रात हो गई है बात हो गई है वर्षों से जिन में काफी दूरी बनी हुयी थी बिछुड़े दिलों में उनके मुलाक़ात हो गई है। दिन भर रही थी गर्मी उमस भरी हुई थी फिर […]

बहुत भीड़ है मन्दिर में, मस्जीद में शोर-शराबा है, मेरा हृदय महल बहुत खाली-सा यहां विराजमान हो जाओ, प्रभु! फिर मेरे लिए यहीं अयोध्या और यहीं है काबा ।

सारे जहां से प्यारा है आसमान से न्यारा है । गोदी में ममता का आंचल पैरों में नदियों की पायल । राम-कृष्ण के कर्मों का इतिहासों के वर्णों का । यह भारत देश निराला है […]

मानव जाति पर प्रहार करते नित नए रोगों को देखो किस तरह बर्बाद करने पर तुले हैं जिंदगी को। झकझोर करके रख दिये हैं सैकड़ों परिवार देखो ला खड़ा करके सड़क पर रख दिया है […]

लिखने को आज क्या है, मन तो आज उदास है, तेरी खामोशियों का एहसास है, तू है बड़ा,हिम्मतवाला, सीमाओं का है तू रखवाला, देश उड़ने को तैयार है, तेरे हाथ में परवाज है। देशप्रेम की […]

रक्त रंग जब एक सा है है सूरत सबकी एक सी फिर क्यों बाँटी है मानवता ,क्यों सरहद की लकीरें खींची हैं क्या ईश्वर ने बनाया है जाति-पाति यह सब मानव की करनी है एक […]

‘कुछ मुझमे सीरत है तेरी, कुछ तुझमे अब है असर मेरा.. तू रह गुज़र सी है मुझमे, सब तुझसे ही है बसर मेरा.. कभी सफर हुआ है मंज़िल सा, कभी हमसफर ही सफर मेरा.. कुछ […]

जब देश में रंगा बसंती चोला था। तब अंग्रेजी शासन भी डोला था।। महासंग्राम की जब आई घड़ी। सभी के दिलो में तब, शोला ही शोला था।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, सभी एक साथ। चीख […]

इंदौरी जी को समर्पित:- कुछ हस्तियों के फसाने बरकरार रहते हैं, कुछ किरदारों के किस्से बेशुमार होते हैं। आसमां में ही नहीं होते तारे सभी, कुछ सितारे धरती को भी नसीब होते हैं।। इंदौरी जी🙏🙏🙏🙏🙏🙏 […]

रिम झिम बर्षा बरसे जा भीतर का सारा जल उड़ेल दे , ऐसे उड़ेल दे कि ऊपर की परत छिन्न-भिन्न न होने पाये तेरा प्रवाह मेरी नाजुक परत को छिल कर दूर बह न जाए, […]

रोज बारिश हो रही है प्यार की तब भी क्यों नफरत उगी है सब तरफ, चाहते हैं एक होना आप हम तब भी क्यों दूरी बनी है हर तरफ। दिल की निर्मल सी सड़क के […]

जी, खिलौने वाला हूँ मैं, खिलौने बेंचता हूँ गुड़िया,हाथी,घोड़े,और ग़ुब्बारे बेंचता हूँ मुझे बचपन की यादों का सौदागर ना समझना चंद ज़रूरतों की ख़ातिर तमाम ख़ुशियाँ बेंचता हूँ पर अपने ख़ुद के बच्चों को खिलौने […]

साधु नही आधार स्तंभ थे जो हिंसा की बलि चढ़े, हिन्दू धर्म की लाज ये कैसी निर्ममता स्थली चढ़े । है कैसा इंसाफ कि जिसने संस्कृतियों को पाला हो, वही भीड़ के हाथों ऐसी बर्बरता […]

आपकी नींद में हम स्वप्न बन के आ न जाएँ इसलिए दिल किवाड़ों को हमेशा बंद रखना। गर कभी हम राह में मिल जाएँ तुमसे यूँ अचानक तब समझना अजनबी हैं याद को ही बंद […]

कुछ इस तरह रिश्ते का मान रह जाए, तेरी राखी में बंधके मेरी आन रह जाए.. तेरे बाँधे हुए धागे की गाँठ जो छूटे, मुद्दत्तों बाद भी उसका निशान रह जाए.. रेत के टीले पर […]

याद आता है मुझको अपना गांव, वो बड़ा सा आंगन, वो नीम की छांव। बारिश के पानी में, चलती थी कागज़ की नाव, ख़ूब खेलते थे, धूप हो या छांव। जब से आई है ये […]

ये नशा जो युवाओं के रक्त में घुल रहा है चलती फिरती लाशों का ये जहान हो रहा है जीवन की बगिया में खिलते पुष्पों को दबा रहा है कंकालों और हड्डियों की दुनिया बसा […]

हमारा आन तिरंगा है, हमारा बान तिरंगा है। हमारा शान तिरंगा है, हमारा जान तिरंगा है।। हमारा धर्म तिरंगा है, हमारा कर्म तिरंगा है। हमारा सोच तिरंगा है, हमारा समझ तिरंगा है।। हमारा औकात तिरंगा […]

चाशनी सी मीठी है ये बचपन की यादें ये अक्सर लिपट जाती है सीने से आके और खिलखिला के पूछती है की ऐसा क्या पाया ? मुझको खोकर भी ख़ुद को ना पाया, तो क्या […]

