मेरी चिरइया मेरी चिरईया कुंदति फांदती , कब बड़ी हो गई मुझे पता ही नहीं चला ठुमक ठुमक के चलने वाली कब पैरों पर चलने लगी कभी मचलती इन्ना ,कभी किलकारियों के साथ उसका वो […]

काली घटायें हैं बादल में , धीमी हवायें हैं सागर में , भीनी सुगन्ध है माटी की , करती आकर्षित घाटी को, तुम कहाँ छुपे हो इस पल में , जब पुरानी यादें हैं आँचल […]

जब तेरे ख्याल से मुलाकात हो जाती है! तूझे याद करते करते रात हो जाती है! रूकता नहीं है सिलसिला इरादों का मेरे, जब ख्वाबों से रूबरू बात़ हो जाती है!   Composed By #महादेव

जख्म जिन्दा है तेरा याद भी आ जाती है! खामोश लम्हों में चाहत तेरी रुलाती है! मैं जी रहा हूँ तन्हा गम-ए-हालात से मगर, चुभन से ख्वाबों की आँख मेरी भर आती है!   Composed […]

क्या मै तुमसे करती हूँ प्यार, हाँ प्यार है, या है इनकार, बङी ही उलझन में पङ गयी हूँ , क्यों तय कर नही पा रही हूँ , कभी लगता है करती हूँ प्यार, कभी […]

जिंदगी खेलती है खेल हर लम्हा मेरे साथ नहीं जानती गुजर गया बचपन इक अरसा पहले खेल के शोकीन इस दिल को घेर रखा है अब उधेड़ बुनों ने कसकर अब इनसे निकलूं तो खेलूं […]

यह कविता एक ऐसे आवास के विषय में है जो सिर्फ कवि या लेखकों के मन में निर्मित है। कवियों के उस आवास को मैंने कविनिकेतन नाम दिया है। इस कविता में उसी आवास का […]

कतरा कतरा रिसते रहे हम उनके इश्क़ में अपने ही अंदाज में हम उम्मीद है की नजर न होगी कोई शख्सियत तेरे इतिहास में हमे मगर एक आरज़ू है मगर दिल में एक नजर भर देख लीजिएगा लिपटे स्याह सफ़ेद लिबास में हमें ।। #suthars’    

गिरते गिरते ही सम्भलते हैं सब फ़िर कहीँ आगे निकलते हैं सब ऐसे क़ाबिल तो नहीँ बनता कोई पहले जलते हैं पिघलते हैं सब कौन बच पाया हमें बतलाओ दिल जवानी मॆं फिसलते हैं सब […]

क्या यही सरजमीं थी मेरे वास्ते ये कैसी कमी थी मेरे वास्ते खुद को देखू तो स्वर्ग का अहसास हैं मेरे दामन में आतंक का आभास हैं सहमे सहमे है बच्चे मेरे हर घरी जाने […]

आँगन में जो फुदक रही थी एक छोटी सी चिड़िया! दौड़ी उसे पकड़ने उसके पीछे छोटी बिटिया!! बोली मैंने आज पढ़ा है तू है दुर्लभ प्राणी! तुझे संजोना है हम सब को देकर दाना पानी […]

मां वीणा वादिनी का नमन करते हुए इस नये सफर की शुरुआत करता हूं   मा शारदे मेरी मा शारदे सद्विचारो भरा हमको संसार दे मा शारदे मेरी मा शारदे। अपनी ममता की बारिश की […]

~सूखी स्याही~   केवल शब्दों का झुण्ड है,   मेरी कविताऐं लोगों के लिए,   सचिन*   पर जब हम बैठते है पढ़ने को ,   तो   यादों में बदल जाती है,   हर […]

  ऐ दिल आ गुफ्तगू करते है कुछ चल बता तू यूं उदास क्यूं है जिन रिश्तों की कोई तवज्जो न थी तुझे “सुथार” आज वो इतने खास क्यूँ है ।। ‪#‎suthars‬’

उन दलितों और शोषितों के लिए, क्या किया केंद्र की, वर्तमान सरकार ने? आज भी गुजरता हूँ, जब उन दलित बस्तियों से कचरों की ढेर पर, देखता हूँ मासूम कंकाली बच्चों को- कुत्ते और सूअरों […]

मैं यह शिद्दत से महसूस करता हूँ लिख – लिख कर मैं कागज नहीं अन्तर की रिक्तता को भरता हूँ रिक्त स्थान कुछ ऐसे हैं… मन के अन्दर बैठे हैं वें प्रश्न पूंछ्ते रहते हैं […]

कभी भी इतनी दूर ना मुझसे जाना, कि मुश्किल हो जाये पास आना, बहुत लम्बी होती है एक दिन की दूरी भी जब बैठी रहूँ मैं इंतज़ार में,कुछ बेइख़्तियारी सी भी है, जब चिराग की […]

मैने दिल को कितनी बार समझाया, उसे याद न कर वो अब किसी और की है। उसके लिए खुद को बर्बाद मत कर। माना मुश्किल है।उसे भुलाना पर पाना भी उसे अब मुमकिन नहीं। फिर […]

