दिल्ली के आनन्द नगर में, अब आनन्द कहां सन्नाटा पसरा रहता है, बाल – क्रीड़ाएं होती थी जहां कोविड़ ने आतंक मचाया, विद्यालय भी बंद कराया खेल – खिलौने गम-सुम पड़े हैं, बच्चे मोबाइल पर […]

औंधे मुंह जा गिरी मैं। थामती रही हौसलों को, फिर भी वह जा फिसली। तब खत्म हुई जीवन आशा, संपूर्ण अब जीवन सारा। जा छिपी में तम शिविर में, बस अब मिटने की आशा। बदला […]

पिंजरबद्ध ना लिख सकूंगी अंकुश होगा सिर पर तो फिर, भावों को कैसे व्यक्त कर करूंगी मेरे कवि मन को यदि, उन्मुक्त माहौल मिलेंगे तभी इस कवि मन में, गीतों के पुष्प खिलेंगे कहीं भली […]

मेरा सूट पूछ रहा साड़ी से, क्या हुआ बहन, बहुत दिन हुए नहीं गए, कहीं गाड़ी से मैडम भी नहीं दिखती आजकल, अब तो मैं भी डरने लगा हूं.. मैडम को देखने को , तरसने […]

यही तो सुन रहे हैं आजकल लगातार कि समाज को दिशा देते हीरो कहे जाते कलाकार नशे की चपेट में हैं, आखिर क्यों है ऐसा ये मकड़जाल कैसा दंग है आम आदमी पूछताछ गिरफ्तारी से […]

मुहब्बत इस जिंदगी की खूबसूरती है, बिना मुहब्बत के सब कुछ शून्य सा ही है। मुहब्बत जीने का जरिया है मुहब्बत निर्मल सी दरिया है मुहब्बत जीवन भवन स्तम्भ की मजबूत सरिया है।

मेरे इन आँखों में प्यार की एक बूंद नहीं कभी इन में प्रेम का समन्दर उमङा था खुद पर पछतावा करें या खामोशी से भूल स्वीकार करें इसी जद्दोजहद में, मन में उमङते जज़्बातो के […]

मास्क-सेनेटाइजर से मुक्ति दिला दो प्रभु फिर से वही हमारा जहाँ लौटा दो। जहाँ खुलकर रह सकें, खुली हवा में गमन कर सकें गमगीन है इस धरा के वासी, फिर से वही हंसी लौटा दो। […]

मैनें लिखना छोड़ दिया है, कलम को मैनें तोड़ दिया है कलम रो-रो के पूछ रही है…. क्यूं ये ऐसा मोड़ लिया है, क्या कहूं कलम से अब मैं.. तूने तो कुछ भी नहीं किया […]

पता नहीं किस बात पर इतराता है आदमी कब समझेगा अर्थ ढाई आखर का आदमी भूल बैठा है आज वो निज कर्तव्य को खून क्यों मानव का बहाता है आदमी क्यों शब्दों के बाण से […]

चाहता हूं जल बनूँ धो डालूँ सारे दाग-धब्बे नीर बनकर प्यास लोगों की बुझाऊँ, तृप्त कर दूं। या बनूँ नैनों का जल गीले करूँ वियोग के पल या बहूँ मैं प्यार की सरिता करूँ कल-कल […]

मन की पाती, लिख नहीं पाती कलम को अक्सर देती दोष कलम की कमी नहीं कुछ भी, कलम में तो है, पूरा जोश विचलित हो जाती हूं अक्सर कलम पे ही निकलता रोष… …..✍️गीता…..

हर ख्वाब परवान चढ़े, ये ख्वाहिश भी नहीं है। आप ने अपना माना है, ये दिल ने भी जाना है हर ख़्वाब पूरा नहीं होता, हकीक़त भी यही है.. *****✍️गीता*****

तुम क्या गये हम तो जीना भूल गए । तेरा छाया था कैसा सरूर तेरा होके था खुद पे गुरूर सच झूठ की कालीमा से बाहर आया हम प्यार पे विश्वास करना भूल गए हाँ, […]

भोजपुरी गजल- जब बसर होला | केहु के नेह मे देह के ना खबर होला | प्रेम के रोग ह ई बड़ा जहर होला | केतनों समझावे केहु कबों ना मानेला | बहक जाला कदम […]

दुखी वही है जिसका वर्तमान खोया है कल जो बीत गया कल जो आने वाला है दो कल के अदृश्य महलों में मन विचरता रहता है मन कितना निष्ठुर है खुद देख लो, दो कल […]

आप चाहते तो हालात बदल सकते थे, आप के आंसू मेरी आंखो से निकल सकते थे । मगर आप तो ठहर गए झील के पानी की तरह, दरिया बनते तो बहुत दूर निकल सकते थे।

जब से देखा तुमको ऐ सनम, हमसे ही दिल हमारा नहीं जाए संभाला । रात आंखों में ही कट जाती है, लगता है नींद ने आंखों से रिश्ता ही तोड़ डाला।

कल तलक फिरता था वह मेरा बनके दीवाना हम आंखों ही आंखों में बात किया करते थे आज बहुत दूर है वो हमसे मगर फिर भी हम सपनों में उनसे रोज़ मिला करते हैं।

उनके आने से मेरा जहान जगमगाया था उनके जाने के खयाल से भी पैर डगमगाते हैं, छोड़ जायेंगे एक दिन वो मुझको तन्हा ही यह सोचकर भी हम तो सिहर जाते हैं।

खुशियों की गुल्लक टूट गई जब अपनों से ही शूल मिला विश्वास करें भी तो कैसे जब कांटो में लिपटा फूल मिला। सगे-संबंधियों ने मुंह मोड़ा शायद कुछ हम मांग न ले कहीं मिले तो […]