बेसबब प्रश्न हैं शब्द सब मौन हैं पूछते हैं कि हम आपके कौन हैं मैं युधिष्ठिर सा सच झूठ भी बोल दूँ वो कहां शष्त्र त्यागे हुऐ द्रोण हैं जानते हैं वो सब मानते कुछ […]
बेसबब प्रश्न हैं शब्द सब मौन हैं पूछते हैं कि हम आपके कौन हैं मैं युधिष्ठिर सा सच झूठ भी बोल दूँ वो कहां शष्त्र त्यागे हुऐ द्रोण हैं जानते हैं वो सब मानते कुछ […]
My thoughts weave a cobweb Around me,as I ebb And flow in like a wave, They strangulate and cave In and I crave for some air, As they fiercely glare At me, drops of perspiration […]
क्या खोया ? निकला था मंजिलो को पाने पर रास्तो से दिल लगा बैठा, और कल को बुनने की जिद में अपने आज को दांव पे लगा बैठा । दिल के अरमानो को आँखो पर […]
माँ… कितनी प्यारी प्यारी है माँ खुशबू है” फुलवारी है माँ मेरी पहली पहली चाहत मुझमें नज़र आई जो शबाहत मैं था जब नन्हा सा बच्चा कौन मेरी तक्लीफ समझता मुझको समझा मुझको जाना मेरी […]
हर किसी को यहां समन्दर नहीं मिलता ढूढते तो हैं हम भी मगर नहीं मिलता मुद्दतों पहले जो मुझसे छुट गया था अब मुझे वो पुराना सफर नहीं मिलता मौत भी भला कहाँ सस्ती है यारो बिना पैसों के तो यहां जहर नहीं मिलता […]
आखिर माँ है वो मेरी मुझे पहचान जातीं हैं……. मैं बोलूँ या ना बोलूँ कुछ वो सब कुछ जान जातीं हैं, मेरी खामोशी से ही मुझे वो भाँप लेती हैं, मेरी बातों से ही मेरी […]
तुम्हारे हाथ का हर एक छाला, चुभा जाता है इस दिल में एक भाला, हर एक रेखा जो तुम्हारी पेशानी पर है, एक दास्तां बयां कर जाती किसी परेशानी की है, बता जाती है वो […]
भरे महफिल में मेरे इश्क की वो इस कदर ताबीर करता हैं, कि अब तो हर गली में सब मुझे ही पीर कहता हैं,
I could not see you when I opened my eyes, As the immense pain made you without senses lie, But my baby cries Made you conscious and arise Out of the hospital bed and stand, […]
दिलवालों की दुनिया में कोई सौदा नहीं होता, प्यार से अनमोल कोई तोहफा नहीं होता, दौलत के तराजू में ना इसको तोलो यारों , ये प्यार है कभी कम – ज्यादा नहीं होता। जिज्ञासु
दहकती आग थी कुछ चिंगारियां थी ये तो बस अपनों की ही रुसवाईयाँ थी जो कभी पैरहन से लिपटे मेरे चारसू अब वो न उनकी साथ परछाइयाँ थी राजेश’अरमान’
वो प्यार इतना मुझे करते है ख्वाबों में आने से भी डरते है इन्तहा इश्क़ का न आलम पूछो वो ज़ख्म देते भी और भरते है राजेश’अरमान’
सवाल .जवाब बहुत कहा कोई नई राह चल उसने कहा भीड़ के साथ चल कुछ तो दिल की भी रख लो दिल बस धड़कने के लिया रखा कुछ तो जज़्बात होते है ये कमजोरों […]
कभी खुद को मदारी बना दिया कभी खुद ही तमाशा बन गए कभी खुद सिमट कर बैठ गए कभी खुद ही दिलासा बन गए राजेश’अरमान’
