सपनों में आ जाओ फिर मुझे याद दिलाओ मेरा वो स्वार्थी मन तेरा वो भोला बचपन अनजान मेरी हर शैतानी कितनी थी तुझे परेशानी तेरा बर्दाश्त करते रहना हैरानी में आज भी डालती है वो […]
सपनों में आ जाओ फिर मुझे याद दिलाओ मेरा वो स्वार्थी मन तेरा वो भोला बचपन अनजान मेरी हर शैतानी कितनी थी तुझे परेशानी तेरा बर्दाश्त करते रहना हैरानी में आज भी डालती है वो […]
मेरी अभिलाषा को थोड़ा-सा उङान दे दो हे तात! मुझे मेरी पहचान दे दो कबतक भटकती रहेगी मेरी आत्मा यूँ करते रहोगे, कहाँ तक मेरा खात्मा मुझको मेरा, खोया मुकाम दे दो मेरे हौसलों को […]
आपकी नेह भरी सोच की खुशबू यहाँ तक आ रही है, यह पवन दे मंद झोंका, मन ही मन मुस्का रही है। बात पूछो तो न बोली बस इशारा कर रही है। लग रहा है […]
हो गई है भोर, गुनगुनी सी धूप है, ना व्यर्थ का कोई शोर बदल रहा है मौसम, तुम ना बदल जाना अच्छा लग रहा है, सर्दी का यूं धीरे-धीरे आना *****✍️गीता
अब बड़ा तू बन चुका है छोटी बातों में न लग ईर्ष्या, विद्वेष, नफरत ऐसी बातों में न खप। अन्यथा था तू अर्श से फिर फर्श में आ जायेगा, फर्श पर हम जैसे छोटे लोग […]
सुबह हो रही है, घौंसले से बाहर आने को आतुर चिड़िया ने पंखों को भुरभुराया, सहलाया, मानो योग कर रही हो, गर्दन इधर की, उधर की फुर्र उड़ी अपने दैनिक कार्य निपटाने चली। समय की […]
कविता- कालेज का पहला दिन —————————————– कालेज का, पहला दिन, एक अनजाने से , पहचान हुई, पता नहीं था , उसके बारे में- फिर भी दिल के, पास हुई, दिल का धड़कना, बढ़ गया मेरे, […]
अलफाजो का अहम् किरदार रहा हमारी नजदीकियाँ मिटाने में कभी हम कभी अतःम नासमझ बन बैठे दूरियाँ बढाने में । ना मेरी कोशिश रही तुझे मनाने की ना तुम मुझे विश्वास दिला पाये एक मद् […]
रह जाते हैं ख्वाब अधूरे झूठे-मूठे वादों से जब से तूने ये दिल तोड़ दिया डर लगता है सबकी बातों से चाँद ताक कर कटती हैं जब से मेरी रातें *राम कसम’* तबसे मुझको डर […]
कुछ रातें ऐसी होती हैं जो कयी नये स्वप्न दिखाती हैं जिन्हें पाने की मन में जीजिविषा जगाती हैं । कुछ रातें ऐसी भी होती हैं एक अपूरणीय क्षति कर जाती हैं जिसकी वेदना से […]
शत-शत नमन उस जन-नायक को लोकनायक से जाने जाते थे भारत-रत्न से सम्मानित, इंदिरा विरोधी कहलाते थे । आज जन्म दिवस है उनका हम नतमस्तक हो जाते हैं विमल प्रसाद जिन्हें “मानव पिता” कह जाते […]
तुम्हें खोने का डर एक अनजाने,अनचाहे मुकाम तक पहुंचाएगा खुद को वही रोक लेती अगर मालूम होता हस्र न होता यह अपना । नीचे गिर कर संभलना सीखा था हमने खुद की नजरों से गिरकर […]
मैं हूँ बेटियाँ, मुझे सभी अपनों का, थोङा नहीं पूरा दुलार चाहिए, अपनी चाहतो को रंग देन, उमंगो के संग, उङने को पूरा आसमान चाहिए । किसी की बुरी नियत का फल, मुझे न मिले, […]
मुक्तक- कालेज का नियम ——————————— अनजाने से पथ पर, एक अनजाने से पहचान हुई, दो दुनिया के थे दोनों, मानों अंबर का मिलन धरती से हुई| देखा उसको पहली बार, भूल गया खुद होशो हवास, […]
यूँ खफा मत रहो भुला दो बात बीती, कब तलक गांठ मन में आप बांधे रहोगे। आप थोड़ा अधिक अच्छे हम जरा सा बुरे हैं तो इंसान ही यूँ फर्क तुम कैसे करोगे। अगर इंसान […]
बहुत दिनों बाद देखा आज मैंने चाँद मुस्कुरा रहा था, लग रहा था खुश था ! आँखों में थी उसकी बदमाशियाँ होंठों पर सजी थी खामोशियाँ एक अर्से बाद उसका दीदार हुआ मुझे यूँ लगा […]
इंतज़ार ये नन्हा सा पौधा, जो फूट निकला है धरती की गोद से, कितना नाज़ुक है ये कितना सौम्य,कितना पवित्र, किसी नन्हे बच्चे की तरह आंखें खोलता,बंद करता अपने आस पड़ौस दूसरे पेड़ पौधों को […]
छोटी-सी है पर बड़ी शैतान है उसी में बसती हर पल मेरी जान है नादानियों पर उसकी बड़ा प्यार आता है मुझको मैं ही नहीं पूरा परिवार प्यार करता है उसको ना जाने कहाँ की […]
फूल से कोमल होते हैं रिश्ते हरी डाल की तरह लचीले होते हैं रिश्ते बहुत सम्भाल कर रखना पड़ता है इन्हें वर्ना शीशे की तरह टूट जाते हैं रिश्ते..
