रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है, अपनों के बीच यह कैसा नफ़रत का फूल खिला है गुलिस्तां महकता था कभी जिनकी किलकारियों से, खुश्बू बिखरती थी कभी बागीचे की फुलवारियों से […]
रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है, अपनों के बीच यह कैसा नफ़रत का फूल खिला है गुलिस्तां महकता था कभी जिनकी किलकारियों से, खुश्बू बिखरती थी कभी बागीचे की फुलवारियों से […]
Shayri – Kiske khwaabo me raat bhar jag rahe ho Kya baat hai aaj bade khush lag rahe ho POEM Suneye zara meri kavita shuru me karta hu Garmi ka waqt hai thodi thandi baat […]
आसमां तो है सबका मगर मुझे हकीकत की जमी पर रहने का जुनून है
नाकाम मोहब्बत की निशानी ताज महल ज़रूरी है जो लोगो को ये बतलाये के मोहब्बत का कीमती होना नहीं बल्कि दिलों का वाबस्ता होना ज़रूरी है दे कर संगमरमर की कब्रगाह कोई दुनिया को ये […]
Desh Sankat Ye desh me kaisa sankat hai aa gaya Kuch ko kar raha bimar or kuch ko maut ki nind sula gaya Ye sadko pe kaisa sanata hai chaa gaya Ye desh me kaisa […]
जिसे सर झुकाने की आदत नहीं है उसे हर बशर से मोहब्बत नहीं है दुःखा दिल किसी का ख़ुशी मैं मनाऊँ मेरे दिल की ऐसी तो फ़ितरत नहीं है वो अपने किए पर पशेमां बहुत […]
कागज का टुकड़ा बना पतंग उड़ना चाहे नील गगन में। हम पंछी का जीवन क्योंकर डाल रहे हो पिंजर बन्ध में।। पतंड उड़ाने के शौकीनों मुझको भी तो उड़ने दो। मेरे भी हैं कुछ अरमान […]
✋बुलाती है मगर जाने का नही ✋👋 सब कहते है, बुलाती मगर जाने का नही । दिल के मरीजों को ऐसे रूलाने का नही ॥ ये याद ये तड़प ये दर्द सब ले अपने साथ […]
उनकी बगिया की बहार देखती ही रह गई कली जो खिली थी धूप की तपन में मुरझा गई …… अंजुमन में कितने मशरूफ थे तेरी स्मृतियों के अवशेष बातें बहुत-सी हुईं रह गए बस वचन […]
बिछड़ने से जरा पहले तुम्हें कुछ याद है हमदम तुम आये थे मुझसे मिलने बिछड़ने के इरादे से
सिले हैं होंठ मेरे उसूलों के धागों से पर क्या करूँ मेरे उसूल ही मेरे जीने का बहाना हैं…..
हाँथ फैलाकर मैने कभी कुछ भी नहीं माँगा पर तुझे पाने की चाहत कयामत तक रहेगी
हाँथ फैलाकर खुदा से कुछ भी नहीं माँगा मैने आज तक मगर ए हमदम! तुझे पाने की चाहत कायनात तक रहेगी
भोजपुरी गीत – होले होले डोले | तन मोरा होले होले डोले | मन मोरा डरे डरे बोले | कोरोना केहु जान ना ले ले | तन मोरा होले होले डोले | आइल कहा से […]
हिन्दी गीत – साथ लड़ेंगे | हम साथ रहेंगे साथ लड़ेंगे | कोरोना से ना हम डरेंगे | साथ जिएंगे साथ मरेंगे | कोरोना से ना हम डरेंगे | छाया विश्व जगत मे अंधेरा | […]
प्रेम, जिसमें मैं ही मैं हो हम न हो डूब गए हो इतने के उबरने का साहस न हो वो प्रेम नहीं एक आदत है उसकी जो एक दिन छूट जाएगी फिर से जीने की […]
