sawaal mat pucho, jawaab nahi aata…. dil ki rawaani na pucho, ab khwaab nahi aata….
sawaal mat pucho, jawaab nahi aata…. dil ki rawaani na pucho, ab khwaab nahi aata….
मेरे माधव ही नहीं आप सब … राह – ए – क़ामयाबी में , मेरी तरह एक मुसाफ़िर भी हो …. भरने फ़लक – ए – क़ामयाबी पर ऊंची उड़ान …… मेरे संग उड़ने वाले […]
हाँ,, मैंने लोगो को खुद में ही बदलते देखा हैं!! उनके जज्बाती हम को अहम बनते देखा हैं, कल तक जो सबको साथ लेकर चलने की बात करते थे,,, आज उनके खिलाफी ख्वाबो को भी […]
ღღ__हमको भी अपनी बारी का, इंतज़ार रहेगा “अक्स”; . लोग कहते हैं तारीख़, खुद को दोहराती ज़रूर है !!………#अक्स
जब महफ़िल – ए – इश्क़ में , निग़ाह से निग़ाह टकराई … दिल की बात चेहरे पर उभर आई …. अँधेरे में डूबे मेरे एक एक लम्हे को रोशन करने …. उसने क्या […]
देखकर उसकी मुस्कान , ख़ुशी से भर जाता हूँ , मैं ….. उसकी एक झलक पाने …. कुछ भी कर जाता हूँ , मैं….. वो क्या जानें , मेरा हाल – ए – दिल .. […]
When I say I love you, please believe it’s true. When I say forever, know I’ll never leave you. When I say goodbye, promise me you won’t cry, Because the day I’ll be saying that […]
वो मुझमें बस गया है ‘साहब’, आईने में “अक्स” की मानिन्द; . ღღ___नज़र के सामने होकर भी, अक्सर सामने नहीं होता !!…….#अक्स
दिल जब कश्ती – ए – मोहब्त पर सवार होता हैँ….. तब उनसे मुलाकात करने को दिल बेक़रार होता है…. दीदार कर उस अप्सरा का , मैंने भी मान लिया … ” एक नज़र में […]
उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहीं वो जो मिल जाये अगर चहकती कहीं जिन्दगी मायूस थी आज वो महका गयी जेसे गुलशन में कोई कली खिलती कहीं वो जो हंसी जब […]
कोई अपना था जो खो गया जिंदगी में जो पास था जो दूर हो गया यादों के सहारे रह गयी है जिंदगी मेरी लफ़्जों में ढ़लने लगी है जिंदगी मेरी
नदी को भी अकेले चलने का गम सताता है…. इसलिए सागर से मिलकर वह खुशी में बदल जाता है ….
Panchii hu Main ek , magar apne par ki mujhe khabar nahii… Khwaaishein puri krne ki tamanna jagii h bilkul nayi nayi, ki itnezaar krne ka mujhme baaki ab sabar nahii… मौत Ki neend Sulaane […]
Pyaar kya hota hai hum nhi jaante… Par zindgi ko apna hum bilkul hai maante… Zindgi me mile h itne gum ki eshaas nhi hota… Isliye ab koi pyaar kare humse ye vishwaas nhi hota…
I am a girl with my clothes partially torn, You know why? Because ‘Street kid’ has been my identity, When I opened my eyes after I was born. ‘Studying and learning in schools’, Our people […]
ღღ__मेरे मनाने से आखिर, क्यूँ लौट आएँगे वो भला; . वो छोड़ कर ही न जाते, अगर ऐतबार होता !!……..#अक्स
तु अतिशय सुन्दर दिसतेस यात तुझी काही चुक नाही आणि मला तु खुप आवडतेस यात मझी काही चुक नाही
उनकी सुनते सुनते हमारी उम्र निकल गयी हमारे दिल की न सुनी उन्होने एक भी बार
ख्वाहिश है बहुत दिल की आंखो में गम है बहुत ज़हन में है इक अजीब सी खामोशी होती है घुटन हरदम अब नहीं ख्वाहिशों का कत्ल करने को जी करता है खामोशी को चीरने को […]
ღღ___कल मेरी ख़ामोशी का उसकी यादों से, झगड़ा हो गया “साहब”; . और शोर इतना हुआ दिल में, कि नींद जागती ही रात भर !!…..#अक्स
kah bhe na pau, seh bhi na pau, yeh judayiaan teri nigahoon pe rakha hun, mera pharaar hua dil, kabhi dekha nahin tujhe, padh yeh aihsaas, rakha hain tere hi liye dhere se tu jo […]
ღღ___अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते “साहब” . हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!…….#अक्स
कुछ हर्फ़, चंद अहसास और कुछ खारे से मोती यही सब बचा है मेरे पास, बाकी सब ले गया मेरा ‘सब कुछ’
जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है। नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।। दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है। जग छान लिया, […]
