वो जाते-जाते एक सबक सिखा गया कि कोई किसी का नहीं होता और कोई किसी के लिए नहीं रोता चार दिन का मेला है ये जिन्दगी ना कोई किसी के साथ जाता ना कोई किसी […]

करो कुछ भी मगर मजबूर पर हँसना नहीं अच्छा, किसी का दर्द बढ़ जाये ये सब करना नहीं अच्छा। करो कुछ भी मगर मजबूर पर हँसना नहीं अच्छा, किसी का दर्द बढ़ जाये ये सब […]

शरद पूर्णिमा का चांद आया झिलमिल सितारों को लिए, खीर भी बनाई है कल चाव से सब खाएंगे, वो अमृत-रस बरसाएगा सौभाग्य देकर जाएगा सुन्दर सजीला चांद शरद का, आंगन में रौनक ख़ूब लगाएगा । […]

सुन्दर चमकता चाँद देखेंगे शरद का आप हम छत पर चलेंगे रात के नौ-दस बजे के बीच हम। मांग लेंगे चाँद से दाम्पत्य जीवन में बहारें, चाँद की सुन्दर चमक को आप हम खुद में […]

रंग दो अपने दिलों को, कुछ इस कदर प्यार से कि जैसे रंगा हो आसमां, शाम की बहार से ना कोई द्वेष हो मन में, ना कोई दुर्भावना स्नेह ही बरसे, चहुं ओर, हो प्रेम […]

किया है प्यार तो इकरार से इन्कार क्या करना। है मरना शौक़ बचने का जतन बेकार क्या करना। तेरा आगोश ही मझधार बनकर गर डुबाता हो, तो आशिक़ दिल ये कहता है कि दरिया पार […]

कविता- अपना इलाहाबाद ———————————– दिन भर टहल रहे थे, पार्क सहित संगम में, देख दशा हम शोक में डूबे, अपना इलाहाबाद है ऐसा| एक तरफ तो न्यायालय है, एक तरफ संगम है, एक तरफ तो […]

कागज़ की कश्ती चलती थी कागज़ का जहाज़ भी उड़ता था, थे अमीर बहुत तब हम, वो बचपन कितना, अच्छा था सखियों संग ,उपवन में जाकर आंख-मिचौली खेली थी, स्वादिष्ट बहुत लगता था वो आम […]

इस भ्रामक दुनियां में, बनूं आशा की किरण अन्दर ही अन्दर आहत हुई, फ़िर भी मैं, मुस्काती हूं कोमल हूं, कमज़ोर नहीं हूं, खुद को ये समझाती हूं राह कितनी भी कठिन हो, देखना चाहती […]

भाग्य भरोसे भूल से, नहीं बैठना है मनुज प्रभु भी करते हैं, उनकी ही मदद जो अपनी मदद, आप, किया करते हैं.. यहां “आप” शब्द का प्रयोग सर्वनाम में किया गया है, जिसका अर्थ “स्वयं” […]

कर्म ही जीवन का सार, कर्म ही प्राणों का आधार कर्म करते हुए हो इच्छा, सौ वर्ष तक जीने की कर्म नहीं तो इस दुनियां में जीना है बिल्कुल बेकार कर्म,परिश्रम नहीं हुआ तो, जीवन […]

करेला हूँ मगर इतना भी कड़वा मत समझना तुम, जरा सा भून लेना फिर नमक के साथ लेना तुम। हवा की कुछ नहीं गलती उसे क्यों दोष देते हो, जरा मेहनत करो बहती हवा को […]

सीख…. एक कीट पतंगा दिख रहा था अद्भुत मैं, उसको लख रहा था वह धीरे से उड़ चला , और प्रकाशित हो गया , पाठ एक पढा़ रहा था हाँ,मुझको बता रहा था गति ही […]

जिन्दगी में भले ही हमें आलसी लोग काफी दिखें, पर कई इस तरह के हैं कर्मठ अंत तक काम करते दिखे। एक काकी है दुर्बल मगर ऊंचे-नीचे पहाड़ी शहर में, सिर से ढोती है भारी […]

धर्म ईमान -इन्साफ को मानकर आदमी बनकर तुम जगमगाते रहो त्याग से ही मनुज बन सका देवता देवता बन सबों में समाते रहो || न घबराओ तुम संघर्षों से कभी तूफानों में भी उगता तारा […]

काव्य-गोष्ठी का हुआ, कार्यक्रम, शानदार सावन का धन्यवाद है, आयोजन किया है पहली बार सावन कवि सतीश जी ने, लिया संचालक भार कविताओं की गूंज उठी मधुर झंकार सभा सजी सहज सुंदर बज उठे सितार.. […]

उज्ज्वला का सिलिंडर सबको मिला, सब खुश थे, मगर वो रात भर सो न पाई। यह सोचकर कि – कोई मेरा नाम भी लिस्ट में जोड़ देता एक वोट तो मैं भी थी उसकी आंखें […]

उस गरीब माँ का अब अंत्योदय राशनकार्ड से नाम कट गया है, क्योंकि उसका बेटा पिछले महीने अठारह बरस का हो गया है, औऱ उसने आठ सौ का मोबाइल भी खरीद लिया है। डेरी से […]

वह पत्थर तोड़ती थी पर दिल की कोमल थी अपने सीने से लगाकर बच्चों को रखती थी भूँख जब लगती थी उसको तो बासी रोटियाँ पोटली से निकाल कर खा लेती थी पर अपने बच्चों […]

