करते है शायरी तो जिन्दा है हम

करते है शायरी तो जिन्दा है हम।
वरना तो गुज़रे इक अरसा हो जाता।।

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अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

  1. महबूब के इंतज़ार में लगता है उम्र गुज़र गयी,
    पर जब घडी देखी तो पता चला उसको गये हुए तो बस 5 मिनट ही हुए है।।।।।

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