कितना बोलता है दिल पर तुम नहीं सुनते मेरी धड़कनों की सदा क्यों नहीं सुनते खामोंश हैं लब मेरे कुछ मजबूरियां हैं इसलिए वरना ऐसा नहीं है कि तुमसे प्यार हम नहीं करते…
क़भी कोख़ में ही मार डाला उसे, कभी काट के फेंक दिया खलिहानों में!! कभी बेंच दिया उसे देह के बाज़ारों में , क़भी सरेराह नोचा सड़कों और चौराहों पे!! जब जी चाहा पूजा देवियों […]
कविता- सबका समय —————————– सब का समय आता , सबको समझ न आता है, आया जिसको समझ अगर, खुद को समझा पाया है, छोड़ दिया वह, सब से लड़ना, खुद के लिए या- भारत मां […]
सिक्के के दो पहलू समालोचना और आलोचना मन-पल्लवित होता सुन समालोचना वही रचना में आता निखार सुन आलोचना स्वीकारो ह्रदय से दोनों को एक समान यही बने कवि की सही पहचान।
कभी कभी मेरे मन के अंधेरे कमरे में न जाने किस झरोखे से चले आते हैं जुगनुओं से झिलमिलाते विचार…!! मैं अपना हाथ बढ़ाकर कोशिश करती हूँ उन्हें छू लेने की और वे छिटककर आगे […]
कविता -वर्ष पुरानी ————————– आज अचानक, कुछ खोज रहा था, कई वर्ष पुरानी कॉपी मिलती है| मैं साफ किया उसे, फिर खोल उसे पढ़ने लगा, पढ़ते-पढ़ते, मै रोने लगा| उसमें पड़ा गुलाब संग एक खत […]
भानु की ये जवाँ किरणें हमें संदेश देती हैं, बीच से बादलों को भेदकर आगे निकलना है। चमकना है क्षितिज में नफ़रतों का तम मिटाना है, दिलों में गर्मजोशी हो जरा सा ताप रखना है
जन्नत क्या है तोज़क क्या है क्या पता रब्बा तेरे साथ ने दोनों से ही वाकिफ किया किस्मत का क्या खेल है मिलना था हमने कभी देखो आज भी हम जुदा है साथ होते हुए […]
जरा सी भी तुम्हें असली खुशी गर आज मिल जाये। पकड़ कर कैद कर लेना मगर अभिमान मत करना, उग रहा हो अगर सूरज तो उगने दो, उगेगा ही, उसे तुम देख गुस्से से नयन […]
रोता रह गया वो दूसरों से गलत कह कह कर स्वयं पूरा गलत है दूसरों को अपशब्द लिखता है। नहीं कुछ शब्द उसके पास केवल गालियां ही हैं, ईर्ष्या से भरा है, जल के भुन […]
दर्द का जो स्वाद है, उससे दिल आबाद है, मुफ्त है जग में, खुदगर्जीया ! मक्कारियां सरेआम है, दर्द का जो स्वाद है, उससे दिल आबाद है। मदहोशियों का माहौल हैं बहरूपियों की यहां फौज […]
अंधेरे में घिरा आकाश ठीक वैसा जैसा खुद पर न हो विश्वास। तारामंडल का टिमटिमाना ठोस निर्णय ले न पाना, ठीक एक जैसा है, अपनी बात पर स्थिर न रह पाने जैसा है। कदम उठाना […]
नित नए विवादों से तंग आकर क्या निकल पङू परसकून की तलाश में । काश कोई करी मिल जाए करार की दस्तखत कर सकें, हर उस मसौदे पर जिसपर सुकून का,आखिरी इकरारनामा अंकित हो अदला-बदली […]
बनी बनायी राहों पर चलते-चलते भूल गयी खुद को, औरों की सुनते-सुनते । ज़मीर जिसकी गवाही न दे, क्यूँ बढे अबूझ चिन्हों पर अच्छी बनकर, खुद से लङकर, सह गयी डरते-डरते । अपमान का विष, […]
खूबसूरत काव्य सरिता बह रही है आजकल, इस भरी महफ़िल में रौनक सज रही है आजकल। प्रेम है, उत्साह है एक दूसरे की चाह है, है मिलन मधुरिम बहारें औ विरह की आह है। प्रकृति […]
