कविता :कुछ पल नीला आकाश ,आकाश में उड़ते पंक्षी सागर की लहरें ,लहरों पर चलती नाव रिमझिम बरसता पानी ,वो ओस की बूंदे मानो सब कुछ कह देती हों ऐसा लगता है रख लूँ ,समेट […]
कविता :कुछ पल नीला आकाश ,आकाश में उड़ते पंक्षी सागर की लहरें ,लहरों पर चलती नाव रिमझिम बरसता पानी ,वो ओस की बूंदे मानो सब कुछ कह देती हों ऐसा लगता है रख लूँ ,समेट […]
‘तुमसे तो चंद कदम तय भी हो सके ना कभी, मैंने मीलों का सफर चलके ही गुज़ारा है.. कम से कम तुम पर किसी कत्ल का इल्ज़ाम नही, मैंने तो उम्र भर ही ख्वाहिशों को […]
गम-ए-हयात की खातिर या किसी बात की खातिर, हम तो खामोश रहे इक नई शुरुआत की खातिर.. कुछ रहे पास, खुदा से ये भी बर्दाश्त ना हुआ, उसने आंँसू भी ले लिए मेरे, बरसात की […]
आज देखा फिर से उनको अजनबी से लग रहे थे, बात तो कुछ की नहीं लेकिन मजे में लग रहे थे। वे तो हमसे दूरियां रख दूसरों के हो लिए हैं, हम निरी तन्हाइयों खूब […]
राघव भक्तों के सदियों तक के बलिदान, संघर्ष और तपस्या का परिणाम अयोध्या की पावन भूमि का शिलान्यास और फिर भव्य मन्दिर का निर्माण । कितने भक्त मन में निर्माण की आस लिए कर गये […]
मातृभूमि के चरणों में जिन वीरों ने है लहू चढ़ाया उन वीरों को नमन हेतु यह पंद्रह अगस्त का शुभ दिन आया। करें तैयारी राष्ट्र पर्व की अति उत्साह सजाकर मन में, चलो कलम से […]
इस मायूस दिल को कौन समझाये मोहब्बत में बस तन्हाई ही मयस्सर है
कविता- पहला प्यार ————————– ना शीतल मे चांद अजोरी, ना खुशबू मे बेला है| प्यास लगी पानी की जहर मिल गया | मांगा जिसे दुआ में, वही मुझपे कहर होगा गया| दिल दुख रहा है, […]
राष्ट्रीय पर्व आने वाला है भारत मां की जय बोलो पंद्रह अगस्त आने वाला है भारत माँ की जय बोलो। यह हम सबकी जन्मभूमि है मातृभूमि पावन भारत वीरप्रसूता जननी है यह भारत माँ की […]
जीता था, खुश था मैं तेरे बिन भी तूने आकर मुझे इतना बदल दिया.. अब तेरे बिन एक पल नहीं है कटता आखिर तूने इश्क करना सिखा दिया..
प्रियतम की बस एक झलक पर हर आशिक जी जाता है आंखों की मदहोशी में वह जाने क्या-क्या पी जाता है अधखिली कली जब गालों पर ठहर ठहर मंडराती है मन के अंतर्द्वंद से मिलकर […]
मैं कब कहता हूँ फूलों की सेज मिले, मुझे तो कमल जैसी सुदृढ मन मिले l जो खिलता तो कीचड़ में है, पर दाग नहीं लगने देता दामन में l कब कहता हूँ पीड़ा रहित […]
मैं भी तो नन्ही कली हूँ, तेरे अंदर ही पली हूँ तू ही तो ज़रिया है माँ, मैं तेरे कदमों से चली हूँ बस मुझे इतना बता माँ, क्या मैं बेटे सी नही ? माँ […]
हर हाल में मुस्कुराना हमें आता है, अपने .गम भी छिपाना हमें आता है। छोटी सी कश्ती में घूम कर भी ख़ुश हो जाती है”गीता,” और, बड़े- बड़े सागर भी पार करना हमें आता है।
सामने देखकर हमें बढ़ जाती हैं धड़कनें जिनकी जीवन को सही दिशा में ले जाने को हमें जरुरत है उनकी। सामने देखकर हमें बढ़ जाती हैं धड़कनें जिनकी उन्हें हम प्यार करते हैं हमें जरूरत […]
वो कफन था जो दामन-ए-यार बना फिरता था, मेरा वहम मेरे अंदर ऐतबार बना फिरता था.. कुछ दिखा नही ज़माने में सिवाए मतलब के, एक मैं ही था जो दिलों में प्यार बना फिरता था..
