जाने कहाँ चले जाते हैं सांस उखड़ी, धड़कन रुकी उड़ जाते हैं पखेरू, फिर जाने कहाँ चले जाते हैं। कुछ देर पहले ही बोलना सारी संवेदना महसूस करना कुछ देर बाद ही मौन हो जाते […]
जाने कहाँ चले जाते हैं सांस उखड़ी, धड़कन रुकी उड़ जाते हैं पखेरू, फिर जाने कहाँ चले जाते हैं। कुछ देर पहले ही बोलना सारी संवेदना महसूस करना कुछ देर बाद ही मौन हो जाते […]
दिल ले के दर्द देना, यह अदा सिखे कहाँ से। बताइए न यह राज़,आपने ने सिखे कहाँ से।।
दीवानो की तरह हम उन्हें चाहते हैं वो हमें नखरे हजार दिखाते हैं…
कमाल की जादूगरी आती है लोगों को…! अब देखो ना.. चेहरे से मुस्कान ही गायब कर देते हैं लोग…!!
मुखौटे से भरे हुए मैंखाने हैं…. किस पे भरोसा करें यहां तो अपने ही बेगाने हैं।
कुछ तो खास है उसकी मुस्कुराहट में, जब भी देखता हूं, दिल मिजाज़ करने लगता है। लाख समझा लूं मैं इस दिल को मगर कमबख्त, तुझे देखकर बेवजह ही धड़कने लगता है। शाम की चादर […]
मैं नाखुश-सी हूं आजकल, इसका कोई मलाल नहीं। मगर तू खुश रहे सदा , तेरी तकलीफों की सौगात; अपने लिए, खुद हमने खुदा से मांगी थी।
कब तक रहोगे यूं मायूस तुम ! जब आयेगे दुल्हन बनकर तो कहाँ जाओगे रूबरू होंगे जब हम तुम्हारे तो बाहुपाश में आ ही जाओगे…
सितारों से आसमान सजा हुआ है पर चाँद फिर भी तन्हा है भीड़ है मेरे आसपास रिश्तों की मगर जाने क्यों दिल उदास है !!
वो कुछ कहते नहीं आजकल बड़ा गुमसुम से रहते हैं लोग कहते हैं अवसाद के शिकार हो गये हैं..
बादल राजस्थान की सूखी जमीन की तरह लग रहे थे मगर फिर भी बरसात हो गई मेरा मन हरा-भरा था फिर भी रो ना सका..
खुशियों की चाबी होती हैं बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं बेटिया खिलखिला कर सारे गम हर लेती हैं मुस्कान की तिजोरी होती हैं बेटियां
राह में काँटे बिछाना काम है उसका मेरे दिल को दुःखाना काम है उसका मैं हँस देती हूँ जो जरा-सा देखकर उसको मेरी हँसी से जल जाना काम है उसका
उदासी का आलम इस कदर छाया है रूबरू मेरे एक धुंध छाया है हौसले पंख लगा के उड़ने को तैयार हैं पर मेरे पंखों को किसी ने काटकर गिराया है..
रात होते ही गुलाबी सपने घेर लेते हैं हम आँख बंद करते हैं तो मुह फेर लेते हैं….
जिन्दगी जब सोचने बैठती है कितने अफसाने याद आते हैं रो नहीं पाती हैं आँखें आजकल अश्क आँखों में ही जम जाते हैं
इल्जाम हमीं पर लगा देते हो मोहब्बत का पर शुरुआत तुमने ही की थी हसीन कितने हो ये जानते नहीं क्या ! दिल में दस्तक तुमने ही दी थी नखरे हजार अब दिखाते हैं हम […]
वो कुछ कहती नहीं, ये स्वीकृति नहीं है! दबा-सा कोई रोष है, क्या सही ,क्या ग़लत, उसके लिए, तुम ही फैसला लो , हर बार! क्या ये भी, उसी का दोष है?
