वह आईना मुझसे कितना कुछ कहता हैं, रोज़ सवेरे वह मेरे दिदार को तरसता हैं। मुस्कुराऊँ जो मैं उसे देखकर, वह फिर मुस्कुराता है। सवारु जो मैं खुद को उसके सामने, वह भी होले से […]

गरीब था मुसाफिर पर अनजान नहीं था भूख थी पेट में पर सहता गया भटकता भटकता वहाँ गया जहाँ मुसाफिर को मुसाफिर मिले पर वहाँ भी अंतर हुआ कि कौन कितना नया और कौन कितना […]

It’s okay to cry sometimes, Let the pillow soak the fear The gasp of helplessness Felt, due to the demons lying within; The shiver that ran down the spine Due to the unwelcome touch of […]

रंग ‘लाल’ का एहसास तेरे ‘लाल’ को है क्यूँ नहीं… बनता मज़ाक़ मेरा ही क्यूँ , क्या घर में रहती तू नहीं… ना मंदिर मस्जिद जा सकूँ ना गुरुद्वारे इन दिनो रब ने बनाया है […]

आजकल इनसानियत सियासत मे ग़ुम कही आजकल देश एक पर लोग एक जुट नहीं चुभ रही क्यूँ जीत अन्याय की आज देश की यह हालत देख नज़रें झुक गयी भुखमरी बढ़ रही किसान करे ख़ुदकुशी […]

You’re clay, molded by everyone you’ve shown yourself to. A piece of everyone that mattered, lies within you. This is a beginning; a hunt for a new hope; a call for mistakes. You’ll smile, laugh, […]

आजकल इनसानियत सियासत मे ग़ुम कही आजकल देश एक पर लोग एक जुट नहीं चुभ रही क्यूँ जीत अन्याय की आज देश की यह हालत देख नज़रें झुक गयी भुखमरी बढ़ रही किसान करे ख़ुदकुशी […]

भले ही हमें भूल, बसे तुम । फिर भी हमें याद हरपल रहोगे । जब करेगे हम, शाला में जलसा, तुम इसकी फिजाओं में हरदम रहोगे । तेरी बगिया की क्यारी हरी हो गई है। […]

खुद से दूर हर गम्माज किए देती हूं , जिंदगी जेल है अल्फाज दिए देती हूं , यहां बेजुर्म हो गुज़ारा कौन कर सकता , जीना खुद के लिए आगाज किए देती हूं l चलो […]

प्रेम की भाषा, ना स्वरूप ना रूप बस एक भाव! जो कभी हमने जाना, पर कभी जाना ‘ही’ नहीं। प्रेम की माया, प्रेम की काया,तुमने भी सीखी और हमने भी पढ़ी, पर पढ़ कर भी […]

प्रेम की भाषा, ना स्वरूप ना रूप बस एक भाव! जो कभी हमने जाना, पर कभी जाना ‘ही’ नहीं। प्रेम की माया, प्रेम की काया,तुमने भी सीखी और हमने भी पढ़ी, पर पढ़ कर भी […]

ज़िन्दगी का एक अभिन्न अंग है वो कहलाता, हर किसी को लगता प्यारा दोस्ती का नाता || किंतु एक सच्चा दोस्त ही है दोस्ती को सार्थक बनाता, जिसके बिना मुश्किल लगता है जिंदगी का गुजारा […]

महामानव जब जब अंधेरा छाता है, कोई बन प्रकाश तब आता है, जिसके आने से सभी दिशाएं करती उसे प्रणाम हैं, वो मानव रूपी राम है। जो अंधकार में दीपक बनकर, तम को हरता है, […]

टिम टिम तारे सितारें है चाँद भी है आसमान पर, नन्हीं सी परी आई है हमारे घर पर। छोटे छोटे पाँव छोटे छोटे हाथ, लेकर आई है ढेरों ख़ुशियाँ अपने साथ। आज़ाद हो पंख तेरे […]

महामानव जब जब अंधेरा छाता है, कोई बन प्रकाश तब आता है, जिसके आने से सभी दिशाएं करती उसे प्रणाम हैं, वो मानव रूपी राम है। जो अंधकार में दीपक बनकर, तम को हरता है, […]

टिम टिम तारे सितारें है चाँद भी है आसमान पर, नन्हीं सी परी आई है हमारे घर पर। छोटे छोटे पाँव छोटे छोटे हाथ, लेकर आई है ढेरों ख़ुशियाँ अपने साथ। आज़ाद हो पंख तेरे […]

Are you the one? Sinking in the sea full of thoughts,🤔 Travelling with suffering, Bearing loads of pain, Fighting for peace🤍 Are you the one? Feeling special for someone So that you never feel alone.😌 […]

Nineteen strings to express her melancholy, corollary adorned with blood cerise. For she gapes upon the golden deer, Afraid, abandoning the tool of harmony, scampering through the woods she goes. Symphony stricks the golden innocence […]

ऐ कलम ! आज तू बड़े दिन बाद फिर हाथ आयी है, कई दिनों बाद फिर से तेरी ये स्याही इन हाथों में इतराई है। नीली- नीली स्याही के छींटे फिर कागज़ पर पड़े हैं […]

In the void, Away, unaware. Where the voice reaches but never returns. Nebulous ideas . Constant pursuit for oblivion. Livin’ in vain Believing the contrary Eccentrism is absurd. Typical is embraced. Approaches are disdained. Approach […]

जो मेरी आज़माइश नहीं, मेरी ख्वाइश पूरी करें, ऐसे किसी की चाहत है मुझे। जो मेरा साथ नहीं, बस मेरा थोड़ा वक्त मांगे, ऐसे किसी की ख्वाइश है मुझे। आखों में जिसकी गहराई, और बातों […]

तुम्हें अंदाजा भी है तुम क्या किए जा रहे हो रोज हमें अंत के करीब लिए जा रहे हो हे मानव! क्या तुम्हें समझ है, क्या तुम्हें पता नहीं प्रकृति पर किसी का जोर नहीं, […]