‘ माँ ’ माँ को खोकर हुआ माँ की ममता का एहसास, पाना चाहा था माँ को और प्रतिबिम्बों में, पर कहीं नहीं मिला माँ का दुलारता हाथ, वो लोरियाँ, वो प्यार भरी थपकियाँ, वो […]

ममता के आइने मे प्यारी सी सूरत है माँ, सूरज की धूप मे छाया का आँचल है माँ, दुखों के समन्दर में सुख का किनारा है माँ, दुनियॉ की भीड़ में सकून का ठिकना है […]

भगत सिंह, शिव राज गुरु, सुखदेव सभी बलिदान हुए, इस धरती माँ की खातिर कितने ही अमर नाम हुए, ब्रिटिश राज की साख मिटाने को एक जुट मिटटी के लाल हुए, कभी सीने पर गोली […]

माँ ही एक ऐसा बैंक है यारों, जो हर दुःख सुख के भाव सहेजे, कभी भी देदे नोट पुराने रक्खे जो पल्लू में लपेटे, पापा मानो क्रेडिट कार्ड कभी न करते जो इनकार, खुद वो […]

ममता की छाँव तले , समता का भाव लिए, इंसानियत का सभी में, संचार चाहती हूँ, माँ हूँ मैं,हाँ भारत माँ, एकता और सदभाव का, प्रवाह चाहती हूँ । माँ हूँ मैं,हाँ प्रकृति माँ, संरक्षण […]

दो रोटी गर्म गर्म फूली हुई सी आज भी जो मिल जाये तो मै दौङी चली आऊँ, दो कौर तेरे हाथों से खाने को जो अब मिल जाये, तो मै सब कुछ छोङ आ जाऊँ। […]

कोई भी कमी कोई भी शिकायत नहीं छोड़ती, अपने बच्चे की परवरिश में वो माँ कोई खामी नहीं छोड़ती, खुद रह भी ले भूखी पर वो माँ किसी दिन भी बच्चे को भूखा नहीं छोड़ती, […]

कोई भी कमी कोई भी शिकायत नहीं छोड़ती, अपने बच्चे की परवरिश में वो माँ कोई खामी नहीं छोड़ती, खुद रह भी ले भूखी पर वो माँ किसी दिन भी बच्चे को भूखा नहीं छोड़ती, […]

माँ तुम राह देखती होगी कि मेरा लाल आयेगा पर सरहद पर जंग इतनी छिड़ी थी कि तेरा लाल नआ पाया वो इतने सारे थे कि माँ तेरा लाल अकेला पड़ गया मैंने एक – […]

अ से अ: और क से ज्ञ जब लिखने लगा था मैं, माँ को मेरी पढ़ने वाला बच्चा दिखने लगा था मैं, फिर शब्दों को मिलाकर जब पढ़ने लगा था मैं, माँ को मेरी अफसर […]

रूठ जाता हु कभी अगर कोई नहीं आता माँ, तेरे सिवा मनाने के लिए; घाव गहरे है मेरे; कोई नहीं आता माँ; तेरे सिवा सहलाने के लिए;.. अक्सर भटक जाता हु मैं; कोई नहीं आता […]

।। माँ ।। वो दूर गया है परसों से माँ सोई नहीं है बरसों से माँ की आँखों से ही तो घर-घर में उजाला है। ए वक्त,ए हवा,ए फिज़ा जरा संभल मुझे कम न समझ […]

बा मुश्किल छोड़ जाती थी वो माँ मुझे जिस मकान में, आज सूना है घर का हर एक कोना उस मकान में, सुनाती थी दिन रात माँ जहाँ साफ़ सफाई के पीछे, आज लगे हैं […]

धुएं से भरे चूल्हे में माँ का वो रोटी बनाना, यूँही नहीं है माता का मेरी ममता लुटाना, आँखों से बहाती है आंसू फिर हांथो से अपने खिलाती है, आसान नहीं है मेरी माता का […]

जब मैं छोटी बच्ची थी माँ की प्यारी दुलारी थी माँ तो हमको दूध पिलाती, माँ भी कितनी भोली – भाली । माखन – मिश्री घोल खिलती बड़े मजे से गोद में सुलाती, माँ तो […]

