हर अंधेरे को एक सवेरा मिलता है हर कांटो के ताज पर फुल खिलता है। फिक्र क्यूं करना समस्याओ की हे मनूष्य? हर काले बादल को एक रोशनी का किनारा मिलता है। संघर्ष किए बिना […]

मुह्हबत में तुम्हे आशु बहाना तक नहीं आया बनारस में रहे और पान खाना तक नहीं आया ये कैसे राश्ते से लेकर चले आये तुम मुझको कहा का मयकदा एक चाय खाना तक नहीं आया […]