अश्कों का समन्दर है अँखियों में मेरी एक कागज की किश्ती कहाँ से चलेगी। है ये बदनाम बस्ती हमारी सनम इश्क की फिर कलियाँ कहाँ से खिलेगी।। रोकड़े में खरीदे सभी प्यार आकर प्यार की […]
अश्कों का समन्दर है अँखियों में मेरी एक कागज की किश्ती कहाँ से चलेगी। है ये बदनाम बस्ती हमारी सनम इश्क की फिर कलियाँ कहाँ से खिलेगी।। रोकड़े में खरीदे सभी प्यार आकर प्यार की […]
मेरी जान तुम्हारे जान का सौगात माँगता है। ये जान लिया, जब जान मेरी , ले जान हथेली दिन-रात माँगता है। । लाँघ नफ़रत की दरिया मुश्कत से इश्क का एक सरोवर आबाद माँगता है। […]
खोजती रहती है दुनिया चैन मिलता ही नहीं, यह सही है वह सही है मन कहीं टिकता नहीं। आजकल की बात ही कुछ अलग सी हो गई असलियत के रंग का खून भी दिखता नहीं।
बहुत गमगीन हो रही ज़िन्दगी मुस्कुराने की दवा चाहिए। मर्ज बनकर खड़ी है नफरते प्यार की एक हवा चाहिए।। चाहते हैं सभी सेकना रोटियाँ तप्त-सा कोई तवा चाहिए। इन्सान बनकर रहे सर्वदा बनने को ना […]
एक छोटी -सी डब्बी में नाचती हैं सूईयाँ बेशक बन्द होकर। पर नचाती है सारी दुनिया को अपनी हीं नोंक पर।। न ठहरती है कभी न कभी ठहरने देती है। ये तो घड़ी है ‘विनयचंद […]
सामने बैठे हो सब कुछ बयान कर दो ना चाहना है अगर इजहार कर दो ना। उड़ा के नींद ऐसे बेखबर से सोते हो रखनी हैं दूरियां गर दिल्लगी क्यों बोते हो। बोल दो जो […]
आँखों को खोल दे जो ऐसी ही ताजगी हो तुम तो सुबह की चाय सी मीठी सी ताजगी हो। बाहर निकल के देखा पौधों में ओस सी हो, तुम ही तो जिन्दगी में सचमुच के […]
गीत एक लिख देना संगीत उसे दे देना, जब कहोगे गा दूँगा बस मुझे बता देना। नेह है या दूरी है जानना जरूरी है, मौन रह बता देना, हाल सब सुना देना। बोलना नहीं कुछ […]
इधर चुनावों की हलचल है और कुर्सियों की टक्कर उधर बुझ रहे माँ के दीपक ,जलते जलते सरहद पर क्या होगा ऐसी कुर्सी का जनता की मातमपुर्सी का सत्ता के इन भूंखे प्यासों को अब […]
मैं उस वक्त हैदराबाद में होटल मैनेजमेंट कर रहा था। एक गरीब माता पिता दो साल की बच्ची को ले कर आया और मुझ से कहा – इस बच्ची के दूध के लिए मेरे पास […]
जिम्मेदारी के बोझ तले दबा रहता है जीवन जाने किन खयालों में खोया रहता है जीवन उठकर तलाशती हूँ मैं जमीं अपनी आसमां जाने क्या ढूंढा करता है जीवन…
मेरे हर प्रश्न का जवाब है मां मेरे हर दर्द का इलाज है मां भीड़ में भी जो पहचान लेती है अपने बच्चों की हर एक आहट ऐसी अनपढ़ी, अनलिखी एक किताब है मां मेरे […]
विजय श्री का तिलक तभी तो लगेगा जब बन के चट्टान अग्नि पथ पर चलेगा कमजोर खुद को समझना है भूल कीचड़ में भी तो खिलता है फूल प्रश्न चिन्ह की मुद्रा से तुम ना […]
आज विश्व एड्स दिवस है जो HIV के संक्रमण से जागरुकता हेतु मनाया जाता है… यह आठ सरकारी स्वास्थ्य दिवसों में से एक कहलाया जाता है…. सबसे पहले १९८७ में जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस […]
कलम भी वही है दावात भी वही है। दिल में भरे मेरे जज़्बात भी वही है ।। लिखना चाहूँ मै एक गजल आप पर पर क्या करे अपनी मुलाकात नहीं है।।
