हर शख्स से हर अक्स से विनती मेरी हर सांस से हर जात से हर पात से हर शहर ग्राम और प्रांत से। धरती हमारी मां है यह भारत हमारा है वतन। सोचो मगर क्यों […]

नदियां हैं जीवनदायिनी, उज्जवल है मोक्ष प्रदायिनी। कचरा ना इन में डालो तुम, बर्बादियों ना पालो तुम। शीशे सी साफ हो जब झांको तुम । सुंदर धरा यह हरी भरी लगती है तुमको भी भली। […]

एक दिन मैंने पुत्र से कहा, बेटा, तू मेरा हमसूरत है, तू ही मेरी ज़रूरत है। छोड़ अकेले मुझे जाना नहीं, खून के आंसू मुझे रुलाना नहीं। तुम से ही ज़िंदगी ख़ूबसूरत है। तू ही […]

आसुओं के पानी से जितना धुलता जाता हूँ मैं, लोग जितना रुलाते हैं उतना खुलता जाता हूँ मैं, देखने में सबको बेशक बड़ा नज़र आता हूँ मैं, सच ये के हर पल बचपन में मुड़ता […]

रोज सुबह बच्चों को उठाती, कभी-कभी पानी छिड़काती। एक-एक करके काम निबटाती, बीच-बीच में लेती जाती , हम सब के झगड़ों में रस। बीच में कहती हो गया बस, पढ़ो लिखो ना लडों भिडो। पड़ […]

वो जिंदगी बेमानी, जिसमें कोई रवानी ना हो। किस काम की जवानी, जिसकी कहानी ना हो। मैंने भी मोहब्बत किया है, हाँ बेहद किया है, किसी से दिल्लगी नहीं की, जो निभानी ना हो। हमारा […]

घर एक सपना, होता है, हर एक का सपना, तिनका तिनका जोड़ कर, बनाया तू आशियाना, बुढ़ापे का सहारा होता है घर अपना, आती है सच्ची खुशियां जब घर हो कोई अपना, जो भी हो, […]

चाहा सिर्फ तुझको मैंने साथ मेरे अब तेरी परछाई भी नहीं जी लिया प्यार का हर लम्हा चले जाने से तेरे अब कोई रुसवाई नहीं वो जा चुकी है जिंदगी से भूलूंगा ये सचाई नहीं […]

बोलियां बतिया तेरी , काजल भरी गहरी काली अखियां तेरी। दिल को चकमक सा कर गई, भीनी मुस्कुराहटें भर गई, मनमोहिनी ,चितचोरनी जादू भरी तेरी हंसी, मुझमें से मुझको खींच ले गई मैं अवाक सा […]

बचपन का आंगन कहीं छूट गया । पुराना मकान था जो टूट गया ।। ऊँची इमारतें खड़ी वहाँ, सैकड़ों परिवारों का बसेरा है । चारदीवारी में ही रात, घर के भीतर ही सवेरा है। ऊँची […]

अंबे मां जगदंबे मां, तू है कितनी दयालु मां, तेरा रुप है कितना निराला मा, दुखियों के दुख हरने वाली, सब को सुख तो देने वाली, तेरी कृपा हम पर बनी रहे, मेरी यह आरजू […]

देना चाहती हूं सूखे होंठो पर हंसी, निराश डूबती सी आंखों में रोशनी, सूखे उलझे बालों में नमी, हारी सी जिंदगी को जीत की खुशी, छोटी- छोटी सी वस्तूए मिल जाने पर चेहरे पर छाई […]

गहरी काली आंखों में डूब जाना चाहता हूं। तुमको बस तुमको यूं ही देखना मैं चाहता हूं। तेरे बस तेरे ख्यालों में खो जाना चाहता हूं। तेरी बस तेरी हंसी की खनक सुनना चाहता हूं। […]

गणपति विसर्जन ——————— श्रद्धा व सम्मान दिया, गणपति को घर में विराजमान किया। रोज ..मोदक, मेवा खिलाते रहे, गणपति जी को… जी भर मनाते रहे। वस्त्र, आभूषण उन्हें हम चढ़ाते रहें , लाड सारे उन्हें […]

••• दामन-ए-वक़्त में हर ग़म को छुपाना होगा। वरना तमाम उम्र यूँ ही अश्क़ बहाना होगा।। जहान में कौन अज़ल तक रहा सलामत है। आख़िर सभी को दुनियाँ छोड़ के जाना होगा।। ख्वाहिश-ए-सुबू किस का […]

तुम बिन ये दिल कहीं लगता नहीं, तू ही बता हम क्या करें, तेरे सिवा कोई मुझे भाता नहीं, मेरे तसव्वुर में बस तुम ही तुम हो, दूसरा कोई और आता नहीं, तेरी निगाहे मुझे […]

कौन कह रहा है समन्दर में राज़ नहीं होते, ज़मी पर रहने वालों के सर ताज नहीं होते, पहन लेते हैं आज वो जो जैसा मिल जाये, ये सच है उनकी कमीज़ में काज़ नहीं […]

मैंने सोंचा न था के वो इस कदर बदल जायेगा, पानी पर लिखा हुआ उसका नाम जल जायेगा, मैं बनाता ही रह जाऊंगा तरह – तरह के ढाँचे, और वो मासूम यूँ वक्त के सांचे […]

