कड़ी बेरोजगारी से दुखी है हर युवा देखो धरी ही रह गई तैयारियां परीक्षा रुक गयीं देखो। निराशा के भंवर में पड़ न जाए देश का यौवन समय रहते करो मिलकर संवारो देश का यौवन।

तुम्हारे हाथ में अपनत्व की जो कुछ लकीरें हैं उन्हीं में एक मैं भी हूँ जरा सा गौर से देखो। आईना सामने रख खुद की नजरों में जरा देखो, मिलूंगा नीलिमा में तुम जरा सा […]

निरुत्तर हो गए हम आपकी बात सुनकर निकल पाया न मुंह से एक भी शब्द छनकर। कह दिया आपने सब कह नहीं पाए थे जो हम, आपकी बात सुनकर सोचते रह गए हम। कभी उस […]

दो पंक्तियों से मेरी ऐसी मिठास फैले, मिट जायें नफ़रतें सब दूर हों झमेले। कविता तो प्रेम को है बस प्रेम ही हो मकसद लिखूं प्रेम लिख दूँ निकलें न पद विषैले। क्या पा सकूँगा […]

उन्हें देख हिल गए, कांप गए अंग्रेज, धोती वाले बापू जी की बात ही निराली थी। उखाड़ा फिरंगी राज, एक किया था समाज, राष्ट्रवादी भावना की, लहर सी ला दी थी। सत्य के अहिंसा के, […]

पूर्णिमा का चांद चमका है गगन में आज पूरा। चाँद चमका है तो मन कैसे रहेगा खुश अधूरा। चाँद पूरा मन भी पूरा, क्यों रहे सपना अधूरा। लक्ष्य पर फिर से बढ़ा पग, स्वप्न को […]

ईश्वर का खेल निराला है सब कुछ अपने प्रारब्ध और कर्म से ही मिलता है जैसे तुझे ताली मुझे गाली। सृजनहार ही सब सृजन करता है हमने तो बस गलतफहमी पाली, वही सींचता है लेखनी […]

मन के इतने खूबसूरत आप कैसे हो गए, आपको किसने सिखाया इस तरह से स्नेह करना। आप मे इतनी अधिक ममता की बातें हैं भरी, कि आप ऐसी लग रही हो एक मिश्री की डली। […]

रात भर मैं नींद में सोया रहा जब उठा अहसास सा होने लगा बीतता बातों ही बातों में चला यह समय तेरा व मेरा जा रहा।

मानवता पर प्रहार कर रहे बेटियों पर अत्याचार कर रहे राक्षसों को मिटाने के लिए अवतार का इंतजार नहीं करना है, बल्कि जोरदार मुहिम चलानी है, कुकर्मियों को नानी याद दिलानी है, बुरी नजर को […]

खुशियां कई तरह की गम भी कई तरह के जीवन सफर निराला साथी कई तरह के। चलते चली है गाड़ी कोई तो चढ़ रहा है कोई उतर रहा है राही कई तरह के। कोई स्नेह […]

यही तो सुन रहे हैं आजकल लगातार कि समाज को दिशा देते हीरो कहे जाते कलाकार नशे की चपेट में हैं, आखिर क्यों है ऐसा ये मकड़जाल कैसा दंग है आम आदमी पूछताछ गिरफ्तारी से […]

मुहब्बत इस जिंदगी की खूबसूरती है, बिना मुहब्बत के सब कुछ शून्य सा ही है। मुहब्बत जीने का जरिया है मुहब्बत निर्मल सी दरिया है मुहब्बत जीवन भवन स्तम्भ की मजबूत सरिया है।

चाहता हूं जल बनूँ धो डालूँ सारे दाग-धब्बे नीर बनकर प्यास लोगों की बुझाऊँ, तृप्त कर दूं। या बनूँ नैनों का जल गीले करूँ वियोग के पल या बहूँ मैं प्यार की सरिता करूँ कल-कल […]

आप पर दो पंक्तियाँ लिखना तो चाहता था, लेकिन न लिख सकूँगा थक सा गया हूँ दिन भर आंखें हैं नींद पथ पर अब कल सुबह लिखूंगा। सपनों में शब्द चुनकर रफ सी करूँगा कविता […]

तुम सदा मुस्कुराती रहो खिलखिलाती रहो, जीवन के आंगन में मेरे नेह बिखराती रहो। तुम्हारे नेह से क्यारी में घर की खूबसूरत फुलवारी सजी है यूँ ही महकाती रहो खुशबू बिखराती रहो।

जाने कहाँ चले जाते हैं सांस उखड़ी, धड़कन रुकी उड़ जाते हैं पखेरू, फिर जाने कहाँ चले जाते हैं। कुछ देर पहले ही बोलना सारी संवेदना महसूस करना कुछ देर बाद ही मौन हो जाते […]

वृद्धाश्रम में छोड़कर बूढ़े पिता को लौट आया घर, जरा सा चैन पाया मुस्का रही अर्धांगिनी ने जल पिलाया आज उसकी रुचि भरा भोजन बनाया। बोली बड़ी आफत हुई है दूर हमसे खांसी की आवाजों […]

उनकी आंखों में मुहब्बत का जल है। हमने समझा था बस वो काजल है। यकीन मानिए कि इस तरह कभी हमने उनकी आंखों की तरफ गौर से देखा भी न था। इस कदर मानता होगा […]