ऐ वतन ! तुझ पर हम अपनी जान लुटा देंगे तेरे कदमों में आसमां भी झुका देंगे गर आबरू पर तेरी आँच आई कभी दुश्मन को हम चीर-फाड़ देंगे है जुनून हमको तेरी मोहब्बत का […]
तुम्हारा वो sorry वाला मैसेज पढ़कर जाने क्यूं आँख में आँसू आ गये ! सुनने में तो बहुत अच्छा लगा कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास तो हुआ ! पर जाने क्यूं एक टीस-सी उठी […]
क्या करना है मुझे यहां ठिकाना बनाकर मन चंचल है लगता है कहाँ एक ही जगह पर बदलकर फिर आऊंगा वेश मैं अपना घायल परिंदा हूँ गिरा हूँ धरा पर फिर उठूंगा, चलूंगा बनाऊंगा आसमां […]
नई सुबह की पहली किरण ने मुझे जगाया हिलोरे देकर चांदनी रात ने था सुलाया हटाये पर्दे जब माँ ने खिड़कियों से धूप की चमकती किरणों ने मुझे सहलाया…
मन के घाव भी भरने जरूरी हैं तेरे-मेरे नैन भी मिलने जरूरी हैं आकाश से धरती के जो हैं फासले तय हैं बरस कर बूंद तुझमें ऐ जमीं ! मिलना जरूरी है…
परिवर्तन तो तय है उससे क्या भय है प्रतीक्षा कर, किसी का दिल बदलेगा अगर, तो किसी के दिन भी बदलेंगे *****✍️गीता
समवेत स्वर में जय हिंद बोल दो कभी प्यार के पट खोल दो कभी ये मुल्क तुम्हारा ही है दोस्त! इसे प्यार और सम्मान से देख तो कभी… *****************************
मेरा गम तेरे दर्द से ज्यादा है मेरी आँख में आँसू तुझसे ज्यादा है एक बार देकर प्यार की थपकी सुला दे साथी ! मेरे दिल में जख्म़ तुझसे ज्यादा है…
एक था राजा एक थी रानी सुनो सुनाऊं एक कहानी खुशी खुशी दोनों रहते थे गीत खुशी के गाते थे प्यार बहुत था दोनों में एक दूजे पर जान लुटाते थे फिर एक दिन आया […]
वो ऐसा सोंच भी कैसे सकते हैं मेरे देश के ही दुधमुहे बच्चे हैं पर करें भी तो हम क्या करें वह दहशत गर्दों के सम्पर्क में रहते हैं पथ्थर फेंकते हैं सेना के ऊपर […]
दीप तले अंधेरा है निशा के बाद सवेरा है ना डर देखकर मुश्किल मंज़िल को तेरा इंतजार है *****✍️गीता
ताश के पत्तों की तरह बिखर गई मैं जब तूने कहा मैं तेरा नहीं किसी और का हूँ…!!
बेटी हुई पराई देखो बेटी हुई पराई, यह कैसी ऋतु आई देखो बेटी हुई पराई मेरे आंगन के पौधे की डाली बड़ी ही नाजुक नाजुक सी वह थोड़ी नखरेवाली, मेरे आंगन में जब वह आई […]
मंगलसूत्र को सुहाग का प्रतीक माना जाता है जाने क्यों ऐसा कहा जाता है?? बचपन से यही सोंचती थी मैं पर आज देख भी लिया अपनी आँखों से; एक विधवा स्त्री के सामने आने पर […]
किस्मत से ही बनते हैं, दिलों के रिश्ते वरना चंद मुलाकातों से, कहां रिश्ते बना करते हैं.. *****✍️गीता
दहेज प्रथा एक अभिशाप ********************** बूढ़ा बाप अपनी पगड़ी तक निकालकर दे देता है और माँ अपने कलेजे का टुकड़ा पर फिर भी नहीं भरता लोभियों का मन जाने क्या लेना चाहे वो ? समझते […]
चलने की कोशिश तो करो, मंजिल भी मिलेगी राहों में मुश्किल है तो, मुश्किल भी हटेगी अंधियारे से ना डरना, दुआओं से पथ तेरा रौशन रहेगा *****✍️गीता
कुछ ख्वाब भी झूठे हैं, और ख्वाहिशें भी अधूरी हैं पर खुश रहने के लिए, कुछ सपने भी जरूरी हैं *****✍️गीता
दोस्ती एक बूंद सुधा सी दोस्ती लगे खुदा सी, दोस्ती है एक दुआ सी दोस्ती तिमिर में रौशनी, दोस्ती उजाले की प्रभा सी *****✍️गीता
