ऐसा भारत बनाए

कविता
ऐसा एक भारत बनाए
नैतिकता क अभाव में, हमने जो स्वच्छता को अपनो से अलग किया।
तरह तरह के बीमारियों को गले लगा कर, अपना अनमोल जीवन नष्ट किया।।
आओ हिन्द देश के निवासी, स्वच्छता के एक नया संसार बनाए।
चारो दिशाओं में हो हरियाली ही हरियाली ऐसा
एक भारत बनाए।।

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