देश प्रेम

मेरा देश प्रेम,मन है बेचैन
कब शांति सन्देश मिलेंगे

माटी से प्रेम,
इसकी सुगंध में रमे हैं

होऊं निहाल,
जब भारत दर्श किये हैं

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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