हां बहुत से रिश्ते पाये है, मैंने अपने इस जीवन में कुछ में है प्यार, कुछ में है स्वार्थ, सामने वाले के मन में लेकिन एक बंधन ऐसा है, जिसमें सिर्फ सच्चा प्यार घुला सबसे […]

गुमान ना करना खुद पर घमंडी दुनिया में बहुत से देख लिए गुमान ना चट्टानों का रहा जिसने नदिया के आगे घुटने टेक दिए नदी ने टुकड़े कर चट्टान के नालो में बहाकर फेंक दिए […]

नन्ही मुन्नी गुड़िया सी मीठी-मीठी गुड़िया सी। बातें करती गपर – गपर वो हंसी तो खिलती धूप मगर । लड़ती ,भिडती, हंसती खिलती जैसे धूप छांव हंसती खि लती। लड़ने में झांसी रानी है हंसने […]

सोचा था क्या हम सब ने! ऐसा घ्रणित समाज, हर दूसरा चेहरा वहशी घिनौना आज। लगता कि जैसे हो गए सब मानसिक रोगी दहशत की बोलती है अब हर जगह ही तूती सब धर्मों के […]

यूं तो हंसीनों की कमी नहीं तेरे शहर में। एक तुझ पे ही दिल आया पहली नज़र में। और कोई नजर आता नहीं, एक तेरे सिवा, इंकार नहीं, प्यार घोलकर पिला दो ज़हर में। रहने […]

तन्हा बैठे ना जाने कुछ सोच कर आ जाती हंसी कुछ बातें कुछ यादें कुछ गुज़रे लम्हे अकेलेपन का फायदा उठाकर घेर लेते चुपचाप अचानक जैसे कोई आंखों पर हाथ रखकर सामने आकर मुस्कुराया हो […]

भोजपुईर देवी गीत 5- डाली दा नजरवा | अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा | टूटल हमरा दुख के पहड़वा | रानी महारानी माई दानी तू कहालू हो | दयालु कृपालु माई काली तू कहालु […]

भोजपुरी गीत – दिल ना लगे सुखी के कांटा भईली रानी तोहरे इंतजार मे | दगा काहे दिहलु रानी बोला हमके प्यार मे | आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे | जिरह […]

सच्चाई से डर के सारे ब्रिक्स चाहिए तो ईमान है तेरा सच्चाई ही धर्म है तेरा सच्चाई तो सेवा है ै सच्चाई ही पूजा है तेरा सच्चाई तो जीवन है तेरा सच्चाई ही जग में […]

ओ मनमीत मेरे, मैंने दिल से तुझे पुकारा, मैं नदिया की धारा, तुम हो मेरा किनारा, बिन तेरे जीना मेरा, होगा नहीं गवारा, चाहे किस्मत रूठे मुझसे, या रुठे यह जग सारा, तुम धूप तो […]

ये रंगे – बहारा, ये हँसीन नजारा। खुदा ने तुझको, फुर्सत से संवारा। ना मैंने सुना कुछ, ना तुने पुकारा, समझते हैं तेरी, नजरों का इशारा। तू बहती धारा, मैं शांत किनारा, दिल की गहराई […]

भूखे पेट जीना सीखा मैंने पेट भर खाने की जरुरत भी समझी नहीं | नंगे पैर दौड़ पड़े सफर में बस भागता रहा ना देखा, पाँव में चप्पल है के नहीं | बुझी मशालों को […]

ओ तितली तुम प्यारी प्यारी, सबको लगती न्यारी न्यारी, रंग बिरंगे पंख तुम्हारे, जैसे फूलों की हो बाडी, तुझे देख गूजी बच्चों की किलकारी, तुझे पकड़ने बच्चे दौडे, हर वगिया की बारी बारी, चंपा चमेली […]

भोजपुरी देवी गीत 4-बेष्णो धाम चला ये सजनवा | चला माता जी के दरबार |-3 बेष्णो धाम चला ये सजनवा |-3 कटरा से माता जी के कठिन डगरिया |-2 ऊंचे रे पहड़वा चला रे गुजरिया […]

मोर पखा सिर धरने वाले । उंगली पर गिरी रखकने वाले । है कान्ह हे नंद दुलारे हे यशुमति के प्यारे। कृष्णा, मोहन , श्याम सब हैं तेरे नाम द्वारिका, मथुरा , वृंदावन हैं तेरे […]

मैनें पूछा के फिर कब आओगे, उसने कहा मालूम नहीं एक डर हमेशा रहता है , जब वो कहता है मालूम नहीं चंद घडियॉ ही साथ जिए हम , उसके आगे मालूम नहीं वो इस […]

“शास्त्री जी” को अवतरण दिवस पर शत शत नमन शास्त्री जी का नारा था ‘जय जवान’ ना होली दिवाली, ना ईद रमजान। एक ही जश्न, हिफाजते-हिंदुस्तान। सुकून से मनाते हम खुशियाँ यहाँ, सरहद पर खड़ा, […]

नासूर पर तो मरहम भी बेअसर से निकले, करते है याद जिनको वह बेखबर से निकले। जब कभी मुझे पुराने दिनों की याद आती है, तब कभी तेरी याद में उस डगर से निकले। इश्क़ […]