झूमे जा रहा था मस्ती में कि उनसे नजरें चार हुई ब्रेक गाड़ी पर उसने लगवाया, और इनायत दिल की हुई खुद को संभाल पाता कि शिकार नजरों का हो गया कहना कुछ और था […]

देवीगीत:- ‘नवरात्रि स्पेशल’ ********************* माँ शेरोंवाली तेरी जय होवे ओ जोतावाली तेरी जय होवे| ‘प्रज्ञा’ झुकाए तेरे चरणों में शीश माँ माँ शेरोंवाली तेरी जय होवे| पूरी कर दे माँ मुरादें अपने भक्त की ओ […]

कल्पना की दुनियां, बहुत ख़ूबसूरत हकीक़त इससे कहीं तो जुदा है कभी मेल खाती, कभी दूर जाती हकीक़त की दुनियां है, कल्पना सी कहां है .. *****✍️गीता

क्रोध ना किया करें, क्रोध से रहें परे गुस्सा है माचिस की तीली सा, औरों को जलाने से पहले खुद को जलना पड़ता है ये वो विष हैं जो, औरों को पिलाने से पहले खुद […]

आया है, नवरात्र का दिन, एक विनती, सबसे से करते हैं,| श्रध्दा और, विश्वास भी हो, प्रेम और, पूजा पाठ भी हो | मूर्ति विसर्जन करना भाई, प्रदूषण का ध्यान भी हो| ज्योति जलाओ, प्रेम […]

कर के शेर की सवारी, आई माता रानी प्यारी आई शुभ नव-रात्रि, मांग लो मुरादें ,माता रानी से ऊंचे पर्वत पर मंदिर मां का, बेहद लंबा रस्ता है, यहां का बाण-गंगा का शीतल जल, करता […]

क्यों न होगा दूर तम ,माँ को याद करके देखिये भावनाओं के भवन से भय भगाकर देखिये ज़िंदगी खुशियों से भरी नज़र आयेगी जागती ज़िन्दादिली से ,माँ को हृदय में बसाकर तो देखिये || माँ […]

खो गये सारे शब्द अब जाने कहाँ ! जज्बात भी चादर ओढ़ सो गये कल्पना भी अब कहीं विचरण नहीं करती सपने सारे सपने हो गये मेरे अन्दर की कवयित्री अन्तस के आरेख’ बन गई […]

अब मेरी कलम में वो बात नहीं रही दिल के अल्फाजों में वो बात नहीं रही… लिखने को तो लिख देते हैं टूटी-फूटी शायरी पर जो बात पहले की कविताओं में हुआ करती थी वो […]

आज तुमसे बात करके लगा यूँ लगा जैसे वर्षों बाद मेरी साँस में साँस आई.. ना तुम बदले ना तुम्हारा अंदाज जैसे तुम थे वैसे ही हो जैसी मैं थी वैसी ही हूँ.. बदला तो […]

चुपके से रोज मैं उससे सवाल करता हूं, स्टेटस पर तस्वीर देखकर, उसे प्यार करता हूं | गोल सी आंखों में सपने उसने जो सजाए हैं, लगता है मेेरी कल्पनाओं से बड़ा मेल खाए हैं […]

आजकल वो अपना whatsapp status update नहीं करती, जाने क्यों face पर अपने smile create नहीं करती | इंतजार में उसके phone अपना alert रखता हूं, hang होने के डर से बराबर इसे reset करता […]

ऑन लाइन कक्षाएं चल रही थी, हमें कुछ बातें भी खल रही थी आज शोर कुछ ज्यादा ही था, किसी से किया एक वादा भी था अपने भी काम कुछ कम नहीं होते, पढ़ाने का […]

माता-पिता दाता इस जिंदगी के माता- पिता देवता जिन्दगी के। भाई है सचमुच भुजाओं की ताकत, वरदान बहनें इस जिन्दगी के। पत्नी में सारी सरसता बसी है, उसी में समाये पल जिंदगी के । बच्चों […]

हमें थोड़ा-सा वक्त और दो हम अच्छे बन जाएगे जैसा तुम कहोगी वैसा ही कर जाएगे जितना करीब आओगी मेरे तुम उतना ही सबसे दूर चले जाएगे वादा है मेरा प्रज्ञा’ तुमसे एक दिन हम […]

आज सोंचती हूँ क्या लिखूं दर्द लिखूं या मोहब्बत का उन्माद लिखूं चैन लिखूं या बेचैनी लिखूं तेरे इश्क में फना होने का अफसाना लिखूं गजल लिखूं या कि तुझ पर गाना लिखूं लिखूं अपने […]

दरिया के किनारों पर ख़्वाहिशे नहीं पनपती, डूबी हुई कस्ती को कभी शाहिल नहीं मिलती | उठना पड़ता है तल से सतह पर कुछ बयां करने को, यूं पानी के नीचे मंजिलें आसमानों को नहीं […]

कहीं भीड़ में खो गई है मुहोब्बत पहले है रोटी फिर है मुहोब्बत। जरा पास आओ, हमें कुछ है कहना। नहीं ठीक ऐसे सभी से मुहोब्बत। हमें देखकर फूल भी मुंह चुराते। बिना फूल के […]

कहीं भीड़ में खो गई है मुहोब्बत पहले है रोटी फिर है मुहोब्बत। जरा पास आओ, हमें कुछ है कहना। नहीं ठीक ऐसे सभी से मुहोब्बत। कहीं भीड़ में खो गई है मुहोब्बत पहले है […]

गोल-गप्पे खाने का, बहुत ज्यादा मन किया कोरोना के कारण, बाज़ार जाना भी बंद हुआ तो…., यू-ट्यूब खोला, रेसिपी उठाई जो-जो उसने बोला, वैसे ही हाथ चलाए अरे वाह, मेरी कड़ाही में भी देखो स्वादिष्ट […]

