उम्मीद का दिया जलता रहे मेरे देश तू फूलता फलता रहे सबके दिल मे प्रेम की गंगा बहे रुके ना तेरे पैर यूं ही चलता रहे हर क्षेत्र में विजयी हो हो जाए तू अमर […]
उम्मीद का दिया जलता रहे मेरे देश तू फूलता फलता रहे सबके दिल मे प्रेम की गंगा बहे रुके ना तेरे पैर यूं ही चलता रहे हर क्षेत्र में विजयी हो हो जाए तू अमर […]
हर गली में खड़ा है कोरोना कहर। मौत की आग में जल रहा है शहर।। राम तेरा सहारा जो मुझको मिले। हर घर में खुशी के फूल खिलते रहे।।
हर गली में खड़ा है कोरोना कसर। मौत की आग में जल रहा है शहर।। राम तेरा सहारा जो मुझको मिले। हर घर में खुशी के फूल खिलते रहे।।
धरती के चारो ओर सन्नाटा छाया हुआ है सावधान सम्हालकार कोरोना आया हुआ है घर में भी लगाते रहे मास्क साइनएटाजर मुह दिखाने लायक नहीं अब मुह छिपाया हुआ है
दोस्ती होती नहीं कुछ यूँ ही आजमाने के लिए दोस्ती होती है जन्म जन्मा न्तर तक निभाने के लिए राम सुग्रीव और कृष्ण सुदामा को देखो दोस्ती में सौ गुना स्नेह बढ़ाने के लिए
रब की बनाई हवा है कितनी अनमोल। बिन आक्सीजन प्राण गया और पता चला है मोल।।
एक आँधी सी छाई चहुदिश बन दुश्मन द्वार कोरोना है। लाशें रो रही आज सड़क पर पीड़ित धरती का हर कोना है ।। विनयचंद एकांत में ले चल बीच भीड़ में क्योंकर रोना है। राम […]
निर्विरोध मास्क लगाना है। नहीं कोरोना से घबराना है।। अनावश्यक बाहर नहीं जाना है। घर में रहकर कोरोना को हराना है।। कोरोना भागेगा एक दिन ऐसा मन में रख विश्वास। बृक्षों लगा रे विनयचंद पाओगे […]
आइए आज से हम सब पांच दस पेड़ लगाए शायद अस्पतालों के चक्कर से बच जाए बड़ा करे इन्हे संतान की तरह पाल कर हम भी मुस्कुराए और पेड़ भी मुस्कुराए
पीते नहीं शराब हम फिर भी नशा छाया है हर पल का हिसाब है क्या खोया क्या पाया है लक्ष्य को हासिल करने का नशा भी जरूरी है मानव को नशा ने महापुरुष बनाया है
नशा मत करो ये नाश का मूल है इंसान के जीवन की सबसे बड़ी भूल है तन मन और धन की बर्बादी है ये इज्जत भी मिल जाती तेरी धूल है
हे! अंजनीसुत मारुतिनंदन , तुम्हें बारंबार प्रणाम है । कलियुग के देवा आन हरो पीड़ा, जग करता तेरा गुड़गान है। अपनी स्वामी भक्ति के कारण , आप श्री राम के मन को भाए थे , […]
आज है जन्मदिवस तेरा ओ मां अंजना के लाल , कलयुग के देवता कहां हो तुम ? आ जाओ करने फिर से हम सबकी देखभाल , आप की बनाई दुनिया में महामारी के बादल छाए […]
कुछ लिखने का मन ना करता शब्द न जाने छीने किसने बिखरी-बिखरी मेरी कल्पनाएं रूढ़ हुए जाते सपने प्यारी लगती अब तो तन्हाई मीठी मीठी तेरी यादें पर फिर भी ना लिख पाऊं मैं स्याही […]
अद्वितीय सेवक हैं बल बुद्धि के निधान है अजर अमर कलयुग के प्रत्यक्ष भगवान् हैं असुरों के काल और संत जन रखवाले हैं श्री राम की असीम कृपा का पाया वरदान है फिर से बेहोश […]
मुसीबत आई है मगर रोक नहीं पाएगी चाल को भेदन करना आता है हमे चक्र व्यूह के जाल को महामारी क्या डराएगी हम सब तैयार है निपटने करके पूजन रिझाएंगे हम कालो के काल को