कुछ शर्ते लाती है, ज़िन्दगी की हर सुबह और कुछ तजुर्बे देकर, सांझ चली जाती है.. *****✍️गीता
शांत बह रही सरिता में पत्थर न मारिये, कर सको तो आप भी स्नान कीजिये, अन्यथा किनारे की शीतल पवन का आनन्द लीजिए।
निहार रहे थे, चांद की छटा को हम, बीच में ये बादल का टुकड़ा कहां से आ गया.. *****✍️गीता
न करना मन दुःखी किसी की बातों से ये तो दुनिया है रुला देगी, तुम्हें बातों से। भरोसा हो उसी पर जो समझता हो तुम्हें न जुडना भूल कर भी खुदगरज के नातों से
तुम्हारा खत ********************* तुम्हारा खत पढ़ ही रही थी कि भाभी आ गईं खत तो छुपा लिया पर खत में रखे तुम्हारे दिए गुलाब गिर पड़े पलंग पर इससे पहले भाभी देखें उन्हें बातों में […]
खत्म हुई अाज जिन्दगी की एक और परीक्षा फिर जीत गई मैं हमेशा की तरह अब परिणाम की प्रतीक्षा भी नहीं क्योंकि स्वयं की मेहनत पर अटूट विश्वास है परीक्षा का अनुभव कैसा भी रहा […]
सीता सम हो स्वयंवर हर नारी को मिले अपना वर चुनने का अधिकार तभी तो बनेगी राम-सीता की जोड़ी.. परिवार ढूंढ लाते हैं रावण-सा दामाद और भेज देते हैं संग में अपनी दुलारी कैसे रहेगी […]
अनगिनत सपनें लेकर बैठी थी डोली में कैसे होंगे ससुराल वाले यह प्रश्न उठा करता था मन में विदा होकर परिजनों से पिया संग चल दी मेरे अरमानों की डोली भी मेरे साथ चल दी […]
है सपना कुछ कर जाने का दुनिया में छा जाने का बेमोल जिन्दगी को अनमोल बना दिखलाने का हैं मुट्ठी भर अरमान मेरे जग में छा जाने का कौशल है यदि ठान लिया कुछ करना […]
धीरे-धीरे चुपके चुपके पड़ रही है साँझ हम भीतर ही थे पता ही नहीं चला कि कब आई दबे पांव साँझ। अभी तो उजाला था, चहक रही थी चिड़ियाएं, दिख रही थी चारों ओर के […]
आज तुम्हारी मुस्कुराहट में वो बात दिख रही है, जिस पर लिखने को कलम – कागज लिए हजारों हाथ भी काँपते हुए, घबराते हुए असहाय होकर, नहीं लिख पाते हैं, सीधी कविता। असहाय हाथ, उलझी […]
अहो, कविता!! तुम तो बहुत ही खूबसूरत हो, सजाकर भाव रसना से मधुर अभिव्यक्ति करती हो। जीवन का सुख व दुख सब कुछ समेटे हो स्वयं में तुम, समझ संवेदनाओं को विलक्षण रूप देती हो। […]
कविता- विरह वियोग —————————— अब हम किससे अपना दर्द कहे, कहां हम जाएं की- अपने दर्द की दवा मिले| जब भी चेहरा याद आता है, शृंगार रस के सपनों में डूब जाता हूं, जैसे ही […]
अब तो यह विश्वास भी साथ छोङ रहा “सब अच्छा होगा ” नाउम्मीदी के तिमिर में अब हर उम्मीद भभक रहा क्या पता आगे कौन- सा भरम पलेगा ।
मन में मेरे आज एक, सरगम सी बज रही है पुष्पित हुआ है हृदय, सुगंधि सी आ रही है कोई, कहीं दूर से मुझको, याद कर रहा है उसको कोई बतादे, वो भी याद आ […]
जो हमें जानता ही नहीं, उसे हक है, हमें अच्छा,बुरा कुछ भी क्रहने का पर जो हमें जान लेता है, वो हम पर जान देता है ..
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