एक चेहरे से पहचान मत हम मुखौटा लगाए हुए हैं, सच नहीं है हमारा दिखावा झूठ भीतर छुपाए हुए हैं।
हम तुम्हारे तुम हमारे खुशियां हमारी गम हमारे जिंदगी जी लेंगे तुम-हम एक – दूजे के सहारे। यात्रा इस जिंदगी की है कठिन, मुश्किल भरी है, लेकिन फतह कर लेंगे मंजिल एक-दूजे के सहारे।
कभी उनको भी मेरी कमी सताती तो होगी अपने दिल में मेरे ख़्वाब सजाते तो होंगे वो जो हर वक़्त बसे हैं ख़्यालों में मेरे कभी मेरी यादों में वो भी खो जाते तो होंगे […]
हुआ .गर विरोध तो क्या बिखर जाऊंगी? रफ़्तार करूं मैं दुगनी, और निखर जाऊंगी। जीवन में जीत हैं तो हार भी हैं, यही तो जीवन है, ज़िन्दगी का सार भी है। सागर है विशाल, लहरें […]
मीठी- मीठी बातें करते, मन में रखें बैर। ऐसे अपनों से दूर भले, उनसे अच्छे .गैर।
कविता- पहचान ——————– सुन्दरता मे सुन्दर हो, खुदा की बनाई मूरत हो, खुद पे इतना निर्भर हो, जब जब कोई समझाये अपने बच्चों को, बस आप ही उनके लिए उदाहरण हो| बिन चोट सहे, पत्थर […]
माखन निकाल रही यशोदा मैया ध्यान में है सिर्फ श्याम कन्हैया भूखे जब होंगे बाल गोपाल तब दूंगी उन्हें माखन निकाल अभी रख देती हूं इसे संभाल मन में है हरदम उन्हीं का ख्याल हरि […]
वो आसां ज़िंदगी से जाके इतनी दूर बनता है, कई मजबूरियाँ मिलती हैं तब मजदूर बनता है । वो जब हालात के पाटों में पिसकर चूर बनता है, कई मजबूरियाँ मिलती हैं तब मजदूर बनता […]
रात हो गई है बात हो गई है वर्षों से जिन में काफी दूरी बनी हुयी थी बिछुड़े दिलों में उनके मुलाक़ात हो गई है। दिन भर रही थी गर्मी उमस भरी हुई थी फिर […]
बेगुनाही में अपने पास रख असर इतना, आसमाँ खुद कहे कि हाँ ये सही है बंदा..
बहुत भीड़ है मन्दिर में, मस्जीद में शोर-शराबा है, मेरा हृदय महल बहुत खाली-सा यहां विराजमान हो जाओ, प्रभु! फिर मेरे लिए यहीं अयोध्या और यहीं है काबा ।
सारे जहां से प्यारा है आसमान से न्यारा है । गोदी में ममता का आंचल पैरों में नदियों की पायल । राम-कृष्ण के कर्मों का इतिहासों के वर्णों का । यह भारत देश निराला है […]
मानव जाति पर प्रहार करते नित नए रोगों को देखो किस तरह बर्बाद करने पर तुले हैं जिंदगी को। झकझोर करके रख दिये हैं सैकड़ों परिवार देखो ला खड़ा करके सड़क पर रख दिया है […]
लिखने को आज क्या है, मन तो आज उदास है, तेरी खामोशियों का एहसास है, तू है बड़ा,हिम्मतवाला, सीमाओं का है तू रखवाला, देश उड़ने को तैयार है, तेरे हाथ में परवाज है। देशप्रेम की […]
रक्त रंग जब एक सा है है सूरत सबकी एक सी फिर क्यों बाँटी है मानवता ,क्यों सरहद की लकीरें खींची हैं क्या ईश्वर ने बनाया है जाति-पाति यह सब मानव की करनी है एक […]
मैं जब कभी कहीं मायूसियों में घिरता हूँ, तेरी उम्मीद मेरा हाथ थाम लेती है.. तेरी मौजूदगी का इल्म इसलिए है मुझे, तेरी चूड़ी की खनक मेरा नाम लेती है..
‘कुछ मुझमे सीरत है तेरी, कुछ तुझमे अब है असर मेरा.. तू रह गुज़र सी है मुझमे, सब तुझसे ही है बसर मेरा.. कभी सफर हुआ है मंज़िल सा, कभी हमसफर ही सफर मेरा.. कुछ […]
झुकने नही देंगे देश का सर, बस धुन ये रमाकर बैठे हैं माथे पर सादा तिलक नही, हिंदुत्व लगाकर बैठे हैं..