सोचा था आज है हनुमान जयंती, कराऊगीं सुंदर से भजन कीर्तन पर बड़ा द्रवित यह मन हो उठा, सुनकर चंहुओर क्रंदन करती हूं प्रार्थना बजरंगी, सुन लो अब मेरी विनती । लोगों की पीड़ा हरो […]
जंग जारी है कोरोना के खिलाफ एक दिन जीत जाएंगे पतझड़ है घबरा मत बसंत आएगा गीत गाएंगे
जब भी खुशियों के पल आयें खूब आनन्द लीजिये, जिन्दगी की खूबसूरती का खूब आनन्द लीजिये। जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है, जूझना अपना काम है, लेकिन कर्म का भी मिलता दाम है। मगर कर्म […]
अवतार है अनेक भगवान् एक है मजहब के नाम पर लड़ना न नेक है सब अपने रिवाजों से करे ईश वंदना इंसानियत भी धर्म है कहता विवेक है
पहले करे कर्तव्य फिर अधिकार लीजिए कर्मो की है प्रधानता संसार लीजिए काटेंगे फसल कल बोयेगे बीज आज कुछ प्यार लीजिए कुछ प्यार दीजिए
शिव नहीं है चंदन नहीं हैं मगर सांपो को लिपटाए हैं आज कल इस धरती में इसी तरह के बादल छाए है
कुछ नहीं कर सकते हो तो दुआए करो शायद कबूल हो जाए महामारी का शूल चुभा है जो शायद गुलाब का फूल हो जाए
दौलत का गरूर मत कर खाली हाथ जाएगा तेरा शुभ करम ही तेरी पहचान बनाएगा कुछ पुण्य भी कमा लो करके परोपकार इस लोक में उस लोक में तुझको बचाएगा
वर्षो कि कमाई को करना नहीं बेकार कुरवनियो से हो सका है देश बन तैयार ये देश है धरोहर रखना सम्हाल कर हम भी है जिम्मेदार तुम भी हो जिम्मेदार
समझ गया है जमाना बेटा बेटी में फर्क नहीं होता जागरूक होते पहले से तो जीवन नर्क नहीं होता कन्या भ्रूण हत्या करना कराना अपराध है अनमोल है दोनों के बीच और कोई तर्क नहीं […]
आओ सब मिलकर एक दीपक जलाए रोशनी करके अपनो के बीच का अंधेरा भगाए दलित उपेक्षित पीडि़तो के बच्चों को उनके घर जाकर निशुल्क पढ़ाए
सच्चा सुख मिलता है मेहनत की कमाई से बच के चलना जरूरी है इस युग की बुराई से ईमानदारी से बढ़कर कोई नीति नहीं है जीवन को सफल बनाए करके भलाई से
प्यार करना आसान है मुश्किल है निभाना नादानी मत करना सोच समझ कर जाना खिलौना समझकर खिलवाड़ मत करना उम्र भर ये रिश्ता पड़ता है चलाना
अपने ही घर को मंदिर बना ले कही और नहीं जाना बोलती प्रतिमाए है घर के सदस्य सभी पुजारी की तरह अपना बना आशियाना
पाएगा कुछ न वन्दे भगवान् को भुलाकर हसने की सोचता है मां बाप को रुलाकर इंसान के अवतार में भगवान् को पाया इनके चरण है चंदन पानी सा घुला कर
आओ नमन करें उन्हें श्रद्धा से , मां भारती की रक्षा के खातिर , जो प्राण देश पर न्योछावर कर जाते हैं । बड़ी हिम्मत रखते सीने में , खुद मिट जाते सब के खातिर […]
क्यूँ आई दुनिया में मैं मां , जब जिल्लत जग की सहना था , मानव समाज के नियमों के , ताने बाने में रहना था । गर बेटा मैं भी होती तो , मेरा मन […]
गाँव में खेत हरे और है खलिहान गाँव में कूप, नल और है मैदान गाँव में बाग बन और है किसान गाँव में है भारत माता के प्राण गाँव में है कच्ची सड़क कच्चे मकान […]
भूख जब आती है तन मन में हलचल मचाती है भूख को जिंदा रखने के लिए दुनिया क्या क्या नहीं खाती भूख जब भूखी रह जाती है शैतान, हैवान बन जाती है भूख मिटाने के […]