अधूरे लोग, अधूरी बातें, अधूरी जिंदगी के पन्ने , और अधूरी सांसे , बस ख्वाबों में रहना पसंद करते हैं।
नन्ही-सी परी मेरी लाडली अब बड़ी हो गई बैग लेकर स्कूल पढ़ने जाने लगी हाथों में कॉपी पेन लेकर लिखने लगी अंग्रेजी में कविता सुनाने लगी आँखों में उसके हैं अनगिनत सपनें मेरी आँखों में […]
उसने हमें जीवन दिया ताकि हम उसकी बनाई दुनिया को और खुबसूरत बनाए । हमने उसी जीवन को किसी और लक्ष्य में लगा दिया, भगवान हंसे कहा ,”तू कब समझेंगा ऐ बंदे !” ।। उसने […]
ना आना हाथों की लकीरों के फरेब में, ज्योतिषी की दुकानों पर, मुकद्दर नहीं बिकता.. तदबीरों से बनाए जाते हैं मुकद्दर, तक़दीर खुद ही आ जाए रफ्ता रफ्ता..
खुशियां तो इक राह है, ये मंज़िल नहीं ज़िन्दगी जीने की चाह है, तो ज़िन्दगी बोझिल नहीं.. *****✍️गीता*****
जो है तू सामने, वो तू है नहीं, और है जो तू, ज़हन से, आजकल वो दिखता नहीं।
तुमने किया है पाक ए इश्क जो बड़ी शिद्दत से हमसे, तो अहसान फ़रामोश हम भी नहीं , आ! तेरी दर्द ए दवा का शफ़ाख़ाना, हमने भी खोल दिया है।
चलो एक होड़ लगाएं, खुद से, खुद को बेहतर बनाने की , झूठ से , फरेब से, ईर्ष्या से, द्वेष से, छुटकारा पाने की, चलो एक होड़ लगाएं , बड़े चाव से , पाक इंसान […]
चलो ऐसा एक ज़हान बनाएं, जहां नहीं होगी , आदमी को आदमी से नफरत, नेकी की राह, नेकी हो सबमें, प्रेम हो सबसे, प्यार की हसरत, कदर करता हो, जहां हर कोई , हर किसी […]
तुम जो पड़े हो पीछे, चेहरे की सुंदरता के , वो अक्सर वक्त के बाद ढल जाती है, जाओ कभी अंदरूनी सौंदर्य के पीछे वो शाश्वत है हमेशा के लिए।
नैतिकता को पढ़ना-सुनना, अक्सर बहुत अच्छा लागे, सबपर पूरा असर , पूरा समर्थन, मगर आचरण में सबके क्यों नहीं? यह सवाल विचित्र-सा, काल्पनिक-सा…..
मेरी बेबसी को मशहूर ना कर, माना बड़ा जालिम है तू जमाने, फिर भी मजबूर ना कर, और मजबूत है बहुत हम अंदर से, माना टूटे हुए दिखते हैं, तू मजबूर ना कर! अक्सर मजबूर […]
जिंदगी अगर तू अश्म है , तो क्या! मत इतरा, मेरी मेहनत भी किसी फौलाद से कम नहीं।
जीवन जुड़ा दर्द लिखना जीवन से जुड़ा दर्द पढ़ना मेरी आदत में शामिल है सच कहना, सच को ही सुनना। कवि कुछ सच्ची कविता कह दो जिसमें जीवन की पीड़ा उभरे वो घाव भरने ही […]
सबसे अच्छी औषधि मुस्कान है, इसका नहीं कोई भी नुक़सान है मेरी यह दुआ है आपके लिए, ये औषधि सदा आपके पास रहे.. *****✍️गीता*****
वृद्धाश्रम में छोड़कर बूढ़े पिता को लौट आया घर, जरा सा चैन पाया मुस्का रही अर्धांगिनी ने जल पिलाया आज उसकी रुचि भरा भोजन बनाया। बोली बड़ी आफत हुई है दूर हमसे खांसी की आवाजों […]
ज़िन्दगी एक लंबा सफ़र है, दिन भी हैं और रात भी । कभी – कभी गम भी मिलते, और कभी – कभी सौगात भी..