निकले हैं हम जो प्रगति पथ पर जड़ों को अपनी भूल गये मलमल के बिस्तरों में धँस के धरा की शीतलता भूल गये छूकर चलते मोबाइल के आगे नम्बर घुमाना भूल गये मैसेज में बधाई […]

समझदार हो गर, तो फिर खुद ही समझो। बताने से समझे तो क्या फायदा है॥ जो हो ख़ैरियतमंद सच्चे हमारे, तो हालत हमारी ख़ुद ही देख जाओ। जो ख़ुद जान पाए न हालत हमारी, दिखाने […]

आज मुझे आलिंगन देकर मुक्त करो हर भार से… प्रियतम मेरा हाथ पकड़ कर ले चल इस मझधार से… नयन मौन हैं किन्तु प्रणय की प्यास संजोये बैठे हैं.. भाव हृदय के स्मृतियों में अब […]

किसी के वास्ते हम भी कमाल कर लेते हैं! अपने हर सकून का बुरा हाल कर लेते हैं! खोखले रिवाजों में हम जीते हैं जिन्दगी, मगर हम तकदीरों से मलाल कर लेते हैं!   Composed […]

गम-ए-तकदीर के भी कैसे नजारे हैं! खौफ़ की राह पर ख्वाब सब हमारे हैं! मंजिलों को खोजती है ज़िन्दगी कोई, किसी की ख्वाहिशें ही टूटते सितारे हैं! Composed By #महादेव

जो हो गयी है बंजर जमीन, जमाने कि दिल की तू कुछ अश्क बहाकर इसे नम कर दे|| हो गया हो अगर सूना तेरे मन का आंगन इक पक्षी को रखकर इसमें कलरव भर दे|| […]

मेरा जीवन कब मेरा है बस आती जाती सांसें हैं इसमें सुख दुख दूजों का है वे दूजे मेरे अपने हैं ! जब जब कोई मेरा अपना हँसता है मैं हंस लेती हूँ ! जब […]

जंग आजकल उलझा हुआ हूँ जरा कल और आज की अजीब सी उलझन में मेरे अंतर्कलह का दन्दव है ले रहा रूप एक जंग का एक जंग खुद की खुद से । गुन्गुनानाता हूँ , […]

तेरे मेरे दरमियाँ जो फ़ासला है कम कर दे। मेरी आँखों के आँसुओं को तू शबनम कर दे। तूने वादा किया था मुझसे साथ देने का। तो साथ चल या फिर ये सिलसिला ख़तम कर […]

इश्क़ यदि है हक़ीकत तो मैं सारी उम्र जागूँगा। मगर यदि इश्क़ सपना है तो मुझको सोया रहने दो। ज़माना इश्क़ को आशिक़ को अक्सर ग़लत कहता है। ज़माने की किसे परवा, कहे जो उसको […]

ये दिल दिमाग़ मेरा, है साफ़ आईने सा। सचमुच में तुम हो जैसे, इसमें वही दिखेगा॥   फितरत में भी हमारी, शीशे सी ख़ासियत है। तुम सामने तो आओ, नफरत या प्यार लेकर। नफरत दिखाओ […]

जहाँ से मेरी यादें भी न तेरे पास जा पाएँ, बता ऐसे ठिकाने का हक़ीकत में पता क्या है। तुम्हारी दी सजा कोई भी सर माथे हमारे पर, समझना चाहते हैं तुमसे आखिर में ख़ता […]

सच स्वयंसिद्ध होता है, हाँ तुम झूँठ स्वयं रच सकते हो। सच का छिपना नामुमकिन, बस कुछ दिन इससे बच सकते हो॥ झूँठ की दुनिया सब अपनी सुविधा अनुसार बनाते हैं। निज मन से तर्क […]

ख़ुदा बनके अब तक जो मिलते रहें हैं, अब उन ख़ुदाओं से मन भर गया है। दुश्मनों ने न बरती कोताही ज़रा सी, हमेशा मुझे याद करते रहे। इधर इन ख़ुदाओं ने ऐसा भुलाया, दाँव […]

अहसास प्यार का माँ के, माँ की यादें, माँ का साथ। गज़ब सुकूँ मिलता है, जब माँ सर पर फेरे हाथ॥ माँ के हाँथ की थपकी, माँ का प्यार, वो माँ की ममता। बच्चे को […]

जीवन के सफर में अकेला हर शख्स यहाँ, हर छोटे बङे रस्ते पर अकेले ही चला जा रहा, अक्स बहुत हैं बिखरे इधर, पर अपना ही अक्स सिर्फ दिखे जिधर, आजू-बाजू, पीछे -आगे , कहीं […]

मुहब्बत में ग़ुलाबों की, ज़ख्म काँटों से खाए हैं। जहाँ तुमसे मिले थे हम, वो बस्ती छोड़ आए हैं।।   जो सच्चे रिश्ते होते हैं, हर क़दम साथ चलते हैं। बड़ी बातें नहीं करते, जो […]

मैं जी रहा हूँ तेरी कहानी बनकर! दीवानगी की तेरी रवानी बनकर! नाखुदा सी बन गयी हैं चाहतें मेरी, जख्में-जिगर में तेरी निशानी बनकर!   Composed By #महादेव