अंधेरे से ज्यादा, करीबी न रखना, अंधेरे से दूरी बनाए ही रखना। भले ही जमाना, तुम्हें कुछ न समझे, मगर हौसले को बनाये ही रखना। चली आंधियां है, धूल उड़ रही है आंखों को अपनी […]

नाराज न होना खत को पढ़कर, न जानू मैं खत को लिखना। बस आपके खातिर लिख डाला, यूॅ न हँस देना खत को पढ़कर। कुछ शब्द चुनिंदा लिये हुए, कुछ खुशबु फूलो की लेकर यह […]

वफ़ा कीजिए खुद वफ़ा ही मिलेगी, धोखे से बस बेवफाई मिलेगी। मुहोब्बत अगर साफ पानी से होगी, दिल ए गंदगी को , जगह ना मिलेगी। सड़क धूल से, इस कदर जब भरी हो, पांवों को […]

इन सुर्ख अधरों को मेरे गालों तक मत लाना चाहत और बढ़ जाएगी प्यार की । अपनी जुल्फों को अब और मत लहराना रात लंबी हो जाएगी इंतजार की । तड़पते रहेंगे उम्र भर मगर […]

आज फिर से हरकतें सीमा में दुश्मन कर रहे हैं, बेवजह उत्पात कर हमको परेशां कर रहे हैं। चीन अपनी बदनीयत से जाल फैलाने जुटा है, पाक को कब्जे में लेकर साजिशें करने लगा है। […]

कागज़,कलम की बातें सुनकर, मैं लिखना सा भूल गई कागज़ ने कहा कलम से, जब तुम चलती हो मुझपे कहो ये कैसा अहसास है, कलम ने कहा…… हमें भी नहीं पता, बस यही लगता है […]

न करना इस तरह संदेह हम पर आप यूँ हम तो सितारे हैं अमावस को चमकते हैं। निगाहों पर निगाहें डालकर दिल में धमकते हैं, आपके मुस्कुराते होंठ में हम ही चमकते हैं।

अरे, न हो, इतना निराश तू बाधाएं आती रहती हैं, मगर हौसले रहें बुलंद तो खुशियां कदम चूमा करती हैं। असफलताओं से मत घबरा सच्ची में तू मेहनत कर ले, सच्चाई पर विश्वास जगा बाकी […]

मन में नई उमंगें फिर से उमड़ रही हैं, कालिमा की परतें सचमुच उखड़ रही हैं। दुविधाएं आज सारी मिटकर सिमट रही हैं बाधाएं आज सारी पथ की निपट रही हैं। मंजिल को चूमने को […]

कितना लिखती हो वो ये कहते रहते हैं सावन पर क्यों रहती हो बस यही बोला करते हैं इतनी कविताएं तुम्हारे मन में कहाँ से आती हैं जब बैठती हो तन्हा तो कविताएं कैसे बन […]

वक्त ने फंसा दिया है, कभी रुला, कभी हंसा दिया है उनसे कहो, परेशान नहीं हैं हम वक्त की ही बात है, नहीं है कोई गम

राज मत पूछो उन्हें क्यों चाहता है दिल गर बता देंगे हकीकत आप भी जाओगे हिल। इसलिए होंठो को हमने अब दिया है सिल, ताकि भरते घाव कोई फिर न पाये छिल। डॉ0 सतीश पाण्डेय

कविता- डांट —————– ओ शब्द गूंज रहा, सामने होकर, सौ सवाल कर रहा| सुधर गए, समझ गए, संभल गए, या किसी की बातों में, फिसल गए, नारियल से सीख, गन्ने से सीख, क्रोध, ग्लानि घृणा […]

तुम भले ही मुंह फुला दो मुस्कुराना छोड़ना मत, गीत गायें हम कभी तो गुनगुनाना छोड़ना मत। यदि बताएं बात दिल की बीच में ही टोकना मत, जो कदम आएं हमारी ओर उनको रोकना मत। […]

जरूरी नहीं हम अपने गमों की नुमाइश करें जो दिल में है वो जग जाहिर करें जिसे समझना है मेरी तकलीफों को वो यूँ ही समझ सकता है मापने के लिए मेरा दर्द मेरी कविताएं […]

आज लॉकडाउन खत्म हुए तमाम दिन हुए और आज मैं इतने महीनों बाद बाजार गई कुछ कपड़े खरीदने बाजार पहले की तरह ही सजा था लग ही नहीं रहा था कि कोरोना भी चला रहा […]

मन खिन्न है मेरा तेरी बेवफाई से रो रहा है अम्बर भी धरती की जुदाई से बेबस हैं पत्ते सूखकर मिल गये धरती में टूटकर ग्लानि में मर रहा है विरह का दुःख तो वृक्ष […]

हम पलों का नहीं पलकों का हिसाब रखते हैं, जिनको दुत्कारते सब उनसे मिलाप रखते हैं। जब कभी नींद नहीं आती है रात भर करवटें सताती हैं, तब लगा ध्यान, बन्द आंखों से खुद का […]

हास्य – रचना ************* श्रीमान जी थके – थकाए घर आए, आते ही पत्नी से बोले… गर्मी बहुत है,थोड़ा पानी लाना, पत्नी बेचारी, बड़ी आज्ञाकारी बोली ,अभी आई और, आधे का भी आधा ग्लास पानी […]

जन्म लेने पर बंटी मिठाई, श्राद्ध हुआ तो खीर खिलाई जन्म की मिठाई से, शुरू हुआ एक मेल श्राद्ध पर आ कर, ख़त्म हुआ वो खेल और विडम्बना ये है कि, जिसके नाम का मीठा […]