कोई जमीन अभी भी है जहां मैं अभी तक गया नहीं हूं कोई आकाश बचा है अभी भी जहां मुझे पहुंचना है दो परतों के दरम्या मैं ठहरा हआ अभी तो बचा है बदलाव का […]
ღღ___सवाल तो बे-आवाज़ रातों का है “साहब”; . दिन तो गुज़र ही जाता है, ज़रूरतों के शोर में !!…….#अक्स
Lot of folks around me Still talk with anticipation.. Crawling there way in… They eye my pertinence.. Enduring my quiteness… I let the moment go.. Kinda remain dumbstruck.. daunted by my own soul.. I assent […]
किसी ने कहा था कभी कि मैं उड नहीं सकती अब जमाना मेरी उडान देख के हैरान है कभी लोग मेरी खामोशी की शिकायत करते थे अब मेरे बोलने से परेशान है आज तक समझ […]
घुल गया उनका अक्स कुछ इस तरह अक्स में मेरे आईने पर भी अब मुझे न एतबार रहा हमारी मोहब्बत का असर हुआ उन पर इस कदर निखर गयी ताबिश1-ए-हिना, न वो रंग […]
जब दर्द हुआ मेरे सीने में …. तो चुपके से दिल ने कहा ….. ए – सुख़नवर … ” आज थोड़ी तकलीफ़ हो रही हैँ , जीने में “…. पंकजोम ” प्रेम “
_________ लफ़्जों का सहारा बहुत लिया जिंदगीभर मैनें कभी कोई कंधा भी मिल जाता तो क्या बात होती – अंजली _________
ღღ___मेरी आँखों में जो क़ैद है “साहब”, वो समुन्दर ही है शायद; . कि सूखता भी नहीं, बहता भी नहीं, बस भरा ही रहता है !!…….#अक्स
This Poem is based on the sketch uploaded along with it.. Couldn’t think of any other title than this one truly depicting the origin of poem and also the loneliness of lad gazing down.., thus […]
घने अंधेरे भी बेहद जरुरी होते हैं….. घने अंधेरे भी बेहद जरुरी होते हैं बहुत से काम उजाले में नहीं होते हैं। उडऩा चाहेंगे जो पत्ते, वे झड़ ही जायेंगे वे आंधियों के तो मोहताज […]
ღღ___हासिल-ए-इश्क़ के बारे में, सोंचता हूँ जब भी ; . तेरा मिलना याद आता है, तेरी बेरुखी नहीं !!………..#अक्स
Woods are dark and deep Like my feelings and Lazy sleep. Silent breeze blowing around my ear Making soft noise, a little whisper. Cloudy fog is on their way trembling hands hardly finds their way. […]
Humse kya puchte ho dard “Jnab” Humne to bs ishq kiya.. Fir bdle me jo tha.. Use sb “dard dard” keh rhe h.
ღღ__लोग कहते हैं, इश्क़ मत कर, आखिर इश्क़ से क्या होगा; . अरे कुछ हुआ तो ठीक है “साहब”, ना हुआ, तो तजुर्बा होगा !!……..#अक्स
तन्हा चल रहा था सड़क पर मैं, तब देख रहा था मुझकों, “बाशिंदा उसका” , बड़ा मासूम सा वो,तबस्सुम कहीं खोई हुई, निगाहे तलबगार, और चेहरा उदास था उसका, जिस हाथ में “होनी थी कलम”, […]
meri zindgi se ek jang c chiddi h.. m muskura leti hu.. or wo rulane pe adi h.. meri zindgi se ek jang c chiddi h.
drd to bhut h is seene me… sbd km h jeewan me.. fir b khin na khin se jood leti hu sbdo ko… smet leti hu drd ko.. aaram mil jata h chand lmho ka.. […]
कौन कहता है आदमी मरता है बस एक बार वस्लो हिज़्र के खेल में मौत हुयी हमारी हजार बार
बेहद ही खूबसूरत है जिंदगी हर पल नयी, नूतन झिलमिलाती, चमकती हुई आंखों में ख्वाबों के पुल बनाती हुई कभी मुस्कुराती कभी रोती आसूओं में भी खुद का आईना दिखाती कभी चलती, कभी ठहरती बेहद […]
ღღ__दर्द की चाशनी में, डुबोना भी पड़ता है “साहब”; . महज़ इल्म की शायरी में, मिठास नहीं आती !!……..#अक्स “इल्म = ज्ञान”
MOhabbat k khanjar se is kadar kta h wo shaks jisne judna b chaha to judd na paya…
Bhulae nhi bhulte ho tum ab tumhari trh tumhari yaade b ziddi h
ek dost ne muje ek dost gift ki boli jo tum muje na keh ski tu ise bta skegi…
Bdi Siddat rhgi hogi mere pyar me tbhi log mera haal dek kr tera haal jaan lete h :p
Ruko or thoda wakt bitao kuch apne sath kuch apno k sath..
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