युँ तो देखे हर पल रंग ज़िंदगी के समुंदर ने बख्शे दिन तिश्नगी के युँ तो काफिलें भी थे मंज़िलें भी तलाश रही मुकाम पाकीजगी के राजेश’अरमान’
अब जो चेहरे पे नज़र जाती है साँसें कुछ देर को ठहर जाती है सब यहाँ मौजू मगर खुद ग़ुम कुछ खोने की अब खबर जाती है राजेश’अरमान’
कुछ तो बदले हम , कुछ बदल गई फ़िज़ा भी कुछ तो हैरा है चमन और कुछ खिजाँ भी अपने चेहरे का गांव कब तब्दील हुआ शहर में कुछ तो मज़बूरियां थी मगर और कुछ […]
ज़ेहन में बैठे कई अफ़सोस है बोलते सन्नाटे जुबां खामोश है अब वज़ूद कछुए का मिट गया बाज़ी जीतता सोता खरगोश है राजेश’अरमान’
वो न बदल सका पर मुझे बदल गया मुझे भी न बदलने का हुनर आ गया राजेश’अरमान’
आस उनके आने की कभी खत्म नहीं होती जिद उनके आने की कभी खत्म नहीं होती
मस्ज़िद गए कभी कभी उस रब के घर गए तब भी नही मिला कोई रस्ता तो मर गए ================= 1:-बदनाम तो बहुत हुए पर खुश भी हम रहे हम वो फकीर है जो इबादत ही […]
आसमां, बहुत है पास मेरे, कठोर बहुत हैं हवाओं के थपेङे, निष्फल करती मेरे हर उस कोशिश को, मानो मुझे रोकना ही, उसका एक मात्र ध्येय ये तुम जानो। उङ सकती हूँ इस दुनिया से […]
धीरे-धीरे माँ मै बदलने लगा हूँ। इस भीड़ भरी दुनिया में अपना -पराया पहचाने लगा हूँ । लोगों के स्वार्थ भरे रिश्ते से खुद को अलग सहेजने लगा हूँ। मै अब अपने जीवन का लक्ष्य […]
न समझे थे।हम दिल का खेल जुबा पे कुछ और दिल में मैल अब समझ आया ये सब है भोरेसे का खेल। उनकी नज़रो के हम कायल हुए थे। तब ज़माने से हम घायल हुए […]
जिन्दगी कभी आज है कभी कल होती है! कभी तन्हा कभी धूप की सकल होती है! लेना-देना पाना-खोना है जिन्द़गी, रोती हुयी आवाज ही गज़ल होती है! Composed By #महादेव
तेरे बगैर जिन्दगी की सूरत क्या है? तेरे बगैर कुछ भी खूबसूरत क्या है? जिन्दा हैं मेरी साँसें सोचकर तुमको, तेरे बगैर जीने की जरूरत क्या है? Composed By मिथिलेश राय ( महादेव )
हाथ की रेखाओं को क्यों बदनाम करते हो खुद ही हर सुबह को क्यों शाम करते हो पशेमाँ होके न बैठेगा ये बेदर्द जमाना आप बेवजह बैठे क्यों जाम भरते हो किसको फुर्सत जो देखे […]
धुँधले आईने से कोई अक्स निकल नहीं पाता वक़्त की सुइयाँ पकड़ने से वक़्त बदल नहीं जाता वो मोम सा बना रहता , कोई पत्थर नहीं था क्या हुआ शख्स वो अब पिघल नहीं पाता […]
सब अच्छे बुरे का मैं दोषी नहीं सब कुछ तय है फिर मेरे होने का मुझे ही क्यों हर पल भय है/ मैं फिर क्यों इस चक्र के चलने रूकने का भागी हूँ आत्मा शरीर […]
कुछ तो शोलों को भी खबर थी एक दुनिया थी जो बेखबर थी कुछ चिंगारिया दबी थी कोने में ये गुजरती हवाओं को भी खबर थी राजेश’अरमान’
इन काँटों को फूलों से अलग न करना इनमे दबे है कुछ एहसास मुरझाए राजेश’अरमान’
गांठ बंधे रिश्तों में एहसास क्यों ढूँढ़ते हो सेहरा की रेत में प्यास क्यों ढूँढ़ते हो हर शख्स कुछ न कुछ दे ही गया ज़ख्म ऐसे माहौल में तुम कोई खास क्यों ढूँढ़ते हो वहां […]
