पगली लड़की /08
( पगली लड़की / 08 )
ना जाने आज क्यो मेरी
याद नही आ रही उसको
शायद पगली लड़की किसी की
यादो की माला गुथ रही हैं बैठ के
दिल मेरा भी ना जाने क्यो खोया हैं
उस पगली की यादो में रोया हैं
शायद भूल गयी हैं मुझको
यादो के झकोरो में खोई हैं कब से
जिम्मेदारी को लेकर वह
घर आँगन में फेरे लगाती हैं
डॉट सुनकर हजारो वह
फूलो की तरह खिली रहती हैं
बातो में उसके जब रुठु मैं
माफी की लडिया बिछाती हैं
सुख दुःख को सहकर वह
खुशिया बाटती फिरती हैं
महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864
Nice