चमक रहा चांद पूनम का जगमग आज आंगन है। प्रफुल्लित हर कण वसुधा का सुहानी रात साजन है।। हृदय के कुंज में प्रीतम सजाया सेज फूलों का। नयन पथ से उतर आओ नहीं है आतंक […]
मन करता है… कि जी लूं कभी अपने हिस्से का जीवन कुछ न सोचूं न ही कुछ समझूँ। बन यायावर … देखूँ सब कुछ चहुँ दिशाओं मे कुछ न माँगू न ही कुछ जानूं। मन […]
लॉक डाउन २.० चौदह अप्रैल दो हज़ार बीस, माननीय प्रधान मंत्री जी की स्पीच । देश के नाम संबोधन, पहुंचा हर जन तक । कई बड़ी और अहम बातें, क्या क्या कहा, हम हैं बताते […]
My introduction :- “अभिनव कुमार एक साधारण छवि वाले व्यक्ति हैं । वे इकतालीस वर्षीय हैं व दिल्ली में रहते हैं । वे विधायी कानून में स्नातक हैं और कंपनी सचिव हैं । वे इसी […]
लिये छः ऋतुयें आये नया साल, हर ऋतु गुजरे मेरी संग मां के, त्यौहार मेरे न तुमसे, संग मां के, मेहनत मेरी ,उगले सोना मेरी माँ, समझता मैं खिलखिलाना मां का, सिसकता मैं देख सुखी […]
पंछी हूँ उड़ना चाहता हूँ पिंजरे में कैद हूँ इक आज़ाद आसमां चाहता हूँ माना घर में सुरक्षित हूँ पर खुद का बनाया घरौंदा चाहता हूँ जो तुम चाहो वही बोलता हूँ खुद की भी […]
जिसे हम भूल जाते हैं खुदा भी रूठ जाता है चैन उसको नहीं मिलता लोग भी मुँह चिढ़ाते हैं
आठवनी ने तुझ्या जीव तळमळतो माझा, माझ्या प्रतेक श्वासा त भास आहे तुझा…
मेरा प्रेम तुम्हारी स्मृतियों से अतृप्त है अभी कुछ और समेटना है मुझे सफ़र के लिए
ए काश !मेरा प्यार भी कोरोना जैसा होता हम उन्हें छू लेते और उन्हें भी हो जाता
दूर जाने का उन्हें एक और बहाना मिल गया है कोरोना वायरस अब मेरी मोहब्बत पर भारी हो चला है
ना तुम कुछ कहो ना हम कुछ सुनें बस खामोशियों को खमोशियों से बात करने दो
ये सन्नाटा चुभता है मेरे दिल को तुम्हारा बोलते रहना ही अच्छा लगता है
वो भी दिन थे _________ क्या पल छिन थे जब तुम मेरे हुआ _____________करते थे गीत गुनगुनाते थे प्रेम के लफ्ज़ हुआ करते थे ——‐————- रिमझिम बारिश की फुहार में भीगते थे बदन ——————— होंठो […]
कभी मायूस होती हूँ कभी बेचैन होती हूँ मगर तेरी मोहब्बत में डूबी दिन-रैन होती हूँ, कभी बातें कभी यादें कभी तन्हाई में तुझको भुलाकर सब ओ मेरी जान सिर्फ तुझमें ही खोती हूँ । […]
किसी को प्यार किसी को प्यार की निशानियां रुला गईं हम मजबूर थे हमें हमारी वफादारियां रुला गईं।
रह जाती हैं स्कूल की सहेलियाँ स्कूल तक, कॉलेज की सहेलियाँ कॉलेज तक और पड़ोस की सहेलियाँ मायके तक बहुत ही मुश्किल है सहेलियों का साथ रहना दादी नानी बनने तक
कुछ अल्फाज बचा रखे थे उनके लिए वह आए और बिना बोले चले गए। कुछ नजरें बचा रखी थी उनके लिए वह आए और बिना देखे चले गए। कुछ गीत सजा रखे थे उनके लिए […]
अपनी इस लड़ाई से चाहे खुद लड़ना पड़ जाए अपनी ही परछाई से जब बात प्रतिष्ठा की हो तो हर व्यक्ति का अपना ओहदा है यह बात है आत्म सम्मान की ना हार जीत का […]
मेरे बच्चे साथ निभाओगे गर गुस्सा हो जाऊं किसी बात पर आकर मुझे मनाओगे ? इन सिकुड़न वाले हाथों को क्या प्यार से तुम सहलाओगे? बूढ़ा हूं कुछ , सुनने की शक्ति भी क्षीण हुई […]