चलो आज अपने घर को ऐसा घर बनाते हैं जिसमे बड़े पेड़ के नीचे , नए पौधों को पनपने का सुख दे, खुशी से जिंदगी बिताते हैं, चलो आज अपने घर को ऐसा घर बनाते […]
बहुत कोशिश की मैने तुम से दूर जाने की हर कोशिश जाया ही जाती रही हरदम तुम ही दिखाई देते हो, आँखे बंद कर के भी । गजब का अहसास है तेरा रह पाता नहीं […]
अभिव्यक्ति बस दिल से:- ************** रोते नहीं हैं हम बस सिसकते रहते हैं तेरी यादों में आहें हम भरते रहते हैं नासमझ है तू जो नहीं चाहता मुझको ना जाने कितने दिल हैं जो मेरी […]
अभिव्यक्ति बस दिल से:- *************** गुजारी हैं तमाम रातें हमने तेरे बगैर ये तो छोटी-सी जिंदगी है ! गुजर जाएगी…
यूं तो आसमां पर नहीं ठिकाना अपना फिर भी हौसलों के पंख लिये जा रहे हैं उड़ना नहीं आता मगर ना जाने कैसे उड़ते जा रहे हैं..
दिनकर ऐसा सूर्य है जिसने हिन्दी जगत को अपनी लेखनी की किरणों से चमकाया देशहित में लिखकर देश का गौरव खूब बढ़ाया जिनके सूर्यातप के आगे शशि भी मलिन हो जाए ऐसे राष्ट्रकवि को प्रज्ञा […]
ड्रग्स रैकेट से देश होता जा रहा है छिन्न-भिन्न कहाँ से शुरू हुई थी सुशांत की कहानी जाकर कहाँ पहुँची सितारों की जिन्दगानी मर रहा है देश का भविष्य गरीबी में ड्रग्स लिए जाते हैं […]
एक दौर हुआ करता था जब नित वंदन करता था नन्दन.. पिता के चरण दबाकर ही शयनकक्ष में जाता था नित उठकर मात-पिता को अभिनन्दन करता था नन्दन… अब समय हुआ परिवर्तित आई कलयुग की […]
किश्तों में ही मिली, तेरी मुहब्बत हमें। जो ना मासिक थी, न ही सालाना। पल दो पल की मुलाकातें थीं। ना रूठना हुआ, ना मनाना। कभी एक-मुश्त मिले होते, तो हम करते जी भर के […]
सोचता हूं लाइफ रिपेयरिंग की कोई शॉप खोल लूं, बहुतों की यहां बिगड़ी पड़ी है।।
सही मायने में उजाला है, जहां बेटियों ने मां-बाप को संभाला है। चाहे मां पिता हो या मां पिता से सास-ससुर, उन्हीं से ही परिवार का सवेरा है।
मैं जताती नहीं, प्यार तो क्या। उसे महसूस कर लेना , जब तुम्हारी जरूरत का ख्याल , मुझे तुमसे पहले हो…
क्यों खामोशी का कारवां है , तेरे और मेरे बीच , ना तुम उसे तोड़ते हो , ना मैं उसे लांगती हूं।
साई भजन – तुही तू है | साई तेरी दुआ से दुनिया मे रोशनी है | गर कर दे तू करम यहा कुछ नहीं कमी है | तेरी रहमतों से कायम ये दुनिया जहा है […]
दुख के क्षणों में जो शख्श ऊबता नहीं सुख के क्षणों में अपनो को भूलता नहीं पुरुषों में है सदियों से ही अज्ञानता गलत संगत से निज ज्ञान भी ढका औरों की बात मन में […]
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