दुनिया की रस्मों में इन्सां कहाँ मगर गया वो शहर की रौनक में कौन भर जहर गया अब भी बैठे ही उन लम्हों की चादर ओढ़कर वो भी एक दौर था वक़्त के साथ गुजर […]
जल रही है जिंदगी हर रोज यहां बिखर रही है, मिट रही है हर रोज हो रहा है दमन मर रही है हर रोज जिंदगी जीने की आस लेकर
चेहरे का रंग तो हर कोई देखता है दिल का रंग भी तो कोई देखे जो खुमार छाया हुआ है आंखो में आंखों में खोये हुए वो भी तो देखे
मुझे आज भी तुम्हारा धोखा याद है। प्यार से मेरा विश्वाश जीत उस विश्वास को तोड़ना याद है। तुम्हारे हर वादे जो- जो याद आते है। मेरे आँखों में आँसू भर जाते है। शायद इसके […]
मेरे मोहल्ले में न मंदिर बनाओ … न मस्ज़िद बनाओ यदि बनाना ही है तो एक स्कूल बनाओ मेरे मोहल्ले में न गीता का पाठ हो न जुमे की नमाज़ हो अगर पाठ कोई […]
बहुत खूब मैंने देखा जमाना एक शाम और एक सुबह सुहाना उजली सी ज़िन्दगी पे पाये कितने रंग मैने । एक साथ होने का एक पल सुहाना बहुत खूब मैने देखा जमाना। मिर्च जैसी लगती […]
In the early hours of that cool night, Showed the Night Jasmine bright, A beautiful,white and pure bud, With ethereal beauty running through like blood, Created with Nature’s immense love, She was here to spread […]
ab main apni uljhane suljhaane ki zidd kar baitha hun… ab jo takdeer mein nhi usko paane ki zidd kar baitha hun… suna hai uski mohobbat paane me toofan bahut hain, ab aise saahil pe […]
तितली सी उङती फिरती थी, ठुमक ठुमक कर,इतराती, सारे रंग संजो लेती थी, खुशियों से मुस्काती। माँ-बाबा से बकबक बकबक, भाई से नादां सी खटपट, गुङियों में तमाम ज़िन्दगी जी लेना, सपनों की सुंदर सी […]
ठहरी हुई वो शाम , हाथों पे स्याही से लिखा वो नाम चलती हुई सी वो सड़क साथ चलना बस यूँ ही हाथ उनका थाम मुस्कुराहटों में उनकी ढूंढना खुशियाँ दबी देखना कनखी से उनको […]
जाएगी खुद से है जंग , तकदीर भी कुछ रूठी सी है एक मुद्दत से है इंतज़ार हमे अब तो उम्मीदें भी सब झूठी सी है मगर है जज्बा बाकि दिल में कि मेहनत रंग […]
पहला प्यार सुनते ही उछल पड़ता है ख्यालों का असीम समन्दर पर समझ न आता क्या लिखूं बस तुम वैसे ही थे जैसे खिल उठता है सूरज को देख सूरजमुखी का चेहरा, वैसे ही जैसे […]
सुन लो मेरी आह पिया जी , एकला मुश्किल राह पिया जी …. राम हृदय दुर्लभ जग में हैं , परख के बोलो शाह पिया जी …. सिरफ़ रात तक चाँद तुम्हारा , करता […]
जगमगाया है जब खुशी का चराग़ गुल हुआ बज़्मे बेबसी का चराग़ था कभी वजह रोशनी दिल की वो अमानत है अब किसी का चराग़ कोशिश की हैं बारहा लेकिन बुझ गया मेरी […]
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