मैथिली कविता

गीत

कोना पठाएब सनेश। पिया मोर नञ जाऊ विदेश।। चिट्ठी लिखब कोना छी हम असमर्थ। फोनक खंभा ठार बनल छै बेअर्थ।। मोबाइलक नेटवर्क रहय अछि नञ लेश। पिया मोर नञ जाऊ विदेश।। कौवा कबूतर केॅ डाकिया बनाएब। बैरंग चिट्ठी हम फोकट में पाएब।। सुग्गा कोयली बनि अप्पन भेंट विशेष। धनी मोर करू जय गणेश। पिया मोर नञ जाऊ विदेश।। »

20-20 में

उनैस बीस केॅ फेर सॅ निकलू दुर्भाव घैल केॅ फोड़ू। आबि रहल अछि बीस बीस दिल केर नाता जोड़ू।। घैल-घड़ा फेर-चक्कर »

कश्मीर

अखण्ड भारत देश हमर। कश्मीर धरा पर स्वर्ग जेकर।। »

जवानी लिख देव

अहॅक नामे हम बचपन जवानी लिख देव। सोझा बैसू हम अप्पन कहानी लिख देव।। »

हम सब भारतवासी छी

किएक नें हमरा गुमान हेतय हमसब भारतवासी छी। देशक सुरक्षा में जान जेतय हमसब भारतवासी छी। कलम सॅ लिखय छी बन्दूको उठायब। देशक दुश्मन पर खूब गोली चलायब।। हमर निष्ठा सॅ देशक सम्मान हेतय हमसब भारतवासी छी। किएक नें हमरा गुमान हेतय हससब भारतवासी छी।। »

देवी गीत

माँ भवानी केॅ दर्शन करय लय चलू। बेरंग जिनगी केॅ रंग सॅ भरय लय चलू।। माँ भवानी…. माँ भवानी……. लाल चोला आ चुनरी सेहो छै लाल। लाल बिन्दिया आ चूड़ी करय छै कमाल।। मांग अप्पन सिनुर सॅ भरय लय चलू। माँ भवानी केॅ दर्शन करय लय चलू।। माँ भवानी….. माँ भवानी पियर साड़ी छै पियर माँ केर सिंगार। मांग टीका आ नथुनी पियर छै हार।। आय विनती “विनयचंद “करय लय चलू। बेरंग जिनगी केॅ रंग ... »