आज बाजार में तुम्हें अचानक देखा ! मानो कोई सपना देखा पता नहीं किन खयालों में खोई थी कल रात जरा देर से सोई थी मन ही मन सोंच रही थी काश! तुम्हारे साथ बाजार […]
आज बाजार में तुम्हें अचानक देखा ! मानो कोई सपना देखा पता नहीं किन खयालों में खोई थी कल रात जरा देर से सोई थी मन ही मन सोंच रही थी काश! तुम्हारे साथ बाजार […]
हिन्दी देवी गीत – भक्ति दान दे दो | हे प्रमेशवरी हे दुर्गेशवरी भक्ति दान दे दो | काली कपालिनी दैत्य दलिनी शक्ति दान दे दो | जगत जननी माँ अम्बे जगदम्बे तुम हो | […]
तमाम ख्वाहिशें नहीं हैं मेरी बस ‘दो मुट्ठी आसमां’ की ख्वाहिश है पंख हों उड़ने का हौसला हो और हों बेहिसाब मंजिलें उड़ चलूं जिसमें मैं अकेली ना हो कोई मुश्किलें.. चाहें जिस राह पर […]
हुआ है ज़िन्दगी में पहली बार, 2020 ने रचा इतिहास किसी ने भी नहीं देखीं होली से दिवाली तक, स्कूल की.. छुट्टियां फकत हमने ही देखी हैं.. *****✍️गीता
कागज!! बड़े काम के हो आप युगों युगों से आप पर कलम अंकित करते आई है, तमाम तरह का साहित्य। आप में अब तक का दुख-सुख, उत्थान-पतन, आशा-निराशा, उत्साह-अवसाद, इतिहास, सब कुछ अंकित है। मानव […]
कतल कर दो मेरा तुम, ज़रा सी फुरसत निकाल के यूं इंतजार में तुम्हारे, हमसे तड़फा नहीं जाता… *****✍️गीता
फुरसत से करेंगे हम, कभी बातें मोहब्बत की लम्हे भी चुराए बहुत, ज़िन्दगी में फुरसत ही ना मिली *****✍️गीता
दोस्तों में उल्लास रहे जब हमारे, मुस्कुरा उठते हैं, तब लब हमारे व्यथित हो जाए कोई दोस्त गर, व्याकुल हो जाएं हम भी इधर कोई दुखी होता है गर उधर कहीं, कैसे खुश रहेंगे हम […]
स्वारथ की खातिर दूजे का दिल नहीं दुखाना है, आज नहीं तो कल सबने मिट्टी में ही मिल जाना है। धुँवा धुँवा होकर उड़ना है, बचा हुआ जल में बहना है, शेष नहीं रहना है […]
लोग कहने है मुहब्बत किसी १ से होता है। क्या इस युग में भी किसी १ से ही होता है।।
मैं सोचती थी तुम बदल गये हो नये रंग, नए ढाँचे में ढल गये हो.. पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ तुम जैसे थे वैसे ही हो.. बस कुछ लोग पीठ पीछे तुम्हारी बुराई किया […]
कौन कहता है कागज के फूलो से , कभी खुशबू आ नहीं सकती है। मैं कहता हूँ – क्या तुमने कभी, कागज के फूलो पे सच्चे मन से- महबूबा के नाम लिख कर देखा है।।
धरती तो सचमुच माता है सारा बोझ इसी पर तो है, जन्म इसी पर मरण इसी पर सारा बोझ इसी पर तो है। हम अपने स्वारथ की खातिर पाप कर्म में रत रहते हैं, कभी […]
जब हुई आँखों से, अश्कों की बरसात। तब याद है मुझे,थी वो बरसात की रात।।
सुबह की, किरण हो नई रोशनी हो, बहारों भरी हो, नई रोशनी हो। जिन्हें रात भर चैन की नींद आयी, उन्हें जगमगाती, नई रोशनी हो। बिखरते हुये दिल अंधेरा घिरा हो, उन्हें राह देती, नई […]
सोते समय तुम हमें याद करना दवा नींद की बन सुकूँ-चैन देंगे। अगर स्वप्न में दिख गए आपको हम, आवाज देना, मुस्कान देंगे।
हवा आजकल कुछ जवाँ सी जवाँ है, दिले धड़कनें भी जवाँ सी जवाँ है। उदासी नहीं रख कहीं मन लगा ले, अभी तो जवानी जवाँ सी जवाँ है। अंधेरा तुझे रोक पाये कभी ना खिली […]
