Ajit Singh's Posts

द्रौपदी की प्रतिज्ञा

# द्रौपदी की प्रतिज्ञा द्रौपदी का परिचय- आ खींच दुशासन चीर मेरा, हर ले मेरा सौंदर्य सजल । आ केश पकड़ कर खींच मुझे, अपना परिचय दे ऐ निर्बल । मैं राजवंशिनी कुल कीर्ति हूँ, गांधारी हूँ मैं कुंती हूँ । अतुलित हूँ मैं अभिमानी हूँ, ना भूल अरि मैं रानी हूँ ।। है अग्निकुण्ड मेरा उद्भव, मुखमण्डल का ये तेज देख । सौंदर्य ना मुझसा जग में द्वय, नैंनो में रति का वेग देख । जग में मुझसा सौंदर्य कहाँ, है मुझसा अतु... »