जैसे गोरे गालों पर माँ काला टीका करती थी तुमने काली रातों में इक उजला चांद सजाया है तुम भी तो इक माँ हो आखिर.. – सोनित www.sonitbopche.blogspot.com

जिंम्मेदारियों का बोझ मैं उठा’के रखता हूँ मेले में बेटे को काँधे पे बिठा’के रखता हूँ ।। आसमां ये मुझे कभी खरीद नहीं सकता मैं पाँव हमेशा जमीं पे टी’काके रखता हूँ ।। रखते होंगे […]

“हक मेरी माँ को होता”   मेरी तकदीर में जख्म कोई न होता, अगर तकदीर बनाने का हक मेरी माँ को होता,   मेरी तस्वीर पे आज धूल न होता, अगर तस्वीर पोछने का हक […]

??????(मुक्तक)???????? ????????? माँ चरण आपके स्वर्ग का रूप है। माँ सभी शक्तियो का मिला रूप है। जिंदगी श्याम मेरी न होगी कभी। माँ नजर आपकी प्रेम का धूप है। ????????? रचनाकार अविनाश सिंह अमेठिया (देवरिया) […]

************माँ का दूध या सतनो का जोड़ा ,किस नजर से देखे दुनिया सारी ********************** हमेशा देखा है राह चलते लोग रिश्तेदार यहां तक की अपने दोस्त यार तक ,महिलओं को घूर घूर के देखते हें […]

अहसास प्यार का माँ के, माँ की यादें, माँ का साथ। गज़ब सुकूँ मिलता है, जब माँ सर पर फेरे हाथ॥ माँ के हाँथ की थपकी, माँ का प्यार, वो माँ की ममता। बच्चे को […]

माँ… कितनी प्यारी प्यारी है माँ खुशबू है” फुलवारी है माँ मेरी पहली पहली चाहत मुझमें नज़र आई जो शबाहत मैं था जब नन्हा सा बच्चा कौन मेरी तक्लीफ समझता मुझको समझा मुझको जाना मेरी […]

आखिर माँ है वो मेरी मुझे पहचान जातीं हैं……. मैं बोलूँ या ना बोलूँ कुछ वो सब कुछ जान जातीं हैं, मेरी खामोशी से ही मुझे वो भाँप लेती हैं, मेरी बातों से ही मेरी […]

तुम्हारे हाथ का हर एक छाला, चुभा जाता है इस दिल में एक भाला, हर एक रेखा जो तुम्हारी पेशानी पर है, एक दास्तां बयां कर जाती किसी परेशानी की है, बता जाती है वो […]

????मेरी माँ???? मेरे दिल की बैचेनी को,खुद जान लेती है माँ, मेरे गम को मिटाकर,मुझे ख़ुशी दे देती है माँ, जिंदगी की धूप में,छाया बन साथ देती है माँ निकलता हूँ रोज़ सुबह,घर से जब […]

हर दर्द मां सहती रही, पूरी मेरी हर बात की., हर जिद को मेरी मान के हर वक्त मेरे साथ थी, अब मै बडा़ जबहो गया कैसे भुलादूं मां को मै , दुनियाँ ही मेरी […]

माँ–बाप की लाडो   ज्यौं जोगि छोड़े दुनिया को त्यों अपनी दुनिया छोड़ आई हूँ मैं तेरी जोगन हो आई हूँ अपना व्याह रचा आई हूँ   बाबुल का आँगन सूना कर तेरा स्वारन चल […]

आँखे तुझ पर थम गई जब तुझको बहते देखा। सोच तुझमे रम गई जब तुझको सेहते देखा ।। अपनी कलकल लहरों से तूने प्रकृति को संवरा है। सबको शरण में लेती माँ तू तेरा ह्रदय […]

कुछ खास नहीं था कहना , कुछ बात नहीं था कहना , जो बोल न पाया ख्यालों की अंजुमन मैं , बिन बोले तुम तक वह बात पहुंच गयी , आस्चर्य मैं पढ़ जाता हूँ […]

   दिल क्यूँ  मांगो “More” ….! दिल तुम्हरी नहीं मानेगे हम, क्यूँ तुम मांगो “More” “More” “More” ही दुःख का कारण, सुख ले जावे चोर…..! इतना सारा पास जो अपने, देख तो उसकी ओर, जो […]