जब देश में रंगा बसंती चोला था। तब अंग्रेजी शासन भी डोला था।। महासंग्राम की जब आई घड़ी। सभी के दिलो में तब, शोला ही शोला था।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, सभी एक साथ। चीख […]
इंदौरी जी को समर्पित:- कुछ हस्तियों के फसाने बरकरार रहते हैं, कुछ किरदारों के किस्से बेशुमार होते हैं। आसमां में ही नहीं होते तारे सभी, कुछ सितारे धरती को भी नसीब होते हैं।। इंदौरी जी🙏🙏🙏🙏🙏🙏 […]
रिम झिम बर्षा बरसे जा भीतर का सारा जल उड़ेल दे , ऐसे उड़ेल दे कि ऊपर की परत छिन्न-भिन्न न होने पाये तेरा प्रवाह मेरी नाजुक परत को छिल कर दूर बह न जाए, […]
रोज बारिश हो रही है प्यार की तब भी क्यों नफरत उगी है सब तरफ, चाहते हैं एक होना आप हम तब भी क्यों दूरी बनी है हर तरफ। दिल की निर्मल सी सड़क के […]
जी, खिलौने वाला हूँ मैं, खिलौने बेंचता हूँ गुड़िया,हाथी,घोड़े,और ग़ुब्बारे बेंचता हूँ मुझे बचपन की यादों का सौदागर ना समझना चंद ज़रूरतों की ख़ातिर तमाम ख़ुशियाँ बेंचता हूँ पर अपने ख़ुद के बच्चों को खिलौने […]
साधु नही आधार स्तंभ थे जो हिंसा की बलि चढ़े, हिन्दू धर्म की लाज ये कैसी निर्ममता स्थली चढ़े । है कैसा इंसाफ कि जिसने संस्कृतियों को पाला हो, वही भीड़ के हाथों ऐसी बर्बरता […]
लगाकर सीने से फिरता हूँ मैं तस्वीर तेरी, ये वो वजह है जिससे दिल मेरा धड़कता है.. ‘प्रयाग धर्मानी’
आपकी नींद में हम स्वप्न बन के आ न जाएँ इसलिए दिल किवाड़ों को हमेशा बंद रखना। गर कभी हम राह में मिल जाएँ तुमसे यूँ अचानक तब समझना अजनबी हैं याद को ही बंद […]
कुछ इस तरह रिश्ते का मान रह जाए, तेरी राखी में बंधके मेरी आन रह जाए.. तेरे बाँधे हुए धागे की गाँठ जो छूटे, मुद्दत्तों बाद भी उसका निशान रह जाए.. रेत के टीले पर […]
याद आता है मुझको अपना गांव, वो बड़ा सा आंगन, वो नीम की छांव। बारिश के पानी में, चलती थी कागज़ की नाव, ख़ूब खेलते थे, धूप हो या छांव। जब से आई है ये […]
दो डॉक्टर बर्ताव के ! एक कड़वी दवा खिलाएं, दूजा मीठी दवा पिलाएं, ‘मानुष’ मीठी से करें परेहज नीम ही नीरोगी होए।
ये नशा जो युवाओं के रक्त में घुल रहा है चलती फिरती लाशों का ये जहान हो रहा है जीवन की बगिया में खिलते पुष्पों को दबा रहा है कंकालों और हड्डियों की दुनिया बसा […]
हमारा आन तिरंगा है, हमारा बान तिरंगा है। हमारा शान तिरंगा है, हमारा जान तिरंगा है।। हमारा धर्म तिरंगा है, हमारा कर्म तिरंगा है। हमारा सोच तिरंगा है, हमारा समझ तिरंगा है।। हमारा औकात तिरंगा […]
Jeet unaki hui lab mere muskuraaye.. Ye mohabbat hai ya fir hone ko hai..
चाशनी सी मीठी है ये बचपन की यादें ये अक्सर लिपट जाती है सीने से आके और खिलखिला के पूछती है की ऐसा क्या पाया ? मुझको खोकर भी ख़ुद को ना पाया, तो क्या […]
जन्मदिन कन्हैया का है आज सबको बधाई बधाई अष्टमी भाद्रपद की सुहानी व्रत लेकर कन्हैया का आई। कंस की कैद में जन्म लेकर रात ही रात गोकुल पधारे, माँ यशोदा की गोदी में खेले नन्द […]
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