उसकी आवाज सुनकर आँख खुल जाती हैं उनींदी आँखों में ही उठ पड़ती हूँ बिस्तर से धड़कनें तेज और तेज हो जाती हैं रात होती है ब्रह्म मुहूर्त में मेरी उठने में दोपहर हो जाती […]

जब कविता लिखने का कोई मूड नहीं बन पाता है मार सुड़ुप्पा चाय का प्यारे ! ये दिल आशु कवि बन जाता है दो-तीन कपों में मैं तो पूरी कविता लिख लेती हूँ पाँच कपों […]

मुझको निगोड़े ने न सोने दिया। डी जे बजाया और भँगरा किया।। रात भर मुझको न सोने दिया। बड़ी मुश्किल से थोड़ी- सी आँखें लगी। ख्वाब में भी आए और एक सूई लगी।। ख्वाब को […]

दस अक्टूबर है आज जीवन के लिए है खास विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस है आज थोड़ा जगाना होगा समाज। जिस तरह जरूरी है तन का स्वस्थ और सुडौल रहना, ठीक उसी तरह तरह जरूरी है […]

मेरे सुंदर चेहरे और मीठी आवाज पर टिका थे वो रिश्ते जब आवाज घरघराने लगी चेहरे पर झुर्रियां पड़ गईं ढल गई जवानी शाम-सी जब दर्पण भी नजर चुराने लगा तब टूट गये सारे रिश्ते […]

तेरी तस्वीर को व्हाट्सएप पर देखा आज मैंने कई सालों बाद वो दौर याद आ गया जब हम रात-रात भर बातें किया करते थे उन होंठों से काफी पुराना रिश्ता रहा है मेरा जो तस्वीर […]

जिन्हें हम प्यार करते हैं नहीं इजहार करते हैं देखते हैं उन्हें छुपकर पर सामने जाने से डरते हैं एक दिन पूँछ बैठे हम किसी से प्यार है तुमको वो बोले हाँ हम किसी से […]

तिल-तिल के जलना, मिलना -बिछङना कुछ नया तो नहीं रोज की बात है । जैसे दिनकर का जाना, संध्या का मुस्काना, गगन धरा के मिलन का भरम कुछ नया तो नहीं रोज़ की बात है […]

तीस किमी दूरी तय करने में पांच बार बाइक रोकता हूँ, मोबाइल खोलकर व्हाट्सएप पर उसका मैसेज खोजता हूँ। फिर आगे बढ़ता हूँ, फिर टुन की आवाज होती है बेचैनी बढ़ती है, मेरी बाइक रुकती […]

मर के भी ना खत्म हो वो जुनून है इश्क जी कर जो अधूरी रह जाए वो कहानी है इश्क तेरे-मेरे दर्मियां जो रिश्ता है उसका नामोनिशान है इश्क बीच की खिड़की खोलकर जो बातें […]

अरमां हमारे कम नहीं इरादों में भी दम कम नहीं रोज सोंचते हैं आज तो कर देंगे उनसे प्यार का इजहार पर उनके सामने जाने की हिम्मत नहीं खिड़की से देखकर खिड़की बंद कर लेती […]

छोटा सा बीज पीपल का बड़ा सा पेड़ बनकर हजारों वर्ष तक प्राणवायु देता है जिसे पूजकर हर कोई हुमायूं होता है। इसी तरह न समझो कि छोटा कभी बड़ा नहीं बनता है बल्कि मौका […]

छोंड़कर शिकायत बस शुक्रिया अदा करती हूँ जितना है पास बस उसी का मजा लेती हूँ जिधर से भी निकलती हूँ मीठी मुस्कुराहट बिखेरती हूँ जिन्दगी के हर दौर का मजा लेती हूँ अश्क देख […]

एक पति थे, थोड़े बोर टाइप और पत्नी थी उनकी, दिल मांगे मोर टाइप कोरोना काल में, ना कामवाली आती ना सहेलियों से मिल पाती, पति से पूछती रहती बेचारी, कैसी लगती है,बताओ तो आपको […]

किसी गरीब की कभी मदद न की हो तो आज ही कीजिए, टेंशन न लीजिए देर मत कीजिये खुदा के वास्ते कुछ दान-धरम कीजिये। खुदा भले ही न दे इसके बदले में तुम्हें, मगर अब […]

अक्सर इल्ज़ामात पर इल्ज़ाम लगाते हैं हम बोलते नहीं, बस चुप रह जाते हैं… बता दूं.. बुरे हम नहीं, बुरा हमारा वक़्त है वो कहता है बेवफ़ाई की है कहता है बेवफ़ाई की है जिस […]