प्रेम की नदिया बहा दो द्वेष नफरत छोड़ दो देश के जन जन में एका की जगा दो भावना। दूर फेंको भेदभावों को सभी को प्यार दो, नफ़रतों के पोषकों को त्याग दो, दुत्कार दो। […]

कथाओं में जिन राक्षसों का जिक्र होता है, वे कोई राक्षस जाति नहीं थी बल्कि ये वे दरिन्दे ही थे जो आज भी अक्सर सरे राह बदतमीजी करते हैं छेड़ाखानी करते हैं, नारियों पर कुदृष्टि […]

आईने तू इस तरह से मत दिखा तो शक्ल मेरी इन दिनों यौवन में हूँ चिंताएं मेरी लाजमी हैं। सोचता था मैं, कड़ी मेहनत से तारे तोड़ लाऊं। लेकिन यहां तो सारे पथ हैं बन्द […]

ढूढ़ते हैं रब को हम मंदिरों, गिरिजाघरों में भूल जाते हैं कि ईश्वर हैं स्वयं अपने घरों में। देख लो माँ-बाप को ईश्वर दिखेगा आपको बस जरा सच्ची नजर हो रब दिखेगा आपको। जो घरों […]

खूबसूरती को तुम्हारी, क्या नया उपमान दूँ, उपमान तो कितने ही बेहतर दूं ,भले न दे सकूँ लेकिन इतना तो कर सकूं कि घर के बाहर व भीतर तुम्हें उचित सम्मान दूं।

सदा अगलात ही न खोज मेरी वाणी में, कभी तो सत्य के अल्फाज भी ग्रहण कर ले। प्यार के नैन को उपयोग में ला, बन्द नफरत की निगाहें कर ले। न भर अस्काम खोज कर […]

रोजगार की बात करना भी जरूरी है क्योंकि रोटी जीवन के लिए जरूरी है युवा जो तैयारी कर रहे हैं प्रतियोगिताओं की उनके लिए परीक्षाएं होना भी जरूरी है। विज्ञापन नहीं निकलेंगे, परीक्षाएं नहीं होंगी […]

महामारी से बचो मास्क मुंह तक नहीं नाक तक लगाना है खुद को बचाना है सबको बचाना है। जितना हो सके उतनी सावधानी हो, नियम पालन करो यदि आपने मानवता बचानी हो।

आक़िबत जो भी हो परवाह नहीं करते हैं, हमें तो कर्म करना है मेहनत की बात करते हैं। आग सीने में थोड़ी सी बचा के रखते हैं, उसी से गम के अंधेरे मिटाया करते हैं। […]

किस तरह की अहमियत है आपकी इस जिन्दगी में, चाह कर भी कह नहीं पाते हैं हम बिन कहे भी रह नहीं पाते हैं हम। दायरे हर बात के निश्चित किये हैं जिंदगी ने दायरों […]

बादिया सी जिंदगी में आप बादल बन के बरसे, खूब हरियाली सजा दी जिंदगी के रोम हरषे। ख्वाब में सोचा न था आपको पाएंगे हम आपके आने से सचमुच चल गए जीवन चरखे। शब्दार्थ – […]

नाफ़हम मत समझना हम इशारा जानते हैं, आपकी नज़रों की जुम्बिश की दिशा पहचानते हैं। जर्ब मत दो इस तरह सीने में अपने नैन से सह न पाएंगे न जी पाएंगे फिर हम चैन से। […]

हम आंखों से नहीं मुख से बात करते हैं जिसे चाहते हैं खुल के प्यार करते हैं। यह न समझो कि हम इजहार नहीं करते हैं, बड़ों के सामने थोड़ा लिहाज करते हैं। नुमाइश नहीं […]

इत्तिफाक से हमने गुजीता किया जब आपके चमन को, गिरफ्तार कर लिया तब आपने हमारे गुमगश्ता मन को। अब ऐसा लगता है इत्तमाम पा लिया है, आप हैं तो जीने का इंतजाम पा लिया है।

ठीक कहा तुमने पायें यदि मानव तन अगले जनम में, या बनें, कीट, पतंग, जंगली जानवर, अपनों के बीच अपने हो सकने वालों के बीच ही जनम पायें। न जुदाई का भय हो न दूर […]

अब्सार आपके समुन्दर हैं प्यार के, सुकूँ मिल रहा है, आपको निहार के। प्रातः की बेला है नई रोशनी है, आप हो बगल में और क्या कमी है। सदा पास रहना यूँ ही मुस्कुराना, यही […]

आपने जब हमें मित्र अपना कह दिया यकीन मानिए, जलवा हमारा बढ़ गया। अब ये माथा आपका झुकने न देंगे हम कभी आपको सिर-माथ पर हमने सजा कर रख लिया।

आज भी हम तुम्हारी एक ही मुस्कान पर, सैकड़ों शायरी बना सकते हैं तुम मुस्कान तो दो। आज भी शब्दों के फूलों को बिछाकर राह में स्वागत करेंगे, तुम, हमें आने का कुछ पैगाम तो […]

कवि कलम कहती है मत रह तू निराशा में पथिक, भूल जा बीती सभी कुछ चुन नई राहें पथिक। याद मत कर दर्द को या दर्द की उस बात को तू, भूल जा बच्चा सा […]

फिर मुस्कुरा दो ठीक वैसे ही कि जैसे मुस्कुराए थे मिले पहली दफा जब। जिंदगी की आपाधापी चलती रहेगी अंत तक प्रेम को भी दें समय सच्चा यही है फलसफा अब।