अपनी की गई गलतियों से सबक लेके, खुद की कमियों को चिन्हित करना मैंने सीख लिया । हासिल करने के लिए ख्वाबों का होना जीने के लिए एक मक़सद होना अपनी दुआओं में सबों को […]
अपनी की गई गलतियों से सबक लेके, खुद की कमियों को चिन्हित करना मैंने सीख लिया । हासिल करने के लिए ख्वाबों का होना जीने के लिए एक मक़सद होना अपनी दुआओं में सबों को […]
रात किसकी मोहब्बत में भला सारी रात जगती है उसे किससे मोहब्बत जो ना पलकों को झपकती चांद को बंद करके मुट्ठी में पूँछ लूंगी आसमान से रात क्या दिन से मिलने खातिर ही सारी […]
आपकी यादों में अक्सर सुबह से शाम होती है ना अब दिन ही गुजरते हैं ना अब तो रात होती है खुदा भी सामने मुझसे कभी मिलने को आ जाए बता देंगे उसे भी हम […]
मेरी मुस्कान में कुछ राज हैं जो राज रहते हैं वो मेरे हैं आजकल ये भरे बाजार में कहते हैं मेरे महबूब में दिखते हैं मुझको देवता सारे मुझको दोस्त मेरे आजकल बीमार कहते हैं।।
ये हमदर्दी की बातें बस किताबों में ही दिखती हैं मोहब्बत तो आजकल यार बाजारों में बिकती है भरोसा किस पर करें और प्यार भी किससे करें आखिर आजकल तो दिल की दुनिया महज अपनों […]
मैं तेरा ख्वाब हूं तू मेरा ख्वाब है मैं तेरा जुनून हूं तू मेरा रूआब है तेरी साँसों की खुशबू से तुझे पहचान लेती हूँ मैं तेरी गज़ल हूँ तू मेरे दिल का साज है।।
जुनून है तेरे दिल में हम तो अपना घर बनाएंगे तुझ में डूब जाएंगे तुझी में खो जाएंगे करे कोशिश अगर जुदा करने की हमें कोई तुझसे बिछड़ के हम तो तय है मर ही […]
उफ़ ये बेरूखी वो तो इक झलक के प्यासे हैं किस्मत से कमज़ोर हैं मुस्कान भी न पा सके
जिंदगी इक खेल है कोई पास कोई फेल है शिकायत न रहे किसी से सभी से मेरा मेल है
उनकी तारीफ में कोई कैसे कुछ लिखे नजरों को उनसे हटना ही जब मंजूर नहीं
अभिमन्यु नहीं है मगर चक्रव्यूह वैसा है कहते नहीं बनता जीवन ये कैसा है खड़े हैं कुरुक्षेत्र में लड़ने के लिए कमाना और बचाना चाहते पैसा है
कलयुग आधार है मिलता सदा प्यार है गाओ अधिकार है मुश्किल मे संसार हैं आत्मा का उद्धार है जीवन का सार है तुलसी का उपकार है मतलब के यार है एक ही प्रकार है करना […]
राम चरित मानस को मन में दोहराए मिल कर के लोग सब सीता राम गाए कलयुग में केवल ये नाम ही आधार है सुमिर सुमिर भव से पार उतर जाए
कविता- साया तेरा ———————– माँ क्यों रो रहीं हो अब तक क्यों जाग रही हो, कसम तेरी माँ मुझे भूख नही उठो क्यों छुप छुप के रो रही हो, मेरे कपड़े की, क्यों चिंता करती […]
बनाए रखना हिम्मत भगवान् हमारे आते रहे हरदम हम आपके द्वारे भक्तो के रक्षक भगवान् आते हैं मीरा और राधा के जैसे नहीं पुकारे
आते नहीं तूफान तो कश्ती पार हो जाती जीत जाते जंग नहीं हार हो जाती आते रहे तूफान अब तैर जाएंगे सोचा नहीं था दुनिया बीमार हो जाती
अंधेरा बहुत है आओ दीपक जलाएं कोरोना महामारी को मिलकर हराए दूर रहने में ही बचेगी जान अब बिना संकोच के हम सभी मास्क लगाए
सम्हाल कर बोले शब्द वापस नहीं आएंगे पता है आपको कितना दिल दुखाएगे बोलो गे अगर मीठे शब्द तो घाव भरने वाला मरहम बन जाएगे