तुम्हारे लिए ही तो गजल, नज्में लिखती हूँ मैं मैं तो कुरान में भी पढ़ती हूँ तुम्हें | तुम्हें खो देने का खयाल इतना तड़पा देता है मुझे रात को जब भी आँख खुलती है […]

भोजपुरी कविता- बचावल ना गइल | होत रहे ज़ोर सरेआम अबला केहु मान बचावल ना गइल | ले लिहस कातिल जान केहु पानी आँख बहावल ना गइल | जात धरम देख करे राजनित, ई केवन […]

नजारा गजब दिखा किसी ऊँचे रसूख की पार्टी में, बचा हुआ खाना सामने के कूड़ादान में फैंका गया, कुछ उसके अंदर पड़ा कुछ सड़क गिरा, फिर जानवरों द्वारा इधर उधर फेंटा गया, सुबह वहां पर […]

करीब पांच बरस के राज के आंखों में उस वक्त खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे उस कूड़े के ढेर में कोई खजाना हाथ लग गया था। थैली लेकर […]

आज कुछ परेशान-सी हूँ मैं तेरी बेरुखी से हैरान-सी हूँ मैं जमीं पर पैर भी नहीं रुकते तितलियों के पंख भी रचते खाली मैदान-सा है दिल मेरा जहाँ परिंदे भी नहीं बसते दिल के फैसलों […]

स्वयं टूटकर स्वयं जुडूँगा सब कुछ अपने आप करूँगा। विगत दिनों जो भूलें की हैं उनका पश्चाताप करूँगा।। मेरी त्रुटि थी किया भरोसा मैंने अपने यारों पर। समझ न पाया पग रख बैठा मैं जलते […]

कविता- प्रेम से भिक्षा —————————- प्रेम है शिक्षा, प्रेम से भिक्षा, प्रेम ही सब कुछ , बिना प्रेम नहीं- जग मे जीने की इच्छा| प्रेम ही देखो, युद्ध कराये, प्रेम ही देखो, बुद्ध बनाये| मातृभूमि […]

है गम नहीं कि, खर्च हो रहा हूँ, जिंदगी के सारे, मर्ज ढ़ो रहा हूँ, ज़रा मुगालते में था अब तक। अब सिर्फ अपने, सपने जी रहा हूँ.

जब याद तुम्हारी आती है दिल यादों में खो जाता है आँखों में उमड़ते हैं बादल जी मेरा घुट घुट जाता है || प्यार की सूनी गलियों में हर वक्त भटकता रहता हूँ जिन राहों […]

आज मन में विचित्र-सा खयाल आया मेरा मन दुःखा और भर आया क्यों सदियों से प्रेंम की परीक्षा होती है क्यों पुरुष के पीछे स्त्री रोती है होती क्यों है हमेशा एकतरफा मोहब्बत क्यों कृष्ण […]

कभी सुख,कभी दुख यही देती है ज़िन्दगी स्वर्ग यहीं है, नर्क यहीं है, ऊपर, नभ में कुछ नहीं है ये धरा है , माया नगरी, स्वर्ग के दर्शन हों कभी, कभी नर्क भी दिखे यहां […]

पापा! दिवाली आने वाली है इस बार धनतेरस में क्या लोगे? हवेली वाले दोस्त के पापा उसके लिए गियर वाली साईकल ले रहे हैं। पड़ौस के दोस्त के पप्पा, उसके लिए बिग कार ले रहे […]

गम न झेल पाया नशा आजमाया, दायित्व को स्वयं के निभा न पाया नशा आजमाया, बुरी संगतों में पड़कर तूने नशा आजमाया। नशे पर फिर तूने सब कुछ लुटाया, बाद में नशे ने तुझे गटर […]

करता है कौन, किससे प्यार यहाँ ? प्यार तो है दो दिलों का व्यापार यहाँ… जिसमें अपनी पूंजी कोई और लगाता है पर उसका मुनाफा कोई और उठाता है…

भावना सद्भावना ( 12-मात्रा ) स्वच्छंद वितान में मानवीय विधान में शब्द की झंकार में गीत मधुर सुहावना भावना सद्भावना ..। तन में दिव्य शक्ति हो दिल में प्रेम भक्ति हो सदा मित्र के भाव […]

गर किसी को वफा क्या है पता है तो गनीमत है, अर्थ क्या है मुहोब्बत का, पता है तो गनीमत है। पेट अपना भरा हो खूब जब स्वादिष्ट भोजन से, भूख फुटपाथ पर बैठी पता […]

गलती उसकी कुछ नहीं थी कुदरत की करामात थी, बाजार में कालिया के इस बार बारह बच्चे हो गए। अब उनकी परवरिश में लग गई, सभी को दूध पिलाना, उतनों के लायक दूध बने ऐसा […]

ले लो ना खीरा ले लो, चटपटा नमक लगा खीरा, मसालेदार चना ले लो, ले लो जी, गुब्बारे ले लो, रंग बिरंगे गुब्बारे। आप लोगे हमारी मजबूरी का समाधान होगा, आप खीरा, चना लेंगे, हमारी […]

लड़के!! 20 नम्बर की चाबी ले आ, जा उस गाड़ी के नट खोल, टायर में हवा भर, जा मोबिल ऑयल ले आ, उस गाड़ी में ग्रीस कर ले। औजार निकाल, औजार संभाल, जा ग्राहकों को […]

इस गली में नजारा रोज दिखता है, प्लास्टिक की थैलियों में भर कर फैंका हुआ दाल-चावल हर रोज दिखता है। खुशबू आती है, सोचता है गरीब मन, खुदा भी किस तरह की किस्मत लिखता है, […]