कहीं बहुत दूर से हवा उड़ा कर ला रही है प्यारी सी सुगन्ध किसी फूल की। निराली सुगन्ध नासिका के भीतरी इन्द्रिय स्थान पर, अपनी उपस्थिति का नया अहसास करा रही है। पवित्र सी सुगंध […]

बदलती प्रकृति के निराले खेल, कितनी उमंग से उगी थी बरसात में, कद्दू, ककड़ी, लौकी की बेल। मौसम बदलते ही मुरझाने लगी, सूखने लगी छोड़ गई अपने निशान, बीतते रहे ऐसे ही दिन-वार ताकता रह […]

मुहब्बत में कभी-कभी, घर छूटते हैं मुहब्बत में अक्सर ही, दिल टूटते हैं दोस्ती की देखो, निराली ही शान है दोस्ती के सिर पे, ना कोई इल्ज़ाम है मुहब्बत के मैं, विरुद्ध नहीं, बशर्ते मुहब्बत […]

जरा कम ही शोर मचाया करो क्योंकि मैंने अक्सर शोर मचाने वालों को भीड़ का हिस्सा बनते देखा है जिनका स्वयं का कोई अस्तित्व नहीं होता है सिर्फ दूसरों का अनुसरण करते हैं खुद की […]

नारी, नहीं रौनक हो तुम घर की प्राण हो, जान हो तुम भीतर खुशियों की खनखनाहट बाहर अभिमान हो तुम। माँ-बहन-पत्नी, बेटी रिश्तों का मधुर गान हो तुम कुछ भी कहे कविता मगर जिंदगी की […]

दोस्तों से कुछ भी, छिपाते नहीं हैं यही दोस्ती का, पहला नियम है छिपाए जाएं गम, खुशी गर दोस्तों से फ़िर वो दोस्ती ही कैसी ये तो नहीं, जानते हम हैं .. *****✍️गीता

भरी बरसात है फिर भी कलम से प्यास लिखता हूँ, समर्पित हो मगर फिर क्यों वहम को पास रखता हूँ। नजर पर रख कोई पर्दा हमेशा पाप करता हूँ, यहीं पर हीन हूँ मैं बस […]

सुबह कितनी मनोरम है उग चुकी सूर्य की प्यारी किरण है। उस पर तुम्हारी मुस्कुराहट का चमन है। तभी तो आज कुछ ज्यादा चमक है, क्योंकि पायल की सुनाई दे रही मधुरिम खनक है। सूरज […]

कविता- कसम ——————- सौ बार कसम मैने खाई , फिर खुद ही उसको तोड़ा था, जब जब होती नादानी मुझसे, रब के आगे रोया था, दिल खोल के कहता- हर एक बातें, प्रभु गलती मेरी […]

मुहल्ले में खड़े टावर में सुनकर कांव कव्वे की, सभी यह सोच कर खुश हैं अब मेहमान आयेगा। मगर वह पाहुना आयेगा किसके घर किसी को भी पता कुछ है नहीं केवल भरोसा है कि […]

इन्सान नहीं कुछ बोलता वक़्त हैं बोलता बंदा कुछ नही हालातों से घिरा हुआ यह दिल है कुछ भरा हुआ काफिला खट्टी-मीठी यादों का छलकता पैमाना खुशियों का दर्द भरे जज़्बातों का समेटे कुछ आम […]

दिल का भवन तो आपका बेहद सजीला है, फटे से पांव रखने में मुझे लज्जा सी आती है। ******************* आप हो सामने तो मुस्कुराहट छुप सी जाती है मगर भीतर ही भीतर से तराना गुनगुनाती […]

रिश्ते तोड़ना बेशक, एक ग़लत बात है लेकिन , जहां कदर ना हो, वहां निभाए भी नहीं जाते । गर चुप रहे कोई बंदा, तो कुछ लोग, भले लोगों के साथ बोलने की हदें, भूल […]

मुमकिन नहीं तुझे भूलना तुझे भूलने में शायद एक उम्र लग जाए जा तू खुश रह मुझे भूल के,तुझे मेरी भी उमर लग जाए।

डेविड बेरी,जेलर था सैल्यूलर जेल का डेविड बेरी को “बैरी” कहते थे , सारे हिन्द के सैनानी । उसके किए की भी , क्या ख़ूब सज़ा मिली ये जानें सारे हिन्दुस्तानी । आज़ाद भारत जब […]

समर्पण:- जबरदस्ती या प्यार कोने में दुल्हन बनी मै खड़ी थी, हाथों में सिंदूर की डिबिया पड़ी थी, वक्त था मेरे घर से विदा होने की, छोड़ सब सखियां को जाने की बेला हो चली […]

न रखना आंख अपनी तुम इस तरह से सदा ही नम जरा चिंगारियों के वास्ते स्थान भी रखना। किसी की बात कोई सी न आये आपके यदि मन उसे इग्नोर कर देना मगर अपमान मत […]