छोटी सी है बिटिया रानी ऐसी लगती बड़ी सयानी, अपनी ही भाषा में जाने क्या कहती है गुड़िया रानी। वॉकर में बैठाओ कहती उसमें पांव टिकाकर चलती खड़े नहीं हो पाती है पर करती है […]
बाल कविता – स्कूल बैग *********** मेरा प्यारा स्कूल बैग सुन्दर सा है स्कूल बैग, चलती हूँ तो पीठ में रहता न्यारा सा है स्कूल बैग। सभी किताबें और कापियां रहती प्रेम भाव से इसमें, […]
चीन की कठपुतली बनकर कब तक ऐसा व्यवहार करोगे, लड़ना है तो खुलकर आओ कब तक छिपकर वार करोगे। पाकिस्तान, नेपाल आदि तुम अभी समय है संभल भी जाओ, दूजे की बंदूक उठाकर कब तक […]
कल रात स्वप्न में वो मेरे आई, धीरे से रजाई उसने मेरी सरकाई | रखा तब सर उसने सीने में मेरे, बैठी जब आकर पास सिरहाने मेरे | मैं अब कुछ गुनगुनाने लगा था, उसकी […]
कहाँ कभी ऐसा किसी ने सोंचा था एक पीङित, शव से विस्तर साझा करेगा। यह प्रकृति का कहर, या बढती आवादी की लहर जिन्दगी और मौत, जैसे संग-संग, गयी हो ठहर। एक तरफ शान्त, बिना […]
आदतों में कहाँ ये शुमार है अपनों के लिए जगह नहीं बस औरों के लिए प्यार है । आपकी अदा है आपका अपना यह सारा जहाँ बस गैरो की खातिर अपने से ही टकरार है […]
तुम्हारे और मेरे रस्साकशी में पीस कर रह गये अरमान हमारे तुम भी अपनी मर्जी के मालिक समझे न जज़्बात हमारे । पर अब और नहीं खुद पर गैर को हावी होने देंगे अपने हक […]
सवाल और गम के थपेडों के बीच पिसकर रह गये मेरे रूह और जिस्म समझने की कोशिश में, समझते- समझते सारी ख्वाहिश स्वाहा, बस मन में अवशेष है टीस
कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, उम्र ढल रही है ऐसे, मानो रेत हाथ से जैसे | कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, काश समय की इस रफ्तार को रोक पाता, समेट लेता […]
दिल पर एक बोझ लिये घूमती हूँ ना जाने कहाँ रहती हूँ क्या सोंचती हूँ दिल की बेचैनी और बढ़ जाती है जब तेरे करीब से गुजरती हूँ तुम्हें हो ना हो मेरी जरूरत पर […]
तुम्हारी हिकारत गहरे पङे जख्म को हरा-हरा कर जाते हैं उपेक्षित किसी और के ख़ातिर मेरे रूह तक को वेध जाते हैं ।
अगर तुम होते तो और उम्मीद होती जीने की ————————————————– बहाने चार होते दुनिया से दिल लगाने के|
सब संभव हो यदि हम पूरे मन से चाह ले क्या नहीं बस में है अपना जो खुद की क्षमता जान ले राह निकल ही आए, घनघोर अंधेरे में भी, जो उम्मीद का दामन थाम […]
जो मेरा जिक्र किया करता था वो ही मेरी फिक्र किया करता था हम उसकी कद्र किया करते थे वो मेरी कद्र किया करता था
एक से दूसरी, दूसरी से तीसरी पटरी पर पटरी बदलता हूं क्या कहूं मैं प्रेम की गाड़ी में रोज सफर करता हूं इन गाड़ियों के डिब्बों से, रोज दिल मेरा मचलता है कभी नीला, कभी […]
बीती सुध ,जो कभी सुखदायक थी , आज वो बड़ा रुलाती हैं, चार दिन की घनी हरियाली थी, अब पतझड़ बड़ा सताती है।
तुम नहीं हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता तन्हाई से निकलने का रस्ता नहीं मिलता गुजरा जाता है यूं तो दिन धीरे-धीरे पर जिन्दगी तुझ बिन बिताना अच्छा नहीं लगता…
