Kumar Dheerendra's Posts

मैं किसान हूं|

मैं किसान हूं , हां मैं किसान हूं | धरती मां की मैं ही आन बान शान हूं| मैं किसान हूं|| धरती मां को चीर के तुम्हें खिलाया है, अपना पसीना पौछकर तुम्हें जिलाया है, अपनी नींदें भूलकर तुम्हें सुलाया है, तुमने मुझको आज क्यों इतना रुलाया है, यह मत भूलो मैं करता ,अन्न दान हूं मैं किसान हूं , हां मैं किसान हूं| मैं किसान हूं|| मैं सड़कों पर आज हुआ क्यों, इतना मैं मजबूर हुआ क्यों, मुझको तुमने छोड़ दिया क्यो... »

नया साल

भूल जाओ बीता साल जो हुआ सो हुआ कुछ नई उम्मीद ले नया साल आ गया| नए रंग भरेंगे जीवन में कुछ नया करेंगे जीवन में खुशियों के थाल सजाएंगे बीती बातें बिसराऐगे हम नई मंजिल पाएंगे नए- नए साहिल पाएंगे क्यों न सुधारे बिगड़े रिश्ते ,जो हुआ सो हुआ कुछ नई उम्मीदें ले नया साल आ गया|| फूल चमन में नये खेलेंगे उम्मीदों के पंख मिलेंगे फिर नये बादल छाएंगे सुंदर से मौसम आएंगे स्वागत करें नए सपनों का संग सदा रहे अपनो ... »