Nitin sharma's Posts

मुक्तक

पुकारा तो नहीं लेकिन जुबां पर नाम तो आया ।। सकूँ दिल को नहीं आया मगर आराम तो आया ।। किसी को मिल गया मौका बुलन्दी पर पहुंचने का ! मेरा नाकाम होना भी किसी के काम तो आया !! – Nitin sharma »

छीनकर खिलौनो को बाँट दिये गम

छीनकर खिलौनो को बाँट दिये गम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। अच्छी तरह से अभी पढ़ना न आया कपड़ों को अपने बदलना न आया लाद दिए बस्ते हैं भारी-भरकम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। अँग्रेजी शब्दों का पढ़ना-पढ़ाना घर आके दिया हुआ काम निबटाना होमवर्क करने में फूल जाये दम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। देकर के थपकी न माँ मुझे सुलाती दादी है अब नहीं कहानियाँ सुनाती बिलख रही कैद बनी, जीवन सरगम। बचपन से दूर ब... »