कविता में वो भाव नहीं हैं, जो मैं कहना चाहूं स्वर में वो माधुर्य नहीं है जो तुम्हें सुना मैं पाऊं वाणी में वो चातुर्य नहीं है कैसे मैं समझाऊं कविता में वो भाव नहीं […]
*****हास्य रचना***** कल शाम को बाज़ार गई थी लाने को अपना कुछ सामान सात महीने पहले सिलाया , नया सूट पहना, लॉक डाउन ना होता तो अब तक तो हो जाता वो पुराना पहले चुनरी […]
घर के काम बाहर के काम काम की तो जैसे बारिश हो रही है सुकून के कुछ पल मिल जाएं हम भी कुछ हंसें, बोलें ऐसी ख्वाहिश हो रही है *****✍️गीता
हे माँ! तू जीवनदायिनी । तू है माँ इस जग की माता, तेरी ममता हर कोई पाता तुमसे है हमसब का नाता पुत्र कुपुत्र सुने हैं भव में पर तू तो है वरदायिनी, हे माँ! […]
तुम नहीं हो तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता तन्हाई से निकलने का रस्ता नहीं मिलता गुजरा जाता है यूं तो दिन धीरे-धीरे पर जिन्दगी तुझ बिन बिताना अच्छा नहीं लगता…
कुछ ऐसे भी लम्हे जीवन के जिनके याद का दीपक जलता है घोर तिमिर की खायी में जो प्रकाश बन राह दिखाता है । मन बोझिल हो जब जाता है नहीं पास नजर कुछ आता […]
हर हर महादेव अब संघार बहुत हुआ थोङी सी करूणा बरसा जाओ। कहलाते हो औघरदानी तुम सन भला कौन विज्ञानी इस व्याधी से, हर परेशानी से मानवता को निजात दिला जाओ । देख तेरे सुत […]
दूर रहकर जीवन यापन करने का फैसला तुम्हारा था मैंने तो बस साथ निभाया, सम्मान किया, जो एकतरफा निर्णय तुम्हारा था। ये खामोशी जो घर बना ली है हम दोनों के दरमियां इसकी बहाली भी […]
रोज़ 9 बजे से 5 की ड्यूटी फिर ओवरटाइम बचता इतना सा समय जब लिखता हूँ फिर आया लॉक डाउन जब घर मे बंद काम बंद सब बंद भूख से बदहाल ज़िन्दगी सपने जो थे […]
यूं मेरे प्यार पर बेवजह शक न जताया कर, खामोश हूँ, बेवफ़ाई का इलज़ाम न लगाया कर | जमाने में हँसी हो मुझे ऐसे नज़रअंदाज़ न कर, चाहत हो तुम मेरी इस बात का इक्तिराफ […]
इस तरह बम पटाखे फोड़ो मत, कान डरते हैं, कान फोड़ो मत। निर्दयी से करो किनारा तुम दया धरम की राह छोड़ो मत। मिलो ऐसे मिलो, दूध में बतासे से कच्चे धागों में खुद को […]
हम तुम्हें भूल गये! यह गलतफहमी पालकर बैठे थे एक दिन आ गये तुम अचानक सामने तब से दिल हार कर बैठे हैं..
देवी माँ का पूजन कर लो लेकिन अपनी मां मत भूलो, जिसने जनम दिया तुमको वृद्धाश्रमों में ठूँसो। थोड़ा सा सोचो-समझो, बुजुर्गों की इज्जत कर लो, अपने संतोष की खातिर उनको वृद्धाश्रमों में मत ठूँसो। […]
नयन आपके राह भटका रहे हैं, जरा सा चलें तो अटका रहे हैं। हुआ क्या अचानक उन्हें आज ऐसा हमें देख जुल्फों को झटका रहे हैं। इल्जाम हम पर लगाओ न ऐसे, दिल ए द्वार […]
दिखे शांत सरोवर का उर, भीतर हो रही हलचल रह-रह कर उठती हैं लहरें, बता रही व्याकुलता प्रतिपल.. *****✍️गीता
दिल ले के वो नादान, दग़ाबाज़ी करते चले गए। रेत में हम उनके लिए, महल बनाते चले गए।। हमें क्या पता था, खूबसूरत समंदर की बेवफ़ाई। हम तो समंदर की सुरत पे, एतवार करते चले […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.