है अनमोल धरोहर ये अपनी बौद्धिक संपदा कर सकता इसे कोई इसे क्षीण नहीं ,रहती साथ में सर्वदा कोई नया काज करें , या कोई हो स्रजित् अविष्कार हो कोई कलात्मक कार्य , या हो […]
धरती माता ! धरती माता ! करूँ माँ कैसे मैं तेरा गुणगान, आज तो निकली जा रही है सबके प्राण | आज हर शै की रौनक जा चुकी है , चारो तरफ उदासी छा चुकी […]
जब सत्ता का नशा किसी व्यक्ति छा जाता है तब उसे ऐसा लगने लगता है कि वो सौरमंडल के सूर्य की तरह पूरे विश्व का केंद्र है और पूरी दुनिया उसी के चारो ओर ठीक […]
है कि श्रीकृष्ण की अपरिमित शक्ति के सामने दुर्योधन कहीं नही टिकता फिर भी वो श्रीकृष्ण को कारागृह में डालने की बात सोच सका । ये घटना दुर्योधन के अति दु:साहसी चरित्र को परिलक्षित करती […]
कहा पेड़ ने मानव से कुल्हाड़ी मत चलाना मैं तुम्हारा पांव हूँ जब जाओगे मझधार में मैं तुम्हारी नाव हूं बचोगे तुम भी नहीं मुझे मारकर मैं तुम्हारी छाँव हूं प्यासे मर जाओगे मै बदलो […]
अंग्रेजों के साहित्य और विचार हमारे मन मस्तिष्क में बैठे हैं डेरा डाल फूट डालो शासन करो नीति जैसे है हाल हमारी संस्कृति उपेक्षित है हम उलझे हैं अंधे अनुकरण के जाल हिंदी भाषा शर्माती […]
यह सच है कि जिस रावण को राम ने मारा था वह मर गया था लेकिन कुछ दिनो बाद प्रतिशोध की ज्वाला में जलते हुए आया शुक्राचार्य संजीवनी शक्ति का किया संचार कर दिया रावण […]
बीत गया है ख़ुशी और गम बांटने का जमाना पागलपन है अकेले ही हंसना रोना गुनगुनाना काटते हैं ये जब इन्हें बांटते नहीं हैं कितना मुश्किल है अब सुनना और सुनाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है […]
कभी-कभी हमारी बात पर भी गौर कीजिए, मीठे के साथ- साथ में कड़वा भी पीजिये। अंगूर, सेब, आम सब आम बात है, पंचरत्न नीम का भी स्वाद लीजिये। सूखा पड़े न वक्ष पर अश्कों से […]
एक बूढ़ी अम्मा का घर आना हुआ, बातों का सिलसिला जब शुरू हुआ, अम्मा कहती जब से ई मोबाइल आया, वयस्कों संग बच्चा भी हमसे बात करने से कतराया, जैसे ही सुबह हुई बच्चों ने […]
आज कल परसों कभी तो पायेंगे कुछ नई आशा की किरणें दोस्तों। कब तलक भय का रहेगा राज यह कब तलक फैली रहेगी वेदना। कब तलक होगा रुदन चारों तरफ कब तलक साँसों के संकट […]
नींद पलकों में भरी स्वप्न आंखों में सजे आज आलस्य त्याग और कल मिलेंगे मजे। आज है काली निशा तारे तक खो गए हैं ठोस चट्टान भी देख यह रो गए हैं। ये हवा चल […]
अर्थ का महत्व है शब्द तो शब्द है, बिना अर्थ के शब्द निरर्थक है। अर्थ कुछ भी लगाया जा सकता है, निश्चित अर्थ या निर्मित अर्थ। चेहरे के भाव का अर्थ मूँछों में ताव का […]
मतदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है एक बार दे दिया तो उसे पांच साल ढोता है यदि चाहते हो सचमुच निज देश का विकास दिन में जागेगा नेता तब देश सुख से सोता […]
आतंकवाद की जड़ को काटने की जरूरत है जेल मे डालो या फांसी दो देखना नहीं मुहूर्त है इसने इंसानियत को शर्मसार किया है इंसान के अंदर छिपे ये शैतान की सूरत है
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