल फिर उसे बुनने ना लगे___ -PRAGYA
जर्रा को आफ़ताब बना दे वो नज़र मेरे दोस्त की हैं_ मैं इतनी क़ाबिल तो नहीं की इंसा के लिबास में फरिश्ता नज़र आऊं_ बना दे मुझे जो फरिश्ता वो नज़र मेरे दोस्त की हैं_ […]
तन्हा-तन्हा बौराई सी फिरती हूँ हुज़ूम में भी_ कहकशाँ लगाती हूँ अपनी ही विरानियत में कुछ हाल-ए-बयां इश्क़ का इस तर्ज़ भी_ -PRAGYA-
चूका ना सकोगे कभी उज़रत हमारे क़ब्ल की_ दिल में शगुफ्ता सी मोहब्बत..वो कर्ज़ हैं तुम पर_ -PRAGYA-
ज़माना पुछता हैं चेहरे में गज़ब की कशीश- ए-खामोशी हैं_ कैसे कहे_? हरसू से नूर का तिरगी से भी वास्ता हैं मैं नियूश सा सुनता हूँ दिल हर वक़्त उसका शोर मचाता हैं_ -PRAGYA-
ज़माना पुछता हैं चेहरे में गज़ब की कशीश- ए-खामोशी हैं_ कैसे कहे_? हरसू से नूर का तिरगी से भी वास्ता हैं मैं नियूश सा सुनता हूँ दिल हर वक़्त उसका शोर मचाता हैं_ -PRAGYA-
जी रही हूँ..ज़िन्दगी का बोझ उठा रहीं हूँ_ मोहब्बत की सज़ा बो गये हो तुम मैं गुनाहों की फसल काट रही हूँ_ -PRAGYA-
रक़िब ना बनों उल्फ़त के खामख्वाह वस्ल की जीद से_ दुरियों में ही सही लबरेज हैं दिल मोहब्बत से क्या इतनी आराईश काफी नहीं ढलती उम्र की पीड़ से_ -PRAGYA-
शब भर यादें तिरी शबनम सी दिल को भिगोती रहीं_ दूरियाँ इस कदर दरम्यां हमारे सिमट गई की मैं छूती रहीं हर याद तिरी वो अब्तर हो बिखर गई_ -PRAGYA-
यूँ तो बीत गये कई पल बिन तेरे भी_ पर संग तेरे बीते वो अनमोल पल भुलाये नहीं भूलते_ ताजिंदगी तुझे चाहने की रज़ामंदी हैं इस दिल की_ मगर वफ़ा का तेरी मुझे यकीं के […]
शज़र भी सुख जाते हैं बंद दरवाजों में_ हमें तो एक अरसा हो गया हैं इंतज़ार में तिरी कैद हुए_ -PRAGYA-
तू उड़ता रह आसमाँ में कहीं, मैं ज़मीं का हूँ तो रहूंगा यहीं, मैं अब तुझे दिखाई भी नही देता, तू मेरा इम्तेहान क्या लेगा? सर को गोद में रखे मैं सज़दे में रहा, मैं […]
मैं जब ख्वाबों से गुज़रता हूँ.. तो अक्सर मिल जाते हो तुम.. छत पे नींदें सुखाते हुए. छत से मेरी रातें टपकती होगी…
ये नज़्म पोछ के आँखों से.. इन्हें कानों में पहन लो तुम, तो एक आवाज़.. दौड़ के पास आएगी, और..मेरा पता गुनगुनाएगी. फुरसत हो तो आ जाना .
बारिश में भीगे कुछ ख्वाब.. कल उठा कर लेता आया, सुखा कर इन्हें, पूछुंगा आज.. कहाँ से आए? किसने छोड़ा तुम्हें सड़कों पे? अखबार में इश्तिहार दे दूंगा.. जिसके हों… वो ले जाये.. कुछ दिन […]
बादल जीवन फिर लाए तो ——————————– मधुर मंद -मंद बयार चली, नजरों में भर कर प्यार चली। धरती के सूखे बालों को सहलाती, चिंतित सी नार चली । पीछे पीछे मस्ताना सा, बादल आया दीवाना […]
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