रुलाता भी नहीं और

रुलाता भी नहीं और खुश रहने भी नही देता।
ख्वाबो मे आने का वादा कर सोने नही देता।।

बड़े बे अदब और बेरहम है हमसफर मेरा।
दर्द देता है हंस कर पर मरहम नहीं देता।।

” रहस्य ” देवरिया

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

ओ मेरे हमसफर

मेरे हमसफर जो साथ हो मेरे जिंदगी भर के लिए, कभी दुःख में, कभी सुख में हमेशा साथ रहे मेरे, एक दुसरे का साथ हो…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

New Report

Close