मैथिली कविता

मैथिली गीत

सगरों साल बहानेबाजी आय नञ चलत सजना। धनतेरस में चांदी नाही चाही सोनक गहना।। पैरक पायल नहियें लेबय लेबय हाथक कंगना। धनतेरस में चांदी नाही चाही सोनक गहना।। नञ औंठी न लेबय नथिया कर्णफूल नञ चाही। सब कंजूसी छोड़ि छाड़ि केॅ जुनि करू कोताही।। चमचम हीरा मोती लागल लेबय सोनक कंगना। धनतेरस में चांदी नाही चाही सोनक गहना।। हम कोनो उपहार न मांगी । नौलक्खा हम हार न मांगी। । ‘विनयचंद ‘हम अहीं के प्यारी... »

सुनु देशक कसम

चीन केर मोबाइल नञ कीनबय पिया सुनु देशक कसम। टी वी नञ लेबय सी डी नञ लेबय नञ लेबय चाइनीज़ झमकौआ। घड़ी नञ चाही केमरा नञ चाही नञ चाही सजावट कें चीज चमकौआ। देशक त्यौहार आ देशक समान हम कीनबय पिया सुनु देशक कसम।। »

मिथिलाधाम

पूव बहति कोशी महारानी उत्तर पर्वतराज हिमालय । पच्छिम गंडकी गंग नारायणी दक्षिण सुरसरि गंग नीरालय।। मध्य विदेहक धाम विराजित सुन्दर अति सुखधाम। ‘विनयचंद ‘ई छथि मिथिलाधाम।। »

मिथिलाधाम

पूव बहति कोशी महारानी उत्तर पर्वतराज हिमालय । पच्छिम गंडकी गंग नारायणी दक्षिण सुरसरि गंग नीरालय।। मध्य विदेहक धाम विराजित सुन्दर अति सुखधाम। ‘विनयचंद ‘ई छथि मिथिलाधाम।। »

धन केर बाजे घाँटी

धन केर बाजे घाँटी। ई बात अहाँ केर खाँटी।। »

जेठक मास

ई जेठक मास आ आमक गाछी। गेया केॅ संग संग चरावति बाछी।। सब किछु मोन परति अछि कोना बताएव हम सब का छी।। »

गजल

मधुमास बिगत माधव बड़ आयल। नवल हास परिहास जग छायल।। फूल खिलल बगिया में देखू आमक गाछी टिकुला सॅ छायल। कटहर कोचरल जामुन मजरल गन्ध सुगन्ध चहुदिश छायल।। “पिया -पिया “जौं पपिहा बाजय झणिक उठल झणि पायल। ‘विनयचंद ‘ई गजल सुनाय भेल मधुआ कें कायल।। »

प्रार्थना

घऽरे में रहबय कतेक दिन पिया ई कोरोना कें डऽर सॅ। बाल बच्चा सुरक्षित रहथि सदा तेॅ न निकसब घऽर सॅ।। भुक्खल नेना भुक्खल हमसब जीबय कतेक दिन। अमृत समान दूध पानि सॅ काटब कुछेक दिन।। कतेक दिन ई दूध पानि सॅ जीवन बचायब। जहिया धरि मैया सॅ शक्ति हम पायब।। आय मन्दिरो में 🔐 लगेलक पिया ई शरधुआ कोरोना। आपदा काल मंदिर में मैया कहाँ। आय दिल सॅ बजाबू तनिका अहाँ।। बनिकय भौरा भवानी भूपर एती। साग बनिकय सकल कष्ट हरती।।... »

दतमंजन

उत्तम चिड़चिड़ी मध्यम भाँटि। सब सॅ सुन्दर दोमट माँटि।। »

पढ़ुआ

जतऽ गाछ नञ बृक्ष। ओतऽ अंडी महाबृक्ष।। »

गीत

कोना पठाएब सनेश। पिया मोर नञ जाऊ विदेश।। चिट्ठी लिखब कोना छी हम असमर्थ। फोनक खंभा ठार बनल छै बेअर्थ।। मोबाइलक नेटवर्क रहय अछि नञ लेश। पिया मोर नञ जाऊ विदेश।। कौवा कबूतर केॅ डाकिया बनाएब। बैरंग चिट्ठी हम फोकट में पाएब।। सुग्गा कोयली बनि अप्पन भेंट विशेष। धनी मोर करू जय गणेश। पिया मोर नञ जाऊ विदेश।। »

20-20 में

उनैस बीस केॅ फेर सॅ निकलू दुर्भाव घैल केॅ फोड़ू। आबि रहल अछि बीस बीस दिल केर नाता जोड़ू।। घैल-घड़ा फेर-चक्कर »

कश्मीर

अखण्ड भारत देश हमर। कश्मीर धरा पर स्वर्ग जेकर।। »

जवानी लिख देव

अहॅक नामे हम बचपन जवानी लिख देव। सोझा बैसू हम अप्पन कहानी लिख देव।। »

हम सब भारतवासी छी

किएक नें हमरा गुमान हेतय हमसब भारतवासी छी। देशक सुरक्षा में जान जेतय हमसब भारतवासी छी। कलम सॅ लिखय छी बन्दूको उठायब। देशक दुश्मन पर खूब गोली चलायब।। हमर निष्ठा सॅ देशक सम्मान हेतय हमसब भारतवासी छी। किएक नें हमरा गुमान हेतय हससब भारतवासी छी।। »

देवी गीत

माँ भवानी केॅ दर्शन करय लय चलू। बेरंग जिनगी केॅ रंग सॅ भरय लय चलू।। माँ भवानी…. माँ भवानी……. लाल चोला आ चुनरी सेहो छै लाल। लाल बिन्दिया आ चूड़ी करय छै कमाल।। मांग अप्पन सिनुर सॅ भरय लय चलू। माँ भवानी केॅ दर्शन करय लय चलू।। माँ भवानी….. माँ भवानी पियर साड़ी छै पियर माँ केर सिंगार। मांग टीका आ नथुनी पियर छै हार।। आय विनती “विनयचंद “करय लय चलू। बेरंग जिनगी केॅ रंग ... »