ये जो वक्त का सितारा है, वो बेहिसाब- सा बदलता है , और जब बदलता है, तो सारी कयानात बदलती है, फिजाएं भी बदलती हैं, और इंसान भी बदलता है।

ऑनलइन कक्षाओं का आया दौर, विद्यार्थी घर में हो रहे हैं बोर एक बोली मुझसे, मैडम आपकी बहुत याद आए, हम सखियां भी अब मिल नहीं पाएं दूजी बोली, मन नहीं लगे सुबह और शाम, […]

लो आ गया चौके छक्कों का सफर ये सुहाना आईपीएल का हुआ हर कोई दीवाना गूंजा रण ताली से सारा जमाना आईपीएल का हुआ हर कोई दीवाना बुमराह की यार्कर ,रसेल का सिक्सर आर्चर की […]

क्यों आहत हुई मैं, क्यों मैं गुमसुम रही। सह रही थी, उस दर्द को। जहां जी रही थी मैं। याद है मुझे जब खुशियां, चमक रही थी, इन आंखों में। दमक रही थी, उन ख्वाबों […]

इस छोटी सी उम्र में, देखते हो ना मुझे, कभी ढाबों या चाय के ठेले पर, कभी किसी गैराज में, कभी लाल बत्ती पर , अखबार का बेचना, ठेले का धकेलना, कभी सोचा है तुमने, […]

यह कैसी है आपदाएं, कितना विनाश करती हैं! छीन कर सब मेरा, और मुझसे सवाल करती है। बाहर की भीषण तबाही, मेरे भीतर तक मचती है। सुख-चैन गंवा कर जोड़ा था, जिंदगी भी तौबा करती […]

ले देकर कुछ यादें हैं मेरे पास जो दिल की तिजोरी में संभाल के रखीं हैं गरीबी जब आयी करीब मेरे तो लोगों ने हिदायत दी कि कर लूं सौदा कुछ यादों का चंद पैसों […]

छोड़कर इन आंसुओं को, भाग ना सके। और थाम भी ना सके। गिरते रहे उसके बूंदों की तरह, और मौसम जवां करते रहे। जमी कुछ पथरा गई थी, इन आंखों की। बिखरते रहे और इसे […]

है हिदायतें देती मां मुझे। घर जल्दी आना बेटी देर न करना। मैं सोचती हूं अक्सर! क्या यह देश मेरा घर नहीं! क्या यह लोग मेरा परिवार नहीं! फिर क्यों नहीं सुरक्षित , मैं अपने […]

है निशानियां तेरी, इन फिजाओं में। कभी चांद तो , कभी सितारे कहते हैं। कहते हैं मुड़ कर देख। जिसे तू चाहता है, वह वही है। जिसे हर रोज तू पाता है। याद वही सिमटी […]

मैं चुप हूं, खामोश हूं। एक मौन दरिया हूं। शांत हूं ,निर्मल हूं। कभी एक आहट भी, हिला देता था। मेरे भीतर के तूफान को, विचलित हो जाती थी। मैं अपनी राहों से। कायर थी […]

ॠणी आपके हैं हम सभी, त्याग, तप, पौरूष की गाथा भूलेगे ना कभी । 28 सितम्बर, 1907 का था वो पावन दिवस बसंती चोला धारी, वीर क्रांतिकारी, सेनानी भगतसिंह का पंजाब की , पावन धरा […]

आज सवेरे ही मैने निश्चय किया मन में शत्रुता संभाल अब न रखूगी मेरे नज़र से जो भी मेरे दोषी हैं उनके दोष मन से निकाल देखुगी । खुद को कलुषित करने वाले अंध विचारों […]

ये पथ ले जाएंगे, लक्ष्य तक जरूर मत छोड़ना मनुज तू अपना गुरूर हौसले बुलंद ही रखना तू सदा, अंधेरों के बाद ही आती है रौशनी…. *****✍️ गीता*****

तू खुद सक्षम बन , ए ! नारी शक्ति! जमाना खुद बदल जाएगा, बैठा है हर ज़हन में रावण, राम कब तक तुझे बचाएगा, तू सीता बन नए युग की, रावण खुद मर जाएगा, ना […]

हर घर की खुशी व रौनक है बेटी उसी से दुनियां शुरू व खत्म होती किलकारी सब को हर्षा जाती हर मात पिता को ही भा जाती परिवार एकता का कारण जो जीवन जीने की […]

जब-जब , मैं रोई! तब-तब , चैन से मां ना सोई, मां ने पाला , मां ने सम्भाला, अपना निवाला, मेरे उदर में डाला, कोने में रोकर , मुझको हंसाया, जिंदगी क्या है, सलीका सिखाया।

अतीत की छाया पड़ने न देना, यादों का साया दुख देता है । खूश रख अपने को फिलहाल से, उम्मीद का सवेरा सुकून देता है, लगा अनुमान मस्तिष्क से तू, कौन बुरा, कौन अच्छा है! […]

बहुत ही है मुश्किल औरों में सुधार लाना बेहतर है खुद को ही निश दिन सुधारते जाना काम बहुत है सारे हर दिन पांव पसारे कुछ कर नाम कमाते तो कोई कल पर टारे दिन […]

न्यूज़ ना देखना दोस्त ! वहां केवल भ्रम फैलाया जाता है । कुछेक मुद्दो के पीछे, सत्ता को बचाया जाता है। सब कुछ पहले से तय होता है बहस जिस मुद्दे पर , उसे गर्व […]