मतलब कि दुनिया में मतलवी यार मिले एक बार नहीं हर बार है मिले दुश्मन अच्छे हैं ऎसे दोस्तो से हम उम्मीद करते हैं उनसे सच्चा प्यार मिले
थक जाते है ये मानव तन थके हारे है सबके मन सुलाती गोद में सबको रात तू सोती क्यों नहीं ? सितारे गगन में टिमटिमाते करता तो तुझसे चांद भी बातें रात तू रहती मुस्कुरा […]
दिन रात शराब पी कर तंग आ गया हूँ मैं। बेवफा की नशा उतरता ही नहीं क्या हो गया हूँ मैं।। कभी इश्क़ से कोसो दूर रहा करता था मैं।आज इश्क़ के गुलाम बन कर […]
बुद्धू जिन्हें कहती थी दुनियां आश्चर्य है बाद में उन्हें पूजते हैं दुनियां को छोड़ भागे जंगलों में ऐसे भगोड़ों को सुनते ही नहीं अनगिनत ही लोग पूजते हैं बुद्ध जयंती हर वर्ष मनाते हैं […]
है पता मुझे अब उनकी चाहतों का अहसान की सूची में इक नाम बढ़ गया है पता चला है मुझको देर से सही लेकिन अपनी नज़र में मेरी भरोसा बढ़ गया है प्यार हुआ शादी […]
ये भी कैसा चाहत का मादक नशा जिसमें सब ही लोग उलझे पड़े हैं। अनुभवी सीढ़ियां इतनी पास खड़ी पर कतराते उससे कितनी दूर पड़े हैं आराम मनोरंजन के गुलाम बने हैं घर गोदाम के […]
पूछी सास नयी नवेली दुल्हन से। बोल बहू क्या मांगी है भगवान से बहू शरमाती हुई सास से कही बेटा मांगी हूँ भगवान से सास मुंह चमकाती हुई कही क्यों नहीं मांगी बेटा भगवान से […]
सदियों पुरानी मर्यादा तोड़ दिया अच्छा किया कानून को मानना छोड़ दिया अच्छा किया असहायों की बस्ती में बंब फोड़ दिया अच्छा किया अमीरों के सामने गरीब ने दम तोड़ दिया अच्छा किया शराब पीकर […]
जिस्म के कद्रदान तो कई होंगे, हमें तो रूह-ए-उन्स की तलाश है।
अंतरनाद हो रहा देखो प्रकृति में चहुं ओर नित नवीन गुंजन उठे बादल उठे घनघोर ढोल मृदंग बज रहे सब अप्सराएं भी गुणगान करें राम ने अवध में जन्म लिया हर्षित है पूरा लोक।
काश ! हम सीख पाते तुमसे साहित्य की कुछ नवीन विधाएं पर ना जाने कहां तुम खो गई ओ सखी! तुम कहां चली गई यूँ तो उम्र में तुम मुझसे बहुत बड़ी हो पर हमारा […]
तुम्हारे होठों पर वो लफ़्ज़ कभी ना आए जो हम सुनने के लिए बेकरार रहे मिलने तो रोज आते रहे तुम पर दिल के जज्बात कभी ना कहे देने को रोज लाते रहे गुलाब तुम […]
तुम्हारा सहयोग, तुम्हारा प्रेम पाकर मैं कृतार्थ हुई मैं तुम्हारे सहयोग की आभारी हूं तुम्हारा सहयोग, तुम्हारी संवेदनाएं, तुम्हारी भावनाएं तुम्हारे लफ्जों में यूं ही बलवती होती रहे मैं तुम्हारा सम्मान करूंगी तुम्हारे मन में […]
कोरोना की तीसरी लहर के लिए आदित्यनाथ योगी हैं तैयार अबकी बार कोरोना का बच्चों पर है वार बच्चों पर है वार, कैसे जान बचेगी बच्चे इतने कोमल हैं कैसे सरकार उनका ध्यान रखेगी कहती […]
किसी की आंखों को दो जीवन ज्योति किसी के जीवन में भरो रोशनी कोई तो हो जो तुम्हारे जाने के बाद भी तुम्हारी आँखों से यह दुनिया देख पाए बुझे चिरागों को दो रोशनी मिटा […]
कैसे दिन आये हैं! नौकरी की बात करो तो उज्जवला योजना गिनवाते हैं बेरोजगारी का मुद्दा उठाओ तो आत्मनिर्भर का पाठ पढ़ाते हैं इतना पढ़ लिख कर यदि पकौड़े तलना था तो आखिर हमने क्यों […]