शत्रु को तोड़ कर लेटा, तिरंगा ओढ़ कर बेटा भारत मां की हर मां का , सीना फटता जाता है जब किसी का लाल तिरंगा , ओढ़ के आता है बूढ़े बाप ने देखा जब, […]
आ गई मैं मंदिर में, धोकर अपने हाथ पैर ताकि संग मेरे ना आए, कोई कपट कोई बैर घंटा बजाकर सुना मधुर स्वर, उसकी तरंगों से धार्मिक हुए विचार धूप दीप नैवेद्य चढ़ाकर, करूं वंदना […]
बच्चों को पढ़ाती हूं जो कुछ सीखा अपने गुरु से, उनको भी सिखाती हूं कामयाब हो भारत के बच्चे, निश-दिन करती हूं जतन अच्छी शिक्षा सीखें बच्चे, संपन्न हो मेरा वतन यही सोच है यही […]
रागिनी गा दे या गाए बिना सुना दे भीतर है जो उबाल उसे बाहर निकलने दे। मन की जुल्फों को उलझने दे दिल की लगी को चारों ओर बिखरने दे। उसकी तपिश से बर्फ पिघलने […]
छोंड़ दो इस बुढ़िया को किसी वृद्धाश्रम में यह सुनकर मुझको थोड़ा गुस्सा आया एक दिन फिर तंग आकर पत्नी से वृद्ध माँ को आश्रम मैं छोंड़ आया रोया बहुत माँ से लिपटकर माँ का […]
जला दिया क्यों मुझको ओ साजन! ऐसी क्या गलती कर बैठी थी मैं तो अपने सास-ससुर की पूजा देवों सम करती थी ननद को अपनी बहन की तरह मानती थी देवर को भैया कहती थी […]
जख्म अपनों ने दिल पे हर बार कर दिये अपने ही शहर के बच्चों ने हम पर पथराव कर दिये दर्द उस दम बढ़ा मेरा ऐ हिन्दुस्तानियों ! जब हमारी कुर्बानी पर भी सियासत के […]
तुम कहते रहे और हम सुनते रहे आख़री वक्त तक सपने बुनते रहे, उठ गई डोली मेरे अरमानों की फिर भी हम तुम्हारे नाम की मेंहदी रचते रहे…
आज तुमने मुस्कुराकर बात की कुछ रोने वाली और कुछ हँसने वाली बात की, अच्छा लगा मुझको तुम्हारा झगड़ा करना भी खुशी इस बात की है कि तुमने हमसे बात की…
इल्जाम पर इल्जाम लगाता ही रहा वो हम चुपचाप सहते रहे, जब हद हो गई सहने की तो हमने कुछ ना कहा बस दामन छोंड़कर चल दिये….
प्रकाश पर्व; गुरु पूर्णिमा ********************** आज है नानक जी का जन्मदिवस पावन बेला आई है प्रकाशपर्व है आज गुरु पूर्णिमा की सबको बधाई है जीवन में सबके आए खुशहाली नानक का सिर पर हाथ हो […]
कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव-दीपावली मनाते हैं सारी अप्सराएं नृत्य करती हैं इन्द्रदेव झूमते जाते हैं पूंछा मैंने माँ से एक दिन; क्यों देव दीपावला मनाई जाती है स्वर्ग सजाते हैं देवता धरती भी दीपों […]
तेरी खुली जुल्फों से मैं एक सवाल करता हूँ चाहत है तेरी कौन ये दरखास्त बारंबार करता हूँ | लगाए थे तूने आज तक कई पहरे सोच पर मेरे मनाया तुझे कई बार पर तू […]
किसानों ने ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ यह नारा सत्य कर दिखाया है पूरे देश को अपनी व्यथा से रूबरू करवाया है पर कुछ सियासत के घोंड़ो के कान पर जूं नहीं रेंगता है सारा देश […]
ईश्वर की भक्ति में छिपा है जीवन का आनंद शब्दों को ताकत देता है जैसे अलंकार और छंद उसके बिना इस जीवन में कुछ भी नहीं अस्तित्व हमारा मां बाप भी एक रूप है उनके […]
भोजपुरी देश भक्ति गीत- भारत महान हो | हमरा हउवे जेकरा पर गुमान हो | उ त हउवे हमरो भारत महान हो | लोहा माने जेकरा दुनिया जहान हो | उ त हउवे हमरो भारत […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.