जन्मदिन कन्हैया का है आज सबको बधाई बधाई अष्टमी भाद्रपद की सुहानी व्रत लेकर कन्हैया का आई। कंस की कैद में जन्म लेकर रात ही रात गोकुल पधारे, माँ यशोदा की गोदी में खेले नन्द […]

बधाई हो यशोदा मैया आयो कान्हा तेरे द्वार सुर नर मुनि करते स्वागत है बारम्बार । जन्म लियो मथुरा जेल गृह में पोषित भये देवकी के गर्भ में आये दुष्ट कंश के करन संघार बधाई […]

बधाई हो यशोदा मैया आयो कान्हा तेरे द्वार सुर नर मुनि करते स्वागत है बारम्बार । जन्म लियो मथुरा जेल गृह में पोषित भये देवकी के गर्भ में आये दुष्ट कंश के करन संघार बधाई […]

बहुत कष्ट सहे जिनका गोकुल में जन्म हुआ दुष्ट के साथ कूटनीति, गीता का ज्ञान दिया ना जाने कितने असुरों ने मारने का प्रयास किया फिर भी इतिहास रचा ,धर्म और प्रेम को मान दिया […]

मैने वो तस्वीर फाड़ दी जिस तस्वीर को देख कर, हम कभी बेहतरीन ग़ज़ल लिख लिया करते थे। हकिक़त जब सामने आई तस्वीर को जोडना चाहा , तस्वीर ने कहा मुहब्बत के मामले तुम बहुत […]

कान्हा तेरो स्वागत है बारम्बार ! जनमाष्टमी आए सबके जीवन में हर बार ! मोर मुकुट तेरो सिर पे सोहे तू जन -जन के मन मोहे तेरो महिमा अपरमपार कान्हा तेरो स्वागत है बारम्बार! देवकीसुत […]

मै और मेरी मां तेरा ये शहर जाना,मुझे बीमार कर गया, वेद ने लिखा औषधि में,तेरा दीदार चाहिए।। अधूरा सा ही हूं, मै भी तेरे बिन, पर इस जिंदगी को मां,थोड़ा मुकाम चाहिए।। मुकाम भी […]

कहीं खो गया है आभासी दुनिया में आदमी झुंठलाने लगा है अपनी वास्तविकता को आदमी परहित को भूलकर स्वहित में लगा है आदमी मीठा बोलकर ,पीठ पर वार करता है आदमी चलता जा रहा है […]

भोजपुरी गजल- जान जिआन हो जाई | दिल लगाके जनी ठुकरावा जान जिआन हो जाई | मनके बात भइबो ना कइल राती बिहान हो जाई | चार दिन के जिनगी के केवन जान बा ठिकाना […]

आज वे भी चले गए उस यात्रा में जहाँ से फिर कोई लौट कर नहीं आता है। अक्सर बीमार ही रहते थे जब से सेवानिवृत होकर घर लौटे थे, तब से बीमार ही तो देखे […]

राम हैं दयाल जग मैं, राम ही कृपाल हैं राम ही कवच हैं मेरे, राम मेरी ढाल हैं.. जिसका एक बाण सागरों को भी सुखा सके, कोई कण नही कि जिसमे राम ना समा सकें […]

फूलों ने जब साथ दिया, मैं भी महकना सीख गया चिड़ियों ने जब साथ दिया, मैं भी चहकना सीख गया चलना गिरना, गिरकर चलना, लगा रहा यह जख्मो भर पापा की जब उंगली थामी, तब […]

कभी माँ का प्यार तो कभी बहन का प्यार। यही प्यार के रिश्ते में बना है हमारा घर संसार।। काश!!! यह पवित्र रिश्ते हम में नहीं होते। जरा सोचो, कैसे चल पाता हमारा घर संसार […]

आज मेरी मां के चेहरे पर मायूसी छाई है फिर भी देख कर मुझे वह मुस्कुराई है मेरी रोटी के खातिर जल जाते थे जो हाथ पहली बार मां के उन हाथों मे कम्पन अाई […]

तीसरी मुलाक़ात दूजी मुलाक़ात जब से हुई जज्बातों में चिंगारी सुलग रही, बाट बेसब्री से जिसकी जोह रहे घड़ी आखिर वो आ ही गई।। वक़्त से पहले हम पहुंचे वो भी वक़्त पर आ गए, […]

एक खरोंच भी लगे तो दर्द होता है तो कैसे उसने ख़ुद अपनी जान ली होगी नक़ाब के पीछे छिपे है चेहरे कई मिलके उन काफ़िरों ने साज़िश की होगी उसकी मुस्कान बताती है कितना […]

रात थी गहरी, काली, अंधियारी जब जन्मे थे, गोपाल – गिरधारी। भाद्रपद का मास था, कृष्णा पक्ष की अष्टमी, दिन, उस दिन बुधवार था, नक्षत्र था रोहिणी। वसुदेव, देवकी के खुल गए ताले, सो गए […]

वो मुकाम पाऊँ! बस एक ही तमन्ना है जीतेजी ही नहीं मरके भी सबो के काम आऊं सारी खुबिया हो मुझमें पसंद बनू हर मन की वो मुकाम पाऊँ ! दिया तो बहुत कुछ है, […]

मेरे भारत की युवा शक्ति तू जाग नया, उत्साह जगा ले, मन में मत रख हीन भावना प्रगति पथ पर कदम बढ़ा ले। अपनी पुरातन संस्कृति का नवयुग से तालमेल करा ले, सच्ची में तू […]