कल तक गुंजाइश थी तुम्हें माफ कर देने की आज ना रही कल अगर तुम अपने सर को झुका लेते तो आज मेरे दिल में जगह भी पा लेते पर अब हमारा रिश्ता माफी से […]
तुम्हें याद है वो मंजर जब हम तुमसे मिला करते थे तुम्हारे हाथों में हाथ रखकर अपने दिल की हर बात कहा करते थे तुम रोज सोचते थे कि बता दोगे मुझे अपने दिल की […]
आज तुम्हारे साथ कुछ वक्त बिताने को जी चाहता है हां, तुम्हारी याद बहुत जोरों से आ रही है क्या है तुम्हारे पास वक्त मेरे लिए ? अगर है, तो आ जाओ वहीं जहां हम […]
अपनी दूरदर्शिता से मैं देख पा रही हूं अंधी हूं मगर सपने देखती जा रही हूं देखती हूं यह सपना की एक दिन देखूंगी मैं दुनिया फूल चुनूगी चमन से बिखरा दूंगी कलियां कोई तो […]
निस दिन गिरता जाए मानव देखो यार बातें मुंह पर मीठी करें पीठ पीछे गरियाए घोल के शर्बत जहर का पीने को देता है इतना छल है संसार में मानव धोखे देता है।
मजदूरों के हाथ बहुत दिनो से खाली है दोष एक का नहीं दो हाथों से बजती ताली है खालीपन अभिशाप बन गया खाली उनकी थाली है फसल उगी थी बहुत ही सुंदर ले गया कोई […]
कृषक हमारा दुखी है फसल नहीं हो पाई पानी दिया था, बीज बोए थे, की थी खूब रोपाई फिर भी ना उपजा अन्न आया ऐसा मानसून बाढ़ में सारी फसल हुई बर्बाद रोटी भी ना […]
रोज रोज बढ़ते रहे मंजिल की ओर कदम निस दिन किया प्रयास फिर कैसे गिनते दिन कैसे गिनते दिन जब परीक्षा सिर पर थी प्रण कर लिया था आगे बढ़ने का, ऐसी ही जिद थी […]
वृक्षारोपण कर रहे अब देखो कितने लोग जब प्रकृति ने दिखला दिया है अपना रोष पहले ही सचेत होते तो ना लगाने पड़ते ऑक्सीजन वाले वृक्ष अब एकदम कैसे उग आये धरती पर कल्पवृक्ष ।।
राजनीति की बात कर राजनीति के लोग राजनीति ही कर रहे राजनीति के लोग राजनीति के गुरु रहे वंशीधर श्री कृष्ण जिन्होंने से खिला दिया रहना प्रेम से सब हिल मिल।
अद्भुत दुनिया की रीत है अद्भुत है संसार अद्भुत रिश्ते नाते हैं अद्भुत नदी की धार अद्भुत सुंदर पुष्प है अद्भुत पर्वत श्रृंखला अद्भुत धरती आसमां अद्भुत है श्रृंगार।।
कछुआ और खरगोश दौड लगाएगे अधूरे हैं दोनों मंजिल कैसे पायेगे मुश्किलें हो जाएगी आसान जब दोनों दोस्त हो जाएंगे
जुल्म अब सहा नहीं जाता है दुख कितना कहा नहीं जाता घर मे अब रहा नहीं जाता कुछ करो हे विधाता सबका दुनिया से बना रहे नाता हर कोई रहे हँसता मुस्कुराता
सब कुछ मान कर जो पालते रहे बीपत्तियों का काँटा निकालते रहे बुढ़ापा मे वो असहाय हो गए कपूत घर से बाहर निकालते रहे
लुटा हुआ सँसार जब देखे है रानी गुड़िया सिसक सिसक रह जाती है मन ही मन ढलकाती आँसू के अंगारे कैसी विपदा आन पड़ी जो बिछड़ गए माँ बाप प्रेम ही अब तो हो गया […]
राम नाम रट मनवा मेरे जीवन सफल बना ले। नर देही न व्यर्थ गमाओ कुछ तो पुण्य कमा ले।। दुख दरिया है जीवन तेरा नित राम नाम तू गाले । अन्तकाल पछताओगे जब पड़ेंगे यम […]
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