ओ मेरे शिव, मैं सच में तुमसे प्यार कर बैठी सबने कहा , क्या मिलेगा मुझे उस योगी के संग जिसका कोई आवास नहीं वो फिरता रहता है बंजारों सा जिसका कोई एक स्थान नहीं […]
हो….. सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुन ऽऽ ए दिलजनिया जियरा मे सटायी के, लहराई ल ऽऽ चुनरिया हो…… सुन ऽऽ ए चँदनिया, सुनऽऽ ए दिलजनिया …………………………………………………………………………….. गर न तोहके नियरा हम अवऽती प्यार हम तोहसे […]
कभी कभी सोचती हूँ अगर इस पल मेरी साँसें थम जाये और इश्वर मुझसे ये कहने आये मांगो जो माँगना हो कोई एक अधूरी इच्छा जो अभी इस पल पूरी हो जाये मैं सोच में […]
आज पिघली-पिघली है देखो पथ्थर की दीवार बन्धु,सखा,माँ-बाप सभी छूट रहे हैं विडम्बना देखो समय की कुछ बिछड़ रहे तो कुछ रिश्ते जुड़ रहे हैं जिस आँगन में खेली- कूदी वही छोड़ कर जाती है […]
गजल -जीत लेंगे कोरोना | जीत लेंगे कोरोना तेरा नाम मिटा देंगे | मुरझाए चेहरों पर मुस्कान खिला देंगे | पहले न जान पाये अब जान चुके तुझे | तू पहचान हमे तुझको पानी पीला […]
कविता -सुरक्षित वही है होता | कोरोना देखे ना जात जान सभी लेता | रहता ज़ो घर मे सुरक्षित वही है होता | पहने न मुख बाहर मास्क खतरा बहुत | बचके रहना सभी आदमी […]
भोजपुरी गजल- कोरोना के कहर जारी बा | बच के चला कोरोना के कहर जारी बा | भइल जहा मनमानी अब सबकर बारी बा | ई कोरोना ह चिन्हे ला ना केहु के भाई | […]
भोजपूरी गीत – लुका जाला केहु | कोरोना से जेतना जब डरा जाला केहु | बच जाला जब घरवा लुका जाला केहु | एकरा ज़ोर देखवला मे भलाई नईखे | जान आपन बचवला जग हँसाई […]
अंबेडकर जयंती कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाये कविता – भीम हमारा अभिमान | किया निर्माण जो भारत का सविंधान | सत सत नमन भीम हमारा अभिमान | दिलाया अधिकार सबको जिसने समान| बाबा भीम को […]
कविता – तो बच जाने दो | बढ़ गया लोक डाउन तो बढ जाने दो | जान है जरूरी माल से तो बच जाने दो | इतने दिन बीते कुछ दिन और गुजारेंगे | घर […]
यह समय फिर ना मिले —————————- “दौड़ भाग की जिंदगी सुकून छीन ले गई, हम दौड़ते ही रह गए जिंदगी पीछे रह गई।” वक्त फिर भी ना रुका, सबको ठहरा सा दिया। भागी दौड़ी सी […]
आज कुछ बदला- बदला मिज़ाज है दिल भी बेताब है ——————– सिसकियाँ भी खामोश हैं लफ्जों में मिठास है ———————- गूंजती जा रही है गलियों में शहनाई ——‐‐‐————– बींद के इन्तज़ार में बीती जा रही […]
बहुत देर कर दी ज़िन्दगी तूने मेरे दर पे आने में हम तो कब से लगे थे तुझे मनाने में अब तो न वो प्यास है न वो तलाश है ,मानों खुद को पा लिए […]
हिंदी कविता व्यंग्य शीर्षक-: हाय रे चीन (कोरोना और चाइना ) हाय रे चीन चैन लिया तूने सबका छीन कुछ भी न बचा तुझसे ऐसा जो न खाया तूने बीन बीन हाय तू कैसा शौक़ीन […]
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